Friday, July 3, 2026
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शिक्षा का नया सवेरा: इक कलम, एक कदम और काँपता हुआ भविष्य

जब पाठ्यपुस्तक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि उम्मीद भी दे — स्कूलों, अध्यापकों और समाज के साझा ज़िम्मेदारी का सशक्त पाठ।

आज की शिक्षा सिर्फ किताबी तथ्यों का संग्रह नहीं रह गई — यह बच्चे के आत्मविश्वास, सोचने की क्षमता और उसके ज़िंदगी के नक्शे का निर्माण है। अगर हम चाहते हैं कि देश की बूँद-बूँद प्रगति में बदले, तो शिक्षा को सिर्फ परीक्षा-उत्पादन का यंत्र समझना बंद करना होगा। एक ऐसे समग्र शिक्षा मॉडल की ज़रूरत है जो पाठ्यक्रम के साथ चरित्र, सृजनात्मकता और समस्या-समाधान को भी परखता हो।

पहला कदम—दस्तावेज़ी पाठ्यचर्या से भरोसा भरा संवाद:
विद्यालय का दरवाज़ा केवल पढ़ाने का नहीं, समझने का भी होना चाहिए। शिक्षकों को प्रतियोगिता-आधारित रटने के बजाय प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और असफलताओं से सीखने का माहौल बनाना होगा। छोटी कक्षाओं में विचार-मंच, प्रोजेक्ट-आधारित पाठ और स्थानीय समस्याओं पर कार्य छात्रों को जमीनी समझ देते हैं — यही वह शिक्षा है जो जीवनसाथी बनती है, सिर्फ नौकरी का टिकट नहीं।

दूसरा कदम—सहितता और संसाधनों की पहुँच:
शिक्षा तभी समाज में असर छोड़ती है जब वह सबके लिए उपलब्ध हो—लैंगिक भेदभाव, क्षेत्रीय भिन्नता और आर्थिक बाधाओं को तोड़ना होगा। डिजिटल कक्षाएं सहायता कर सकती हैं, पर इंटरनेट और डिवाइस की पहुँच पर काम करना समान रूप से ज़रूरी है। साथ ही, स्कूलों में मूलभूत सुविधाएँ — पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्वच्छता और सुरक्षित परिवहन — हर छात्र का मौलिक अधिकार होना चाहिए।

तीसरा कदम—माता-पिता और समुदाय की भागीदारी:
शिक्षा केवल विद्यालय का काम नहीं; घर और समाज भी इसे पोषण दें। माता-पिता के छोटे-छोटे सवाल, पढ़ाई के लिए समय देने की आदत, और बच्चों के प्रयासों की सराहना गढ़न का काम करते हैं। स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी स्कूलों को व्यवहारिक परियोजनाओं और स्वरोजगार-मॉड्यूल से जोड़ सकती है।

पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी : राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा और भारतीय जनचेतना के प्रेरक शिल्पी

जन्मदिन पर विशेष: नवनीत मिश्र

भारतीय राजनीति में जब भी वैचारिक दृढ़ता, संगठनात्मक कौशल और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले नेतृत्व की चर्चा होती है, तो लाल कृष्ण आडवाणी का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। स्वतंत्रता के उपरांत भारत की राजनीतिक धारा को नई दिशा देने वाले नेताओं में आडवाणी का योगदान अद्वितीय माना जाता है। सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले, संवाद और लोकतंत्र में गहरी आस्था रखने वाले तथा राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण को जीवन का लक्ष्य बनाने वाले आडवाणी का जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत तिथि नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के एक प्रेरक अध्याय को याद करने का अवसर है। उनके जीवन का हर चरण, संघ से सक्रिय जुड़ाव, जनसंघ और भाजपा का निर्माण, आपातकाल का संघर्ष, रथ यात्रा का जन-जागरण और उप प्रधान मंत्री के रूप में सुदृढ़ प्रशासन,, राष्ट्रीय राजनीति में स्थायी छाप छोड़ता है।
भारतीय राजनीति के छह दशकों से अधिक के व्यापक इतिहास में लाल कृष्ण आडवाणी एक ऐसे पुरुषार्थी नेता के रूप में स्थापित हैं जिन्होंने संगठन, विचार और जनभावनाओं को एक सूत्र में पिरोकर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी। कराची में 1927 में जन्मे आडवाणी विभाजन की त्रासदी और विस्थापन के अनुभवों से गुज़रे, परंतु इस पीड़ा ने उन्हें विचलित नहीं किया; बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और आत्मबल को और दृढ़ बनाया। भारत आने के बाद उनका जीवन राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक चेतना के उत्थान का संकल्प बन गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सक्रिय जुड़ाव ने उनकी सोच में अनुशासन, राष्ट्रभावना और सामाजिक समरसता के वे मूल्यों को स्थापित किया, जो उनकी संपूर्ण राजनीतिक यात्रा की आधारशिला बने।
जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में अग्रणी आडवाणी ने पार्टी को वैचारिक आधार, संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक विश्वसनीयता प्रदान की। आपातकाल के दौरान उनकी प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि वे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी जोखिम से पीछे नहीं हटे। 1977 के बाद भारतीय राजनीति ने जिस नये युग में कदम रखा, उसमें आडवाणी ने विचारधारा को जनआंदोलन से जोड़ने की नीति पर सर्वाधिक जोर दिया।
उनके दीर्घ राजनीतिक कृतित्व का सबसे ऐतिहासिक और प्रभावशाली अध्याय 1990 की सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा है। यह यात्रा भारतीय राजनीति में केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना के जागरण का एक विराट जनांदोलन बन गई। 25 सितंबर 1990 को सोमनाथ से आरंभ हुई यह रथयात्रा हजारों किलोमीटर का मार्ग तय करते हुए अयोध्या की ओर बढ़ी। ‘राम’ और ‘राष्ट्र’ के भाव को केंद्र में रखकर शुरू हुई इस यात्रा ने जनमानस में अद्भुत ऊर्जा भर दी। लाखों लोग इस यात्रा से जुड़े और यह एक व्यापक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर उभरी। इस यात्रा ने न केवल भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन प्रदान किया, बल्कि भारतीय राजनीति के विमर्श को भी नए आयाम दिए। आडवाणी का यह अभियान उनके नेतृत्व कौशल, आयोजन क्षमता और जनभावनाओं को समझने की अद्वितीय क्षमता का प्रमाण माना जाता है।
भारत के पूर्व उप प्रधान मंत्री के रूप में आडवाणी ने शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, सुरक्षा और सुशासन की अवधारणाओं को सुदृढ़ किया। आंतरिक सुरक्षा पर उनकी दृष्टि और प्रशासनिक फैसलों में उनकी स्पष्टता ने उन्हें एक प्रभावशाली प्रशासक के रूप में पहचान दिलाई। वे उन नेताओं में रहे जिन्होंने सत्ता में रहते हुए भी सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा और लोकतंत्र की मर्यादा से कभी समझौता नहीं किया। असहमति को वे लोकतांत्रिक शक्ति मानते थे और संवाद को समाधान का सबसे प्रभावी साधन समझते थे।
व्यक्तित्व के स्तर पर आडवाणी सरल, स्पष्ट और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। साहित्य, इतिहास और समसामयिक विचारों के प्रति उनकी रुचि उन्हें एक विचारक नेता का रूप देती है। संगठन को स्वयं से बड़ा मानने की उनकी राजनीतिक संस्कृति भारतीय राजनीति को एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—कि नेतृत्व केवल पद नहीं, बल्कि कर्तव्य और विश्वास का नाम है।
लाल कृष्ण आडवाणी का कृतित्व इस बात का सशक्त प्रमाण है कि राष्ट्रनिर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि चरित्र, दृष्टि और दृढ़ प्रतिबद्धता से होता है। संघर्ष, विचार, संगठन, आंदोलन और सुशासनl इन सभी आयामों में उनकी भूमिका भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाली रही है। आडवाणी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणा है कि सिद्धांतों पर आधारित राजनीति सदैव स्थायी, सम्मानित और राष्ट्रहितकारी होती है।

भारत के चैंपियन बनने के बाद ICC का बड़ा फैसला, अब महिला वर्ल्ड कप का फॉर्मेट होगा और रोमांचक

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत के ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला लिया है। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम ने महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व कप अपने नाम किया था। फाइनल के सिर्फ एक हफ्ते बाद ICC ने टूर्नामेंट के फॉर्मेट में बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है।

अब महिला वर्ल्ड कप में होंगी 10 टीमें

ICC की शुक्रवार को हुई बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि अब महिला वनडे वर्ल्ड कप में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि 2025 में केवल 8 टीमें थीं।
ICC ने प्रेस रिलीज में कहा,

“भारत और श्रीलंका में हुए वर्ल्ड कप की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट को लेकर दर्शकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। अगले संस्करण को और बड़ा और बेहतर बनाने के लिए टूर्नामेंट को 10 टीमों तक विस्तारित किया गया है।”

दर्शकों ने बनाया रिकॉर्ड

2025 वर्ल्ड कप ने व्यूअरशिप और स्टेडियम अटेंडेंस दोनों में नया इतिहास रचा।
करीब 3 लाख दर्शक मैचों को स्टेडियम से देखने पहुंचे — जो किसी भी महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी जियोहॉटस्टार पर फाइनल को 18.5 करोड़ लोगों ने देखा, जो पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2024 के व्यूअरशिप के बराबर है।
पूरे टूर्नामेंट को कुल 44.6 करोड़ लोगों ने देखा और फाइनल को 2.1 करोड़ दर्शकों ने लाइव देखा।

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अगले संस्करण में और बदलाव संभव

अगला महिला वनडे वर्ल्ड कप 2029 में खेला जाएगा। हालांकि, इसके मेज़बान देश का एलान अभी नहीं हुआ है।
ICC सूत्रों के अनुसार, टीमों की संख्या बढ़ने के साथ फॉर्मेट में भी बदलाव संभव है।
2025 वर्ल्ड कप राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में हुआ था, जहां हर टीम ने अन्य 7 टीमों से मुकाबला किया था और शीर्ष 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं।

भारत की ऐतिहासिक जीत

भारतीय महिला टीम ने इस बार कमाल का प्रदर्शन किया।
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई और खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में यह जीत महिला क्रिकेट के लिए नया स्वर्णिम अध्याय बन गई है।

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बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका अविभाज्य: पुष्पा चतुर्वेदी

कंगारू किड्स प्री-प्राइमरी एवं ब्लूमिंग बड्स स्कूल में शिक्षक–अभिभावक सम्मेलन सम्पन्न

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित कंगारू किड्स प्री-प्राइमरी स्कूल एवं ब्लूमिंग बड्स स्कूल, ब्रांच में अर्धवार्षिक परीक्षा के उपरांत शिक्षक–अभिभावक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग करते हुए अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार तथा समग्र विकास पर शिक्षकों के साथ विस्तृत चर्चा की।
सम्मेलन की शुरुआत विद्यालय की प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद कक्षा-वार निर्धारित स्थानों पर अभिभावकों एवं शिक्षकों ने बच्चों की प्रगति पर संवाद किया तथा रिपोर्ट कार्ड प्राप्त अभिभावकों की सुविधा हेतु विद्यालय परिसर में हेल्प काउंटर एवं जलपान व्यवस्था की गई थी। जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को प्रबंध निदेशिका पुष्पा चतुर्वेदी, प्रधानाचार्या वसुंधरा मिश्रा, कंगारू किड्स कोऑर्डिनेटर रिया मेहता एवं एग्जीक्यूटिव हेड दिनेश चंद्र पांडे द्वारा शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रबंध निदेशक पुष्पा चतुर्वेदी ने सम्मेलन में उपस्थित अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका अविभाज्य है। जब दोनों मिलकर कार्य करते हैं, तभी बच्चे अपने भविष्य की दिशा मजबूत करते हैं।
प्रधानाचार्या वसुंधरा मिश्रा ने अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल, माता-पिता और शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से छात्रों के उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।

इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य अनूप विश्वकर्मा, रितेश त्रिपाठी, अवधेश यादव, सीता मल्ल, इंद्रेश यादव, नागेंद्र सिंह, नेहा राय, पारुल गुप्ता सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

बिस्तर पर लेटे-लेटे देखते हैं रील्स? शरीर को बना रहे हैं बीमारियों का घर, जानें पूरी रिपोर्ट

Digital Lifestyle Health Report: अगर आप भी रात में बिस्तर पर लेटकर रील्स देखने की आदत रखते हैं, तो सावधान हो जाइए। डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत आपके शरीर को अंदर से बीमार बना रही है। लेटकर मोबाइल स्क्रॉल करना न सिर्फ गर्दन और आंखों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है।

गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर बढ़ता दबाव

बिस्तर पर लेटे-लेटे मोबाइल देखने से गर्दन और कंधे का एंगल गलत हो जाता है। इससे Text Neck Syndrome जैसी समस्या शुरू हो सकती है।
अमेरिकन ऑस्टियोपैथिक एसोसिएशन के अनुसार, झुककर फोन देखने पर गर्दन की हड्डियों पर 27 किलोग्राम तक दबाव पड़ता है। यही वजह है कि आजकल युवा वर्ग में कंधे और पीठ दर्द आम हो गया है।

नींद की क्वालिटी पर सीधा असर

सोने से पहले रील्स देखना आपकी नींद को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।
मोबाइल की ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को दबा देती है, जो नींद के लिए जरूरी होता है।
JAMA Network Open की एक स्टडी (2023) के अनुसार, जो लोग सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इनसोम्निया और अनिद्रा जैसी समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है।

आंखों की सेहत पर खतरा

National Eye Institute (US) के अनुसार, मोबाइल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है।
इससे आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं होती हैं।
जो लोग अंधेरे कमरे में रील्स देखते हैं, उनमें डिजिटल आई स्ट्रेन और भी तेजी से बढ़ता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है असर

रील्स देखने से दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है, जो थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस करवाता है।
लेकिन लगातार ऐसा करने से दिमाग को इसकी लत लग जाती है।
CDC (Centers for Disease Control and Prevention) की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से एंग्जायटी, डिप्रेशन और ध्यान की कमी (Lack of Focus) जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

इन टिप्स से करें बचाव

  1. मोबाइल स्क्रीन टाइम को दिन में 1 घंटे से कम रखें।
    सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद करें।
  2. लेटकर नहीं, बैठकर मोबाइल देखें।
  3. हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें।
  4. योग, मेडिटेशन और स्ट्रेचिंग को डेली रूटीन में शामिल करें।

Disclaimer: यह लेख शोध अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

मौसम अपडेट: ठंड की दस्तक, धुंधभरी सुबह और हल्की धूप के साथ दिन रहेगा सुहावना

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के ज्यादातर इलाकों में सुबह के समय हल्की धुंध और ठंड का अहसास बढ़ गया है। वहीं दिन में हल्की धूप निकलने से मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं और कोहरे का असर बढ़ने की संभावना है।

आज का मौसम

मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, सुबह का न्यूनतम तापमान 14°C तक दर्ज किया गया, जबकि दोपहर में अधिकतम तापमान 28°C तक पहुंचने की संभावना है।
दिनभर आसमान साफ रहेगा, लेकिन हल्की धुंध के कारण दृश्यता पर थोड़ा असर पड़ सकता है। शाम के समय तापमान में गिरावट दर्ज होगी और ठंडक महसूस होगी।

हवा और दृश्यता

राज्य के कुछ पूर्वी और मध्य जिलों — जैसे वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज — में सुबह-सुबह हल्की फॉग और हेज़ी कंडीशन देखने को मिल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवा की गति सामान्य रहेगी, जिससे ठंडक का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ेगा।

लोगों के लिए सुझाव

सुबह या देर रात यात्रा करने से पहले कोहरे के कारण दृश्यता पर ध्यान दें।

बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए हल्के गर्म कपड़े पहनाएं।

दिन में हल्की धूप का आनंद लें, विटामिन-D के लिए यह समय उपयोगी रहेगा।

उत्तर प्रदेश में अब सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है। सुबह की ठंडी हवाएं और धुंधभरा मौसम, दिन की हल्की धूप और शाम की ठंडक इस बदलाव का साफ संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में रात के तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।

शंखनाद संग ‘मीट एट आगरा’ का भव्य शुभारंभ — यूपी में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने का संकल्प

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। शंख ध्वनि और पारंपरिक घंटे की गूंज के साथ शुक्रवार को आगरा ट्रेड सेंटर में सत्रहवें ‘मीट एट आगरा’ फुटवियर मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने इस आयोजन को ‘इंडस्ट्री का पावर बूस्टर’ बताते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए “एकल खिड़की अधिनियम” लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिससे सभी औद्योगिक समस्याओं का समाधान एक ही मंच पर हो सकेगा।

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मंत्री नंदी ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में सात नए एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन हैं, जिससे निवेश और व्यापार को नई उड़ान मिलेगी। इसके साथ ही, जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन भी निकट भविष्य में होने वाला है।

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कार्यक्रम में एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, चर्म निर्यात परिषद अध्यक्ष राजेंद्र जालान, और केंद्रीय फुटवियर परिषद चेयरमैन पूरन डावर सहित उद्योग जगत के कई दिग्गज मौजूद रहे। पूरन डावर ने टीटीजेड क्षेत्र के उद्योगों के लिए सरकार से प्रभावी पैरवी की मांग की, वहीं जालान ने बताया कि भारत का फुटवियर उद्योग अब वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।

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पहले ही दिन 5,200 से अधिक विजिटर्स की उपस्थिति ने आयोजन की सफलता का संदेश दिया। प्रदर्शनी में युवा उद्यमियों और व्यापारियों ने नवीनतम डिज़ाइनों और तकनीक में गहरी रुचि दिखाई। आयोजन के दूसरे दिन फैक्टरिंग, बैंकिंग और भविष्य निधि जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जो MSME उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा।

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‘मीट एट आगरा’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि आगरा की औद्योगिक आत्मा का उत्सव बनकर उभरा है — जहाँ परंपरा और प्रगति का संगम उद्योग जगत की नई दिशा तय कर रहा है।

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टीडी कॉलेज में युवा उत्सव में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा की चमक

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग बलिया के तत्वावधान में टी.डी. कॉलेज के मनोरंजन हाल में एकदिवसीय “युवा उत्सव कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया।
इस अवसर पर जिला युवा कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार तथा उपनिदेशक (माय भारत) कपिल देव ने मुख्य अतिथि का स्वागत बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत सनबीम स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्य अतिथि मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “आज का युवा ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्य कड़ी है। प्रधानमंत्री के सपनों के भारत को साकार करने में युवाओं का, विशेषकर बालिकाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने विज्ञान मेले का निरीक्षण करते हुए प्रतिभागी छात्रों से उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली तथा कविता, कहानी लेखन और पेंटिंग प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में कविता लेखन, कहानी लेखन, पेंटिंग, भाषण, लोकगीत (समूह), लोकनृत्य (समूह) एवं विज्ञान मेला की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं कॉलेजों के 200 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया।

विजेताओं के परिणाम इस प्रकार रहे —
भाषण में मोनिका गुप्ता, कहानी लेखन में दीप्ति सिंह, कविता लेखन में आशीष वर्मा, पेंटिंग में रिया सरोज, विज्ञान मेला में जी.जी.आई.सी. बलिया टीम, लोकनृत्य (समूह) में सतीश चन्द्र कॉलेज टीम तथा लोकगीत (समूह) में सूरज सिंह एवं उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकगण, अधिकारी, छात्र-छात्राएँ एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : विश्वविद्यालय परिसर गूंज उठा राष्ट्रभक्ति के स्वर से

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आज राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन गोरखपुर पुस्तक महोत्सव के पंडाल में उत्साह, उमंग और देशभक्ति के वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन ललित कला एवं संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने किया। जैसे ही उनके सुरों में वंदे मातरम् का सामूहिक स्वर गूंजा, पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से अनुप्राणित हो उठा। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. उषा सिंह, प्रो. दिव्य रानी सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरा वातावरण “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंजता रहा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, एकता और आत्मगौरव का प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ा और राष्ट्रप्रेम की भावना को नई ऊंचाई प्रदान की।
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार वर्ष 2025 में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। माना जाता है कि बंकिम चन्द्र चटर्जी ने इस गीत की रचना अक्षय नवमी, 07 नवम्बर 1875 को की थी। इसकी पहली प्रस्तुति साहित्यिक पत्रिका बंग दर्शन में उनके उपन्यास आनन्दमठ के अंतर्गत हुई, और 1882 में यह स्वतंत्र पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ।


इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए संस्कृति मंत्रालय ने पूरे देश में 07 नवम्बर 2025 से 07 नवम्बर 2026 तक “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” समारोह चार चरणों में मनाने की घोषणा की है। इसका प्रथम चरण 07 से 14 नवम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा, दिए निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री, मत्स्य विभाग डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा संपन्न हुई। बैठक में पूर्व सांसद प्रवीण कुमार निषाद, जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने जनपद की ग्राम सभाओं के तालाबों के मत्स्य पालन हेतु पट्टा वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्रता मानकों को पूरा करने वाले आवेदकों को ही नियमानुसार पट्टा दिया जाए। मत्स्य अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद के कुल 2417 तालाबों में से 1533 तालाबों का पट्टा नियमानुसार वितरित किया जा चुका है। इस पर मंत्री ने कहा कि विधवा महिलाओं, अनुसूचित जाति तथा प्रशिक्षित मत्स्य पालकों को प्राथमिकता के आधार पर पट्टा दिया जाए तथा उनका बीमा भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वर्ष 2025-26 में विभागीय मत्स्य प्रक्षेत्रों से स्पान से फ्राई मत्स्य बीज उत्पादन, व्यय एवं आय की स्थिति, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु ऐयरेशन सिस्टम की स्थापना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं में चयनित लाभार्थियों की प्रगति एवं जनपद में नए तालाबों के निर्माण संबंधी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में उप निदेशक मत्स्य विभाग बस्ती मंडल महेश चौहान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर प्रसाद, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक भूपेंद्र कुमार, संदीप कुमार, मत्स्य निरीक्षक शशि प्रकाश, वरिष्ठ सहायक मुस्ताक अहमद, कनिष्ठ सहायक विश्वजीत, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम में ‘‘वंदेमातरम‘‘ गायन रहा आकर्षण का केन्द्र

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग द्वारा महिला पीजी कॉलेज में आयोजित एक दिवसीय युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एम.एल.सी. डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी की उपस्थिति में ‘‘वंदेमातरम‘‘ सामूहिक गायन किया गया। ‘‘वंदेमातरम‘‘ गायन के मनमोहक प्रदर्शन ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इस अवसर राष्ट्रीय एकता एवं स्वतंत्रता संग्राम में ‘‘वंदेमातरम‘‘ के योगदान पर एक प्रेरणादायक चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जिला युवा कल्याण अधिकारी सुश्री प्राची पंवार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी विकास वर्मा जरवल, देवेश शुक्ला चित्तौरा, अजय गुप्ता बलहा, शैलेश मिश्रा मिहींपुरवा, आलोक सिंह, अखिलेश चौधरी व विनम्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

बिना लाइसेंस बीज का व्यापार करने वालों के विरूद्ध दर्ज होगी एफआईआर: कृषि अधिकारी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। रबी बुआई हेतु बीज वितरण कार्य के दृष्टिगत जनपद के कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिला कृषि अधिकारी डाॅ सूबेदार यादव द्वारा बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि अपने प्रतिष्ठानों पर डिस्प्ले बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टाक बोर्ड को प्रदर्शित करने के साथ-साथ बिक्री एवं स्टाक रजिस्टर, कैशमेमो व अन्य वांछित अभिलेख पूर्ण रखें तथा बीज क्रय करने वाले कृषकों को पक्की रसीद अवश्य उपलब्ध करायें। रसीद पर कृषक का नाम एवं पता, खसरा संख्या, रकबा के साथ बीज आपूर्ति करने वाली संस्था का नाम, बोरी का टैग संख्या तथा लाट संख्या का उल्लेख भी अनिवार्य रूप किया जाय।बीज विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि उसी फर्म एवं कम्पनी से स्टाक का क्रय करें जो फर्म कृषि निदेशालय उ.प्र. से पंजीकृत एवं अधिकृत हो तथा उस फर्म का बीज बिकी प्राधिकार पत्र संख्या बिल में अवश्य अंकित करायें अन्यथा की दशा में निरीक्षण के समय समस्त बीज सीज कर दिया जायेगा। सभी बीज विकेताओं को अपने प्रतिष्ठान से बिकी किये जा रहें बीजो का पूर्ण विवरण भी सुरक्षित रखना होगा जिसमें बीज प्राप्ति का स्रोत, बिल एवं कैशमेमो संख्या व दिनांक का पूर्ण विवरण अंकित हो। डाॅ. यादव ने बताया कि रिसर्च वैरायटी, जो अधिसूचित नही है अपितु अनुसंधान के अन्तर्गत है, की बिकी प्रतिबन्धित रहेगी।
जनपद के बीज विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) में दर्ज स्थान पर ही स्टाक का भण्डारण किया जाये। अन्यथा स्टाक का भण्डारण अवैध माना जायेगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यापारी बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्राप्त किये बीज का व्यवसाय करते पाया जायेगा तो सम्बन्धित व्यापारी के विरुद्ध बीज अधिनियम 1966, बीज नियंत्रण आदेश 1983 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्राविधानों के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी जायेगी। बीज विक्रेताओं को सुझाव दिया गया है कि प्रत्येक माह में बीज प्राप्ति एवं वितरण व अवशेष की सूचना अगले माह की पांच तारीख तक कार्यालय में उपलब्ध कराना सनिश्चित करें।

आईपीएस बनकर युवती से की शादी, फिर खुली पोल, आरोपी गिरफ्तार

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l प्रेम और विश्वास के रिश्ते को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताकर एक युवती से धोखाधड़ीपूर्वक विवाह कर लिया। जब पत्नी को सच्चाई का पता चला, तो उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
फर्जी पहचान से की शादी
वादिनी अनुष्का, पुत्री बनिया प्रसाद, निवासी गोपालगंज (बिहार) ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि अभियुक्त सुधीर कुमार राम, पुत्र बिरेन्द्र कुमार राम, निवासी ग्राम हृदयपुर, थाना दोकटी (बलिया), ने कूट रचित पहचान पत्र बनवाकर खुद को आईपीएस अधिकारी बताया और उससे विवाह किया। सच्चाई सामने आने पर जब उसने विरोध किया तो अभियुक्त और उसके परिजनों ने उसे गालियाँ दीं, जान से मारने की धमकी दी और कानूनी कार्रवाई करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की चेतावनी दी। थानाध्यक्ष ने दिखाई तत्परता, आरोपी गिरफ्तार प्रार्थना पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष दोकटी अनुपम जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 240/2025 धारा 319(2), 338, 336(3), 340(2), 352, 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया। उनि. रंजीत कुमार, हेड कांस्टेबल हरिओम सिंह और कांस्टेबल गिरिजेश कुमार की टीम गठित कर छापेमारी की गई। टीम ने शुक्रवार को बाजीदपुर ढाला से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी दस्तावेज बरामद तलाशी में अभियुक्त के पास से एक जोड़ी खाकी वर्दी, टेरीकॉट कपड़ा, एक लेनयार्ड, दो सफेद धातु के स्टार, एक जोड़ी सफेद अशोक स्तंभ, एक फर्जी आईडी कार्ड, एक आधार कार्ड और एक टैबलेट बरामद हुआ।
थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि अभियुक्त ने योजना बनाकर फर्जी पहचान तैयार की और युवती को भ्रमित कर शादी की, जो गंभीर अपराध है। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है तथा मामले की जांच जारी है।

अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई: आगरा में डीएम के निर्देश पर विशेष अभियान जारी

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देशन में आगरा जनपद में अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाया जा रहा 15 दिवसीय विशेष अभियान जारी है। यह अभियान 3 नवंबर से 18 नवंबर 2025 तक संचालित किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत गठित संयुक्त कार्यबल (टास्क फोर्स) द्वारा अब तक की गई कार्रवाई में 273 वाहनों की जांच की गई है, जिनमें से 26 वाहनों पर बिना वैध प्रपत्र या ओवरलोड परिवहन करने पर चालान की कार्रवाई की गई, जबकि 23 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा 85 वाहनों पर एचएसआरपी या टेम्परर्ड नंबर प्लेट न होने पर कार्रवाई की गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अवैध खनन और ओवरस्पीडिंग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा खनिज राजस्व में पारदर्शिता और वृद्धि सुनिश्चित करना है।

जनपद की सीमावर्ती तहसीलें — खेरागढ़, बाह, फतेहाबाद और किरावली में खनन, परिवहन, वन, पुलिस एवं राजस्व विभागों की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। सीमावर्ती मार्गों एवं संभावित अवैध परिवहन मार्गों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विशेष अभियान आगामी दिनों में भी उसी सख्ती और तत्परता के साथ जारी रहेगा।

🪔 “तृतीया से चतुर्थी तक शुभता का संगम: शनिदेव की कृपा का विशेष दिन”

🌞 08 नवम्बर 2025: शुभता और सौभाग्य से परिपूर्ण शनिवार का विस्तृत पंचांग

“शुभ दिशा में उठे हर कदम, मंगल से भर जाए दिन का हर क्षण।”

🕉️ आज का पंचांग – 08 नवम्बर 2025, शनिवार
तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया (07:32 AM तक), उपरांत चतुर्थी तिथि (04:25 AM तक)
नक्षत्र: मृगशीर्षा (10:02 PM तक), उसके बाद आद्रा
योग: शिव योग (06:31 PM तक), तत्पश्चात सिद्ध योग
करण: विष्टि (07:32 AM तक), तत्पश्चात बव (05:55 PM तक), फिर बालव (04:26 AM तक)
वार: शनिवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त संवत्सर)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
ऋतु: हेमंत
अयन: दक्षिणायन

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☀️ सूर्य व चंद्र संबंधित जानकारी
सूर्योदय: 6:40 AM
सूर्यास्त: 5:40 PM
चन्द्रोदय: 8:21 PM
चन्द्रास्त: 10:42 AM
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: 11:14 AM तक वृषभ, तत्पश्चात मिथुन
🔯 शुभ-अशुभ मुहूर्त
शुभ काल:
अभिजीत मुहूर्त: 11:48 AM – 12:32 PM
अमृत काल: 02:08 PM – 03:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 05:04 AM – 05:52 AM
अशुभ काल:
राहुकाल: 09:25 AM – 10:48 AM
यमगंड: 01:33 PM – 02:55 PM
कुलिक काल: 06:40 AM – 08:02 AM
दुर्मुहूर्त: 08:08 AM – 08:52 AM
वर्ज्य काल: 05:34 AM – 07:00 AM एवं 05:45 AM – 07:13 AM

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🪔 त्योहार और व्रत
सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत – सुहागिनों द्वारा अखंड सौभाग्य की कामना हेतु।
संकष्टी गणेश चतुर्थी (रात्रि) – विघ्नहर्ता गणपति की आराधना का विशेष दिन।
🧭 आज की यात्रा दिशा एवं शुभता
शुभ यात्रा दिशा: पश्चिम एवं उत्तर दिशा
अशुभ यात्रा दिशा: दक्षिण दिशा से परहेज करें
यात्रा से पहले क्या खाएं: दही-चीनी या गुड़ के साथ पानी ग्रहण करें — माना जाता है इससे यात्रा मंगलमय होती है।
यात्रा मंत्र:
“गणानां त्वा गणपतिं हवामहे…”
इस मंत्र का जाप कर यात्रा आरंभ करें, बाधाएं दूर होंगी और सफलता मिलेगी।

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🌼 आज का चंद्रबल
11:14 AM तक: वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन राशियों को चंद्रबल लाभकारी रहेगा।
उसके बाद: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु और मकर राशि वाले लाभान्वित रहेंगे।
🔱 क्या करें आज सफलता के लिए
सुबह स्नान के बाद शनि देव को तिल का तेल चढ़ाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें।
जरुरतमंद को काले वस्त्र या उड़द दान करें, कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होंगी।
घर से निकलते समय तुलसी या गुड़-धनिया ग्रहण करना शुभ रहेगा।
शाम के समय दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर जल अर्पित करें, इससे नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है।

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💫 आज के आनन्दादि योग
वज्र योग: 10:02 PM तक (साहस व परिश्रम से सफलता का योग)
मुद्गर योग: रात्रि उपरांत (बाधाओं के बावजूद उन्नति का संकेत)
🌿 आज का दिन कर्म प्रधान शनिवार है — शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर। जो भी व्यक्ति आज सच्चे मन से सेवा या दान करता है, उसके जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।
संतुलन, संयम और सत्य — ये तीन शब्द आज के दिन को सफल बनाएंगे।