Wednesday, July 1, 2026
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द्वाबा महोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ, पांच दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव से गूंज उठा द्वाबा क्षेत्र

कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से फीता काटकर किया

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के सरयू व कुआनो नदी के मध्य स्थित द्वाबा इलाके में शुक्रवार को पांच दिवसीय द्वाबा महोत्सव-2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग) डॉ. संजय कुमार निषाद ने मंत्रोच्चारण, विधि-विधान के साथ फीता काटकर तथा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर महोत्सव की शुरुआत की।
उद्घाटन समारोह में पूर्व सांसद प्रवीण कुमार निषाद, नगर पंचायत अध्यक्ष हैंसर रिंकू मणि, अध्यक्ष प्रतिनिधि नीलमणि, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश तथा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप 14 से 18 नवंबर तक मानसिंह बाग में आयोजित हो रहा द्वाबा महोत्सव यहां की लोक परंपराओं, संस्कृति, कला एवं जनभावनाओं को एक साथ पिरोने का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में ऐसे उत्सव सामाजिक सद्भाव, आपसी प्रेम और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
महोत्सव में भोजपुरी नाइट, बॉलीवुड नाइट, लोकनृत्य-लोकगीत, कवि सम्मेलन, मुशायरा सहित कई आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्षेत्र के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण मंत्री, पूर्व सांसद, नगर पंचायत अध्यक्ष व प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। इस दौरान सूचना विभाग द्वारा “एक भारत–आत्मनिर्भर भारत” से संबंधित बुकलेट एवं फोल्डर वितरित किए गए।
कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष रिंकू मणि तथा प्रतिनिधि नीलमणि ने मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार निषाद को भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।


इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी वैभव चतुर्वेदी, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रिंस आगम सिंह, कुलदीप मिश्रा, संजय पाठक, जिला मंत्री अशोक यादव, रामानंद साहनी, अभिषेक राय, पूर्व जिलाध्यक्ष बद्री यादव, प्रधान संघ अध्यक्ष गणेश पांडेय, मंडल अध्यक्ष सरोज नंदिनी, सीमा चौहान, एसडीएम धनघटा डॉ. सुनील कुमार, सीओ अभय मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

आधुनिक भारत के निर्माता थे पंडित जवाहर लाल नेहरू – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

कांग्रेसियों ने पंडित नेहरू के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाई जयन्ती

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। भारत रत्न देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयन्ती कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के नेहरू पार्क स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का आयोजन कर मनाया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि आजादी के महानायक पंडित नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे।आजादी के बाद देश का मान सम्मान पूरे विश्व में बढाने तथा देश को एक सम्प्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने का काम किया। उन्होंने देश में नए कल कारखाने लगवा कर देश को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया। ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने कहा कि आज पंडित नेहरू के नीतियों व सिद्धांतों पर चल कर राष्ट्र आज पूरे विश्व में विकसित देशों की बराबरी कर रहा है। इन्होंने देश में आईआई टी, एम्स जैसे संस्थान बनवाए।युवा नेता सत्यवान पांडेय ने कहा कि नेहरू जी का सम्पूर्ण जीवन देश व समाज के लिए समर्पित रहा है। कार्यक्रम को लालसाहब यादव, सुच्चन खान,प्रमोद कुमार श्रीवास्तव चुन्नू,गंगासागर मिश्र, अवधेश पांडेय, रामकेवल चौहान,राकेश कुमार, सत्यम पांडेय, परमानन्द प्रसाद,मोहन प्रसाद,आदि ने सम्बोधित किया।

एनडीए की ऐतिहासिक जीत, पीएम मोदी बोले—सुशासन और विकास की जीत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 243 में से 200 से अधिक सीटों पर निर्णायक बढ़त हासिल कर धमाकेदार विजय दर्ज की। रुझानों से यह भी स्पष्ट संकेत मिला कि इस बार भाजपा ने अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट के साथ रिकॉर्ड जीत की ओर कदम बढ़ा दिया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की इस प्रचंड जीत पर एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सुशासन की जीत हुई है, विकास की जीत हुई है और जन-कल्याण की भावना की जीत हुई है।” उन्होंने बिहार की जनता का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि राज्यवासियों ने जो ऐतिहासिक जनादेश दिया है, वह एनडीए सरकार के प्रति उनके भरोसे और विकास मॉडल के प्रति समर्थन का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने एनडीए के कार्यकाल के दौरान हुए चौतरफा विकास को देखकर गठबंधन को भारी बहुमत दिया है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को भी इस शानदार जीत के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने वादा किया कि आने वाले समय में बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तेज गति से काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के युवाओं और महिलाओं को समृद्ध भविष्य के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एनडीए की महाविजय को “देश के चुनावी इतिहास का एक सुनहरा अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि तीन-चौथाई बहुमत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सुशासन की राजनीति पर जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने बिहार की जनता का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनादेश सरकार को और अधिक निष्ठा और सेवा भाव के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण की सराहना की। साथ ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष को भी इस बड़ी जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिहार का निर्णायक जनादेश: सुशासन की जीत, स्थिरता की वापसी”

बिहार का निर्णायक जनादेश- नीतीश कुमार की वापसी, एनडीए की प्रचंड जीत और भारतीय राजनीति के बदलते संकेत

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत के सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय और संवेदनशील राज्यों में से एक बिहार ने एक बार फिर ऐसा जनादेश दिया है, जिसने न केवल राज्य की राजनीति में भारी हलचल पैदा की है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता-संतुलन और राजनीतिक संकेतों को भी गहराई से प्रभावित किया है। 2025 के इस चुनावी परिणाम ने साफ़ कर दिया है कि पटना का राजनीतिक किला एक बार फिर बिहार के अनुभवी और लंबे समय तक शासन करने वाले नेता नीतीश कुमार के हाथों में जाता दिख रहा है। एनडीए गठबंधन ने न केवल यह चुनाव जीतने की दिशा में ऐतिहासिक बढ़त हासिल की है, बल्कि पिछले 15 वर्षों में बना कोई भी रिकॉर्ड इस चुनाव की भव्यता और जनसमर्थन की ऊंचाई से मेल नहीं खाता। मैं एडवोकेट किशन सनमुदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि बिहार में एनडीए की प्रचंड वापसी राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय जुड़ रहा है,चुनावी आंकड़ों और राजनीतिक विश्लेषण के आधार पर यह लगभग तय माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में है। नीतीश कुमार, जो बिहार की राजनीति में एक स्थिरता का प्रतीक माने जाते हैं, राज्य के राजनीतिक किले पर दोबारा कब्जे की ओर तेजी से बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इस चुनाव में न केवल जदयू-बीजेपी गठबंधन ने अपने पारंपरिक मतदाताओं को मजबूत तरीके से साधा, बल्कि एनडीए ने उन इलाकों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहां पिछले वर्षों में विपक्ष को बढ़त मिली थी।चुनाव परिणामों की गहराई से समीक्षा करने पर यह स्पष्ट होता है कि एनडीए की इस बार की बढ़त किसी सामान्य चुनावी लहर का परिणाम नहीं है, बल्कि यह कई बहुआयामी सामाजिक- राजनीतिक रणनीतियों, योजनाओं और शासन के मॉडल का संयुक्त प्रभाव है। बिहार के मतदाता इस वक़्त केवल राजनीतिक दलों के आधार पर वोट नहीं कर रहे, बल्कि वे उन सरकारों को चुन रहे हैं जिनके पास व्यवस्थापकीय क्षमता, विकास का ट्रैक रिकॉर्ड और भविष्य का स्पष्ट रूप से सटीक दृष्टिकोण भी दिखाई देता है। 

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साथियों बात अगर हम प्रदर्शन जिसने रिकॉर्ड तोड़ दिए है एनडीए की 200 सीटों से अधिक की ओर बढ़त है,इस चुनाव का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि जेडीयू- बीजेपी गठबंधन लगभग 200 सीटों के आंकड़े से अधिक की ओर पहुंच रहा है, जो पिछले 15 वर्षों के किसी भी चुनावी प्रदर्शन से अधिक है। यह केवल एक चुनावी जीत नहीं है,यह एक सामाजिक संदेश है कि बिहार के लोगों ने स्थिरता, अनुभव और नीति-प्रधान शासन के मॉडल को प्राथमिकता दी है।एनडीए की इस जीत के पीछे दो कारक सबसे प्रमुख रहे,पहला, जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रभावी पहुंच, और दूसरा, विपक्ष का कमजोर संगठन और बिखराव। भारत के अन्य राज्यों की तरह, बिहार में भी अब चुनाव केवल जातीय समीकरणों पर नहीं, बल्कि योजनाओं की डिलीवरी, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और सामाजिक कल्याण जैसे कारकों पर लड़ने लगे हैं। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र के परिपक्व होने का संकेत है।

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साथियों बात कर हम बिहार से बंगाल तक बीजेपी की राष्ट्रीय विस्तार रणनीति को समझने की करें तो,एनडीए की इस अभूतपूर्व सफलता के बाद भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में एक नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “बिहार तो एक झांकी है, बंगाल बाकी है” यह बयान केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की एक गहरी रणनीतिक दिशा को दर्शाता है। इस समय भारतीय जनता पार्टी लगातार उन राज्यों की ओर बढ़ रही है, जहां अभी तक क्षेत्रीय दलों या वाम-समाजवादी गठबंधनों का प्रभुत्व रहा है।पश्चिम बंगाल में बीजेपी लंबे समय से संघर्ष कर रही है और अब बिहार की जीत ने भाजपा को यह विश्वास दिलाया है कि उनकी नीतियों और राजनीतिक रणनीतियों को पूर्वी भारत में भी नई ताकत मिल रही है। बंगाल का राजनीतिक और भू- रणनीतिक महत्व अत्यंत बड़ा है, वहां सत्ता परिवर्तन भारतीय राजनीति के संतुलन को और भी बदल सकता है।इसलिए, बिहार की सफलता भाजपा के लिए बंगाल अभियान की नींव साबित होती दिख रही है। 

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साथियों बात अगर हम  ऐतिहासिक मतदान, बिहार के लोकतंत्र की परिपक्वता का उत्सव को समझने की करें तो, इस चुनाव की सबसे प्रभावशाली विशेषता रही राज्य में हुआ ऐतिहासिक मतदान, जिसने बिहार को देश के उन सबसे राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया, जहां लोकतांत्रिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है। दूसरे चरण में 68.79 प्रतिशत और पहले चरण में 65.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दो चरणों को मिलाकर 66.90 प्रतिशत का कुल मतदान, जो पिछले चुनाव की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है। यह केवल प्रतिशत नहीं, एक परिवर्तनशील लोकतांत्रिकमानसिकता का संकेत है। भारत में आमतौर पर यह माना जाता है कि अधिक मतदान अक्सर सत्ता-विरोधी लहर को दर्शाता है, लेकिन बिहार ने इस धारणा को उलट दिया। यहां अधिक मतदान ने सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में परिणाम दिए,यह इस बात का प्रमाण है कि मतदाता सरकार के काम से संतुष्ट थे और उसे दोबारा मौका देना चाहते थे।

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साथियों बात अगर हममहिलाओं का निर्णायक योगदान नीतीश मॉडल पर भरोसे की मुहर लगनें को समझने की करें तो, एनडीए की इस जीत के केंद्र में यदि कोई शक्ति है, तो वह है बिहार की महिलाएं। महिलाओं ने रिकॉर्ड 71.78 प्रतिशत मतदान करके न केवल चुनाव के गणित को प्रभावित किया, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि वे उस सरकार के साथ हैं जिसने उनके जीवन को सीधा प्रभावित किया है।नीतीश कुमार की सरकार महिलाओं की सुरक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी को केंद्र में रखकर लगातार योजनाएँ लागू करती रही है। इनमें विशेष रूप से तीन योजनाओं ने महिला वोट बैंक को एनडीए के पीछे खड़ा कर दिया:(1)10,000 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता योजना- वित्तीय स्वतंत्रता महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधन है। राज्य की इस योजना ने लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक समर्थन दिया, जिसका प्रभाव परिवारों के स्तर से लेकर सामाजिक स्तर तक देखा गया।(2) लखपति दीदी योजना -यह मॉडल महिलाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता से जोड़ता है। जो महिलाएं पारंपरिक रूप से घर तक सीमित थीं, वे अब कमाई के केंद्र में आ चुकी हैं। (3) जीविका मॉडल-बिहार का जीविका कार्यक्रम देशभर में महिला सशक्तिकरण का एक सफल प्रयोग माना जा रहा है। यह महिलाओं को सेल्फ-हेल्प ग्रुप के माध्यम से सटीक आर्थिक और सामाजिक शक्ति प्रदान करता है।

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इस बार के चुनाव में महिलाओं ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए एनडीए को वह समर्थन दिया, जिसने चुनाव के समीकरण पूरी तरह बदल दिए। भारत के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है कि महिलाएं किसी चुनावी गठबंधन की सबसे मजबूत राजनीतिक रीढ़ साबित हुई हैं। 

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साथियों बात अगर हम क्या विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया? इसको समझने की करें तो, बिहार में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) कार्यक्रम ने मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इस प्रक्रिया के तहत लाखों नए मतदाता सूची में जुड़े, और मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया गया। एसआईआर का सबसे बड़ा प्रभाव यह रहा कि पहली बार वोट करने वाले युवा और स्थानांतरित ग्रामीण महिलाएं भारी संख्या में सूची में शामिल हुईं, जिनमें से बड़ा हिस्सा एनडीए के समर्थन में रहा। हालांकि कुछ विश्लेषकों का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया का व्यापक लाभ विपक्षी इंडिया गठबंधन को मिल सकता था, लेकिन जमीनी हकीकत यह साबित करती है कि जिन वर्गों को सूची में नए रूप से जोड़ा गया, उन पर एनडीए के कल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रभाव अधिक था। इसलिए एसआईआर ने मतदाता सूची को सुव्यवस्थित करने के साथ-साथ मतदान के पैटर्न को भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया। 

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साथियों बात अगर हम बिहार का जनादेश,भारत केराजनीतिक भविष्य का संकेत को समझने की करें तो,इस चुनाव का परिणाम सिर्फ एक राज्य की राजनीति का निर्णय नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के भविष्य की दिशा भी तय करता है। बिहार का यह जनादेश चार मुख्य संकेत देता है-(1)कल्याणकारी राजनीति अभी भी प्रभावी है,जनता उस सरकार को चुनती है जो जमीनी स्तर पर योजनाएं पहुंचाती है।(2)महिलाएं भारतीय राजनीति की नई निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं,आगे के सभी चुनावों में महिला मतदाता सबसे प्रभावी कारक होंगे।(3)पूर्वी भारत में बीजेपी का विस्तार जारी है,बिहार के बाद बंगाल अगले राजनीतिक संघर्ष का आधार बनेगा।(4) लोकतंत्र की परिपक्वता बढ़ रही है,इतिहास का सर्वोच्च मतदान यह दर्शाता है कि लोग लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विशेषण करें तो हम पाएंगे कि बिहार,भारत के बदलते लोकतांत्रिक परिदृश्य का आईना बना,बिहार ने एक बार फिर सिद्ध किया कि वह भारतीय राजनीति का ध्रुवतारा है। यहाँ का राजनीतिक वातावरण न केवल राज्यों की बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करता है। नीतीश कुमार की संभावित वापसी, एनडीए की प्रचंड सफलता, महिलाओं का ऐतिहासिक मतदान, बढ़ता लोकतांत्रिक उत्साह और एसआईआर प्रक्रिया का प्रभाव, ये सभी मिलकर इस चुनाव को भारत के राजनीतिक इतिहास में एक विशेष स्थान देते हैं।इस चुनाव ने सिर्फ सरकार नहीं चुनी,इसने भारत के लोकतांत्रिक और राजनीतिक भविष्य की रूपरेखा भी तैयार कर दी है। बिहार का यह जनादेश भारत की राजनीति के लिए एक निर्णायक संदेश है,विकास, स्थिरता, महिला सशक्तिकरण और सुशासन ही आने वाले दशक की वास्तविक राजनीति होगी।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

जी एम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया बाल दिवस

उठो धरा के अमर सपूतों, पुनः नया निर्माण करो–मोहन द्विवेदी

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के अग्रणी विद्यालय जी एम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बाल दिवस का आयोजन बड़े ही धूमधाम एवं मनमोहक तरीके से मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत
विद्यालय की निदेशिका डॉ. संभावना मिश्रा ने मां सरस्वती एवं भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
तत्पश्चात चैत्राली जाधव ने अपनी तोतली बोली में आज के दिवस का महत्व बताते हुए स्वयं को पंडित नेहरू की बेटी जैसा प्रधानमंत्री बनने का वादा किया, तो तालियों की गड़गड़ाहट से विद्यालय का आडिटोरियम गुंजायमान हो उठा। इसी क्रम में अविका, अनन्या दीक्षित, आकांक्षा दूबे ने बाल दिवस पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
बाद दिवस समारोह के क्रम में नन्हें मुन्ने बच्चों ने बड़े ही मनमोहक एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य, गीत, एक्ट आदि प्रस्तुत किये, जिनमें चंदा चमके चम चम, मम्मा में स्कूल ना जाना वै, जेब में हमारी दो है रुपिया, देखो देखो है श्याम, हम तो ऐसे भइया आदि नृत्यों ने समस्त दर्शकों को भावविभोर कर दिया तो शिवांग महापुरुषों के रूप में नन्हें मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों को बहुत ही पसंद किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन द्विवेदी ने कहा कि प्यारे बच्चों आप ही हमारे राष्ट्र के भविष्य हैं, आप अभी से अपना विद्याध्ययन इतने अच्छे ढंग से करें कि आपका ज्ञान, सेवा, समर्पण, आधुनिकता, वैज्ञानिकता, और क्रमिक विकास विश्व का मार्गदर्शक बना दे और हमारा राष्ट्र को विश्व गुरु का सम्मान मिल जाए।
आगे श्री द्विवेदी ने कहा उठो धरा के अमर सपूतों, पुनः नया निर्माण करो। इन पंक्तियों का सभी छात्र-छात्राओं, अध्यापक अध्यापिकाओं ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
इसी क्रम में सभी बच्चों के लिए विविध खेलों के आयोजन किए गए थे, जिसमें कबड्डी, खो-खो, वालिवाल, आदि का बच्चों ने खूब आनंद लिया।
इसी क्रम में समृद्धि चौधरी ने मिस यूनिवर्स, नाव्या ने सरोजिनी नायडू, अंशिका ने लक्ष्मीबाई, नियति ने मेरी कोम, समृद्धि तिवारी ने कल्पना चावला, किंजल ने सानिया नेहवाल, प्रतीक ने स्वामी विवेकानंद अश्वनी ने भगत सिंह और आर्यन ने मदन मोहन मालवीय की वेशभूषा में सबको खूब आकर्षित किया और प्रशंसा पाई।
बाल दिवस मनाने के क्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत म्युजिकल चेयर, कबड्डी, खो-खो, बाल कलेक्टिंग, बैलून ब्लास्टिंग आदि का आयोजन बहुत ही उत्साहवर्धक रहा। बच्चों द्वारा बनाई हुई रंगोली और चित्रकारियों की भी खूब चर्चा हुई।
कार्यक्रम में सभी छात्र-छात्राएं बहुत ही उत्साहित नजर आए। सभी ने अपनी अपनी भूमिका का निर्वहन बड़े जिम्मेदारी से किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार गुप्ता ने किया।
निदेशिका डॉ संभावना मिश्रा ने सभी बच्चों एवं अध्यापक अध्यापिकाओं की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं को मिष्ठान एवं नमकीन खिलाकर खुशियों का इजहार किया गया।

बाल दिवस के रूप मे मनाया गया पंडित नेहरू का जन्मदिन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शुक्रवार बाल दिवस के शुभ अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय चकरा भार्गव में, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया गया।सर्वप्रथम नेहरू जी के चित्र पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश कुशवाहा, कौशिल्या देवी, संजीव कुमार गौतम व श्यामसुंदर द्वारा पुष्प अर्पित किया गया।इस अवसर पर बच्चों का बुद्धि परिक्षण प्रतियोगिता हुई।

विद्यालय की छात्राओं अनीता, रंजना, शिवानी, श्रेया, अदिति आदि द्वारा मनमोहक प्रस्तुति की गई।इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कार वितरित किया गया।

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जी7 बैठक में गुटेरेस से मिले जयशंकर, वैश्विक हालात और भारत की भूमिका पर हुई अहम चर्चा

जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। इस मुलाकात में वैश्विक हालात, क्षेत्रीय तनाव, बहुपक्षीय तंत्र की भूमिका और भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर व्यापक चर्चा हुई। जयशंकर ने गुटेरेस के वैश्विक दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताते हुए भारत के विकास और नीतिगत पहलों पर उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

जयशंकर ने यह भी कहा कि वह जल्द ही गुटेरेस को भारत में स्वागत करने की उम्मीद करते हैं। यह मुलाकात कनाडा की अध्यक्षता में हो रही G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई, जिसमें भारत को विशेष आमंत्रित देश के रूप में शामिल किया गया है।

ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर भारत का पक्ष

जी7 आउटरीच सत्र में जयशंकर ने ऊर्जा सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स पर भारत की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन की निर्भरता कम करना और उसे मजबूत बनाना समय की जरूरत है।
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि सिर्फ नीतिगत चर्चा पर्याप्त नहीं है—वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब इन नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। भारत इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

समुद्री सुरक्षा पर भारत का फोकस

समुद्री सुरक्षा पर आयोजित एक अन्य जी7 बैठक में जयशंकर ने कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक, महासागर दृष्टिकोण और क्षेत्रीय साझेदारी के माध्यम से समुद्री क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने इन बिंदुओं पर जोर दिया:

सुनिश्चित और विविध समुद्री मार्गों की आवश्यकता

महत्वपूर्ण समुद्री एवं अंडरसी इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा

समुद्री अपराधों—तस्करी, चोरी और अवैध मछली पकड़ने—के खिलाफ वैश्विक तालमेल
जयशंकर ने बताया कि भारत इंडो-पैसिफिक में एक फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में उभर रहा है और राहत-बचाव अभियानों में सहयोग बढ़ा रहा है।

वैश्विक मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका

भारत इस बैठक में ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ भाग ले रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, G7 में इस तरह की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक चुनौतियों से निपटने और ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विद्यालय, कोथ में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम

सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बाल दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोथ में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम के तहत भव्य कैरियर मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न कैरियर विकल्पों, उच्च शिक्षा के अवसरों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रति जागरूक करना रहा। मुख्य अतिथि वन विभाग के वन दारोगा आनंद कुमार यादव ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारण ही सफलता की प्रथम सीढ़ी है। समय प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उन्होंने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को आधुनिक समय की आवश्यकता बताते हुए छात्रों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत संवाद कर भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली और उन्हें नियमित अध्ययन तथा कौशल-विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।विशिष्ट अतिथि अमृता ने कहा कि कैरियर चयन में रुचि और क्षमता की पहचान सबसे महत्वपूर्ण होती है। वहीं दूसरे विशिष्ट अतिथि कमलेश तिवारी ने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के इस दौर में व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। कैरियर मेले में छात्रों ने विभिन्न विषयों से संबंधित स्टॉलों पर जाकर जानकारी प्राप्त की और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया। पूरे दिन विद्यालय परिसर सीखने की उत्सुकता से सराबोर रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षकगणों का योगदान सराहनीय रहा।आगंतुकों का स्वागत प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र वर्मा ने माल्यार्पण कर किया और कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

नन्हे सितारों ने जगमगाया बाल मेला

शिव बालक स्मारक एपीएस प्ले वे स्कूल में बच्चों की रचनात्मकता का धमाल, अभिभावकों ने की जमकर तारीफ

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। बाल दिवस पर मुख्यालय से लगभग 8 किमी पूर्व स्थित शिकारपुर चौराहा के शिव बालक स्मारक एपीएस प्ले वे स्कूल मे भव्य बाल मेले का आयोजन हुआ। रंगीन सजावट से सजा स्कूल परिसर बच्चों की रचनात्मकता, उत्साह और मासूम खुशियों से सराबोर रहा। नन्हे प्रतिभागियों ने दुकानदार, कलाकार और छोटे-छोटे उद्यमियों की भूमिका निभाकर मेले में चार चांद लगा दिए।

    मेले में बच्चों द्वारा लगाई गई थीम आधारित दुकानों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। फूड स्टॉल, खिलौने, किताबें, हैंडमेड क्राफ्ट और सजावटी सामान से सजी दुकानों ने मेले का पूरा माहौल जीवंत कर दिया। बच्चों के आत्मविश्वास भरे प्रस्तुतिकरण ने अभिभावकों को खूब प्रभावित किया और सीखने के व्यावहारिक तरीके की अनोखी उदाहरण पेश की।
        मेले में बच्चों ने कागज, रंग, मिट्टी और बेकार सामग्री से तैयार की गई खूबसूरत कलाकृतियों से सभी को चौंका दिया। पेंटिंग्स, मॉडल, पोस्टर और सजावटी वस्तुओं को देखकरअभिभावकों और अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की।
         अपने उद्बोधन में  विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा,

ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, उनकी प्रतिभा निखारते हैं और उन्हें वास्तविक अनुभवों से जोड़ते हैं। बाल दिवस बच्चों को मंच देने का महत्वपूर्ण अवसर है। स्कूल हर वर्ष इसे विशेष रूप से मनाता है।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। उत्साह, उमंग और सीख से भरे इस बाल मेले ने बच्चों और अभिभावकों दोनों के मन में अविस्मरणीय यादें छोड़ दिया।

डीएम की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति व एन कार्ड की बैठक संपन्न

चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर कार्य शीघ्र कराएं पूर्ण,सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु करें विशेष प्रयास:- जिलाधिकारी

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं एन कार्ड की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद में वर्ष 2025 में कुल 26 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से लोक निर्माण विभाग के 17, एन एच ए आई गोरखपुर के 8 एवं आजमगढ़ के 1 तथा यूपीडा का एक ब्लैक स्पॉट शामिल है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चिन्हित 17 ब्लैक स्पॉट्स में से पांच ब्लैक स्पॉट पर अल्कालिक सुधार कार्य करा लिया गया है जबकि एक ब्लैक स्पॉट पर दीर्घकालिक सुधार कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा अन्य ब्लैक स्पॉट पर आगणन की कार्रवाई की जा रही है। एन एच ए आई गोरखपुर के 7 ब्लैक स्पॉट्स के संबंध में उन्होंने बताया कि पांच ब्लैक स्पॉट्स पर दीर्घकालीन सुधार कार्य कर दिया गया है शेष दो पर अल्पकालिक सुधार कर भी पूर्ण हो चुका है। एन एच ए आई आजमगढ़ के एक ब्लैक स्पॉट पर अल्कालिक सुधार कर पूर्ण हो चुका है जबकि यूपीडा के एक ब्लैक स्पॉट पर दीर्घकालिक सुधार कराए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर माह में 31 सड़क दुर्घटनाओं के सापेक्ष इस वर्ष अक्टूबर माह में कुल 32 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इस प्रकार गत वर्ष अक्टूबर माह के सापेक्ष इस वर्ष सड़क दुर्घटना में 3.22% की वृद्धि हुई। इसी प्रकार गत वर्ष अक्टूबर माह में मृतकों की संख्या 16 के सापेक्ष इस वर्ष अक्टूबर माह में मृतकों की संख्या 18 पहुंच गई। इस प्रकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 12.50% की वृद्धि हुई। प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर माह में विभिन्न अपराधों के विरुद्ध कुल 48 चालान किए गए थे जो इस वर्ष अक्टूबर माह में घटकर 21 चालान रह गई। इस प्रकार इसमें 56.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण से जुड़ी विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं को समस्त चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने गत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष अक्टूबर माह में सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें हुई मौतों में वृद्धि को चिंताजनक बताते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को शहर के मुख्य चौराहों एवं सड़कों पर लगाए गए साइन बोर्ड अवैध रूप से होर्डिग लगाने के कारण न दिखाई देने पर अभियान चलाते हुए अवैध होर्डिंग को साइन बोर्ड के सामने से हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एआरटीओ को भारी वाहनों, ट्रैक्टर ट्रालियों में विशेष रिफ्लेक्टर लगाना सुनिश्चित करने को भी कहा जिससे रात्रि के समय दूर से ही वाहन दिख सके। इसके अलावा मऊ से दोहरीघाट के बीच वाराणसी – गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैकों की लंबी कतारें खड़ी करने पर उन्होंने एन एच ए आई गोरखपुर को ट्रकों को खड़ा करने हेतु लेआउट तैयार करने को कहा।आवश्यक होने पर इस संबंध में एन एच ए आई से पत्राचार करने के भी निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्गों एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित मुख्य मार्गों पर पेट्रोल पंप मालिकों द्वारा सड़कों की जमीनों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य जाने की जांच करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। इस संबंध में अवैध रूप से निर्माण पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान जिलाधिकारी ने एन कार्ड की भी बैठक कर गत माह किए गए कार्यवाहियों की जानकारी ली। उन्होंने अवैध गांजा, शराब एवं मादक पदार्थों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल कॉलेज के आसपास मादक पदार्थों के बिक्री पर रोक लगाने हेतु आवश्यक करवाई करने को कहा तथा इस संबंध में आबकारी एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से अभियान चलाते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक इलामारन , अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिला अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी मोहम्मद असलम, एआरटीओ सोहेल अहमद सहित अन्य संबंधित अधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।

भूखों के मसीहा छोटेलाल शिकारपुर का साधारण भोजनालय बना इंसानियत का तीर्थस्थल

25 वर्षों से गरीबों को करा रहा है मुफ्त भोजन छोटेलाल का
भोजनालय

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जहां आधुनिक समय में लोग स्वार्थ और लाभ को प्राथमिकता देने लगे हैं, वहीं महराजगंज जनपद के सदर ब्लॉक क्षेत्र स्थित शिकारपुर चौराहा, परतावल मार्ग के पूरब पर चल रहा छोटेलाल भोजनालय मानवता की नई मिसाल बनकर सामने आया है। पिछले 25 वर्षों से इस भोजनालय के संचालक छोटेलाल अनाथ, असहाय, दिव्यांग, बेसहारा और गरीब जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन कराकर भूख मिटाने का पवित्र कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भोजनालय सिर्फ खाने की जगह नहीं, बल्कि इंसानियत का मंदिर बन चुका है।कई जरूरतमंद ऐसे होते हैं जिनके पास किराए तक के पैसे नहीं होते। ऐसे में छोटेलाल स्वयं अपने जेब से किराया देकर उन्हें उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाते हैं।
इस संबंध में छोटेलाल ने कहा कि कोई क्या लेकर आया है और क्या लेकर जाएगा… मैं बस इतना चाहता हूं कि मेरे हाथों से किसी की भूख मिट जाए।उनका यह निस्वार्थ भाव सिर्फ पेट ही नहीं भर रहा, बल्कि लोगों के दिलों में उम्मीद और विश्वास भी जगा रहा है। उनके कार्य से प्रेरित होकर अब कई युवा व सामाजिक कार्यकर्ता समाज सेवा से जुड़ने की बात कर रहे हैं।शिकारपुर का यह साधारण भोजनालय आज पूरे क्षेत्र में मानवता का तीर्थ स्थल कहलाने लगा है। जब तक समाज में ऐसे लोग हैं मानवता जिंदा है।

दिल्ली आतंकी हमले का असर: बनारस के होटलों में 20% बुकिंग रद्द, विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए आतंकी हमले का सीधा असर अब बनारस (वाराणसी) के पर्यटन उद्योग पर दिखाई देने लगा है। घटना के बाद बीते दो दिनों में जिले के विभिन्न होटलों में करीब 20% बुकिंग कैंसिल की गई हैं। होटल एसोसिएशन के अनुसार, इनमें सबसे अधिक रद्दीकरण विदेशी पर्यटकों द्वारा किए गए हैं, जो हर साल नवंबर-दिसंबर में बड़ी संख्या में काशी का रुख करते हैं।

विदेशी पर्यटकों की संख्या में 30–40% तक कमी

होटल एसोसिएशन का कहना है कि स्पेन, न्यूयॉर्क, इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या इस सीजन के शुरुआती दिनों में 30 से 40% तक घट गई है।
गंगा किनारे स्थित होटलों से लेकर प्रमुख मार्गों पर बने लॉज और गेस्टहाउस में बड़ी संख्या में पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द कराई है।

ठंड का मौसम विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद

वाराणसी होटल एसोसिएशन के अनुसार नवंबर और दिसंबर विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे उपयुक्त महीना माने जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड सहित कई देशों के पर्यटक ठंड का आनंद लेने काशी पहुंचते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारतीय पर्यटक भी इन महीनों में वाराणसी में बड़ी संख्या में आते हैं।

नवंबर में पर्यटकों का आंकड़ा

वर्ष 2023

भारतीय पर्यटक: 1,67,12,655

विदेशी पर्यटक: 33,436

कुल: 1,67,46,091

वर्ष 2024

भारतीय पर्यटक: 1,57,55,544

विदेशी पर्यटक: 37,564

कुल: 1,57,93,108

हालांकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 2024 में थोड़ी बढ़ी है, लेकिन हालिया हमले के बाद अचानक हुई बुकिंग रद्दीकरण से होटल उद्योग चिंतित है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा संबंधी चिंताएं कम न हुईं तो आने वाले हफ्तों में बुकिंग पर और असर पड़ सकता है।

बिहार में SIR ने खेल किया, अब बाकी राज्यों में नहीं चलेगा: अखिलेश यादव

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार चुनाव परिणामों के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया कि बिहार में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि इस बार जो कुछ हुआ, उसका “भंडाफोड़” हो चुका है और भविष्य में भाजपा ऐसी “साज़िश” दोबारा नहीं कर पाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और बाकी जगह पर अब नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में विपक्ष ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम करेगा।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा दल नहीं छल है।”
श्री यादव के इन आरोपों के साथ बिहार के नतीजों पर सियासत और गरमाती दिख रही है। विपक्ष ने जहां चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं भाजपा इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताती रही है।

बिहार चुनाव 2025: कई सीटों पर कांटे की टक्कर, NDA को बढ़त—जदयू और भाजपा के नाम बड़ी जीतें

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के बीच कई महत्वपूर्ण सीटों पर नतीजों की तस्वीर अब तेजी से साफ होती जा रही है। सुबह से शुरू हुई मतगणना के बाद एनडीए गठबंधन ने कई स्थानों पर बढ़त बनाए रखी है, जबकि कुछ सीटों पर राजद और अन्य दलों ने कड़ी टक्कर दी है। चुनाव आयोग से प्राप्त नवीनतम रुझानों और घोषित नतीजों से यह साफ दिख रहा है कि इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है।सदर सीट पर भाजपा उम्मीदवार मंगल पांडेय 10,098 मतों से आगे चल रहे हैं।
जिरादेई सीट पर जदयू के भीष्म प्रताप सिंह 1,635 वोट से बढ़त बनाए हुए हैं। दरौली में लोजपा के विष्णु देव पासवान 4,037 वोट से आगे हैं, जबकि रघुनाथपुर से राजद के ओसामा सहाब 9,236 मतों से आगे चल रहे हैं।इसी तरह दारौंदा में माले उम्मीदवार अमरनाथ यादव 75 वोट से मामूली अंतर की बढ़त बनाए हुए हैं।
बड़हरिया में राजद के अरुण गुप्ता 226 मतों से आगे हैं।
गोरेयाकोठी से भाजपा उम्मीदवार देवेशकांत सिंह 7,532 वोट से आगे हैं औरमहाराजगंज में जदयू के हेमनारायण साह 4,539 मतों से बढ़त बनाए हुए हैं।NDA को शुरुआती बड़ी सफलता, जदयू के दो उम्मीदवार विजयीचुनाव के पहले आधिकारिक नतीजे जदयू के पक्ष में आए हैं।
केसरिया विधानसभा सीट से जदयू की शालिनी मिश्रा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीआई के बरूण विजय को 12,000 मतों से हराकर शानदार जीत दर्ज की है।इसके बाद कुचायकोट से जदयू प्रत्याशी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने 23,632 मतों के बड़े अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार को पराजित किया। इन जीतों के साथ एनडीए खेमे में उत्साह बढ़ गया है।
VIP सीटों पर मुकाबला दिलचस्प
राघोपुर में तेजस्वी यादव लगातार पीछे चल रहे हैं। सुबह आगे रहने के बाद दसवें राउंड में बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार ने 3,230 मतों की बढ़त हासिल कर ली है।
इसी दौरान जन सुराज पार्टी के चंचल कुमार 1,264 मतों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
बिस्फी से भाजपा के हरिभूषण ठाकुर बचौल पिछड़ रहे हैं, जबकि
दानापुर से भाजपा नेता रामकृपाल यादव जीत चुके हैं।
अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर रुझान और नतीजे
बनियापुर से भाजपा के केदारनाथ सिंह 11,000 मतों से विजयी
गोपालगंज से भाजपा के सुभाष सिंह विजयी
कल्याणपुर (सुरक्षित) से मंत्री महेश्वर हजारी 36,722 मतों से आगे
उजियारपुर से राजद के आलोक कुमार मेहता की 15,881 मतों से जीत मुंगेर से भाजपा के कुमार प्रणय विजयी
जमालपुर से जदयू के नचिकेता मंडल विजयी
मढ़ौरा से राजद के जीतेंद्र कुमार राय विजयी
सबसे महत्वपूर्ण खबर यह कि तारापुर से भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने चुनाव जीतकर एनडीए खेमे में बड़ी राजनीतिक ऊर्जा भर दी है।

बिहार चुनाव 2025: एनडीए की प्रचंड बढ़त, चिराग पासवान की पार्टी ने बदला चुनावी गणित

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शुरुआती और मध्य-दिवस रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। मतगणना के ताज़ा रुझानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) स्पष्ट बढ़त के साथ पूर्ण बहुमत से आगे निकलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन (एमजीबी) पिछड़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडी(यू), भाजपा और सहयोगी दलों ने मिलकर इस चुनाव में वह पकड़ मजबूत की है जिसकी उम्मीद खुद उनके भीतर भी सीमित थी।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) — LJP(RV) — ने इस चुनाव में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। 2020 के चुनाव में मात्र एक सीट जीतने वाली पार्टी इस बार 22 सीटों पर आगे चल रही है और एनडीए की ऐतिहासिक जीत में प्रमुख सहयोगी बनकर उभर रही है।
एनडीए को ऐतिहासिक बहुमत का संकेतमतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई और शुरुआती चरण से ही एनडीए ने बढ़त बनानी शुरू कर दी।

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चुनाव आयोग के नवीनतम अपडेट के अनुसार:
एनडीए: 187–192 सीटों पर आगे
भाजपा: 81–86 सीटों पर बढ़त
जेडी(यू): 75–82 सीटों पर बढ़त
लोजपा (RV): 20–22 सीटों पर बढ़त
हम: 4 सीटें
आरएलएम: 1–4 सीटें
एनडीए ने बहुमत के लिए आवश्यक 121 का आंकड़ा काफी पहले पार कर लिया, और अब 160+ के लक्ष्य की ओर बढ़ता दिख रहा है।
पार्टी कार्यालयों में उत्साह स्पष्ट देखा जा सकता है, वहीं शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष की पटना में एनडीए की जीत पर संबोधन की तैयारियाँ जोर पकड़ चुकी हैं।
चिराग पासवान का जलवा: 2020 से 2025 तक की बड़ी छलांग
चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) 2025 के बिहार चुनावों की सबसे बड़ी राजनीतिक कहानी बनकर उभरी है।

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2020 में सिर्फ 1 सीट जीतने के बाद पार्टी इस बार 28 सीटों पर उतरी और 22 सीटों पर आगे चल रही है।
पार्टी ने इस बार 5.73% वोट शेयर हासिल किया है, जो बिहार में तीसरी सबसे मजबूत लहर जैसी स्थिति बना चुका है।
यह प्रदर्शन न सिर्फ चिराग पासवान की व्यक्तिगत राजनीति की पुष्टि करता है बल्कि एनडीए में उनकी बढ़ती उपयोगिता भी दर्शाता है।
महागठबंधन की मुश्किलें, कांग्रेस सबसे कमजोर कड़ी
महागठबंधन इस चुनाव में बुरी तरह संघर्ष करता दिख रहा है। दोपहर तक के रुझान:महागठबंधन कुल बढ़त: केवल 44–46 सीटें
राजद: 33–58 सीटें (समय अनुसार रुझान बदलते रहे)
कांग्रेस: सिर्फ 5–14 सीटों पर बढ़त भाकपा (माले) लिबरेशन: 1–6 सीटें राजद अभी भी गठबंधन की सबसे बड़ी और मजबूत पार्टी बनी हुई है, लेकिन कांग्रेस का लगातार कमजोर प्रदर्शन 2020 की तरह इस बार भी महागठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
2020 में कांग्रेस 70 सीटों पर लड़कर केवल 19 जीत पाई थी।
2025 में उसने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन शुरुआती रुझान दिखाते हैं कि पार्टी केवल दहाई के आंकड़े तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही है।

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यह संकेत है कि महागठबंधन के भीतर कांग्रेस की कमजोर स्ट्राइक रेट अब चुनावी समीकरण बदलने लगी है।
नीतीश कुमार की ‘अग्निपरीक्षा’ में शानदार सफलता
2025 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा था।
पिछले दो दशकों में उनकी राजनीति के केंद्र में रहने की परंपरा इस चुनाव में भी कायम दिख रही है।

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जेडी(यू) 78–82 सीटों पर आगे है, और भाजपा के साथ उनकी बराबर दावेदारी उन्हें फिर से गठबंधन का प्रमुख चेहरा बना रही है।
दोनों प्रमुख दलों के लगभग बराबर प्रदर्शन ने एनडीए के भीतर “बड़ा भाई कौन” वाली बहस भी रोचक बना दी है।
उच्च मतदान और मजबूत सुरक्षा के बीच जारी मतगणना
बिहार में 67.13% का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड है।

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6 और 11 नवंबर को हुए दो चरणों के मतदान में 7.45 करोड़ मतदाताओं ने 2,616 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला किया।
राज्य के 38 जिलों में 46 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
एनडीए की जीत के कारक: मोदी फैक्टर से लेकर जातीय समीकरण तक
चुनावी विश्लेषकों के अनुसार एनडीए की मजबूत बढ़त के पीछे कई कारक रहे:

  1. मोदी की राष्ट्रीय लोकप्रियता का असर
  2. जेडी(यू)–भाजपा की नई संयुक्त रणनीति
  3. चिराग पासवान की लोजपा का प्रदर्शन और वोट कटाव में कमी
  4. महागठबंधन की आंतरिक कमजोरी, विशेषकर कांग्रेस
  5. मुस्लिम–यादव (MY) समीकरण का कमजोर होना
  6. स्थानीय मुद्दों पर तेजस्वी यादव की पकड़ कमजोर पड़ना
    बिहार में सत्ता वापसी की तरफ एनडीए की तेज रफ्तार
    रुझानों ने साफ कर दिया है कि बिहार में एनडीए मजबूत वापसी कर रहा है और यह नीतीश कुमार एवं भाजपा दोनों के लिए ऐतिहासिक क्षण हो सकता है।
    चिराग पासवान की पार्टी इस जीत की सबसे बड़ी ‘किंगमेकर’ और ‘उभरती शक्ति’ बनकर सामने आई है।
    अब निगाहें अंतिम परिणामों पर और शाम को होने वाले पीएम व भाजपा नेतृत्व के संबोधन पर टिकी हैं।