Sunday, July 5, 2026
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बुधाष्टमी व्रत पर मंगलकारी दिन, जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहु काल और यात्रा की दिशा

🌞 29 अक्टूबर 2025 का पंचांग

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमी/अष्टमी, विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
आज का दिन बुधाष्टमी व्रत के साथ अनेक शुभ योगों से युक्त रहेगा। सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा। यह दिन कार्य-सिद्धि और परिवारिक मंगल के लिए विशेष माना गया है।
🪔 तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी (09:23 AM तक), उसके बाद अष्टमी
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (05:29 PM तक), फिर श्रवण
योग: धृति (07:50 AM तक), उसके बाद शूल योग
करण: वणिज (09:23 AM तक), विष्टि (09:50 PM तक), फिर बव
📿 आज का व्रत: बुधाष्टमी व्रत — बुध ग्रह की कृपा और आरोग्य प्राप्ति के लिए शुभ।
🌅 सूर्य, चंद्र और काल विवरण
सूर्योदय: 6:34 AM
सूर्यास्त: 5:46 PM
चंद्रोदय: 12:58 PM
चंद्रास्त: 11:58 PM
अयन: दक्षिणायन
द्रिक ऋतु: हेमंत
🪶 अशुभ काल
राहुकाल: 12:10 PM – 1:34 PM
यमगंड: 7:58 AM – 9:22 AM
कुलिक: 10:46 AM – 12:10 PM
दुर्मुहूर्त: 11:48 AM – 12:32 PM
वर्ज्यम्: 09:40 PM – 11:20 PM
🌺 शुभ मुहूर्त
अमृत काल: 10:37 AM – 12:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:58 AM – 05:46 AM
अभिजीत मुहूर्त: आज उपलब्ध नहीं

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💫 आज का योगफल
🔸 त्रिपुष्कर योग: 28 अक्टूबर 03:45 PM से 29 अक्टूबर 06:34 AM तक
— इस काल में किया गया कार्य बार-बार सफलता देता है।
🔸 चंद्रबल: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशि वालों के लिए दिन विशेष अनुकूल।
🔸 ताराबल: भरणी, रोहिणी, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती नक्षत्र वालों के लिए शुभ।
🧭 आज की यात्रा दिशा एवं उपाय
शुभ यात्रा दिशा: उत्तर एवं पूर्व दिशा में यात्रा शुभ रहेगी।
अशुभ दिशा: दक्षिण दिशा की यात्रा टालें या कार्य-सिद्धि हेतु कोई उपाय करें।
यात्रा से पहले क्या खाएँ:
👉 घर से गुड़ या मिश्री खाकर निकले — मंगलकारी परिणाम मिलेंगे।
👉 दर्पण में अपना मुख देखकर या गाय को रोटी खिलाकर प्रस्थान करने से यात्रा सफल होगी।
🌿 आज क्या करें जिससे बिगड़े काम बनें
सुबह सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र से 11 बार जप करें।
भगवान विष्णु को तुलसीदल अर्पित करें — रुके कार्यों में गति मिलेगी।
यदि व्यापार में बाधा हो तो हरे वस्त्र धारण करें और बुध ग्रह के बीज मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” का 108 बार जप करें।
🌕 दिन का चौघड़िया (दिवस काल) काल समय परिणाम
लाभ 06:34 AM – 07:58 AM शुभ कार्य के लिए अनुकूल
अमृत 07:58 AM – 09:22 AM अत्यंत शुभ
काल 09:22 AM – 10:46 AM अशुभ
शुभ 10:46 AM – 12:10 PM मांगलिक कार्य हेतु उत्तम
रोग 12:10 PM – 01:34 PM स्वास्थ्य के लिए सावधानी
उद्बेग 01:34 PM – 02:58 PM चिंता व विलंब योग
चर 02:58 PM – 04:22 PM यात्रा शुभ
लाभ 04:22 PM – 05:46 PM लाभदायक कार्यों हेतु उचित
🌙 रात्रि चौघड़िया काल समय परिणाम
उद्बेग 05:46 PM – 07:22 PM अशुभ
शुभ 07:22 PM – 08:58 PM अनुकूल
अमृत 08:58 PM – 10:34 PM अत्यंत शुभ
चर 10:34 PM – 12:10 AM यात्रा व परिवर्तन हेतु
रोग 12:10 AM – 01:46 AM स्वास्थ्य सावधानी
काल 01:46 AM – 03:22 AM अशुभ
लाभ 03:22 AM – 04:58 AM धन लाभ संकेत
उद्बेग 04:58 AM – 06:34 AM अस्थिरता योग
🌸 आज का संदेश
“बुधवार के दिन हरी वस्त्र, हरियाली और हरित संकल्प आपके जीवन में सौभाग्य के बीज बोते हैं। बुद्धि और वाणी पर नियंत्रण रखें, हर शब्द आपका भाग्य बदल सकता है।”

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🌏“29 अक्टूबर का इतिहास ”

इतिहास का हर दिन अपने भीतर अनेक कहानियाँ, संघर्ष और उपलब्धियों का संग्रह रखता है। 29 अक्टूबर का दिन भी विश्व इतिहास के पन्नों में ऐसे ही कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का साक्षी रहा है। राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, युद्ध, समाज और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों में इस दिन घटित घटनाओं ने न केवल तत्कालीन परिस्थितियों को प्रभावित किया, बल्कि भविष्य की दिशा भी निर्धारित की। आइए जानते हैं, 29 अक्टूबर के दिन घटित कुछ उल्लेखनीय घटनाओं के बारे में विस्तार से

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1709 – इंग्लैंड और नीदरलैंड की फ्रांस विरोधी संधि
सत्रहवीं सदी के उत्तरार्ध में यूरोप में शक्ति संतुलन के लिए कई देशों के बीच संघर्ष जारी था। इसी क्रम में 29 अक्टूबर 1709 को इंग्लैंड और नीदरलैंड ने फ्रांस के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण संधि पर हस्ताक्षर किए। इस गठबंधन का उद्देश्य फ्रांस के बढ़ते प्रभाव को सीमित करना था। इस संधि ने यूरोप की राजनीतिक स्थितियों को गहराई से प्रभावित किया और आगे चलकर कई नए गठबंधनों की नींव रखी।
1794 – फ्रांसीसी सेना ने वेनलो पर कब्ज़ा किया
फ्रांस की क्रांति के बाद सेना ने यूरोप के विभिन्न हिस्सों में अपना प्रभाव बढ़ाना शुरू किया। 29 अक्टूबर 1794 को फ्रांसीसी सेना ने दक्षिण-पूर्वी नीदरलैंड के वेनलो नगर पर कब्जा कर लिया। यह घटना उस समय फ्रांस के सैन्य विस्तार की एक बड़ी सफलता मानी गई। इससे नीदरलैंड की राजनीतिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा और यूरोप के देशों में चिंता की लहर दौड़ गई।

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1851 – ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना
भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ संगठित आवाज़ उठाने की दिशा में 1851 का यह दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन बंगाल में ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की गई। यह संस्था भारत की पहली राजनीतिक संस्था मानी जाती है जिसने अंग्रेज़ी हुकूमत से भारतीयों के अधिकारों की मांग की। इसने भारतीय समाज में राजनीतिक जागरूकता की नई लहर पैदा की, जो आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन का आधार बनी।

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1859 – स्पेन ने मोरक्को के खिलाफ युद्ध की घोषणा की
अफ्रीका और यूरोप के बीच लंबे समय से चले आ रहे शक्ति संघर्ष के बीच 29 अक्टूबर 1859 को स्पेन ने मोरक्को के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। यह युद्ध मुख्यतः उत्तरी अफ्रीका के नियंत्रण को लेकर था। इस युद्ध के परिणामस्वरूप मोरक्को को भारी नुकसान झेलना पड़ा और यूरोपीय साम्राज्यवाद ने अफ्रीका में अपनी जड़ें और मजबूत कीं।
1864 – यूनान ने नया संविधान अपनाया
यूनान के लोकतांत्रिक इतिहास में 29 अक्टूबर 1864 का दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। इस दिन यूनान ने अपना नया संविधान अंगीकार किया। इससे वहाँ संसदीय प्रणाली की नींव रखी गई और राजशाही की शक्तियों को सीमित किया गया। यह संविधान देश में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हुआ।

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1913 – अल सल्वाडोर में बाढ़ से तबाही
मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर में 29 अक्टूबर 1913 को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। हजारों लोगों की जान चली गई और अनगिनत घर नष्ट हो गए। यह प्राकृतिक आपदा देश के लिए आर्थिक और मानवीय संकट लेकर आई। इस घटना ने पर्यावरणीय असंतुलन और जलवायु प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर किया।
1920 – जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना
29 अक्टूबर 1920 का दिन भारतीय शिक्षा और स्वाधीनता आंदोलन दोनों के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दिन दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जिसके संस्थापक थे डॉ. जाकिर हुसैन और अन्य देशभक्त शिक्षाविद। यह संस्था अंग्रेजी शासन से स्वतंत्र शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनी थी। आज यह विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है।

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1924 – ब्रिटेन में लेबर पार्टी की हार
ब्रिटेन के इतिहास में 1924 के संसदीय चुनाव का परिणाम 29 अक्टूबर को घोषित हुआ, जिसमें लेबर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। यह चुनाव ब्रिटिश राजनीति में शक्ति संतुलन के बदलाव का प्रतीक था। इसने आने वाले वर्षों में कंजरवेटिव पार्टी को अधिक समय तक सत्ता में बने रहने का अवसर दिया।
1942 – बेलारूस में नाजी अत्याचार
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 29 अक्टूबर 1942 को बेलारूस के पिनस्क क्षेत्र में नाजी सेना ने 16,000 यहूदियों की निर्मम हत्या की। यह मानव इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक थी। इस जनसंहार ने दुनिया को नफरत और असहिष्णुता के भयानक परिणाम दिखाए।

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1945 – पहला बॉल प्वाइंट पेन बाजार में आया
लेखन के इतिहास में 29 अक्टूबर 1945 का दिन मील का पत्थर रहा। इसी दिन पहली बार बॉल पॉइंट पेन बाजार में उतारा गया। इससे लेखन की सुविधा और गति दोनों में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। यह छोटा सा आविष्कार आज भी दुनिया भर में शिक्षा, व्यापार और कार्यालयों का अभिन्न हिस्सा है।
1947 – बेनेलक्स संघ का गठन
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय देशों में आर्थिक सहयोग की आवश्यकता महसूस हुई। 29 अक्टूबर 1947 को बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग और नीदरलैंड ने बेनेलक्स यूनियन की स्थापना की। इस संघ ने आगे चलकर यूरोपीय संघ (EU) के गठन की राह प्रशस्त की।

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1958 – अमेरिका का नेवादा परमाणु परीक्षण
29 अक्टूबर 1958 को अमेरिका ने नेवादा के मरुस्थल में एक परमाणु परीक्षण किया। यह परीक्षण उस दौर में अमेरिका की वैज्ञानिक और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था। इस घटना ने शीत युद्ध के समय अमेरिका और सोवियत संघ के बीच हथियारों की होड़ को और तेज किया।
1990 – अल्जीरिया में भूकंप से जनहानि
अफ्रीकी देश अल्जीरिया में 29 अक्टूबर 1990 को आए भूकंप में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। इस आपदा ने देश की आपातकालीन तैयारियों और आपदा प्रबंधन तंत्र की खामियों को उजागर किया।
1994 – अमेरिकी भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय का उद्घाटन
29 अक्टूबर 1994 को न्यूयॉर्क में अमेरिकन इंडियन नेशनल म्यूज़ियम का उद्घाटन हुआ। यह संग्रहालय अमेरिका के मूल निवासियों की संस्कृति, कला और इतिहास को संरक्षित करने का प्रमुख केंद्र बना।
1995 – कनाडा के क्यूबेक प्रांत में जनमत संग्रह
कनाडा के इतिहास में 29 अक्टूबर 1995 को क्यूबेक प्रांत में आयोजित जनमत संग्रह बेहद महत्वपूर्ण था। इसमें जनता ने बहुमत से कनाडा के साथ रहने का निर्णय लिया। इसने कनाडा की एकता को बरकरार रखने में अहम भूमिका निभाई।
1997 – पाकिस्तान ने रासायनिक हथियार संधि की पुष्टि की
29 अक्टूबर 1997 को पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियार संधि (CWC) की पुष्टि की। इस कदम ने विश्व स्तर पर शांति और सुरक्षा के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दर्शाया।
2000 – आइसलैंड के राष्ट्रपति की भारत यात्रा
29 अक्टूबर 2000 को आइसलैंड के राष्ट्रपति ओलोफर रेगनर ग्रिमसन सात दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुँचे। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा दी।
2001 – पाकिस्तान में कबाइली विद्रोह
पाकिस्तान में 29 अक्टूबर 2001 को कट्टरपंथी कबाइली गुटों ने पाक अधिकृत कश्मीर के चिलास कस्बे पर कब्जा कर लिया। यह घटना पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और तालिबानी प्रभाव के लिए गंभीर चेतावनी थी।
2004 – त्रिनिदाद के राष्ट्रपति का भारत दौरा
29 अक्टूबर 2004 को त्रिनिदाद एंड टोबैगो के राष्ट्रपति मेक्सवेल रिचर्ड्स ने नई दिल्ली में तत्कालीन राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।
2005 – ‘ऑयल फॉर फूड’ घोटाले में भारत का नाम
29 अक्टूबर 2005 को संयुक्त राष्ट्र की वोल्कर रिपोर्ट जारी हुई, जिसमें भारत के तत्कालीन विदेश मंत्री नटवर सिंह पर आरोप लगाए गए। यह रिपोर्ट भारतीय राजनीति में बड़ा विवाद बन गई।
2005 – दिल्ली में बम धमाके
इसी दिन दीपावली से दो दिन पहले दिल्ली के व्यस्त बाजारों में सिलसिलेवार बम धमाकों ने देश को दहला दिया। इन धमाकों में 62 निर्दोष लोग मारे गए। यह घटना आतंकवाद की भयावहता का प्रतीक बन गई।
2008 – असम में बम विस्फोट
29 अक्टूबर 2008 को असम में हुए बम धमाकों में 69 लोगों की मौत और 350 से अधिक घायल हुए। यह राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।
2012 – सैंडी तूफान की तबाही
अमेरिका के पूर्वी तट पर 29 अक्टूबर 2012 को सुपरस्टॉर्म सैंडी ने भीषण तबाही मचाई। 286 लोगों की जान गई और अरबों डॉलर की संपत्ति नष्ट हो गई। यह तूफान जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का बड़ा उदाहरण बना।
2012 – ऑस्ट्रेलिया में हिंदी को मान्यता
उसी वर्ष, ऑस्ट्रेलिया ने अपने स्कूलों में हिंदी और अन्य एशियाई भाषाओं को शिक्षा का हिस्सा बनाने की घोषणा की। यह भारत और एशिया के देशों से सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की रणनीतिक पहल थी।
2012 – पंकज आडवाणी का वर्ल्ड बिलियर्ड्स खिताब
भारत के स्टार खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने 29 अक्टूबर 2012 को इंग्लैंड के चैंपियन माइक रसेल को हराकर अपना सातवां विश्व बिलियर्ड्स खिताब जीता। यह भारतीय खेल इतिहास की गौरवशाली उपलब्धि रही।
2015 – चीन ने ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ खत्म की
29 अक्टूबर 2015 को चीन ने अपनी दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति को समाप्त करने की घोषणा की। यह कदम जनसंख्या असंतुलन और श्रम शक्ति की कमी को देखते हुए उठाया गया था। इससे चीन के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में बड़ा परिवर्तन आया।
29 अक्टूबर का दिन केवल तिथियों का क्रम नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की यात्रा का प्रतीक है। यह दिन हमें सिखाता है कि परिवर्तन, संघर्ष और नवाचार ही इतिहास की सच्ची पहचान हैं। चाहे शिक्षा की नींव हो, लोकतंत्र की स्थापना, या आपदा से जूझते समाज की कहानी

हर घटना अपने आप में प्रेरणास्रोत है।

गोंडा में दर्दनाक हादसा: तालाब से कमल का फल तोड़ने गया बच्चा फिसला, बचाने में बुआ भी डूबी

दोनों की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप

गोंडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कटरा बाजार क्षेत्र के सेल्हरी गांव में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को दहला दिया। तालाब से कमल का फल (कमलगट्टा) तोड़ने गए एक बच्चे और उसे बचाने गई उसकी बुआ की डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, थाना कटरा बाजार के ग्राम सेल्हरी मजरा सूबेदार पुरवा निवासी भगौती प्रसाद की पुत्री राधा (15) और पुत्र राधिका प्रसाद अपने खेत में धान काटने गए थे। उनके साथ राधिका का बेटा रवि भी था। खेत के पास स्थित भैंसहा तालाब में रवि ने कमलगट्टा देखा और उसे तोड़ने के लिए तालाब के किनारे पहुंच गया। तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।

बेटे को डूबता देख बुआ राधा भी उसे बचाने दौड़ी, लेकिन वह भी पानी में समा गई। दोनों को बचाने के लिए राधिका प्रसाद ने तालाब में छलांग लगाई, मगर गहराई अधिक होने के कारण वह खुद भी डूबने लगे। किसी तरह उन्होंने बाहर निकलकर शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने तालाब से बुआ-भतीजे को बाहर निकाला और आनन-फानन में उन्हें करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में करीब दो घंटे तक दोनों को बिना इलाज के स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया। ईसीजी तकनीशियन अमित कुमार और चिकित्सक डॉ. रिमझिम के आने के बाद ही मृत्यु की पुष्टि की गई। परिजन बताते हैं कि उस समय तक दोनों की सांसें चल रही थीं और आंखें खुल रही थीं, लेकिन किसी डॉक्टर ने इलाज नहीं किया।

सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, चिकित्सक डॉ. रिमझिम ने सफाई दी कि बिना ईसीजी के मौत की पुष्टि संभव नहीं थी, इसलिए मृत घोषित नहीं किया गया था।

गांव में मातम पसरा

बुआ-भतीजे की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। परिवार में कोहराम मचा है और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बिना ब्याज मिलेगा 5 लाख रुपये तक का लोन, बनें आत्मनिर्भर और शुरू करें अपना बिजनेस!

केंद्र सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लखपति दीदी योजना (Lakhpati Didi Yojana 2025) के तहत अब महिलाओं को 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन दिया जा रहा है। इस योजना का मकसद है— हर महिला को रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाना।

क्या है लखपति दीदी योजना?

इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
इसके तहत महिलाओं को Interest Free Loan यानी बिना किसी ब्याज के 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद दी जाती है।

सरकार का लक्ष्य है कि देशभर की 3 करोड़ महिलाएं इस योजना से जुड़ें और “लखपति दीदी” बनकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें।

ट्रेनिंग और बिजनेस का सुनहरा मौका

योजना के तहत महिलाओं को सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि सफल बिजनेस चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
ट्रेनिंग के प्रमुख क्षेत्र हैं:

सिलाई और ब्यूटी पार्लर

फूड प्रोसेसिंग और हैंडीक्राफ्ट

कृषि एवं पशुपालन
इन प्रशिक्षणों के साथ सरकार की ओर से बीमा सुरक्षा भी दी जाती है, जिससे आपका बिजनेस पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें और दस्तावेज

अगर आप भी इस योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो इन शर्तों को पूरा करना जरूरी है:

  1. आपकी उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  2. आप किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हों।
  3. परिवार में किसी की सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए।
  4. आवश्यक दस्तावेज – आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और जनधन खाता।

ऐसे करें आवेदन

लखपति दीदी योजना के लिए आवेदन ग्राम पंचायत कार्यालय या ब्लॉक स्तर के स्वयं सहायता समूह (SHG Office) में किया जा सकता है।
सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने और पात्रता जांच के बाद, लोन की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

योजना के प्रमुख फायदे

बिना ब्याज 1 से 5 लाख रुपये तक का लोन
मुफ्त बिजनेस ट्रेनिंग
बीमा सुविधा और सरकारी मार्गदर्शन
रोजगार और आत्मनिर्भरता के सुनहरे अवसर

8वां वेतन आयोग: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई कमान, जानें उनकी पेंशन, करियर और जिम्मेदारियां

भारत सरकार ने आखिरकार 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह आयोग सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और रक्षा कर्मियों के वेतन एवं भत्तों में सुधार की सिफारिश करेगा। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।

कौन हैं जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई?

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई का जन्म 1949 में मुंबई में हुआ था। उन्होंने एल्फिंस्टन कॉलेज से स्नातक और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से कानून की पढ़ाई पूरी की। परिवार की इच्छा के बावजूद उन्होंने कानून को करियर के रूप में चुना और वकालत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक रिश्तेदार के चैंबर से की थी। दिलचस्प बात यह है कि पहले केस में उन्हें मेहनत की फीस सिर्फ ₹35 रुपये मिली थी — लेकिन यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी जीत साबित हुई।

सुप्रीम कोर्ट में शानदार कार्यकाल

जस्टिस देसाई सुप्रीम कोर्ट में अपने निष्पक्ष और सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं।

कालाधन मामले (Black Money Case) में उन्होंने केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए थे, जिससे अवैध धन पर कार्रवाई तेज हुई।

नित्यानंद केस में भी उनका निर्णय सुर्खियों में रहा।

उन्होंने कई संवैधानिक मामलों में ऐतिहासिक फैसले सुनाए, जिससे न्यायपालिका की पारदर्शिता मजबूत हुई।

कितनी मिलती है पेंशन?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज को लगभग ₹15 लाख रुपये सालाना पेंशन मिलती है। इसके साथ ही उन्हें कई सरकारी सुविधाएं भी प्राप्त रहती हैं।
हालांकि, 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष के तौर पर उन्हें कितना वेतन मिलेगा, इस पर अभी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

8वां वेतन आयोग क्या करेगा?

यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए

महंगाई भत्ता (DA), वेतन संरचना (Pay Matrix), पेंशन सुधार और भत्तों में संशोधन से जुड़ी सिफारिशें देगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर 2026 से नई वेतन व्यवस्था लागू हो सकती है।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 सेमीफाइनल: क्या टीम इंडिया फाइनल में पहुंचेगी? जानिए हेड टू हेड आंकड़े और जीत की संभावना

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IND-W vs AUS-W Semi Final: महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होने वाला है। जहां एक तरफ ऑस्ट्रेलिया का नॉकआउट रिकॉर्ड दमदार है, वहीं टीम इंडिया इतिहास बदलने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

ऑस्ट्रेलिया का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम अब तक 9 बार फाइनल में पहुंच चुकी है और 7 बार विश्व कप चैंपियन बनी है। यह टीम बड़े मैचों में अपने शांत प्रदर्शन और अनुभव के लिए जानी जाती है।

भारत का सफर और उम्मीदें

भारत महिला क्रिकेट टीम अब तक 2 बार विश्व कप फाइनल तक पहुंची है (2005 और 2017)। हालांकि, अभी तक खिताब जीतने का सपना अधूरा है। खास बात यह है कि 2017 के सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था — हरमनप्रीत कौर ने उस मैच में 171 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। वही खिलाड़ी अब कप्तान के रूप में टीम की अगुवाई करेंगी।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (हेड-टू-हेड वनडे रिकॉर्ड)

कुल मैच: 60

ऑस्ट्रेलिया जीती: 49

भारत जीती: 11

हालांकि आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में हैं, लेकिन घरेलू परिस्थितियों में भारतीय महिला टीम इस बार उलटफेर कर सकती है।

दोनों टीमों के स्क्वाड

भारत महिला टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, हरलीन देओल, जेमिमा रोड्रिगेज, स्नेह राणा, रेणुका सिंह, राधा यादव, अमनजोत कौर, उमा चेत्री, अरुंधति रेड्डी, प्रतिका रावल, नल्लपुरेड्डी चराणी, क्रांति गौड़।

ऑस्ट्रेलिया महिला टीम: एलिसा हेली (कप्तान), बेथ मूनी, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, ऐश गार्डनर, टहलिए मैक्ग्रा, फोएबे लिचफील्ड, हीदर ग्राहम, अलाना किंग, डार्सी ब्रॉउन, मेगन स्कट, सोफी मोलिनेक्स, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम, किम गार्थ।

भारत को अगर फाइनल में पहुंचना है, तो बल्लेबाजों को जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा और गेंदबाजों को शुरुआती विकेट दिलाने होंगे। एलिसा हेली और एलिसे पेरी जैसी अनुभवी खिलाड़ियों के सामने भारतीय गेंदबाजों की परीक्षा होगी।

अगर भारत यह मैच जीत लेता है, तो यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि बन सकती है।

मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक, दहेज उन्मूलन और सुरक्षा पर दी गई जानकारी

Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए विशेष चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग, मऊ द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम विकास खंड कोपागंज के अंतर्गत काछी कला और काछी खुर्द ग्रामसभाओं में आयोजित किया गया, जहां विभाग की टीम ने घरेलू हिंसा, दहेज उन्मूलन और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

महिलाओं को बताई गईं कल्याणकारी योजनाएं

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित कई महिला कल्याण योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:

निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना

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महिलाओं के लिए जरूरी हेल्पलाइन नंबर

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया, जैसे:

चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076

महिला पावर लाइन: 1090

महिला हेल्पलाइन: 181

इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग की टीम ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाना है ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।

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बड़ी खबर: केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को दी मंजूरी, कर्मचारियों की सैलरी 2027 में बढ़ेगी एरियर के साथ

Eighth Pay Commission News (8th CPC): केंद्र सरकार ने आखिरकार आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को आयोग की चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव पंकज जैन इसके सदस्य होंगे।

18 महीने में सिफारिशें, 2027 से लागू होगी नई सैलरी

केंद्र ने आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इसके बाद सरकार उन सिफारिशों को मंजूरी देकर वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी वर्ष 2027 से लागू कर सकती है।
हालांकि, NC-JCM (स्टाफ साइड) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। अगर इसमें देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर के रूप में भुगतान किया जाएगा।

2027 में एरियर के साथ बढ़ेगा वेतन

सातवें वेतन आयोग की तरह इस बार भी अगर सिफारिशें लागू करने में देरी हुई, तो कर्मचारियों को 2026 से एरियर जोड़कर बढ़ी सैलरी मिलेगी। बता दें कि जनवरी 2025 में ही NC-JCM ने केंद्र सरकार को टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) सौंप दिया था।

हर 10 साल पर बनता है नया वेतन आयोग

भारत में बढ़ती महंगाई और आर्थिक स्थिति को देखते हुए हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित किया जाता है। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सुविधाओं की समीक्षा की जाती है। 8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2025 में की गई थी, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी में 10 महीने की देरी हुई।

कर्मचारियों में खुशी, संगठनों ने जताया स्वागत

लंबे इंतजार के बाद मंजूरी मिलने से केंद्रीय कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि अब सरकार को जल्द से जल्द सिफारिशें लागू कर कर्मचारियों को राहत देनी चाहिए।

“स्वदेशी जूते, वैश्विक पहचान: घरेलू उत्पादकों को चाहिए सरकारी सहारा”

“स्वदेशी कदमों की गूंज: जूता उद्योग को चाहिए सरकार-उद्यमियों की साझा चाल”

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत का फुटवियर उद्योग अब एक नए मोड़ पर खड़ा है, जहाँ स्थानीय उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी हो गया है। “एफमेक” के सचिव अनिरुद्ध तिवारी ने चिंता जताई कि भारत में जूते-चप्पलों पर प्रति व्यक्ति वार्षिक खर्च मात्र ₹1,500 है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह कई गुना अधिक है। उनका मानना है कि यदि सरकार तीन डॉलर आयात मूल्य से कम के फुटवियर पर 35% कस्टम ड्यूटी लागू करे और घरेलू उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी सुरक्षा दे, तो स्थानीय उद्योग को नई ऊर्जा मिल सकती है।

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उन्होंने कहा कि “यह समय है जब सरकार और उद्यमियों के सामूहिक प्रयास से देशी ब्रांडों को विश्व बाजार में पहचान दिलाई जा सकती है। अगर हम अपने संसाधनों और तकनीक का सही उपयोग करें तो भारत ‘मेड इन इंडिया फुटवियर’ के जरिए रोजगार और निर्यात दोनों में अग्रणी बन सकता है।”

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इस अवसर पर ललित अरोरा, दीपक मनचंदा (इफ्कोमा), विजय सामा (शू फैक्टर्स फेडरेशन), विजय निझावन, रेनुका डंग, नकुल मनचंदा, अर्पित ग्रोवर, दिलीप रैना सहित उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

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सभी ने एक स्वर में कहा कि स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देना न केवल अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि रोजगार सृजन के नए अवसर भी खोलेगा।

रात में दुकान से निकला मनीष सुबह मिला निर्जीव, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र के गहना गांव के पास से गुजर रही किड़िहरापुर–कुशाडीह नहर में मंगलवार की भोर में एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गहना गांव निवासी मनीष सिंह (28 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय संजय सिंह के रूप में हुई है, जो गहना चट्टी पर फल की दुकान लगाकर अपना जीविकोपार्जन करता था।

परिजनों के अनुसार, सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे मनीष ने दुकान बंद की और घर जाकर भोजन करने के बाद रोज की तरह दुकान पर सोने के लिए बाइक से निकला था। लेकिन सुबह के समय जब गांव के कुछ लोग टहलने निकले, तो उन्होंने नहर के किनारे मनीष का शव पड़ा देखा। पास में ही उसकी बाइक भी पड़ी हुई थी। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोग सहम गए और सूचना तुरंत परिवार एवं पुलिस को दी गई।

मृतक के पिता की मृत्यु चार वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में हो चुकी है। परिवार में अब केवल उसकी मां मंजू देवी और भाई माधवेंद्र सिंह हैं। मनीष अविवाहित था, और परिवार का सहारा भी वही था।

परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई है। तहरीर के आधार पर हलधरपुर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष विजय प्रकाश मौर्य, क्षेत्राधिकारी मधुबन अभय कुमार सिंह, तथा फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं लग रहा, जबकि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

🌅 उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतिनों ने मांगी मंगल कामना, आस्था के सागर में डूबा रहा सिकंदरपुर

सिकंदरपुर / बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। कार्तिक शुक्ल षष्ठी की प्रभात बेला में जब पहली किरणों ने धरती को स्पर्श किया, तब घाटों पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। छठ व्रत रखने वाली महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। नदी, तालाब और पोखरों के तटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, हर ओर छठ मइया के गीतों की गूंज और दीपों की लौ से सजी आस्था की अनुपम छटा बिखरी रही।

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सुबह से ही श्रद्धालु महिलाएं अपने घरों से सज-धजकर घाटों की ओर रवाना हुईं। घाटों को फूल-मालाओं, दीयों और रंग-बिरंगी रंगोली से सजाया गया था। व्रतिनों ने जल में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए लोकगीतों के माध्यम से अपनी भक्ति व्यक्त की — “कांच ही बांस के बहंगिया, बहिंया लचकत जाए…” की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण पवित्र हो उठा।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार, क्षेत्राधिकारी रजनीश कुमार, प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार सिंह, क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक, तथा चौकी प्रभारी मालदह व सिकंदरपुर पुलिस बल के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर घाटों की स्थिति का जायजा लिया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की।

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श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के संग छठ महापर्व का समापन शांति और उल्लास के वातावरण में हुआ। महिलाओं की आस्था, प्रशासन की सतर्कता और समाज की सहभागिता ने पर्व को भव्यता और गरिमा प्रदान की।

डीडीयू में “जीन्स टू ग्रेन्स: जीनोमिक्स इन राइस इम्प्रूवमेंट” पर विशेष व्याख्यान आयोजित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में “जीन्स टू ग्रेन्स: जीनोमिक्स इन राइस इम्प्रूवमेंट” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. सी. एन. नीरजा, प्रधान वैज्ञानिक (अध्यक्ष-पादप जैव प्रौद्योगिकी), आईसीएआर-भारतीय धान अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद ने धान में जीनोमिक्स के नवीनतम अनुप्रयोगों और कृषि जैव प्रौद्योगिकी में इसके महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।

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कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश यादव द्वारा मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर और स्वागत भाषण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संयोजन सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार दोहरे द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों और शोधकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। यह आयोजन विभाग द्वारा शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान संवाद और अंतःविषय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।

जयपुर बस हादसा: मजदूरों से भरी बस में भीषण आग, दो की मौत, 12 झुलसे — सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हाहाकार

Jaipur Bus Fire Accident News: राजस्थान की राजधानी जयपुर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार को मनोहरपुर क्षेत्र में मजदूरों से भरी एक प्राइवेट बस में हाईटेंशन लाइन छूने के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।

जानकारी के अनुसार, यह बस शाहपुरा के टोडी स्थित ईंट भट्टे से मजदूरों को लेकर लौट रही थी। रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा हाई टेंशन तार से टकरा गया, जिससे पूरी बस में करंट दौड़ गया और देखते ही देखते आग भड़क उठी। हादसे के समय बस में 5 से 6 गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिनमें लगातार धमाके होने लगे। कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर राख में तब्दील हो गई।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। प्रशासन ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि कई मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “राजस्थान में आए दिन हो रहे ऐसे हादसे बेहद चिंताजनक हैं। मैं शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”
वहीं RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने भी ट्वीट कर इस घटना को “अत्यंत दुखद” बताया और सरकार से पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की।

यह हादसा राज्य में सड़क सुरक्षा और बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

नीम से लेकर लौंग तक: दांतों और मसूड़ों को मजबूत व हेल्दी रखने के 5 असरदार घरेलू नुस्खे

Healthy Teeth Tips in Hindi: दांतों को साफ रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उनकी सही देखभाल करना भी है। आजकल बाजार में कई तरह के टूथपेस्ट और माउथवॉश मिलते हैं, लेकिन पुराने समय में दांतों की देखभाल के लिए जो घरेलू नुस्खे अपनाए जाते थे, वे आज भी बेहद असरदार हैं। ये नुस्खे कैविटी, दांतों के दर्द, मसूड़ों की सूजन और बदबू जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं नीम, लौंग, हल्दी और लहसुन जैसे प्राकृतिक उपायों के फायदे —

1. लौंग से पाएं कैविटी और दर्द से राहत

लौंग में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण दांतों के दर्द और सूजन को कम करते हैं। दर्द वाली जगह पर लौंग को चबाएं या लौंग का तेल लगाएं। यह नुस्खा कैविटी और बैक्टीरिया दोनों से राहत देता है।

2. हल्दी और सरसों का तेल करें दांतों की मसाज

हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण और सरसों के तेल की मजबूती देने वाली खासियत मिलकर दांतों और मसूड़ों को हेल्दी बनाते हैं। आधा चम्मच हल्दी, कुछ बूंदें सरसों का तेल और चुटकी भर नमक मिलाकर पेस्ट तैयार करें और 5 मिनट तक मसाज करें।

3. नमक का पानी: सबसे आसान उपाय

नमक का पानी एक नेचुरल डिसइंफेक्टेंट की तरह काम करता है। यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करता है और दर्द में राहत देता है। दिन में 2-3 बार गुनगुने नमक वाले पानी से कुल्ला करें। इससे मसूड़ों की सूजन और कैविटी में राहत मिलती है।

4. लहसुन से दूर करें दांतों की सड़न

लहसुन में मौजूद एलिसिन (Allicin) एक शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल तत्व है। लहसुन की कली को पीसकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक मिलाएं और दर्द वाली जगह पर लगाएं। कुछ मिनट में दर्द से राहत महसूस होगी।

5. नीम का दातुन: सदियों पुराना आयुर्वेदिक ब्रश

नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दांतों को सड़न, बदबू और पीलेपन से बचाते हैं। नीम की टहनी को ब्रश जैसा बनाकर रोज इस्तेमाल करें — यह मसूड़ों की मजबूती बढ़ाता है और दांतों को प्राकृतिक चमक देता है।

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और पारंपरिक नुस्खों पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नए उपाय को अपनाने से पहले अपने डेंटिस्ट या विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

“छठ महापर्व पर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ

🌅सूर्यदेव की आराधना में झलकती भारत की भव्य परंपरा, छठी मइया से सभी के जीवन में प्रकाश की कामना”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत की सांस्कृतिक आत्मा को झंकृत करने वाले लोकआस्था के महापर्व ‘छठ’ के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की भव्य परंपरा और दिव्य संस्कृति का सजीव प्रतीक है, जो श्रद्धा, संयम और सूर्योपासना की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करता है।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स (X)’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा—

“भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की हमारी भव्य परंपरा के दिव्य दर्शन हुए। समस्त व्रतियों और श्रद्धालुओं सहित पावन पर्व का हिस्सा बने अपने सभी परिवारजनों का हृदय से अभिनंदन। छठी मइया की असीम कृपा से आप सभी का जीवन सदैव आलोकित रहे।”

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🌞 छठ महापर्व: सूर्य उपासना और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम
चार दिनों तक चले इस महापर्व में निष्ठा, तपस्या और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की पारंपरिक विधियों से सम्पन्न यह पर्व न केवल सूर्यदेव और छठी मइया की उपासना का प्रतीक है, बल्कि परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी सशक्त संदेश देता है।
💫 प्रधानमंत्री ने साझा किए भक्ति गीत, बढ़ाया लोक संस्कृति का मान उत्सव के प्रारंभ से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से छठ पूजा के गीत साझा करने और उन्हें व्यापक रूप से प्रचारित करने का आग्रह किया था।
उन्होंने तीसरे दिन भी एक गीत साझा करते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दीं और लिखा—
“डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की हमारी परंपरा अत्यंत अनूठी है। भगवान सूर्य की कृपा से सभी का कल्याण हो, सभी को जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिले। जय छठी मइया!”

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🙏 सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना इस वर्ष का छठ पर्व
देशभर में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना, सरयू और अन्य नदियों के घाटों पर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
ऑनलाइन मंचों पर भी छठ से जुड़ी भक्ति, भावनाएँ और लोकगीतों का आदान-प्रदान देखने को मिला, जिसने इस वर्ष के उत्सव को और अधिक समावेशी, उज्ज्वल और एकतामय स्वर प्रदान किया।
🕉️छठ केवल पूजा नहीं, यह प्रकृति, परिवार और परंपरा का सामूहिक उत्सव है। प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएँ इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत की सांस्कृतिक धारा में लोकआस्था का यह पर्व अनंत प्रकाश का प्रतीक बना रहेगा।