Wednesday, June 24, 2026
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जानिए आज के दिन हुई भारत और दुनिया की 15 ऐतिहासिक घटनाएँ, जिन्होंने बदली दिशा

4 जनवरी का इतिहास

4 जनवरी का दिन भारतीय और वैश्विक इतिहास में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक, खेल और वैज्ञानिक घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन लिए गए फैसलों और घटी घटनाओं का प्रभाव आने वाले वर्षों तक देखा गया। आइए जानते हैं 4 जनवरी को घटित प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में विस्तार से।

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🔹 2020 – नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन
4 जनवरी 2020 को तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। यह मेला अपने 28वें संस्करण में आयोजित हुआ, जिसकी थीम ‘गांधी: लेखकों के लेखक’ रखी गई। इस मेले का उद्देश्य महात्मा गांधी के विचारों को साहित्य के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाना था। देश-विदेश के प्रकाशकों और लेखकों ने इसमें भाग लिया।
🔹 2020 – इरफान पठान का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन ऑलराउंडर इरफान पठान ने 4 जनवरी 2020 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। स्विंग गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले इरफान ने 2007 टी-20 विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

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🔹 2010 – भारतीय शेयर बाजार के समय में बदलाव
4 जनवरी 2010 से भारतीय शेयर बाजारों का समय बदलकर सुबह 9 बजे कर दिया गया। यह फैसला सेबी (SEBI) के निर्देश पर लिया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ बेहतर तालमेल बनाया जा सके। इससे निवेशकों को वैश्विक संकेतों के आधार पर बेहतर निर्णय लेने में मदद मिली।
🔹 2009 – पीडीपी ने यूपीए से समर्थन वापस लिया
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने 4 जनवरी 2009 को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) से अपना समर्थन वापस ले लिया। यह फैसला राजनीतिक मतभेदों के कारण लिया गया, जिससे केंद्र सरकार की राजनीति पर असर पड़ा।

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🔹 2008 – नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जनवरी 2008 को अपने मंत्रिमंडल में 18 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक मजबूती और आगामी चुनावों की रणनीति को मजबूत करना था।
🔹 2008 – अमेरिका ने श्रीलंका पर सैन्य प्रतिबंध लगाया
इस दिन अमेरिका ने श्रीलंका को सैन्य उपकरणों और सेवाओं की आपूर्ति पर रोक लगा दी। यह निर्णय श्रीलंका में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के चलते लिया गया था।
🔹 2006 – दुबई के शासक शेख मक्तूम का निधन
दुबई के शासक और संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति शेख मक्तूम बिन राशिद अल मक्तूम का 4 जनवरी 2006 को निधन हो गया। उनके नेतृत्व में दुबई ने तेज़ आर्थिक और बुनियादी ढांचे का विकास देखा।

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🔹 2004 – भारत-पाक वार्ता, इस्लामाबाद
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जफरुल्लाह जमाली के बीच इस्लामाबाद में महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित हुई। यह बातचीत भारत-पाक संबंधों में सुधार की दिशा में अहम कदम थी।
🔹 2002 – ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का भारत दौरा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर 4 जनवरी 2002 को भारत पहुंचे। इस दौरे में व्यापार, रक्षा और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

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🔹 1999 – मार्स पोलर लैंडर का प्रक्षेपण
अमेरिका ने मंगल ग्रह पर भाप और जलवायु अध्ययन के लिए ‘मार्स पोलर लैंडर प्रोब’ को रवाना किया। यह मिशन मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं की खोज से जुड़ा था।
🔹 1998 – बांग्लादेश का उल्फा नेता पर निर्णय
बांग्लादेश ने 4 जनवरी 1998 को उल्फा महासचिव अनूप चेतिया को भारत को सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव की स्थिति बनी।

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🔹 1990 – पाकिस्तान में भीषण रेल दुर्घटना
पाकिस्तान में दो ट्रेनों की टक्कर में करीब 307 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। यह देश के इतिहास की सबसे भयावह रेल दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।
🔹 1972 – फॉरेंसिक साइंस संस्थान का उद्घाटन
नई दिल्ली में ‘इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिमिनालॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस’ का उद्घाटन हुआ। यह संस्थान अपराध जांच और न्याय प्रणाली को वैज्ञानिक आधार देने के लिए स्थापित किया गया।

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🔹 1966 – भारत-पाक सम्मेलन की शुरुआत
4 जनवरी 1966 को भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच भारत-पाक सम्मेलन शुरू हुआ। इसी वार्ता के परिणामस्वरूप ताशकंद समझौता हुआ।

आईजीआरएस शिकायतों पर भी सवालों के घेरे में प्रशासन

नाथ नगर में सार्वजनिक सड़क पर बढ़ता अवैध कब्जा

देवरिया के नाथ नगर में सड़क अतिक्रमण पर प्रशासन मौन, जनता परेशान


(राष्ट्र की परम्परा डेस्क | देवरिया)

देवरिया जनपद के नाथ नगर क्षेत्र में सार्वजनिक सड़क पर हो रहे अवैध अतिक्रमण ने अब गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का रूप ले लिया है। यह मामला केवल एक सड़क कब्जे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नगर पालिका, विनियमित क्षेत्र कार्यालय और उपजिलाधिकारी स्तर की निष्क्रियता भी उजागर हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और निरीक्षणों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना, पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े करता है।

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कुछ सप्ताह पहले जब यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, तब “योगी जी के बुलडोजर” की चर्चाओं के बीच बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया, जिससे लोगों को उम्मीद जगी कि अवैध कब्जा हटेगा। लेकिन यह कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रह गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों और अतिक्रमणकर्ता के बीच कथित इशारों-इशारों में बातचीत हुई और कुछ दिनों की मोहलत देकर पूरी टीम वापस लौट गई।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने सख्ती दिखाने के बजाय दबाव और डर की रणनीति अपनाई। इसका नतीजा यह हुआ कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी न केवल निर्माण दोबारा शुरू हुआ, बल्कि अतिक्रमण और तेजी से बढ़ गया। अब स्थिति यह है कि सड़क पर कब्जा करने वाले व्यक्ति ने वहां पेड़ लगा दिए हैं, तारबंदी कर दी है और रास्ते को पूरी तरह घेरने की कोशिश जारी है।
नाथ नगर के निवासियों के अनुसार, इस सड़क से रोज़ाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और आपात स्थिति में गंभीर दुर्घटना या विवाद की आशंका बनी हुई है। मोहल्लेवासी लगातार नगर पालिका, विनियमित क्षेत्र कार्यालय और तहसील स्तर पर शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन हर विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।

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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का कहना है कि यह “सरकारी प्रक्रिया” का विषय है, इसलिए समय लग रहा है। वहीं विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता इसे “एकमात्र मामला नहीं” बताकर जवाबदेही से बचते दिख रहे हैं। सर्वे से जुड़े अधिकारी “चैनल सिस्टम” का हवाला देकर कार्रवाई टाल रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि पीड़ित नागरिकों ने सरकार द्वारा प्रचारित आई.जी.आर.एस. (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां भी स्थानीय अधिकारियों ने कथित तौर पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट भेज दी। इससे न केवल पीड़ितों की समस्या बढ़ी, बल्कि सरकार तक गलत जानकारी पहुंचने का आरोप भी लग रहा है।
अब सवाल यह है कि देवरिया नाथ नगर सड़क अतिक्रमण जैसे गंभीर मामले में प्रशासन कब जागेगा? क्या सार्वजनिक रास्ते पर हो रहे नए निर्माण और कब्जे पर समय रहते कार्रवाई होगी, या फिर जनता को यूं ही परेशान होना पड़ेगा? यह प्रकरण प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन के दावों की भी कड़ी परीक्षा बन चुका है।

CJM कोर्ट में पेशी के बाद बोले अमिताभ ठाकुर, मुझे रोकने के लिए हुई गिरफ्तारी

🔴 देवरिया जेल से बाहर बोले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर: कफ सिरप कांड में बड़े माफिया शामिल, मुझे साजिश के तहत फंसाया गया

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिला कारागार में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में पेश किया गया। पेशी के दौरान और उसके बाद अमिताभ ठाकुर ने कफ सिरप कांड को लेकर सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पास इस पूरे मामले से जुड़े ठोस सबूत मौजूद हैं, लेकिन असली दोषियों को बचाने के लिए उन्हें जानबूझकर गिरफ्तार किया गया है।
कफ सिरप कांड में शुभम जायसवाल केवल मोहरा
न्यायालय से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में अमिताभ ठाकुर ने कहा कि कफ सिरप मामले में जिस शुभम जायसवाल को आरोपी बनाया गया है, वह केवल एक छोटा सा प्यादा है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क में बड़े-बड़े माफिया, रसूखदार लोग और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनकी जांच तक नहीं की जा रही है। ठाकुर के अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच हो तो कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल करने से पहले हुई गिरफ्तारी
अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि वह कफ सिरप कांड को लेकर जनहित याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान उनका सामान छीना गया और रास्ते में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, ताकि वह इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई न कर सकें। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया।
धनंजय सिंह पर आरोप, लेकिन पूछताछ नहीं
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि इस कांड में धनंजय सिंह को लेकर लगातार आरोप सामने आए हैं, लेकिन अब तक उनसे किसी भी स्तर पर पूछताछ नहीं हुई है। ठाकुर का कहना है कि कुछ खास लोगों को जांच के दायरे से बाहर रखा जा रहा है, जिससे पूरी जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
धोखाधड़ी मामले की पृष्ठभूमि
अमिताभ ठाकुर वर्तमान में एक पुराने धोखाधड़ी के मामले में देवरिया जेल में बंद हैं। वर्ष 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक रहते हुए उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम औद्योगिक क्षेत्र में एक भूखंड आवंटित हुआ था। दस्तावेजों में नामों की त्रुटि के आधार पर सितंबर माह में लखनऊ के तालकटोरा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 8 दिसंबर को दिल्ली जाते समय उन्हें शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर देवरिया लाया गया।
बेल एप्लीकेशन और ज्यूडिशियल रिमांड पर सवाल
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने बताया कि जमानत याचिका फिलहाल लंबित है। उन्होंने न्यायालय द्वारा दी गई ज्यूडिशियल रिमांड को चुनौती दी है, क्योंकि उसमें स्पष्ट कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। कोर्ट ने जांच अधिकारी से इस संबंध में लिखित जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय की गई है।

गोरखपुर महोत्सव की तैयारियों का उच्चाधिकारियो ने किया निरीक्षण

सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
आगामी गोरखपुर महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
निरीक्षण के समय अधिकारियों ने मंच, दर्शक दीर्घा, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग स्थल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय तथा विद्युत आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि महोत्सव में आने वाले हजारों दर्शकों की सुविधा सर्वोपरि है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि महोत्सव स्थल एवं उसके आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग, सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त संख्या में स्थापना, कंट्रोल रूम की प्रभावी कार्यप्रणाली तथा भीड़ प्रबंधन की ठोस योजना बनाने पर जोर दिया। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग से ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, महिला सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित रिस्पांस टीम की तैनाती पर भी चर्चा की।
जिलाधिकारी ने नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान है, जिसमें स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन होता है, इसलिए इसका आयोजन भव्य एवं अनुशासित ढंग से होना चाहिए।
अधिकारियों ने निरीक्षण के अंत में कार्यदायी संस्थाओं से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और यह भी निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि महोत्सव का आयोजन शांतिपूर्ण एवं यादगार बनाया जा सके।

विकास योजनाओं का महापौर ने किया स्थलीय निरीक्षण

समन्वय से शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार की पूर्वान्ह में महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव द्वारा गोरखपुर नगरीय सीमा क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त जलकल विभाग के सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता तथा संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। महापौर ने मौके पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में एच.एन. सिंह चौराहा से गोरखनाथ थाना तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की प्रगति का अवलोकन किया गया। इस मार्ग पर पूर्व में बिछाई गई पुरानी पेयजल पाइपलाइन को शिफ्ट किए जाने के सापेक्ष जलकल विभाग द्वारा अब तक लगभग 1475 मीटर पेयजल पाइपलाइन शिफ्ट की जा चुकी है। इसके साथ ही लगभग 350 पेयजल हाउस कनेक्शन का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने हड़हवा फाटक एल्युमिनियम फैक्ट्री रोड पर पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माणाधीन नाले के बेड के ऊँचा होने की शिकायत महापौर के संज्ञान में लाई। इस पर महापौर एवं नगर आयुक्त महोदय ने पीडब्ल्यूडी विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर समस्या के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि जलनिकासी में किसी प्रकार की असुविधा न हो और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
इसके उपरांत ग्रीन सिटी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित 1800 मीटर सड़क चौड़ीकरण एवं नाला निर्माण कार्य के सापेक्ष चल रहे पेयजल पाइपलाइन विस्तार कार्य की समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि अब तक 1700 मीटर लंबाई में दोनों पटरियों पर पेयजल पाइपलाइन विस्तार का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। महापौर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ शेष कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर सड़क, नाला और पेयजल सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।
महापौर ने स्पष्ट किया कि नगर में चल रही विकास योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के माध्यम से कार्यों में तेजी लाकर जनता को शीघ्र लाभ पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिकता है।

आधुनिक होंगे जिले के सात पशु अस्पताल, पशुपालकों को मिलेगी बड़ी राहत

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद के पशुपालकों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। जिले के तीन दशक पुराने और जर्जर हो चुके सात राजकीय पशु अस्पतालों के नवनिर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इन नए भवनों के निर्माण से जिले में पशु चिकित्सा सेवाएं आधुनिक होंगी और करीब 70 हजार पशुओं को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। शासन की पहल पर पशुपालन विभाग ने बीते वर्ष जर्जर पशु अस्पतालों की पहचान कर रिपोर्ट मांगी थी। इसी क्रम में बलिया जनपद के सात ऐसे पशु अस्पतालों को चिन्हित किया गया, जिनके भवन लगभग 30 वर्ष पुराने हो चुके हैं और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। इन अस्पतालों के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक पर करीब 69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नए पशु अस्पताल भवन पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनमें पशु चिकित्सकों के लिए आवास, कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था, दवा भंडारण के लिए स्टोर रूम, कैटल शेड तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। खास बात यह है कि इन अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर पशुओं की शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) की भी सुविधा होगी, जिससे गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं को जिला मुख्यालय तक नहीं ले जाना पड़ेगा।
निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड का चयन कर लिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिन राजकीय पशु अस्पतालों के भवनों के नवनिर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उनमें सीयर, नगरा, पंदह, रामपुर दीघार, फेफना और इब्राहिमपट्टी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व में सिकंदरपुर पशु अस्पताल को भी इसी योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने की तैयारी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. मिश्र ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है और स्वीकृति पत्र का इंतजार है। जैसे ही शासन से पत्र प्राप्त होगा, टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य जल्द आरंभ कराया जाएगा। पशुपालकों का मानना है कि अस्पतालों के आधुनिक होने से न केवल पशुओं के इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि समय और खर्च दोनों की बचत भी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। कुल मिलाकर यह योजना जनपद के पशुपालन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी और पशुधन संरक्षण को नई मजबूती प्रदान करेगी।

सरिया लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, एक मजदूर की दर्दनाक मौत

तीन गंभीर घायल, सड़क पर बिखरा सरिया, इलाके में मचा हड़कंप

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बृजमनगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर में शुक्रवार की शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया। सरिया से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के अनियंत्रित होकर पलट जाने से ट्रॉली पर सवार एक मजदूर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर चीख-पुकार गूंज उठी।
जानकारी के अनुसार, सरिया लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली बहादुरी बाजार से पंडितपुर की ओर जा रही थी। ट्रॉली पर क्षमता से अधिक सरिया लदा हुआ था और मजदूर उसी सरिया के ऊपर बैठकर सफर कर रहे थे। जैसे ही वाहन गोपालपुर के सामने पहुंचा, अचानक संतुलन बिगड़ गया और ट्रॉली पलट गई। ट्रॉली के पलटते ही भारी सरिया मजदूरों पर गिर पड़ा।
हादसे में धर्मेंद्र उर्फ कोबरा पुत्र बिल्लू , निवासी अमवा, थाना कोल्हुई सरिया के नीचे दब गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्हें बचाने का मौका ही नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
हादसे में रवि निवासी इंद्रजोत , सिकंदर और सुरेमन निवासी जीयनजोत, थाना कोल्हुई गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सीएचसी बृजमनगंज भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए जनपद सिद्धार्थनगर ले गए।
घटना की सूचना पर बृजमनगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। हादसे के चलते कुछ समय के लिए सड़क पर आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने पलटी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क किनारे हटवाकर यातायात बहाल कराया।
इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण सामग्री से लदे वाहनों में मजदूरों की असुरक्षित ढुलाई और ओवर लोडिंग की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

सावित्री बाई फुले की 195 वीं जयंती शिक्षक दिवस के रूपये मे मनाया गया

भलुअनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
शनिवार को टेकुआ चौराहे पर सावित्री बाई फुले की 195 वीं जयंती राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में पुष्प अर्पित कर मनाया गया।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता रामकिशोर चौहान ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने 6लड़कियों के साथ 14 जनवरी 1848 में पूना के बुधवार पेठ निवासी तात्यासाहब भिंडे नामक ब्राह्मण के मकान में एक कन्या पाठ शाला का शुभारंभ किया गया। इसकी शुरुआत एक लम्बे संघर्ष के बाद हो सका। चौहान ने आगे कहा कि फुले अपने महान कार्यों से भारतीय नारी के पैरों में अनादिकाल से डाली गई परतंत्रता की बेड़ियां खण्ड -खण्ड हो गई । आज भारतीय नारी सम्मान के साथ जीना सीख लिया है और पुरुषों के साथ मिलकर हर क्षेत्रों में प्रगति के पथ पर स्पर्धा हासिल कर आसमान के बुलंदियों को छू रही है। सेवा निवृत्त शिक्षक रामनछतर प्रसाद ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने देश में अपने क्रांतिकारी समाज सुधार के कार्यों से नारी जगत के लिए एक महान आदर्श स्थापित किया। उनका योगदान समाज के लिए मिसाल है जिसके दिव्य प्रकाश में स्वतन्त्र होकर खुली हवा में सांस लेने में शिक्षा के क्षेत्र में नारी शक्ति को सौभाग्य मिला है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेंद्र प्रसाद,हरिशरण पासवान, डॉ मुकेश चौहान, शंभू खरवार, रामनरेश यादव, बैरिस्टर शर्मा, राजेश चौहान, शत्रुध्न चौहान, दयालू, जोखू, रामहित यादव, मुन्नीलाल, शिवानंद चौहान, शिवचन्द चौहान, भीम कुमार भारती, सहित आदि लोग शामिल रहे।

सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम–एसपी ने किया मऊ–आजमगढ़ मार्ग के ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण

मऊ(राष्ट्र की परम्परा)सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने पुलिस अधीक्षक श इलमारन के साथ मऊ–आजमगढ़ मुख्य मार्ग पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग वाराणसी–गोरखपुर पर स्थित शहरोज मोड़ एवं मतलूपुर मोड़ का अवलोकन किया गया। शहरोज मोड़ अंडरपास पर प्रकाश व्यवस्था, साइन बोर्ड एवं संकेतक लगाने के निर्देश एनएचएआई अधिकारियों को दिए गए। वहीं मतलूपुर मोड़ पर सर्विस लेन दुरुस्त कराने, साइन बोर्ड लगाने तथा वाराणसी एवं गोरखपुर दिशा की ओर संकेतक स्थापित करने को कहा गया। साथ ही एनएचएआई को वाराणसी–गोरखपुर मार्ग पर एस्कॉर्ट वाहन एवं एंबुलेंस सेवा सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।इसके उपरांत लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित मऊ–आजमगढ़ मार्ग के ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण किया गया। बरलाई मोड़ पर सफेद पट्टी पुनः लगाने एवं लिंक मार्ग पर ब्रेकर निर्माण के निर्देश दिए गए। बड़ा गांव स्थित ब्लैक स्पॉट पर पेट्रोल पंप के अतिरिक्त छोटे कट को बंद कराने के निर्देश दिए गए। अमारी महासो मोड़ पर साइन बोर्ड लगाने तथा सड़क किनारे झाड़ियों एवं पेड़ों की टहनियों की छंटनी कराने को कहा गया।जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी मोहम्मदाबाद गोहना को सठियांव एवं घोसी चीनी मिल मार्ग पर चलने वाली समस्त ट्रैक्टर–ट्रॉलियों में रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए। खुरहट मोड़ पर बड़ा संकेतक बोर्ड लगाने एवं डिवाइडर से होर्डिंग हटाने को कहा गया। मढैया चट्टी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद गोहना के पास भी सड़क किनारे झाड़ियों की सफाई के निर्देश वन विभाग को दिए गए।इसके अतिरिक्त मोहम्मदाबाद गोहना स्थित चौक चौराहा, कैलेंडर चौराहा एवं चुंगी मोड़ का निरीक्षण किया गया। मऊ–आजमगढ़ दिशा के प्रथम मोड़ पर शॉर्ट मोड़ संकेतक एवं डेंजर बोर्ड लगाने, लिंक रोड पर ब्रेकर निर्माण, सफेद पट्टी दुरुस्त कराने तथा सड़क किनारे स्थित विद्युत पोल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है। ब्लैक स्पॉट्स के सुधार हेतु प्रतिदिन कार्यवाही एवं निरीक्षण किया जा रहा है। सेवा फाउंडेशन द्वारा किए गए सर्वे में प्राप्त सुझावों के आधार पर लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सौरभ सिंह, क्षेत्राधिकारी मऊ कृष राजपूत, यातायात निरीक्षक एस.एस. पांडे, उपजिलाधिकारी मोहम्मदाबाद गोहना अभिषेक गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बाइक व ई-रिक्शा की टक्कर में युवक गंभीर रूप से घायल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

शनिवार की करीब 12 बजे रतसर–एकइल मार्ग पर पकड़ी थाना क्षेत्र के धर्मपुर मठिया स्थित पेट्रोल पंप के पास बाइक और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार आदर्श कुमार (28) पुत्र भोला, निवासी पकड़ी, गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि युवक सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया गया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारू कराया। पुलिस ने ई-रिक्शा और बाइक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

पछुआ हवाओं के साथ शीतलहर का प्रकोप, महराजगंज में फिर लौटी कड़ाके की ठंड

तापमान में तेज गिरावट से जन जीवन प्रभावित, बाजारों में सन्नाटा, प्रशासन अलर्ट

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही तेज पछुआ हवाओं ने एक बार फिर कड़ाके की ठंड की वापसी करा दी है। बीते दो दिनों से मौसम के अचानक बदले मिजाज के चलते न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे जिले में शीतलहर का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। सुबह और देर रात सर्द हवाएं लोगों को कंपकंपी छुड़ा रही हैं।
कड़ाके की ठंड के कारण आम जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग आवश्यक कार्यों को छोड़कर घरों में रहने को मजबूर हैं। ठंड से बचाव के लिए अलाव, अंगीठी, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लिया जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर दिन भर अपेक्षाकृत सन्नाटा पसरा रहा। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही बेहद कम नजर आई।
ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों को ठंड से खासा जूझना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पछुआ हवाओं की गति बढ़ने से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है, जिससे शीतलहर का असर बना रह सकता है। घने कोहरे की भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जरूरतमंदों, निराश्रितों और राहगीरों के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने तथा ठंड से बचाव की अन्य व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, गर्म वस्त्रों का प्रयोग करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
कुल मिलाकर पछुआ हवाओं के साथ लौटी इस कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर जनपद वासियों को सतर्क कर दिया है और ठंड से बचाव के उपाय अपनाना अब बेहद जरूरी हो गया है।

कांस्टेबल सुनील शाह ने कंबल व केक से बांटी खुशियां नववर्ष के तीसरे दिन मानवता की मिसाल बने यूपी पुलिस के कांस्टेबल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

नववर्ष 2026 के तीसरे दिन शनिवार को जहां अधिकांश लोग जश्न और मनोरंजन में व्यस्त नजर आए, वहीं बलिया जनपद में तैनात यूपी पुलिस के एक कांस्टेबल ने मानवता, सेवा और करुणा की मिसाल पेश की। CO सिकंदरपुर कार्यालय में तैनात कांस्टेबल सुनील शाह ने कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर करीब पचास असहाय लोगों को कंबल वितरित किए और केक खिलाकर उनके साथ नववर्ष की खुशियां साझा कीं। ठंड के इस भीषण दौर में जब कई गरीब और निराश्रित लोग खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं, ऐसे समय में कांस्टेबल सुनील शाह की यह पहल किसी संजीवनी से कम नहीं रही। उन्होंने अपने निजी संसाधनों से कंबलों की व्यवस्था की और स्वयं जरूरतमंदों को कंबल भेंट कर उन्हें ठंड से राहत पहुंचाई। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में संतोष साफ झलक रहा था।
इस अवसर पर कांस्टेबल सुनील शाह ने कहा कि “पुलिस की वर्दी केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर मेरी छोटी-सी पहल से किसी को राहत और खुशी मिलती है, तो यही मेरे लिए नववर्ष का सबसे बड़ा उपहार है।” सेवा कार्यक्रम के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं ने उनके साथ केक काटकर नववर्ष का स्वागत किया। कई जरूरतमंदों ने उन्हें दुआएं दीं और कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज में भरोसा और अपनापन कायम करते हैं। आज जब पुलिस को अक्सर सख्ती के नजरिए से देखा जाता है, ऐसे में कांस्टेबल सुनील शाह जैसे संवेदनशील और जमीनी सिपाही यह साबित करते हैं कि यूपी पुलिस न केवल कानून की रखवाली करती है, बल्कि समाज की सेवा में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उनका यह कार्य अन्य पुलिसकर्मियों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
निस्संदेह, बलिया को ऐसे मानवतावादी कांस्टेबल पर गर्व है।

नितिन गडकरी सरकारी बंगले में करते हैं खेती, पत्नी करती हैं ऑर्गेनिक फार्मिंग; AI से उग रही एक किलो की सब्जियां

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी न केवल देश के हाईवे नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि खेती में भी नई मिसाल पेश कर रहे हैं। दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास परिसर में गडकरी छोटे स्तर पर खेती करते हैं, जहां वे मिर्च सहित कई सब्जियां उगाते हैं। वहीं उनकी पत्नी महाराष्ट्र में ऑर्गेनिक खेती करती हैं। इस बारे में गडकरी ने फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान के वीडियो ब्लॉग में खुलकर बातचीत की।

ऑर्गेनिक खेती से एक किलो का बैंगन और प्याज

नितिन गडकरी ने बताया कि महाराष्ट्र में उनकी पत्नी की ऑर्गेनिक खेती में एक-एक किलो वजन का बैंगन और प्याज उगाया गया है। यहां ऑर्गेनिक सब्जियों के साथ-साथ अरहर दाल और चने की दाल की भी खेती होती है। खेती में AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

AI और सैटेलाइट से होती है सिंचाई

गडकरी ने बताया कि खेती के लिए गूगल और माइक्रोसॉफ्ट की मदद से सैटेलाइट इमेज निकाली जाती हैं। उसी आधार पर यह तय किया जाता है कि कहां और कितनी सिंचाई करनी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में भी वे खेती करते हैं, जहां 15 से 17 मोर नियमित रूप से कुछ खाने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पड़ोसी सोनिया गांधी हैं, जबकि दूसरी ओर पहले मनमोहन सिंह का बंगला था।

राजनीतिक विरासत पर कार्यकर्ताओं का अधिकार

गडकरी ने कहा कि उनका जीवन एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार जैसा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें जितना दिया है, हम उसी में संतुष्ट हैं।” नागपुर में जनप्रतिनिधि के तौर पर उनसे मिलने रोज हजारों लोग आते हैं और वे आखिरी व्यक्ति से भी जरूर मिलते हैं, चाहे आधा मिनट ही क्यों न हो।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से भी साफ कहा है कि उनकी राजनीतिक विरासत पर कार्यकर्ताओं का हक है। “मेरा सब कुछ उनका है, लेकिन मेरी राजनीतिक विरासत मेरे कार्यकर्ताओं की है।”

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हाईवे के लिए ससुर का घर भी तोड़ना पड़ा

पॉडकास्ट में गडकरी की पत्नी ने बताया कि एक हाईवे परियोजना के चलते उनके मायके का घर तोड़ना पड़ा था। इस पर गडकरी ने कहा कि नियम के अनुसार रेखा खींचकर पूरा घर गिराया गया और बदले में मुआवजा दिया गया।

दिल्ली-देहरादून फ्लाइट का महत्व खत्म होगा

नितिन गडकरी ने दावा किया कि अगले 15 दिनों में दिल्ली से देहरादून की फ्लाइट का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा, क्योंकि नया हाईवे बनकर तैयार है और लोग दो घंटे में सड़क मार्ग से यह दूरी तय कर सकेंगे।

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बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी को जिंदा जलाया गया, इलाज के दौरान मौत; अल्पसंख्यक हिंसा से दहला शरियतपुर

ढाका/बांग्लादेश (राष्ट्र की परम्परा)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरियतपुर जिले के बाजार में मेडिकल स्टोर चलाने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।

30 प्रतिशत से अधिक शरीर झुलसा, श्वसन तंत्र को भारी नुकसान

डॉक्टरों के अनुसार, खोकन दास के शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। उनके चेहरे और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा था। अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. शौन बिन रहमान ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 7:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

कैसे हुआ हमला?

स्थानीय अखबार प्रथम आलो के मुताबिक, यह वारदात 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुदिया उपजिला के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभांगा बाजार के पास हुई। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन दास को रास्ते में बदमाशों ने रोका, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

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आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के एक तालाब में कूद गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। गंभीर हालत में उन्हें पहले शरियतपुर सदर अस्पताल और फिर ढाका रेफर किया गया।

परिवार का दर्द, इंसाफ की मांग

खोकन दास की पत्नी सीमा दास गोद में छोटे बच्चे को लेकर रोती-बिलखती नजर आईं। उन्होंने कहा कि उनके पति रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी कारण बदमाशों ने हत्या की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

परिवार का कहना है कि किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था। इसके बावजूद इस तरह की क्रूर घटना से वे सदमे में हैं। परिवार और रिश्तेदारों ने निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

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पुलिस का बयान

दामुदिया थाने के प्रभारी मोहम्मद रबिउल हक ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों रब्बी और सोहाग की पहचान कर ली है। दोनों स्थानीय निवासी हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

संदेशखाली में टीएमसी कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर बवाल, भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव, 6 जवान घायल

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पश्चिम बंगाल (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में शुक्रवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस घटना में एक अधिकारी समेत कुल छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

मूसा मोल्लाह की गिरफ्तारी के बाद हिंसा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नजात पुलिस थाने की टीम शुक्रवार रात संदेशखाली ब्लॉक के बोयरमारी गांव में टीएमसी कार्यकर्ता मूसा मोल्लाह को गिरफ्तार करने पहुंची थी। जैसे ही पुलिस उसे उसके घर से निकालकर वाहन में बैठाने लगी, गांव के एक समूह ने अचानक पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

पुलिस वाहन को भी पहुंचा नुकसान

हमले के दौरान पुलिस की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा। घायल पुलिसकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई है।

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जबरन तालाब कब्जाने का आरोप

अधिकारी ने बताया कि मूसा मोल्लाह पर इलाके में मछली पालन के लिए जबरन तालाबों पर कब्जा करने का आरोप है। हालात बिगड़ते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया, जिसके बाद भीड़ को खदेड़कर आरोपी को सुरक्षित पुलिस थाने ले जाया गया।

दो टीएमसी नेता भी हिरासत में

पुलिस ने बताया कि भीड़ को उकसाने के आरोप में ग्राम पंचायत प्रधान समेत दो स्थानीय टीएमसी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

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