Sunday, July 5, 2026
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रूदलापुर में कूड़ा निस्तारण बना बड़ी समस्या, जलभराव से सड़क बनी तालाब


ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत रूदलापुर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव की मुख्य सड़क और नालियों में जमा कूड़ा अब ग्रामीणों के लिए नासूर बन चुका है। रूदलापुर को चौक बाजार से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर लगातार कूड़ा फेंके जाने और नालियों के जाम होने के कारण हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सड़क ने अब तालाब का रूप ले लिया है।गांव के निवासी सत्येंद्र कुमार पांडेय ने इस गंभीर समस्या को लेकर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि सड़क पर लगातार जलभराव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। बरसात के बाद से यह स्थिति और भी भयावह हो गई है।
स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र प्रजापति, महेन्द्र प्रजापति, धनुषधारी विश्वकर्मा, गुड्डू पांडेय, जयप्रकाश मद्धेशिया, नेबुलाल, गिरीश कन्नौजिया, बलदेव प्रजापति सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान और सफाई कर्मचारियों को कई बार मौखिक रूप से सूचना देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क और नालियों में जमा कचरे से तेज दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। इसलिए संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं,ग्रामीणों ने बताया कि कभी यह सड़क चौक बाजार से संपर्क का मुख्य मार्ग हुआ करती थी, लेकिन अब यह कीचड़ और गंदगी से भरी पड़ी है। आवागमन ठप हो जाने के कारण लोगों को विकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। गांव के युवाओं का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि कई महीनों से सफाई कर्मियों की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी हुई है। ग्राम पंचायत के स्तर पर ध्यान न दिए जाने के कारण अब पूरा गांव बदहाली की चपेट में है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके, सड़क और नालियों से कचरा हटवाया जाए, और गांव को राहत दिलाई जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

महागठबंधन का प्रण पत्र: वादों की बौछार या जनता के मुद्दों का समाधान?

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन ने अपना प्रण पत्र जारी कर सियासी माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। यह दस्तावेज़ केवल चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता की नई रूपरेखा प्रस्तुत करने का दावा करता है। पर बड़ा सवाल यह है कि क्या यह घोषणापत्र जनता की वास्तविक आकांक्षाओं को दिशा देगा या फिर यह भी चुनावी मौसम में वादों की बौछार बनकर रह जाएगा।
महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र में सामाजिक न्याय को केंद्र में रखते हुए जातीय संतुलन, पिछड़े वर्गों की भागीदारी, महिलाओं के अधिकार और युवाओं के अवसरों पर बल दिया है। आर्थिक समानता के मोर्चे पर किसानों की कर्जमाफी, गरीबों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा में निवेश बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। यह संकेत देता है कि गठबंधन जनता के मूल मुद्दों — रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य — पर अपनी रणनीति केंद्रित कर रहा है।
इस बार बेरोजगारी को सबसे बड़ा चुनावी कार्ड बनाते हुए गठबंधन ने एक करोड़ रोजगार सृजन का वादा किया है। इसमें सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र में अवसर बढ़ाने की बात कही गई है। मगर बिहार जैसे राज्य में, जहाँ प्रवासन आज भी एक गहरी सामाजिक-आर्थिक चुनौती बना हुआ है, इतनी बड़ी संख्या में रोजगार सृजन कितना व्यावहारिक होगा, यह सवाल अब भी बना हुआ है। यदि गठबंधन ठोस नीति और संसाधनों के साथ आगे बढ़ता है तो यह राज्य की तस्वीर बदल सकता है, लेकिन यदि यह केवल कागज़ी घोषणा निकली तो जनता का भरोसा फिर टूट सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को विकास का आधार बताते हुए घोषणापत्र में जीडीपी का अधिक हिस्सा इन पर खर्च करने का वादा किया गया है। सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की नियुक्ति और अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएँ बहाल करने की योजनाएँ इसमें शामिल हैं। बिहार जैसे राज्य में इन दो क्षेत्रों की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। यदि इन वादों पर गंभीरता से अमल हुआ तो यह राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय कर सकता है।
विपक्षी दलों ने इस घोषणापत्र को “वादों का पुलिंदा” बताते हुए इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाए हैं। जनता के बीच भी यह धारणा बनी है कि हर चुनाव में घोषणाएँ बहुत होती हैं, पर उनके क्रियान्वयन की गति बेहद धीमी रहती है। ऐसे में यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि बिहार के मतदाताओं की परिपक्वता की भी परीक्षा साबित होगा—क्या वे फिर वादों पर भरोसा करेंगे या अब ठोस परिणामों की मांग करेंगे।
महागठबंधन का यह प्रण पत्र एक बड़ा सवाल खड़ा करता है, क्या राजनीति का केंद्र जनकल्याण होना चाहिए या सियासी समीकरण? एक ओर यह घोषणापत्र विकास, समानता और संवैधानिक मूल्यों की बात करता है, तो दूसरी ओर यह राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति भी प्रतीत होता है। अब यह बिहार की जनता पर निर्भर है कि वे इसे परिवर्तन का दस्तावेज़ मानेंगी या चुनावी कोलाहल का हिस्सा।
महागठबंधन का घोषणापत्र उम्मीदों और आशंकाओं के बीच झूलता दस्तावेज़ है। इसमें बिहार के भविष्य की दिशा तय करने की क्षमता तो है, पर इसकी सफलता जनता के निर्णय और राजनीतिक ईमानदारी पर निर्भर करेगी। यदि वादे धरातल पर उतरते हैं तो यह राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है; अन्यथा यह भी बिहार के चुनावी इतिहास में एक और अधूरा अध्याय बनकर रह जाएगा।

डिग्री नहीं, कौशल चाहिए: क्यों बदल रही है युवाओं की सोच

बीए-बीएससी-बीकॉम का घटता आकर्षण: नई पीढ़ी की बदलती प्राथमिकताएँ

कभी बीए, बीएससी या बीकॉम जैसी पारंपरिक डिग्रियों को उच्च शिक्षा की पहचान माना जाता था। यह डिग्रियाँ समाज में सम्मान, सरकारी नौकरी की पात्रता और एक सुरक्षित भविष्य का प्रतीक थीं। लेकिन आज के युवा का रुझान इन डिग्रियों से लगातार घटता जा रहा है। नतीजा यह है कि पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों में दाख़िला लेने वालों की संख्या कम हो रही है, जबकि तकनीकी, व्यावसायिक और कौशल आधारित कोर्सेज़ की ओर युवाओं का झुकाव तेज़ी से बढ़ा है। यह बदलाव सिर्फ़ शिक्षा के क्षेत्र का नहीं, बल्कि समाज, अर्थव्यवस्था और रोजगार की दिशा बदलने का संकेत है।
बीते दो दशकों में देश का रोजगार परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। निजी क्षेत्र का विस्तार, डिजिटल तकनीक की तेज़ रफ्तार और वैश्वीकरण ने युवाओं की सोच को भी बदला है। आज का विद्यार्थी सिर्फ़ डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार की गारंटी चाहता है। बीए या बीएससी जैसी डिग्रियाँ जहाँ ज्ञान का विस्तार करती हैं, वहीं वे नौकरी के लिहाज़ से तुरंत उपयोगी नहीं मानी जातीं। दूसरी ओर, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, नर्सिंग, पैरामेडिकल, आईटी, डिज़ाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्स युवाओं को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। ऐसे में जब परिवार भी शिक्षा को “इन्वेस्टमेंट” के रूप में देखने लगे हैं, तो स्वाभाविक है कि डिग्रियों से मोहभंग बढ़े।
देश में बेरोजगारी की दर लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारक युवाओं में बेरोजगारी दर सबसे अधिक है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्टों में यह स्पष्ट हुआ है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं में बेरोजगारी 17 से 25 प्रतिशत तक है। ऐसे में जब एक बीए या बीएससी छात्र तीन साल तक पढ़ाई कर भी नौकरी के लिए संघर्ष करता है, और वहीं आईटीआई, डिप्लोमा या कंप्यूटर कोर्स करने वाला युवा जल्द ही किसी निजी कंपनी में काम पा जाता है, तो पारंपरिक शिक्षा पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। यही कारण है कि आज “डिग्री नहीं, स्किल चाहिए” का नारा नए भारत के युवाओं की सोच बन गया है।
बीए और बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों से मोहभंग का एक बड़ा कारण शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट भी है। देश के अधिकांश विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में न तो पर्याप्त प्रयोगशालाएँ हैं, न ही आधुनिक पाठ्यक्रम। पढ़ाई अब भी दशकों पुराने सिलेबस पर आधारित है, जो वर्तमान उद्योग या तकनीक की आवश्यकताओं से मेल नहीं खाता। कई कॉलेजों में शिक्षक भर्ती में पारदर्शिता की कमी, अस्थायी शिक्षक व्यवस्था और छात्र राजनीति के दखल ने भी शैक्षणिक माहौल को प्रभावित किया है। ऐसे में जब युवा को यह एहसास होता है कि सिर्फ़ डिग्री लेना उसके भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकता, तो वह अन्य विकल्पों की तलाश करता है।
डिजिटल युग की सबसे बड़ी देन यह है कि आज सीखने के हजारों नए रास्ते खुल गए हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Coursera, Udemy, Skill India या Google Career Certificates ने युवाओं को ऐसे कोर्स उपलब्ध कराए हैं, जो कुछ ही महीनों में उन्हें रोजगार के योग्य बना देते हैं। युवाओं को अब यह महसूस हो रहा है कि अगर तीन साल बीए करने में लगाकर भी कोई सुनिश्चित भविष्य नहीं मिलता, तो उतने समय में कोई तकनीकी या डिजिटल कोर्स करके वे स्वतंत्र रूप से काम शुरू कर सकते हैं। यानी शिक्षा का उद्देश्य अब केवल ‘ज्ञान प्राप्ति’ नहीं, बल्कि ‘जीवनोपार्जन’ हो गया है।
पहले समाज में किसी भी व्यक्ति के लिए यह कहा जाता था, “वह बीए पास है”, तो यह गर्व की बात होती थी। लेकिन आज जब अधिकांश युवाओं के पास स्नातक की डिग्री है और नौकरी नहीं, तो वह प्रतिष्ठा स्वतः घट गई है। डिग्री का मूल्य अब परिणाम से जुड़ गया है — कितनी आमदनी है, कितनी उपयोगिता है। यह सोच समाज की बदलती आर्थिक मानसिकता को दर्शाती है, जहाँ अब ‘ज्ञान’ की जगह ‘कैरियर’ प्रमुख है।
एक और बड़ा कारण है सरकारी नौकरियों की सीमितता। बीए और बीएससी जैसे कोर्स परंपरागत रूप से सरकारी सेवा की तैयारी के लिए लोकप्रिय रहे हैं। लेकिन अब नौकरियों की संख्या घट रही है, प्रतियोगिता बढ़ रही है, और चयन प्रक्रिया वर्षों खिंच रही है। ऐसे में युवा खुद को ठगा हुआ महसूस करता है। वह देखता है कि उसके साथी डिजिटल प्लेटफॉर्म या निजी कंपनियों में काम कर रहे हैं, तो उसका ध्यान धीरे-धीरे उस दिशा में मुड़ने लगता है।
भारत में शिक्षा व्यवस्था अब भी सिद्धांत प्रधान है, जबकि उद्योग कौशल प्रधान। बीए या बीएससी का छात्र पुस्तकीय ज्ञान में तो निपुण होता है, लेकिन उद्योग को ऐसे कर्मचारी चाहिए जो तुरंत कार्य में दक्ष हों। इस अंतर को न पाट पाने की वजह से विश्वविद्यालयों से निकलने वाले लाखों छात्र सीधे बाजार की मांग से मेल नहीं खाते। जबकि विदेशी विश्वविद्यालय अब “इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड” मॉडल पर काम कर रहे हैं, जहाँ छात्र को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाता है।
इस स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक है कि विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप ढालें। पारंपरिक विषयों में भी रोजगारोन्मुख मॉड्यूल जोड़े जाएँ। हर स्नातक छात्र को किसी न किसी स्किल सर्टिफिकेट कोर्स से जोड़ा जाए, ताकि वह डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता भी हासिल करे। जैसे इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण अनिवार्य है, वैसे ही बीए, बीएससी छात्रों के लिए भी इंटर्नशिप या प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा लागू की जानी चाहिए। विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों को उनके रुचि और योग्यता के अनुसार करियर काउंसलिंग मिले, ताकि वे केवल परंपरा या दबाव में नहीं, बल्कि समझदारी से विषय चुनें। सरकार और उद्योग जगत को भी मिलकर ऐसे कार्यक्रम शुरू करने चाहिए जो अकादमिक ज्ञान और रोजगार कौशल के बीच सेतु का कार्य करें।
बीए, बीएससी जैसी डिग्रियों से मोहभंग केवल युवाओं की अधीरता नहीं, बल्कि समय की वास्तविकता है। यह बदलाव बताता है कि भारतीय समाज अब “डिग्री आधारित” से “कौशल आधारित” युग में प्रवेश कर चुका है। शिक्षा व्यवस्था यदि इस परिवर्तन को समझकर खुद को अद्यतन कर ले, तो ये डिग्रियाँ फिर से सम्मान और उपयोगिता दोनों की दृष्टि से प्रासंगिक हो सकती हैं। परंतु यदि विश्वविद्यालय पुराने ढर्रे पर ही चलते रहे, तो आने वाले वर्षों में यह मोहभंग स्थायी रूप ले लेगा और तब “स्नातक” शब्द केवल औपचारिक योग्यता बनकर रह जाएगा, भविष्य का द्वार नहीं।

“हिंदी प्रश्न पत्र में लाएं शानदार अंक: हाई स्कूल के छात्रों के लिए सफलता का मंत्र”


हाई स्कूल की परीक्षा हर विद्यार्थी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। खासतौर पर हिंदी प्रश्न पत्र ऐसा विषय है जिसमें मेहनत, समझ और लेखन शैली के माध्यम से अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। अक्सर छात्र यह सोचते हैं कि हिंदी तो आसान है, परंतु लापरवाही और समय प्रबंधन की कमी के कारण कई बार अंक उम्मीद से कम आ जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि विद्यार्थी यह जानें कि प्रश्न पत्र को किस क्रम में हल करना चाहिए, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कैसे सुंदर लिखावट व सटीक उत्तरों से परीक्षक को प्रभावित किया जा सकता है।
🧭 परीक्षा की शुरुआत कैसे करें
जब हिंदी का प्रश्न पत्र हाथ में आए, तो सबसे पहले पूरा पेपर ध्यान से पढ़ें। यह समझें कि कितने खंड हैं — अपठित गद्यांश, काव्यांश, लघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न, व्याकरण और निबंध/पत्र लेखन।
इसके बाद तय करें कि किस भाग में आप सबसे अधिक सहज हैं। अधिकांश विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि विद्यार्थी को पहले छोटे प्रश्नों से शुरुआत करनी चाहिए, ताकि आत्मविश्वास बढ़े और समय का बेहतर उपयोग हो सके।
✍️ छोटे प्रश्नों से शुरुआत क्यों करें
छोटे प्रश्नों में समय कम लगता है और उत्तर भी संक्षेप में देने होते हैं। ये प्रश्न अधिकतम अंक जुटाने का आसान तरीका होते हैं।
उदाहरण के लिए —
दो पंक्तियों में उत्तर वाले प्रश्नों में साफ, सटीक और विषयानुसार उत्तर लिखें।
अनावश्यक शब्द या लंबी व्याख्या से बचें।
यदि प्रश्न में दो भाग हैं (जैसे “अर्थ लिखिए और भाव स्पष्ट कीजिए”), तो दोनों भागों का क्रमवार उत्तर दें।
📖 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की रणनीति
जब छोटे प्रश्न हल हो जाएं, तब लघु उत्तरीय प्रश्नों पर ध्यान दें। इनके उत्तर 80 से 100 शब्दों में लिखें। उत्तर में मुख्य बिंदु, भावार्थ और रचनाकार का नाम अवश्य शामिल करें।
वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए विस्तार से विचार प्रस्तुत करें —
पहले पैराग्राफ में प्रस्तावना
दूसरे में मुख्य व्याख्या या भावार्थ
तीसरे में निष्कर्ष या मूल्यांकन
इस तरह उत्तर व्यवस्थित लगेगा और परीक्षक पर अच्छा प्रभाव छोड़ेगा।
🧾 व्याकरण और लेखन कार्य (निबंध, पत्र, संवाद आदि)
हिंदी प्रश्न पत्र का एक बड़ा हिस्सा व्याकरण और लेखन कार्य होता है।
व्याकरण में शुद्धता और नियमों की जानकारी सबसे आवश्यक है। रोज़ अभ्यास करें — संधि, समास, काल, लिंग, वचन, वर्तनी आदि।
निबंध या पत्र लेखन में विषय की समझ और भाषा की सादगी पर ध्यान दें।
शुरुआत आकर्षक हो और अंत सारगर्भित।
विषय से भटकने से बचें।
साफ-सुथरी लिखावट का महत्व
परीक्षा में केवल ज्ञान नहीं, प्रस्तुति भी महत्वपूर्ण होती है।
उत्तरपुस्तिका में लिखावट सुंदर, स्पष्ट और एकसमान रखें।
प्रत्येक प्रश्न का क्रम संख्या ठीक से लिखें।
उत्तरों के बीच थोड़ी जगह छोड़ें ताकि कॉपी सुव्यवस्थित लगे।
यदि गलती हो जाए, तो हल्के से काटें, बार-बार काटछाँट न करें।
एक सुव्यवस्थित कॉपी परीक्षक को प्रभावित करती है और अच्छे अंक दिलाने में मदद करती है।
🕰️ समय प्रबंधन है सफलता की कुंजी
अक्सर विद्यार्थी सभी प्रश्नों को जानने के बावजूद समय की कमी के कारण कुछ प्रश्न अधूरे छोड़ देते हैं। इसलिए –
पहले 5 मिनट प्रश्न पत्र पढ़ने में लगाएँ।
छोटे प्रश्नों के लिए 30 मिनट, लघु प्रश्नों के लिए 25 मिनट, दीर्घ प्रश्नों के लिए 35 मिनट और लेखन कार्य के लिए 25 मिनट निर्धारित करें।
आख़िरी 5–10 मिनट उत्तरों को पुनः पढ़ने में लगाएँ।
🌿 मनोबल और आत्मविश्वास बनाए रखें
परीक्षा के दौरान घबराएँ नहीं। यदि कोई प्रश्न कठिन लगे, तो उसे छोड़कर आगे बढ़ें और बाद में वापस आएँ। याद रखें — शांत मन और आत्मविश्वास ही परीक्षा में सफलता की कुंजी हैं।

🪶 हिंदी प्रश्न पत्र में अच्छे अंक लाना कोई कठिन कार्य नहीं है। बस ज़रूरत है सही रणनीति, नियमित अभ्यास, सुंदर लिखावट और सटीक उत्तरों की।
जो विद्यार्थी छोटे प्रश्नों से शुरुआत करते हुए पूरे पेपर को संतुलित ढंग से हल करते हैं, वे निश्चित रूप से अच्छे अंक प्राप्त करते हैं।
इसलिए हर छात्र को यह याद रखना चाहिए —
“परीक्षा में सफलता सिर्फ ज्ञान से नहीं, बल्कि प्रस्तुति और समय प्रबंधन से मिलती है।”

“ट्रेनें, उड़ानें ठप – यातायात पर ‘मोंथा’ की मार”

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भयंकर चक्रवाती तूफान “मोंथा” ने तबाही मचा दी है। मंगलवार को इस प्रचंड चक्रवात का लैंडफॉल शुरू होते ही कई जिलों में भारी बारिश और 120 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में तेज आंधी के कारण एक पेड़ उखड़कर एक महिला पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। नेल्लोर और आसपास के जिलों में पिछले 36 घंटों से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों तक भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में 15 से 20 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
वहीं ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। गजपति जिले में भूस्खलन हुआ, जबकि रायगढ़ और गुदारी इलाकों में पेड़ उखड़ गए।

ओडिशा सरकार ने 2000 से अधिक चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं और 6,000 से ज्यादा एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ व फायर सर्विस कर्मियों को राहत कार्यों में तैनात किया है। हालात को देखते हुए 9 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 30 अक्टूबर तक बंद रखा गया है।
झारखंड तक “मोंथा” का असर देखने को मिल रहा है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
इस बीच, तूफान के कारण 32 उड़ानें और 180 से अधिक ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। पूर्वी तट रेलवे और दक्षिण मध्य रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई रूट बदल दिए हैं।
मोंथा का प्रकोप अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद है, लेकिन तबाही के निशान लंबे समय तक याद रहेंगे।

रुद्रपुर में घरेलू विवाद में भाई-भाभी पर चाकू हमला, तीन घायल

रुद्रपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर वार्ड में मंगलवार दोपहर घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक युवक ने गुस्से में आकर सगे भाई, भाभी और भतीजे पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, आजाद नगर निवासी अमजद और अरशद सगे भाई हैं। मंगलवार को दोनों के बीच किसी घरेलू मामले को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अरशद ने गुस्से में चाकू निकाल लिया और बड़े भाई अमजद पर हमला कर दिया।

बीच-बचाव करने आई छोटे भाई की पत्नी तब्बसुम (25) पत्नी महफूज के गले पर भी उसने चाकू से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। इतना ही नहीं, जब परिवार के अन्य सदस्य शोर सुनकर मौके पर पहुंचे तो भतीजा रुखसार (15) पुत्र अब्बू अंसारी को भी चाकू मार दिया गया।

यह भी पढ़ें – आज का मौसम: सुबह रहेगी हल्की ठंड, दोपहर में निकलेगी धूप, शाम तक लौटेगी ठंडक — जानें कैसा रहेगा तापमान

घटना के बाद घायलों को तत्काल सीएचसी रुद्रपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं, पुलिस ने आरोपी अरशद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

कोतवाल कल्याण सिंह सागर ने बताया कि मामला घरेलू विवाद का है, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें – अंतर्जनपदीय तस्कर गिरफ्तार 105 ग्राम अफीम बरामद

आज का मौसम: सुबह रहेगी हल्की ठंड, दोपहर में निकलेगी धूप, शाम तक लौटेगी ठंडक — जानें कैसा रहेगा तापमान

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में मौसम अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन में धूप का असर बढ़ने लगा है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, कल (बुधवार) को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।

राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में सुबह का तापमान 20°C के आसपास रहेगा, जबकि दोपहर तक यह बढ़कर 30°C तक पहुंच सकता है। दोपहर में हल्की धूप निकलेगी और शाम होते-होते फिर ठंडी हवा चलने लगेगी।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब धीरे-धीरे ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा और नवंबर के पहले हफ्ते से सुबह-शाम में सर्दी का एहसास और गहरा हो जाएगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर उत्तर प्रदेश के मैदानी हिस्सों तक पहुंचने लगेगा।

लखनऊ, गोरखपुर, बहराइच, बलिया, गोंडा और बाराबंकी में अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है। किसानों के लिए यह मौसम अनुकूल बताया जा रहा है, खासकर रबी फसलों की बुआई की तैयारी के लिए।

मौसम का पूरा हाल एक नजर में:

सुबह: हल्की ठंड और धुंध की संभावना

दोपहर: साफ आसमान और हल्की धूप

शाम-रात: ठंडी हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

तापमान: न्यूनतम 20°C और अधिकतम 30°C तक

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सूर्योपासना के महापर्व छठ पूजा का हुआ पुण्य समापन

उषा अर्घ्य के साथ हर घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ सम्पन्न हुआ पर्व

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। चार दिवसीय सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा मंगलवार की भोर में उषा अर्घ्य के साथ पूर्ण श्रद्धा और आस्था के वातावरण में सम्पन्न हुआ। जिले के विभिन्न सरोवरों, तालाबों, नदियों और कृत्रिम जलाशयों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। व्रतियों ने स्नान-ध्यान के पश्चात उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार, समाज और राष्ट्र की समृद्धि की मंगलकामना की।
भोर की पहली किरण के साथ जब सूर्य देव आकाश में प्रकट हुए, तो घाटों पर “जय छठी मईया” और “जय सूर्य नारायण” के जयघोष गूंज उठे। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गीत गाती हुईं, सिर पर डाला सजाए, बड़ी श्रद्धा से पूजा-अर्चना में लीन रहीं। इसी दौरान घाटों पर गूंज उठा लोकगीत,

केरवा के पात पा ऊगा हो सुरूज देव…”
जिसने वातावरण को भावविभोर कर दिया। श्रद्धा और लोकसंस्कृति के इस अद्भुत संगम ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण बना दिया।
पूर्वांचल में इस अवसर पर भोर से ही रिमझिम वर्षा शुरू हो गई थी, जिसने श्रद्धा की इस सुबह को और भी पवित्र बना दिया। व्रती डॉ. सोनी सिंह ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा,
“भक्ति से भरी सुबहें, आस्था से सजे संध्या घाट… छठी मइया के चरणों में, सबके मन की हो हर बात।”
पूरे पर्व के दौरान व्रतियों ने नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य सहित सभी अनुष्ठान पूरी विधि-विधान और भक्ति भाव से सम्पन्न किए। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। नगर व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद माहौल अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा।
भगवान भास्कर और छठी मईया से व्रतियों ने यही प्रार्थना की कि हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का उजाला सदा बना रहे। आस्था और लोक परंपरा से ओत-प्रोत पर्व ने एक बार फिर समाज में एकता, समरसता और पारिवारिक सद्भाव का संदेश दिया।

🤖 रोबोटिक डॉग ने लूटी महफिल, पूर्वांचल में विज्ञान महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र

पूर्वांचल की धरती पर विज्ञान का उत्सव! दूसरे दिन 10 रॉकेट लॉन्च, बच्चों को मोहित कर गया रोबोटिक डॉग
इन–स्पेस कंपटीशन 2024–25: दो दिनों में 14 कैनसैट लॉन्च, आज आएंगे चेयरमैन पवन गोयनका

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर भारत के इस पहले इन–स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंपटीशन के दूसरे दिन मंगलवार को जीरो बंधा स्थित जंगलपट्टी का आसमान फिर से विज्ञान के रंगों से भर गया। देशभर से आए युवा वैज्ञानिकों ने इस दिन भी कमाल दिखाया। सुबह से शाम तक चली गतिविधियों के बीच कुल 10 रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किए गए, जिनसे जुड़े सभी पेलोड और कैनसैट सेटेलाइट्स पैराशूट की मदद से सुरक्षित नीचे उतरे।
इन–स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने सभी लॉन्च को सौ प्रतिशत सफल बताया और कहा कि छात्रों की सटीकता और तकनीकी दक्षता उम्मीद से कहीं अधिक बेहतर रही।

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🌅 सुबह से जोश, शाम तक उड़ान
सुबह नौ बजे से ही सभी प्रतिभागी टीमें अपने-अपने कैनसैट को तैयार करने में जुट गई थीं। कोई पेलोड सेंसर की जांच कर रहा था तो कोई सॉफ्टवेयर कैलिब्रेशन में व्यस्त था। दोपहर 12:36 बजे जैसे ही पहला रॉकेट आसमान की ओर रवाना हुआ, पिपराघाट क्षेत्र गूंज उठा। इसके बाद लगभग हर पाँच से सात मिनट के अंतराल पर चार और कैनसैट लॉन्च किए गए।


लंच के बाद शाम पाँच बजे से लांचिंग दोबारा शुरू हुई और हर दो से तीन मिनट में रॉकेट हवा में ऊँचा उठता गया। सभी 10 लॉन्च पूरी तरह सफल रहे और रिकवरी टीम ने सभी पेलोड्स को सटीक ट्रैकिंग के बाद सुरक्षित हासिल कर लिया।
🇮🇳 लोगों का उत्साह और ‘जय विज्ञान’ के नारे
27 और 28 अक्टूबर को दो दिनों में अब तक कुल 14 कैनसैट लॉन्च हो चुके हैं। मंगलवार को आम लोगों का उत्साह पहले दिन से कहीं अधिक था। आरक्षित क्षेत्र से एक किलोमीटर दूर बनी दर्शक दीर्घा में दूर–दराज के गांवों से आए लोग जुटे थे।
हर रॉकेट की उड़ान के साथ माहौल रोमांचक होता गया। जैसे ही पैराशूट के सहारे कैनसैट नीचे उतरते, लोग ‘भारत माता की जय, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ के नारे लगाने लगते। विज्ञान और देशभक्ति का ऐसा संगम शायद पहली बार देखा गया।

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👩‍🔬 स्थानीय छात्रों में बड़ी जिज्ञासा
आज स्थानीय जगदीश पब्लिक स्कूल के 42 छात्र–छात्राओं ने भी वर्किंग और हैबिटेट एरिया का भ्रमण किया। इन बच्चों ने प्रतिभागी छात्रों से बातचीत की और जाना कि कैनसैट कैसे काम करता है। छात्रों ने बताया कि वे भी आगे चलकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं।
स्कूल के प्रबंधक और प्रिंसिपल ने इस विजिट को बच्चों के लिए “जीवन बदल देने वाला अनुभव” बताया।

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🤖 रोबोटिक डॉग बना आकर्षण का केंद्र
वर्किंग एरिया में आज का सबसे बड़ा आकर्षण रहा रोबोटिक डॉग, जिसे गोरखपुर के केआईपीएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों ने तैयार किया। यह डॉग लोगों से हाथ मिला रहा था, जंप कर रहा था और गानों पर नाचते हुए बच्चों का मनोरंजन कर रहा था।
टीम के छात्र अंकित प्रताप सिंह ने बताया, “हम इस रोबोटिक डॉग को वॉयस कमांड से संचालित करने पर रिसर्च कर रहे हैं। फिलहाल यह रिमोट से चलता है, लेकिन हमारा लक्ष्य है कि इसमें मिलिट्री डॉग जैसे सभी कमांड्स फिट किए जाएं।”
इस नवाचार को देखकर सभी दर्शक बच्चों में तकनीकी जिज्ञासा और उत्साह साफ झलक रहा था।

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🚀 आगे आने वाले दिन और भी खास
इन–स्पेस के डायरेक्टर डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि “इस प्रतियोगिता से छात्रों में टीमवर्क और नवाचार की भावना विकसित हो रही है। यह भविष्य के वैज्ञानिकों की प्रयोगशाला है।”
उन्होंने बताया कि बुधवार को इन–स्पेस के चेयरमैन डॉ. पवन गोयनका प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचेंगे और प्रतिभागी छात्रों से संवाद करेंगे। इसके बाद 30 अक्टूबर (गुरुवार) को भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का आगमन होगा, जो युवाओं से अपने अनुभव साझा करेंगे।
देवरिया लोकसभा क्षेत्र से सांसद शशांक मणि ने कहा कि “पूर्वांचल की धरती पर जारी यह ‘अंतरिक्ष महाकुंभ’ हर दिन नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।”
अब सबकी निगाहें बुधवार पर हैं, जब इस मंच से भारत के स्पेस मिशन के शीर्ष नेतृत्व का संदेश युवाओं तक पहुंचेगा।

अंतर्जनपदीय तस्कर गिरफ्तार 105 ग्राम अफीम बरामद

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा) जैतीपुर एसपी राजेश द्विवेदी के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहें धर पकड़ अभियान के तहत पुलिस को सफलता मिली। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक अंतर्जनपदीय मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया।तलाशी लेने पर उसके पास 105 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा पंजीकृत कर तस्कर को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया। गया।थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया वह टीम के साथ बनखंडी पुलिया के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे।तभी फरीदपुर जाने वाले रास्ते पर बरेली के थाना बिथरी चैनपुर के गांव अहियापुर निवासी अमन यादव को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके एक मोबाइल व 105 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी नें बताया वह व साथी भूपेन्द्र यादव निवासी कादरगंज थाना फतेहगंज पूर्वी बरेली इस स्मैक को भूपेन्द्र के ग्राहक को देने के लिए इंतजार में बनखण्डी पुलिया पर खडे थे। तभी पुलिस ने पकड लिया।साथी भूपेन्द्र पुलिस को देखकर भाग गया।बताया बरामद स्मैक में से आधा माल दीपक उर्फ भूरा निवासी व आधा नासिर निवासी कादरगंज थाना फतेहगंज पूर्वी बरेली का हैं।गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई इतेश तोमर, हेड कांस्टेबल अजय राना, तैय्यब अली, कांस्टेबल नवीन पंवार मौजूद रहें।

चोरी के दो ट्रक बरामद, दो शातिर चोर गिरफ्तार

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)थाना तरकुलवा और थाना मईल की संयुक्त पुलिस टीम ने ट्रक चोरी की दो वारदातों का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी का एक ट्रक बरामद किया है।थाना तरकुलवा क्षेत्र के वादी राधेश्याम विश्वकर्मा ने 25 मई को ट्रक संख्या UP52 BT 2061 चोरी की तहरीर दी थी, जिस पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच की जा रही थी। वहीं थाना मईल क्षेत्र के वादी दिनेश सिंह ने 25 अक्टूबर को ट्रक संख्या UP54 T 5819 चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी शआनन्द कुमार पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के नेतृत्व में बनी संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर बंजरिया दूबे टोला (थाना तरकुलवा) से दो अभियुक्तों —1. मनोज गोंड पुत्र लल्लन गोंड निवासी कौलाचक थाना तरकुलवा2. बुलेट गुप्ता पुत्र गोरख गुप्ता निवासी बंजरिया थाना तरकुलवा — को गिरफ्तार किया।अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने कोन्हवलिया एचपी पेट्रोल पम्प के पास से चोरी का ट्रक UP54 T 5819 बरामद किया। इससे पहले थाना तरकुलवा में चोरी हुआ ट्रक UP52 BT 2061 पहले ही बरामद किया जा चुका था।इस प्रकार दोनों थानों की संयुक्त टीम ने दोनों मुकदमों का सफल अनावरण कर लिया है।गिरफ्तारी व बरामदगी टीम
थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय, उ0नि0 शुभम कुमार सिंह, उ0नि0 अंकित सिंह, हे0का0 सत्यनारायण राय, हे0का0 सूर्यकान्त सिंह, का0 पवन कुमार।

खेल और राजनीति के नायक: 29 अक्टूबर के गौरवशाली जन्मदिन

“29 अक्टूबर के प्रेरणास्रोत: देश को गौरवान्वित करने वाले व्यक्तित्व – विजेन्द्र सिंह और देवुसिंह चौहान”


भारत के इतिहास और समाज में कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि प्रेरणा और कर्मशीलता की पहचान बन जाती हैं। 29 अक्टूबर भी ऐसी ही एक तिथि है जब देश को दो ऐसे रत्न मिले जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छूईं — एक ने मुक्केबाजी के रिंग में भारत का नाम रोशन किया, तो दूसरे ने जनसेवा और राजनीति के माध्यम से जनता के विश्वास को मज़बूती दी।

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🥇 विजेन्द्र कुमार सिंह: भारतीय मुक्केबाजी के स्वर्णिम योद्धा
जन्म: 29 अक्टूबर 1985, कालूवास गाँव, भिवानी जिला, हरियाणा
शिक्षा: हरियाणा शिक्षा बोर्ड से प्रारंभिक शिक्षा, उसके बाद रोहतक के महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय से स्नातक
हरियाणा की मिट्टी से उठे विजेन्द्र कुमार सिंह भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में वह नाम हैं जिसने देश को पहली बार ओलंपिक पदक दिलाया। भिवानी को “भारत का क्यूबा” कहा जाने लगा क्योंकि यहाँ से अनेक बॉक्सर उभरे, और उनमें सबसे चमकता नाम विजेन्द्र का रहा। बचपन से ही उनमें खेल के प्रति जुनून था। सेना में नौकरी के दौरान उन्हें खेल की ओर और प्रोत्साहन मिला।

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2008 बीजिंग ओलंपिक में विजेन्द्र ने भारत को बॉक्सिंग में पहला कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रचा। इसके बाद कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भी उन्होंने देश का तिरंगा ऊँचा फहराया। उनकी सफलता ने भारत में मुक्केबाजी को लोकप्रिय खेलों की श्रेणी में पहुँचा दिया। विजेन्द्र ने न केवल रिंग में, बल्कि अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और संघर्षशीलता से युवा पीढ़ी को प्रेरित किया। बाद में उन्होंने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में भी कदम रखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की नई पहचान बनाई।
उनकी उपलब्धियाँ बताती हैं कि सीमित संसाधनों में भी यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता स्वयं रास्ता बना लेती है। हरियाणा की इस धरती ने जिस बेटे को जन्म दिया, उसने पूरे विश्व में भारत की खेल प्रतिभा का डंका बजाया।

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🏛️ देवुसिंह चौहान: जनता की आवाज़, राजनीति के सजग सिपाही
जन्म: 29 अक्टूबर 1964, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्र
शिक्षा: पुणे विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा प्राप्त की
राजनीतिक जीवन: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद
देवुसिंह चौहान भारतीय राजनीति का वह चेहरा हैं जिन्होंने सेवा को ही राजनीति का आधार बनाया। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से आने वाले देवुसिंह ने अपने जीवन की शुरुआत साधारण पृष्ठभूमि से की। बचपन से ही उनमें समाज के प्रति संवेदना और नेतृत्व की भावना थी। युवा अवस्था में ही वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और जल्द ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ संभालीं।
उनका राजनीतिक सफर जनता की समस्याओं के समाधान के प्रति समर्पण से भरा रहा है। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास, और तकनीकी सशक्तिकरण के क्षेत्रों में कई पहल कीं। संसदीय कार्यों में उनकी सक्रियता और नीतिगत दृष्टि ने उन्हें देश के प्रमुख नीति निर्माताओं में स्थान दिलाया। डिजिटल इंडिया अभियान और ग्रामीण कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने में उन्होंने विशेष योगदान दिया।
देवुसिंह चौहान इस बात के उदाहरण हैं कि राजनीति केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने और सशक्त करने का जरिया है। उनकी विनम्रता, सरल व्यक्तित्व और जनता से गहरा जुड़ाव उन्हें एक लोकसेवक के रूप में विशिष्ट पहचान देता है।

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29 अक्टूबर: प्रेरणा, संघर्ष और सफलता की प्रतीक तिथि
29 अक्टूबर न केवल इन दो महान व्यक्तित्वों के जन्म की तिथि है, बल्कि यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर भारत का मान बढ़ाया जा सकता है। विजेन्द्र सिंह ने खेल जगत में और देवुसिंह चौहान ने राजनीति में यह साबित किया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी अपने क्षेत्र में अमर छाप छोड़ सकता है।

लखनऊ में सुबह से हो रही बारिश से बढ़ी ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह से लगातार बारिश हो रही है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी रहने की संभावना है।

सुबह से शुरू हुई हल्की बारिश अब मध्यम से तेज बौछारों में बदल गई है। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। बारिश के चलते लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

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मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हो रही है। आने वाले दो दिनों तक पूर्वी और मध्य यूपी के कई जिलों — जैसे बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, कानपुर और फतेहपुर — में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि इससे रबी फसलों के लिए नमी और तापमान दोनों अनुकूल बनेंगे। हालांकि, लगातार बारिश से कुछ इलाकों में निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या देखी जा रही है।

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किस राशि पर धन वर्षा, कौन रहेगा सावधान?

🌞 29 अक्टूबर 2025 राशिफल : बुद्ध के दिन भाग्य का साथ, जानिए किस राशि पर गणेश कृपा बरसेगी

पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा

दिनांक: बुधवार, 29 अक्टूबर 2025
तिथि: कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी
नक्षत्र: श्रवण
विशेष: बुधवार को गणेश जी की उपासना शुभ फलदायक मानी गई है।
🐏 मेष (Aries – A, L, E)
कार्य क्षेत्र: मेहनत से सफलता के योग हैं, नौकरी बदलने वालों के लिए शुभ समाचार।
शिक्षा: विद्यार्थियों को एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कला/संगीत: नई प्रेरणा मिलेगी, प्रदर्शन बेहतर रहेगा।
राजनीति: सम्मान और जनसमर्थन बढ़ेगा।
प्रशासन: उच्चाधिकारियों की सराहना प्राप्त होगी।
आर्थिक स्थिति: निवेश लाभकारी रहेगा।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
देव पूजा: श्री गणेश जी की आराधना लाभकारी।
🐂 वृषभ (Taurus – B, V, U)
कार्य क्षेत्र: लाभदायक सौदे, वरिष्ठों का सहयोग।
शिक्षा: प्रतियोगी छात्र सफलता के करीब।
कला/संगीत: सृजनात्मकता उच्च स्तर पर।
राजनीति: प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा।
प्रशासन: निर्णय लेने की क्षमता मजबूत।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
देव पूजा: देवी लक्ष्मी की आराधना शुभ।

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👬 मिथुन (Gemini – K, C, G)
कार्य क्षेत्र: सहयोगियों से सामंजस्य रखें।
शिक्षा: फोकस बढ़ेगा, सफलता संभव।
कला/संगीत: नई सीख और अवसर।
राजनीति: रणनीति से लाभ।
प्रशासन: अनुशासन बनाए रखें।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
देव पूजा: विष्णु जी की पूजा उत्तम।
🦀 कर्क (Cancer – H, D)
कार्य क्षेत्र: अधूरे कार्य पूरे होंगे।
शिक्षा: मन लगाकर अध्ययन करें, परिणाम अनुकूल।
कला/संगीत: भावनात्मक अभिव्यक्ति श्रेष्ठ।
राजनीति: परामर्श से कार्य करें।
प्रशासन: पारिवारिक जिम्मेदारी निभाएँ।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: दूधिया
शुभ अंक: 2
देव पूजा: माता पार्वती की उपासना शुभ।
🦁 सिंह (Leo – M, T)
कार्य क्षेत्र: नई जिम्मेदारियाँ, उन्नति के संकेत।
शिक्षा: मेहनत का फल मिलेगा।
कला/संगीत: मंचीय प्रदर्शन के अवसर।
राजनीति: समर्थन प्राप्त होगा।
प्रशासन: वरिष्ठ प्रसन्न रहेंगे।
आर्थिक स्थिति: सामान्य, खर्च नियंत्रण जरूरी।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
देव पूजा: सूर्य देव का अर्घ्य अर्पित करें।

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🌾 कन्या (Virgo – P, TH)
कार्य क्षेत्र: टीमवर्क से लाभ।
शिक्षा: उच्च अध्ययन हेतु अनुकूल दिन।
कला/संगीत: मन को सुकून देने वाले अवसर।
राजनीति: योजनाएँ सफल होंगी।
प्रशासन: नये प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ संभव।
आर्थिक स्थिति: स्थिर आय, खर्च संयमित।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7
देव पूजा: विष्णु जी का स्मरण लाभकारी।
⚖️ तुला (Libra – R, T)
कार्य क्षेत्र: बड़ा निर्णय सफल होगा।
शिक्षा: विदेश या प्रतियोगी परीक्षा में सफलता।
कला/संगीत: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत।
राजनीति: लोकप्रियता में वृद्धि।
प्रशासन: पदोन्नति या प्रशंसा संभव।
आर्थिक स्थिति: लाभकारी सौदे।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 3
देव पूजा: मां दुर्गा की पूजा शुभ फल देगी।
🦂 वृश्चिक (Scorpio – N, Y)
कार्य क्षेत्र: मेहनत का फल मिलेगा।
शिक्षा: ध्यान केंद्रित रखें।
कला/संगीत: रचनात्मक सोच बढ़ेगी।
राजनीति: संयम से कार्य करें।
प्रशासन: अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: अप्रत्याशित लाभ संभव।
शुभ रंग: मरून
शुभ अंक: 8
देव पूजा: भगवान शिव की उपासना शुभ।
🏹 धनु (Sagittarius – BH, DH, P)
कार्य क्षेत्र: नेटवर्किंग से सफलता।
शिक्षा: रिसर्च और उच्च अध्ययन के लिए उत्तम दिन।
कला/संगीत: यात्रा व नए अवसर लाभ देंगे।
राजनीति: नए संपर्कों से फायदा।
प्रशासन: पदस्थापन में परिवर्तन संभव।
आर्थिक स्थिति: आय में वृद्धि।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 4
देव पूजा: विष्णु भगवान का ध्यान करें।
🐐 मकर (Capricorn – KH, J)
कार्य क्षेत्र: तरक्की के संकेत।
शिक्षा: कैरियर में दिशा मिलेगी।
कला/संगीत: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
राजनीति: सफलता के योग।
प्रशासन: वरिष्ठों का मार्गदर्शन लाभकारी।
आर्थिक स्थिति: लाभ की संभावना।
शुभ रंग: धूसर
शुभ अंक: 8
देव पूजा: शनिदेव की आराधना करें।
🏺 कुंभ (Aquarius – G, S, SH)
कार्य क्षेत्र: विदेश संबंधी कार्यों में सफलता।
शिक्षा: परीक्षा में शुभ परिणाम।
कला/संगीत: प्रयोगात्मक कार्यों में सफलता।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा।
प्रशासन: प्रशंसा प्राप्त होगी।
आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 11
देव पूजा: भगवान विष्णु या गणेश जी की आराधना शुभ।
🐟 मीन (Pisces – D, CH, Z)
कार्य क्षेत्र: सकारात्मक दिन, नए अवसर मिलेंगे।
शिक्षा: अध्ययन में रुचि बढ़ेगी।
कला/संगीत: भावनात्मक अभिव्यक्ति से सम्मान।
राजनीति: जनहित के कार्य सफल होंगे।
प्रशासन: कार्य में संतुलन।
आर्थिक स्थिति: लाभ के संकेत।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 5
देव पूजा: विष्णु जी या श्रीकृष्ण की आराधना।
🪔 डिस्क्लेमर: यह राशिफल पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय की वैदिक गणनाओं पर आधारित है। “राष्ट्र की परम्परा” इस ज्योतिषीय भविष्यवाणी का प्रमाण नहीं करता। अपनी जन्मकुंडली संबंधी निर्णय हेतु किसी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

बुधाष्टमी व्रत पर मंगलकारी दिन, जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहु काल और यात्रा की दिशा

🌞 29 अक्टूबर 2025 का पंचांग

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमी/अष्टमी, विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
आज का दिन बुधाष्टमी व्रत के साथ अनेक शुभ योगों से युक्त रहेगा। सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मकर राशि में संचार करेगा। यह दिन कार्य-सिद्धि और परिवारिक मंगल के लिए विशेष माना गया है।
🪔 तिथि, नक्षत्र, योग और करण
तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी (09:23 AM तक), उसके बाद अष्टमी
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा (05:29 PM तक), फिर श्रवण
योग: धृति (07:50 AM तक), उसके बाद शूल योग
करण: वणिज (09:23 AM तक), विष्टि (09:50 PM तक), फिर बव
📿 आज का व्रत: बुधाष्टमी व्रत — बुध ग्रह की कृपा और आरोग्य प्राप्ति के लिए शुभ।
🌅 सूर्य, चंद्र और काल विवरण
सूर्योदय: 6:34 AM
सूर्यास्त: 5:46 PM
चंद्रोदय: 12:58 PM
चंद्रास्त: 11:58 PM
अयन: दक्षिणायन
द्रिक ऋतु: हेमंत
🪶 अशुभ काल
राहुकाल: 12:10 PM – 1:34 PM
यमगंड: 7:58 AM – 9:22 AM
कुलिक: 10:46 AM – 12:10 PM
दुर्मुहूर्त: 11:48 AM – 12:32 PM
वर्ज्यम्: 09:40 PM – 11:20 PM
🌺 शुभ मुहूर्त
अमृत काल: 10:37 AM – 12:20 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:58 AM – 05:46 AM
अभिजीत मुहूर्त: आज उपलब्ध नहीं

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💫 आज का योगफल
🔸 त्रिपुष्कर योग: 28 अक्टूबर 03:45 PM से 29 अक्टूबर 06:34 AM तक
— इस काल में किया गया कार्य बार-बार सफलता देता है।
🔸 चंद्रबल: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशि वालों के लिए दिन विशेष अनुकूल।
🔸 ताराबल: भरणी, रोहिणी, मृगशीर्षा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्व फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वभाद्रपदा, रेवती नक्षत्र वालों के लिए शुभ।
🧭 आज की यात्रा दिशा एवं उपाय
शुभ यात्रा दिशा: उत्तर एवं पूर्व दिशा में यात्रा शुभ रहेगी।
अशुभ दिशा: दक्षिण दिशा की यात्रा टालें या कार्य-सिद्धि हेतु कोई उपाय करें।
यात्रा से पहले क्या खाएँ:
👉 घर से गुड़ या मिश्री खाकर निकले — मंगलकारी परिणाम मिलेंगे।
👉 दर्पण में अपना मुख देखकर या गाय को रोटी खिलाकर प्रस्थान करने से यात्रा सफल होगी।
🌿 आज क्या करें जिससे बिगड़े काम बनें
सुबह सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र से 11 बार जप करें।
भगवान विष्णु को तुलसीदल अर्पित करें — रुके कार्यों में गति मिलेगी।
यदि व्यापार में बाधा हो तो हरे वस्त्र धारण करें और बुध ग्रह के बीज मंत्र “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” का 108 बार जप करें।
🌕 दिन का चौघड़िया (दिवस काल) काल समय परिणाम
लाभ 06:34 AM – 07:58 AM शुभ कार्य के लिए अनुकूल
अमृत 07:58 AM – 09:22 AM अत्यंत शुभ
काल 09:22 AM – 10:46 AM अशुभ
शुभ 10:46 AM – 12:10 PM मांगलिक कार्य हेतु उत्तम
रोग 12:10 PM – 01:34 PM स्वास्थ्य के लिए सावधानी
उद्बेग 01:34 PM – 02:58 PM चिंता व विलंब योग
चर 02:58 PM – 04:22 PM यात्रा शुभ
लाभ 04:22 PM – 05:46 PM लाभदायक कार्यों हेतु उचित
🌙 रात्रि चौघड़िया काल समय परिणाम
उद्बेग 05:46 PM – 07:22 PM अशुभ
शुभ 07:22 PM – 08:58 PM अनुकूल
अमृत 08:58 PM – 10:34 PM अत्यंत शुभ
चर 10:34 PM – 12:10 AM यात्रा व परिवर्तन हेतु
रोग 12:10 AM – 01:46 AM स्वास्थ्य सावधानी
काल 01:46 AM – 03:22 AM अशुभ
लाभ 03:22 AM – 04:58 AM धन लाभ संकेत
उद्बेग 04:58 AM – 06:34 AM अस्थिरता योग
🌸 आज का संदेश
“बुधवार के दिन हरी वस्त्र, हरियाली और हरित संकल्प आपके जीवन में सौभाग्य के बीज बोते हैं। बुद्धि और वाणी पर नियंत्रण रखें, हर शब्द आपका भाग्य बदल सकता है।”