Friday, July 3, 2026
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विद्यालयों में छात्रों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कराया जाएगा

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा देशभर में बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन (Mandatory Biometric Update – MBU) कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, UIDAI के निर्देश पर समस्त राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर अभिभावकों एवं संरक्षकों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पहल के तहत, बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से जनपद आगरा में भी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों में से ऐसे विद्यार्थियों की पहचान की जा रही है, जिनके आधार में बायोमेट्रिक अद्यतन आवश्यक है। इसके लिए UDISE+ पोर्टल पर “Active Students” डेटा के आधार पर समीक्षा की जा रही है।

UIDAI लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के दिशा-निर्देशानुसार, जनपद के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के छात्रों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। विशेष रूप से 05 से 07 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट आवश्यक है।

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जिला प्रशासन द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालयों को ऐसे छात्रों की पहचान कर उनके अभिभावकों को निकटतम आधार सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक अद्यतन कराने के लिए प्रेरित करें।

आधार सेवा केंद्रों की जानकारी UIDAI की वेबसाइट https://bhuvan-app3.nrsc.gov.in/aadhaar से प्राप्त की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का बायोमेट्रिक अद्यतन शीघ्रता से कराएं, ताकि विद्यार्थियों के आधार डेटा अद्यतन एवं सटीक रह सकें और भविष्य में सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं के लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

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राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण: जेएनसीयू बलिया में हुआ भव्य कार्यक्रम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) में शुक्रवार को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के प्रकाशन के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि यह अमर गीत पहली बार 7 नवम्बर 1875 को बंग दर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता सेनानियों को अपार प्रेरणा दी थी। इसी भावना को जीवंत रखने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया। इस अवसर पर परिसर में देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से वातावरण गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम में कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि “‘वंदे मातरम्’ में भारत माता के स्वरूप का सजीव चित्रण है। इसके भावों को अनुभव करने मात्र से ही हृदय में देशभक्ति की लहर दौड़ जाती है।”

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कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय कुमार चौबे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन चीफ प्रॉक्टर डॉ. प्रियंका सिंह ने दिया। इस अवसर पर कुलसचिव एस.एल. पाल, शैक्षणिक निदेशक डॉ. पुष्पा मिश्रा, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. प्रमोद शंकर पांडेय, डॉ. छबि लाल, डॉ. अनुराधा राय, डॉ. रंजनी चौबे, डॉ. प्रवीण नाथ यादव, डॉ. सरिता पांडेय, डॉ. रंजना मल्ल सहित अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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दिव्यांग पेंशन बढ़ाने सहित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील पर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय दिव्यांग एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में तहसील कार्यालय सलेमपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार गोपाल जी को सौंपा।

प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के हितों की अनदेखी कर रही है। चुनाव के दौरान दिव्यांग पेंशन बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि दिव्यांग पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह की जाए।

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राकेश सिंह ने आगे कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी दिव्यांगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। साथ ही उन्होंने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल करने की भी मांग की, जिससे आम जनता को परेशानी न उठानी पड़े।

ज्ञापन सौंपने वालों में राकेश सिंह, नसीम हासमी, उपेन्द्र कुमार, सुनील कुमार, प्रदीप, मूरत कुशवाहा, लक्ष्मण, योगेंद्र गोंड, नरसिंह चौहान, आनंद यादव, छेदी प्रसाद, भरत और परमानंद प्रसाद आदि शामिल रहे।

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8 नवंबर – इतिहास के आईने में वो दिन, जब दुनिया ने बदलाव के कई रंग देखे

भारत और विश्व के इतिहास में 8 नवंबर का दिन अनेक दृष्टियों से स्मरणीय रहा है। यह तिथि न केवल महत्वपूर्ण घटनाओं की साक्षी बनी, बल्कि इसने कई महान व्यक्तित्वों को जन्म लेते और विदा होते भी देखा। कुछ घटनाओं ने मानवता को झकझोरा, तो कुछ ने गर्व और प्रेरणा का अहसास कराया। आइए जानते हैं इस दिन की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं, जन्मदिनों और निधन के प्रसंगों के बारे में विस्तार से—
ऐतिहासिक घटनाएँ जिन्होंने इतिहास की दिशा मोड़ दी
1945 – हांगकांग में नौका दुर्घटना, मानव त्रासदी की गूंज
8 नवंबर 1945 को हांगकांग में एक भीषण नौका दुर्घटना में लगभग 1550 लोगों की जान चली गई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में लगे एशिया के लिए यह हादसा गहरे शोक का कारण बना।
1956 – संयुक्त राष्ट्र का साहसिक कदम
इस दिन संयुक्त राष्ट्र (संरा) ने तत्कालीन सोवियत संघ से हंगरी से अपनी सेना हटाने की अपील की। यह वह समय था जब हंगरी विद्रोह की ज्वाला में जल रहा था और दुनिया लोकतंत्र की परिभाषा को नए रूप में देख रही थी।
1957 – ब्रिटेन का परमाणु परीक्षण
ब्रिटेन ने इस दिन क्रिसमस द्वीप के समीप परमाणु परीक्षण कर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। यह घटना शीत युद्ध के दौर में हथियारों की होड़ की मिसाल बनी।
1967 – अमेरिका ने किया नेवादा में परमाणु परीक्षण
अमेरिका द्वारा नेवादा में किया गया परमाणु परीक्षण वैश्विक राजनीति में तनाव का कारण बना। यह वह दौर था जब विश्व ‘परमाणु युद्ध’ के भय में जी रहा था।
1988 – चीन में भूकंप, 900 मौतें
चीन में इस दिन आए विनाशकारी भूकंप ने सैकड़ों परिवारों को उजाड़ दिया। इस आपदा ने एक बार फिर मानव सभ्यता को प्रकृति की शक्ति का एहसास कराया।

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1992 – बर्लिन में नस्लवाद के खिलाफ मानवता की लहर
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में तीन लाख लोगों ने नस्लवाद के खिलाफ प्रदर्शन कर एकता और समानता का संदेश दिया। यह आंदोलन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना।
1998 – बांग्लादेश में न्याय की गूंज
शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या में दोषी पाए गए 15 लोगों को मृत्युदंड सुनाया गया। यह बांग्लादेश के न्यायिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण था जिसने लोकतंत्र में विश्वास को मजबूत किया।
1999 – द्रविड़ और तेंदुलकर का सुनहरा अध्याय
इस दिन भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों—राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर—ने 331 रनों की साझेदारी कर विश्व रिकॉर्ड कायम किया। यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट के गौरवशाली अध्यायों में दर्ज है।

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2000 – हिलेरी क्लिंटन का ऐतिहासिक विजय दिवस
अमेरिका के इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्रपति की पत्नी ने सीनेट चुनाव जीता। हिलेरी क्लिंटन की जीत ने महिला नेतृत्व को नई दिशा दी।
2008 – भारत का चांद पर पहला कदम
भारत का पहला मानव रहित मिशन चंद्रयान-1 इस दिन चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुँचा। यह देश के अंतरिक्ष अभियान के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
2013 – फिलीपींस में तूफान का कहर
हेनान प्रांत में आए विनाशकारी तूफान से छह हजार लोगों की मौत हो गई। यह आधुनिक इतिहास की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी।

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2016 – नोटबंदी: भारत की अर्थव्यवस्था में भूचाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया। विमुद्रीकरण का यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया, जिसने आम जनता से लेकर व्यापार जगत तक गहरा प्रभाव डाला।
8 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व


लालकृष्ण आडवाणी (1929)
भारतीय राजनीति के प्रमुख स्तंभ, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का जन्म इसी दिन हुआ। उन्होंने देश की राजनीति को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।

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सितारा देवी (1920)
कथक की महारानी कही जाने वाली सितारा देवी ने भारतीय नृत्य को विश्व मंच तक पहुँचाया। उनका जीवन भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक रहा।
ऊषा उत्थुप (1947)
अपनी विशिष्ट आवाज़ और मंचीय ऊर्जा से ऊषा उत्थुप ने भारतीय पॉप संगीत को नया आयाम दिया। उनकी गायकी में भारतीयता और आधुनिकता का अनूठा संगम दिखता है।
कमल रणदिवे (1917)
भारत की प्रख्यात महिला वैज्ञानिक, जिन्होंने कैंसर अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने भारतीय विज्ञान में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाया।

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अवनि लखेरा (2001)
भारतीय पैरा निशानेबाज़ अवनि लखेरा ने टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। उनका जीवन संघर्ष और दृढ़ निश्चय की प्रेरक मिसाल है।
रेवंत रेड्डी (1967)
तेलंगाना के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में रेवंत रेड्डी ने राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार किया। उनकी नेतृत्व क्षमता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

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पुरुषोत्तम लक्ष्मण देशपांडे (1919)
मराठी साहित्य के हास्य सम्राट कहे जाने वाले देशपांडे ने लेखन, अभिनय और संगीत में अपनी बहुमुखी प्रतिभा से अमिट छाप छोड़ी।
भूपेंद्र नाथ कृपाल (1937)
भारत के 31वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया।
अरविंद त्रिवेदी (1938)

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रामायण में रावण की भूमिका निभाकर घर-घर में प्रसिद्ध हुए अरविंद त्रिवेदी भारतीय टेलीविजन के स्वर्ण युग का प्रतीक बने।
8 नवंबर को हुए प्रमुख निधन


जहाँगीर (1627)
मुग़ल सम्राट जहाँगीर, जिनके शासनकाल में कला और स्थापत्य का नया युग प्रारंभ हुआ, इस दिन इतिहास के पन्नों में समा गए। उनका शासनकाल भारतीय संस्कृति की स्वर्णिम धरोहर माना जाता है।

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लोचन प्रसाद पाण्डेय (1959)
हिन्दी और उड़िया दोनों भाषाओं के प्रसिद्ध कवि पाण्डेय ने साहित्य को समृद्ध करने में अविस्मरणीय योगदान दिया।
बोमिरेड्डी नरसिम्हा रेड्डी (1977)
दक्षिण भारतीय सिनेमा के महान निर्देशक, जिन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयाँ दीं।
जौन एलिया (2002)
उर्दू शायरी के बेमिसाल शायर, जिनकी ग़ज़लों ने प्रेम, दर्द और अस्तित्व को अद्वितीय शब्दों में पिरोया। उनकी रचनाएँ आज भी आत्मा को झकझोर देती हैं।

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संचमान लिम्बू (2020)
सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री संचमान लिम्बू ने अपने कार्यकाल में राज्य के विकास के लिए कई ऐतिहासिक पहल कीं। उनका निधन एक युग की समाप्ति जैसा था।

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8 नवंबर का दिन इतिहास में अनेक रंगों से सजा हुआ है—जहाँ एक ओर यह वैज्ञानिक उपलब्धियों और राजनीतिक निर्णयों का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह कला, साहित्य और मानवता की मिसालें भी समेटे है। यह दिन हमें सिखाता है कि हर घटना, हर व्यक्ति इतिहास की रचना में अपनी भूमिका निभाता है — चाहे वह एक खोज हो, एक संघर्ष हो या एक प्रेरक जीवनकथा।

देवरिया में आयोजित पशु आरोग्य मेला में 324 पशुओं का हुआ उपचार, किसानों को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के विकासखंड बैतालपुर के ग्राम धतुरा खास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला का भव्य आयोजन किया गया। इस एकदिवसीय मेले का शुभारंभ भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा ने गोपूजन एवं फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय जी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों और पशुपालकों की भलाई के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर तहसील स्तर पर पशुओं की आकस्मिक चिकित्सा के लिए एम्बुलेंस सेवा (टोल फ्री नं. 1962) उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जल्द ही जनपद में पशु पाली क्लीनिक की स्थापना की जाएगी, जहां पशुओं की जांच और चिकित्सा की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिग्विजय यादव ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया। उन्होंने किसानों को पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। वहीं पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी ने पशुपालकों को पशुधन बीमा, पशु किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना जैसी योजनाओं की जानकारी दी।

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मेले में कुल 324 पशुओं का नि:शुल्क उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण एवं बांझपन चिकित्सा की गई। इस अवसर पर अरुण मिश्र, विकास मणि त्रिपाठी, सोनू सिंह, विजेंद्र सिंह चौहान एवं रामेश्वर तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन में पैरावेट सुनील कुमार, धर्मेंद्र यादव, अभिषेक मणि, चेतन मणि, नितेश मणि, सुभाष चंद्र और महेंद्र यादव ने सक्रिय सहयोग दिया।

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वंदे मातरम्” के 150 वर्ष : राजकीय बौद्ध संग्रहालय में छायाचित्र प्रदर्शनी एवं सामूहिक गायन कार्यक्रम सम्पन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।“वंदे मातरम्” राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के स्मरणोत्सव के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारम्भ एवं सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी “वंदे मातरम्–भारत के स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान” का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
इस कार्यक्रम में गोरखपुर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रमुख रूप से सेंट्रल एकेडमी स्कूल, सर माउंट इंटरनेशनल स्कूल एवं एन.पी.ए. सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता से आयोजन को गरिमामय बनाया। साथ ही संत कबीर नगर के राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने भी शैक्षणिक भ्रमण के दौरान प्रदर्शनी का अवलोकन कर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन प्रस्तुत किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने तथा देशभक्ति की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सामूहिक गायन के पश्चात सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में “वंदे मातरम्” के इतिहास, अर्थ, संदेश तथा स्वतंत्रता संग्राम में इसकी प्रेरक भूमिका से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं।

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राजकीय बौद्ध संग्रहालय, उप निदेशक डॉ यशवन्त सिंह राठौर ने बताया कि यह विशेष प्रदर्शनी 07 नवम्बर 2025 से 14 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। यह प्रदर्शनी देशभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकगण, संग्रहालय एवं पुरातत्व विभाग के कार्मिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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शिक्षक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के एक व्यक्ति की गोपालगंज में सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना शुक्रवार सुबह गोपालगंज से थावे जाने वाले बाईपास रोड पर हुई, जहां अज्ञात वाहन की तेज़ रफ्तार टक्कर से बाइक सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की जेब से मिले दस्तावेज़ों से उसकी पहचान ग्राम धनौती राय, पोस्ट पिपरा रामधार, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश निवासी के रूप में हुई।

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सोशल मीडिया में घायल व्यक्ति के आधार कार्ड और फोटो के वायरल होने के बाद सलेमपुर थाना क्षेत्र के धनौती राय गांव में परिजनों को उनकी मृत्यु की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिजनों में मातम छा गया।

परिजनों ने बताया कि मृतक बिहार राज्य में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। पुलिस ने अज्ञात वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है तथा आम लोगों से भी पहचान में सहयोग की अपील की है।

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शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म और बनाया गर्भवती, आरोपी फरार; पुलिस सरगर्मी से तलाश में जुटी

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी ने पहले भी किया था वादाखिलाफी

​उमरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। एक सनसनीखेज मामले में, एक नाबालिग लड़की के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

मामले का विवरण:

​जानकारी के अनुसार, नाबालिग पीड़िता और आरोपी एक ही मोहल्ले के निवासी हैं और काफी समय से एक-दूसरे को जानते थे। करीब दो साल पहले दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुए थे। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। उस वक्त आरोपी ने नाबालिग से शादी करने का वादा किया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था।

दोबारा किया दुष्कर्म, हुई गर्भवती:

​हाल ही में यह घटना फिर से एक गंभीर मोड़ पर आ गई। नाबालिग लड़की के परिजनों ने बताया कि बीते जून महीने की एक रात जब परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे, तभी आरोपी उनके घर आया। उसने मोबाइल चार्ज करने का बहाना बनाकर दरवाजा खटखटाया। लड़की ने उसे अंदर आने दिया। इसी दौरान, आरोपी ने दोबारा जबरन संबंध बनाने की कोशिश की और मना करने पर बलपूर्वक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।

​कुछ दिनों बाद जब नाबालिग को अपने गर्भवती होने का पता चला, तो उसने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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पुलिस ने दर्ज किया मामला:

​शिकायत मिलने के बाद, कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 508/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण कायम कर लिया है। थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि आरोपी फिलहाल फरार है, लेकिन पुलिस की एक विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे कानून के समक्ष पेश किया जाएगा।

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समाजवादी पार्टी ने तहसीलदार को सौंपा चार सूत्रीय मांग पत्र

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

समाजवादी पार्टी सिकंदरपुर इकाई के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को महामहिम राज्यपाल महोदय को संबोधित चार सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा अध्यक्ष रामजी यादव और जिला उपाध्यक्ष डॉ. मदन राय के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचे। मांग पत्र में किसानों की तूफान से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देने, जिले की सभी सहकारी समितियों पर डीएपी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने, खरीद दरौली पक्का मार्ग के निर्माण हेतु धनराशि मुहैया कराने तथा घाघरा नदी से दियारे क्षेत्र में हो रही कटान को रोकने की मांग की गई। इस अवसर पर विधानसभा सिकंदरपुर के विधायक मोहम्मद जियायुदिन रिज़वी अस्वस्थ होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। मांग पत्र सौंपने वालों में रामजी यादव डॉ. मदन राय, भीष्म यादव, अनंत मिश्रा, खुर्शीद आलम, चंद्रमा यादव, गुरुजलाल राजभर, छन्नू सिंह, विनोद राम, राजू यादव, संजय यादव, कन्हैया यादव, अतुलेश सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अभ्यर्थियों का पुनः साक्षात्कार 10 नवम्बर को

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
उपायुक्त उद्योग एस. सिद्दकी ने बताया है कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत 08 अक्टूबर 2025 को दर्जी, नाई एवं धोबी ट्रेड तथा 09 अक्टूबर 2025 को हलवाई, राजमिस्त्री, लोहार एवं बढ़ई ट्रेड के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार, उपायुक्त उद्योग की अध्यक्षता में गठित साक्षात्कार समिति के माध्यम से जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, देवरिया में आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि उक्त साक्षात्कार में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के लिए पुनः साक्षात्कार का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जो 10 नवम्बर 2025 को दोपहर 12:00 बजे से कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, देवरिया में आयोजित किया जाएगा। उपायुक्त उद्योग नेबताया है कि ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने वाले दर्जी, नाई, धोबी, हलवाई, राजमिस्त्री, लोहार एवं बढ़ई ट्रेड के अभ्यर्थी अपने मूल प्रमाणपत्रों सहित निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में सम्मिलित होना सुनिश्चित करें।

चन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी अध्यक्ष एवं विंध्याचल सिंह मंत्री निर्वाचित

सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ का द्विवार्षिक कार्यकारिणी का गठन हुआ सम्पन्न

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ जनपद देवरिया का द्विवार्षिक कार्यकारिणी के गठन की बैठक नोडल अधिकारी जिला पंचायत राज अधिकारी देवरिया रतन कुमार की अध्यक्षता मे सदर विकास खण्ड सभागार में, शुक्रवार को संपन्न हुआ। जिसमे चन्द्रभूषण मणि त्रिपाठी को जिलाध्यक्ष,विंध्याचल सिंह को मंत्री,धीरेन्द्र सागर को उपाध्यक्ष,अनिल कुमार चौबे को कोषाध्यक्ष,अनारुल सिद्धिकी को सम्प्रेक्षक एवं राजेश राय को संरक्षक निर्वाचित किया गया।
चुनाव उपरांत नव निर्वाचित सहायक विकास अधिकारी पंचायत संघ के सदस्यों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
नव निर्वाचित अध्यक्ष चंद्रभूषण मणि त्रिपाठी ने कहा कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत की हर समस्या का निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा।
बधाई देने वालो मे अजय दूबे,आनंद मणि, हरिपाल यादव, विनय पाण्डेय,रविशंकर मिश्र, सतीश शाही,शशिभूषण मिश्र,त्रयम्बक मणि, प्रवीण कुमार,संकटा प्रसाद शास्त्री, मानवेन्द्र शाह,शैलेन्द्र कुमार, दीनदयाल चौहान आदि शामिल रहे।

फैमिली आईडी कार्य में लापरवाही पर एडीएम सिटी ने लगाई फटकार

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, प्रगति रिपोर्ट मांगी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने शुक्रवार को पर्यटन भवन में अधिशासी अधिकारियों के साथ बैठक कर फैमिली आईडी (परिवार पहचान पत्र) योजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सौंपे गए कार्यों का दायित्व पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएं।
बैठक में एडीएम सिटी ने पाया कि कई अधिशासी अधिकारियों द्वारा फैमिली आईडी पोर्टल पर दर्ज किए गए परिवारों के सत्यापन और अपडेट का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से यह योजना प्राथमिकता में है, जिसके माध्यम से हर परिवार को एक विशिष्ट पहचान दी जानी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लक्षित परिवारों तक आसानी से पहुंच सके।
अधिकारियों की सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिम्मेदारी से बचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी का कार्य केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है जो पारदर्शिता और योजनाओं के सटीक क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।
उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने वार्ड और क्षेत्रों में फैमिली आईडी का सत्यापन कार्य तेज गति से पूरा करें और रोजाना की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में नगर निगम को उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी समस्या या नागरिकों के सहयोग में दिक्कत आ रही हो तो तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित करें ताकि समाधान निकाला जा सके।
एडीएम सिटी ने कहा कि फैमिली आईडी योजना से सरकार को हर नागरिक का सामाजिक-आर्थिक डेटा एकत्र करने में मदद मिलेगी। इस डेटा के आधार पर पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या टालमटोल करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नगर निगम के अधिशासी अभियंता, जोनल अधिकारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। एडीएम सिटी ने अंत में कहा कि आने वाले दिनों में कार्य की समीक्षा स्थल पर जाकर भी की जाएगी, और जो अधिकारी संतोषजनक प्रगति नहीं दिखा पाएंगे, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।

प्रियंका गांधी का सीधा हमला: चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल

“प्रियंका गांधी का सीईसी पर तीखा वार: ‘ज्ञानेश कुमार, जनता तुम्हारा नाम नहीं भूलेगी’ — बिहार चुनावी संग्राम में बढ़ी राजनीतिक तपिश”

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव की गर्माहट के बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। रेगा में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रियंका ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, एस.एस. संधू और विवेक जोशी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा—

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“ज्ञानेश कुमार, अगर आप सोचते हैं कि शांति से रिटायर हो जाएंगे, तो ऐसा नहीं होगा। जनता आपका नाम कभी नहीं भूलेगी।”

प्रियंका गांधी ने मंच से आरोप लगाया कि हालिया चुनावों में मतदान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कहा कि “हरियाणा में जिस तरह वोटों से छेड़छाड़ की गई, वैसा ही प्रयास बिहार में भी किया जा रहा है। जनता को धोखा देने वालों को यह देश माफ नहीं करेगा।” उनके भाषण के दौरान भीड़ ने “चोर-चोर” के नारे लगाए, जिससे माहौल और गर्म हो गया।

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इससे पहले राहुल गांधी ने भी 2024 के हरियाणा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा था कि “25 लाख फर्जी वोटों के जरिए कांग्रेस समर्थकों को नुकसान पहुँचाया गया।” प्रियंका गांधी के बयानों के बाद विपक्षी दलों ने इसे चुनाव आयोग पर दबाव बनाने का प्रयास बताया है।

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बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं—पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद तय होगा कि राज्य की बागडोर किसके हाथों में जाएगी। इस राजनीतिक संग्राम में प्रमुख दावेदारों में तेजस्वी यादव (राजद) और सम्राट चौधरी (भाजपा) शामिल हैं।

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बिहार की चुनावी फिज़ा अब और अधिक गरमाती नज़र आ रही है, और प्रियंका गांधी का यह बयान निश्चित रूप से आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बनेगा।

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चुनाव से पहले काले धन की पकड़ी गयी बड़ी खेप

गोरखपुर जीआरपी ने वैशाली एक्सप्रेस से एक युवक को पकड़ा

एक करोड़ रुपये की नकदी बरामद आयकर विभाग जांच में जुटा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गोरखपुर जीआरपी को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी टीम ने नियमित चेकिंग के दौरान वैशाली एक्सप्रेस से एक युवक को गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई। बताया जा रहा है कि युवक इन रुपयों को बिहार के मोकामा ले जाने की फिराक में था।


जानकारी के अनुसार, चुनावों के मद्देनज़र रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इसी क्रम में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम वैशाली एक्सप्रेस में चेकिंग कर रही थी। जब ट्रेन के एसी कोच के पास टीम पहुंची, तो एक युवक संदिग्ध अवस्था में नज़र आया। शक के आधार पर जब उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से नोटों के कई बंडल बरामद हुए। जब्त की गई रकम की गिनती करने पर वह करीब एक करोड़ रुपये निकली।

पूछताछ में युवक ने अपना नाम मुकुंद माधव, निवासी मोकामा, जिला पटना (बिहार) बताया है। उसने बताया कि वह नकदी लेकर किसी परिचित के कहने पर यात्रा कर रहा था, लेकिन रकम के स्रोत और गंतव्य के बारे में वह कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। जीआरपी अधिकारियों को शक है कि यह रकम हवाला कारोबार से जुड़ी हो सकती है और इसे बिहार चुनाव में काले धन के रूप में इस्तेमाल किए जाने की योजना थी।
रेलवे क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनोद कुमार सिंह ने बताया कि,
“एसी लॉन्च के पास चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपये नकद के साथ बिहार के मोकामा निवासी मुकुंद माधव को पकड़ा गया है। युवक से जब इस नकदी के स्रोत के बारे में पूछा गया, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरामद रकम को सीज कर दिया गया है और आयकर विभाग को सूचना दे दी गई है।”

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सूत्रों के अनुसार, जीआरपी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम किसके लिए भेजी जा रही थी और यह कहां से आई। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि यह रकम हवाला के जरिए ले जाई जा रही थी। आयकर विभाग और अन्य खुफिया एजेंसियों को इस मामले की विस्तृत जांच के लिए शामिल कर लिया गया है।
गोरखपुर जीआरपी के इस अभियान को आगामी चुनावों के दौरान काले धन के प्रवाह पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। फिलहाल युवक से पूछताछ जारी है और उसके मोबाइल फोन व संपर्क सूत्रों की भी गहराई से जांच की जा रही है।

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आत्मनिर्भर बेटियां

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✍️ सीमा त्रिपाठी
(शिक्षिका, साहित्यकार, लेखिका एवं अध्यक्ष – महिला शिक्षक संगठन)

बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया,
पिता को जिम्मेदारी का एहसास हो गया।
पढ़ा-लिखा कर बेटी को जो बड़ा किया,
दहेज के लिए पाई-पाई जोड़ना शुरू किया।
बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया।।

अपने से ऊंचे घर में बेटी को ब्याहेगे,
पर क्या पता था लोभियों के हाथ बेचेंगे।
जेवर, सामान, गाड़ी देकर बिटिया विदा किया,
जान से प्यारी घर की अमानत दे दिया।
बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया।।

ससुराल में बेटी से पहला सवाल था,
“कुछ भी ना मिला है” यही मलाल था।
क्या दोष था उसका, क्या कसूर था,
बेटी की जिंदगी में दहेज नासूर था।
बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया।।

मारा गया, पीटा गया, ताना दिया गया,
दहेज ना मिला तो जिंदा जला दिया गया।
संकल्प हम सभी को यह करना ही होगा,
दहेज रूपी दानव को भगाना ही होगा।
बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया।।

अब अपनी बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएंगे,
बेटा-बेटी का हर अंतर मिटाएंगे।
हर क्षेत्र में बेटियों को आगे बढ़ाएंगे,
जुल्म और अत्याचार से लड़ना सिखाएंगे।
बेटी जन्मी तो घर में सन्नाटा सा छा गया।।

कविता का संदेश

सीमा त्रिपाठी की यह रचना समाज के हर वर्ग को यह सोचने पर मजबूर करती है कि बेटियां दहेज नहीं, सम्मान की हकदार हैं। यह कविता एक आह्वान है — बेटियों को आत्मनिर्भर बनाइए, ताकि वे किसी के रहम की नहीं, अपनी मेहनत की मिसाल बनें।