Wednesday, June 24, 2026
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प्रो. जय प्रकाश सैनी बने लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कुलपति

लखनऊ विश्वविद्यालय को मिला नया कुलपति

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लखनऊ विश्वविद्यालय (NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त) को नया कुलपति मिल गया है। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी को लखनऊ विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
राज भवन, लखनऊ से जारी आदेश के अनुसार प्रो. जय प्रकाश सैनी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी तीन वर्षों तक लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर कार्य करेंगे। वर्तमान में वे मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में कुलपति के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

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शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव से समृद्ध प्रो. सैनी की नियुक्ति को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास, अनुसंधान, नवाचार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षा जगत में उनके नेतृत्व से लखनऊ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है। नई नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक बदलाव और शैक्षणिक गुणवत्ता में और अधिक सुधार की अपेक्षा की जा रही है।

स्वच्छता और सजावट से सजेगा खिचड़ी मेला, नगर आयुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण

खिचड़ी मेला 2026: तैयारियों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर


गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।गोरखनाथ मंदिर परिसर में प्रस्तावित खिचड़ी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर नगर निगम गोरखपुर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और मेला व्यवस्था, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण तथा जन-जागरूकता से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

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निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने गोरखनाथ ओवरब्रिज से मंदिर तक डिवाइडर पर लगी रेलिंग का जायजा लिया और शीघ्र पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही धर्मशाला ओवरब्रिज के पिलरों, यातायात तिराहे से धर्मशाला तक तथा रेलवे साइड वॉल पर स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित आकर्षक वॉल पेंटिंग कराने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचे।

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नगर आयुक्त ने इस वर्ष के खिचड़ी मेले को जीरो वेस्ट और प्लास्टिक फ्री खिचड़ी मेला के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि पूरे मेला परिसर में स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े बैनर और फ्लेक्स लगाए जाएं। साथ ही प्रत्येक दुकान पर डस्टबिन अनिवार्य करने और बिना डस्टबिन किसी भी दुकान को संचालन की अनुमति न देने के निर्देश दिए।
स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए मेला शुरू होने से पहले आईईसी टीम द्वारा चार से पांच दिनों तक दिन-रात विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा सौंदर्यीकरण के तहत मेला क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग, कपड़े, रंग-बिरंगी पतंगें, घंटियां और स्वास्तिक चिन्हों से भव्य सजावट कराने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त/जोनल अधिकारी अविनाश प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता अमरनाथ, सहायक अभियंता पथ प्रकाश मोहित गुप्ता, अवर अभियंता अवनीश भारती, सफाई निरीक्षक श्रवण कुमार सोनकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण कार्य नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सेवा, संवेदना और संकल्प: गोकुल वृद्धाश्रम में कंबल वितरण व भोजन कार्यक्रम

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्री कृष्णा फाउंडेशन एवं लॉज नागेंद्र 348 द्वारा गोरखपुर स्थित गोकुल वृद्धाश्रम सेवा कार्य के तहत एक सराहनीय पहल की गई। 03 जनवरी 2026 को आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में आश्रम में निवास कर रहे 100 वृद्धजनों एवं 25 मानसिक रोगियों को ठंड से राहत देने हेतु डबल बेड कंबल वितरित किए गए, साथ ही सभी को स्नेहपूर्वक पौष्टिक दोपहर का भोजन कराया गया।

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कार्यक्रम के दौरान संस्था के सदस्यों ने वृद्धाश्रम के संवासियों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और भावनाओं को गहराई से समझा। सेवा और अपनत्व से भरे इस आयोजन ने बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान ला दी। संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के कमजोर, असहाय और उपेक्षित वर्ग की सेवा करना ही सच्ची मानवता है और यही सामाजिक विकास की मजबूत नींव है।
इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। श्री कृष्णा फाउंडेशन एवं लॉज नागेंद्र 348 द्वारा निकट भविष्य में गोकुल वृद्धाश्रम में व्यापक मेडिकल चेकअप कैंप, नेत्र परीक्षण शिविर तथा जरूरतमंद वृद्धजनों के लिए मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप आयोजित किए जाएंगे। इस पहल से वृद्धों और मानसिक रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाएगा।

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सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रोफेसर विनीता पाठक, राजू जायसवाल, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. उदयवीर सिंह, डॉ. श्रीदेव त्रिपाठी, डॉ. अजय रावत, विकास दुबे, संजय सिन्हा, सीए उपेंद्र गुप्ता, दीप और बृजेश चतुर्वेदी की उल्लेखनीय भूमिका रही। सभी ने भविष्य में भी गोकुल वृद्धाश्रम सेवा कार्य को निरंतर सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
अंत में आयोजकों ने कहा कि समाज में करुणा, सहयोग और सेवा भाव को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।

सड़क सुरक्षा माह में सख्त कदम: संत कबीर नगर में लागू हुआ “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिले भर में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया, जिससे यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता के साथ-साथ अनुशासन भी स्थापित किया जा सके।

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यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात प्रियंम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में चलाया गया। अभियान के तहत सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना हेलमेट पहने किसी भी दोपहिया वाहन चालक को ईंधन न दिया जाए। निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अभियान के दौरान यातायात प्रभारी परमहंस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों और पेट्रोल पंपों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान वाहन चालकों को रोककर हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों के पालन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कई स्थानों पर चालकों ने हेलमेट न होने पर मौके पर ही नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान संत कबीर नगर” का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना, दोपहिया वाहन चालकों की जान बचाना और आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।प्रशासन नेजनपदवासियों से अपील की है कि वे स्वयं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें, हमेशा मानक हेलमेट पहनें और नियमों का पालन कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।

राज्यस्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट में वाराणसी का दमदार प्रदर्शन

वाराणसी की शानदार जीत, सिवान को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। राज्यस्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट में शनिवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में वाराणसी की टीम ने सिवान (बिहार) को पराजित कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। यह मुकाबला श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज आश्रम के मैदान में खेला गया, जहां खेल प्रेमियों की भारी भीड़ मौजूद रही। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अनुशासित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को खूब रोमांचित किया।

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मैच का शुभारंभ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजीत जायसवाल एवं बीआरडी बीडी कॉलेज बरहज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अजय मिश्रा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उद्घाटन के बाद जैसे ही खेल शुरू हुआ, वाराणसी की टीम ने शुरू से ही सिवान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पहले हाफ में वाराणसी ने लगातार हमले किए, लेकिन सिवान की मजबूत रक्षा पंक्ति के चलते कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी।
दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। दूसरे हाफ के तीसरे मिनट में वाराणसी के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और तेज आक्रमण के दम पर लगातार दो गोल दाग दिए। इन गोलों ने सिवान की टीम को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया। इसके बाद सिवान ने वापसी की कोशिश की, लेकिन वाराणसी की सशक्त डिफेंस और गोलकीपर की सतर्कता के आगे उनकी एक न चली।

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निर्धारित समय तक स्कोर बरकरार रहने के साथ ही वाराणसी ने यह मुकाबला जीतकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच में रेफरी की भूमिका में मकसूद आलम ने निष्पक्ष निर्णय देकर खेल को सुचारू रूप से संपन्न कराया। आयोजन को सफल बनाने में केशव तिवारी, मैनेजर तिवारी, प्रदीप जायसवाल, मुरारी अग्रवाल, दिलीप मद्धेशिया, महेश यादव, रमेश सिंह एवं मोहन मद्धेशिया सहित अन्य पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।

अवैध कटान का ग्रामीणों का विरोध,वन विभाग पर मिलीभगत के आरोप

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के विकास खंड सेमरियावा अंतर्गत बुधा खुर्द गांव में अवैध कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप है कि कुछ वनकर्मी वन माफियाओं से मिलीभगत कर हरे-भरे पेड़ों को सूखा बताकर कटवा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की हरियाली तेजी से नष्ट हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार हो रही कटान से कई बाग-बगीचे समाप्ति की कगार पर पहुंच चुके हैं।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर बुधा खुर्द चौराहे पर हरे आम के पेड़ की कटान होते देख आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और कड़ा विरोध दर्ज कराया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने हरे पेड़ काटे जाने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की।

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मौके पर जांच के बाद हरे आम के पेड़ की कटान पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जारी अवैध कटान वन विभाग कर्मियों और पुलिस की कथित मिलीभगत के कारण ही संभव हो पा रही है, जिससे माफिया बेखौफ होकर पेड़ों की कटाई कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध कटान में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि पर्यावरण और हरियाली को बचाया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टेशनों पर बढ़ाई गई निगरानी

प्रयागराज रेल खंड का व्यापक निरीक्षण


वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)।पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने 03 जनवरी 2026 को बनारस–प्रयागराज रामबाग रेल खंड का एक दिवसीय गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विंडो ट्रेलिंग संरक्षा निरीक्षण के साथ झूंसी, प्रयागराज रामबाग, रामनाथपुर, भीटी और हंडिया खास रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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निरीक्षण के क्रम में डीआरएम सबसे पहले झूंसी रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने माघ मेला और पौष पूर्णिमा स्नान के लिए की गई तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने स्टेशन परिसर, यार्ड, अस्थायी आश्रय शिविर, स्टाफ कैंटीन, पेयजल, शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र, अग्निशमन यंत्र, मोबाइल यूटीएस तथा प्रकाश व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही मेला विशेष ट्रेनों के लिए रखे गए रेकों की सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात निरीक्षण स्पेशल यान से डीआरएम प्रयागराज रामबाग स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने यात्री आश्रय, प्रतीक्षालय, पैदल उपरिगामी पुल, टिकट काउंटर, सर्कुलेटिंग एरिया और प्रवेश–निकास मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सतत निगरानी, स्टेशन परिसर की नियमित साफ-सफाई और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन योजना को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।

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रामनाथपुर, भीटी और हंडिया खास स्टेशनों पर भी डीआरएम ने यात्री सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था और परिचालनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि माघ मेला अवधि में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मध्यस्थता से सुलझा पति-पत्नी का पारिवारिक विवाद, साथ रहने का लिया संकल्प

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी के न्यायालय से परिवाद के रूप में दर्ज पति-पत्नी के पारिवारिक विवाद को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता के माध्यम से सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया। रिंकू बनाम राकेश प्रकरण में मध्यस्थ अरुण कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता की प्रेरणा और परामर्श से दोनों पक्षों ने आपसी समझ-बूझ के आधार पर अपने मतभेद समाप्त कर साथ-साथ रहने का संकल्प लिया।
समझौते के उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव देवेन्द्र नाथ गोस्वामी के समक्ष पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माल्यार्पण कर साथ जाने की सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ता राम कृष्ण यादव सहित अन्य लोगों ने दोनों को शुभकामनाएं दीं।

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दोनों पक्षों को मध्यस्थता केंद्र में आमंत्रित किया गया था, जहां मीडिएटर अरुण कुमार श्रीवास्तव की काउंसलिंग एवं न्यायिक अधिकारी के प्रयास से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका।
उल्लेखनीय है कि जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में सुलह-समझौता केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जहां पारिवारिक एवं वैवाहिक विवादों का निस्तारण कानूनी प्रक्रिया के तहत मध्यस्थता द्वारा किया जाता है। इसके लिए संबंधित पक्षकार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होता है।

युवाओं को अधिकार और कर्तव्य 6समझाने पर रहेगा विशेष फोकस

संत कबीर नगर में 5 से 12 जनवरी तक नेशनल यूथ वीक का आयोजन, युवाओं को मिलेगा विधिक अधिकारों का ज्ञान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। युवाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और विधिक जागरूकता से जोड़ने के उद्देश्य से जनपद संत कबीर नगर में नेशनल यूथ वीक 2026 का आयोजन 5 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर के तत्वावधान में आयोजित होगा।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र नाथ गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन 5 जनवरी 2026 को प्रातः 9:30 बजे न्यायालय सभागार में किया जाएगा। उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विधिक साक्षरता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का शुभारंभ भी होगा।

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नेशनल यूथ वीक के दौरान युवाओं को संविधान में निहित अधिकार, कर्तव्यों की समझ, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, साइबर कानून, नशा मुक्ति और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा। इसके लिए संगोष्ठी, संवाद सत्र, जागरूकता शिविर और परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा वर्ग कानून के प्रति सजग और जिम्मेदार नागरिक बन सके।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों, विधिक स्वयंसेवकों और संबंधित कर्मियों से निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नेशनल यूथ वीक 2026 न केवल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का मंच बनेगा, बल्कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से जोड़कर सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी प्रेरित करेगा।
यह आयोजन जनपद के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे कानून की बारीकियों को सरल भाषा में समझकर अपने भविष्य को सशक्त बना सकेंगे।

सनातन धर्म में सूर्य की महिमा: क्यों हैं सूर्य प्रत्यक्ष देव?

🌞 सूर्य कथा 🌞
“साक्षात् ब्रह्मतेज का उदय: जब सूर्य बने जीवन, धर्म और मोक्ष का आधार”
(एक शास्त्रोक्त, भावनात्मक और आत्मा को स्पर्श करने वाली दिव्य कथा)
भूमिका
सनातन धर्म में यदि किसी देवता को प्रत्यक्ष देव कहा गया है, तो वह सूर्यदेव हैं। वे केवल आकाश में चमकता प्रकाशपुंज नहीं, बल्कि जीवन, चेतना, धर्म, कर्म और मोक्ष के मूल स्रोत हैं। ऋग्वेद से लेकर पुराणों तक, सूर्य को आत्मा का कारक, काल का नियंता और सृष्टि का नेत्र कहा गया है।
सूर्य कथा –में हम शास्त्रों में वर्णित उस दिव्य कथा का स्मरण करेंगे, जहाँ सूर्यदेव की महिमा, समानता और करुणा का ऐसा वर्णन मिलता है जो मानव जीवन को दिशा देने वाला बन जाता है।
शास्त्रोक्त सूर्य की दिव्य महिमा
ऋग्वेद (1.115.1) में कहा गया है—
“सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्च”
अर्थात् सूर्य चर-अचर समस्त जगत की आत्मा हैं।
सूर्यदेव बिना किसी भेदभाव के सबको समान प्रकाश देते हैं—राजा हो या रंक, साधु हो या पापी। यही उनकी समानता (Equality) का सबसे बड़ा शास्त्रीय प्रमाण है। वे न किसी से द्वेष करते हैं, न किसी से विशेष प्रेम—उनका धर्म है केवल प्रकाश देना, जीवन देना और अज्ञान को नष्ट करना।
कथा: जब अहंकार टूटा और सूर्य की शरण मिली
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, एक समय राजा विभूतसेन अत्यंत पराक्रमी और विद्वान थे। वे यज्ञ, दान और तप में अग्रणी थे, परंतु धीरे-धीरे उनके मन में अहंकार प्रवेश कर गया। वे स्वयं को देवताओं से भी श्रेष्ठ समझने लगे।
एक दिन उन्होंने घोषणा कर दी—
“मेरे राज्य में सूर्य पूजा की आवश्यकता नहीं, क्योंकि मेरा तेज ही सूर्य के समान है।”
यह सुनकर देवता भी स्तब्ध रह गए। तभी सूर्यदेव ने कोई क्रोध नहीं किया, बल्कि केवल एक क्षण के लिए अपनी किरणों की तीव्रता कम कर दी।
परिणाम भयावह था—
फसलें सूखने लगीं
नदियों का जल स्तर घटने लगा
रोग फैलने लगे
प्रजा त्राहि-त्राहि करने लगी
तभी राजा को बोध हुआ कि उसका तेज क्षणिक है, जबकि सूर्य का तेज सनातन है।
सूर्य उपासना और आत्मबोध
राजा विभूतसेन ने ऋषियों के निर्देश पर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया। जैसे ही उन्होंने सूर्य को नमन किया, सूर्यदेव पुनः पूर्ण तेज से उदित हुए।
वाल्मीकि रामायण में भी कहा गया है—
“आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्।”
यह केवल शत्रु नाश नहीं, बल्कि अहंकार, अज्ञान और मोह के विनाश का भी स्तोत्र है।
सूर्यदेव: कर्म और न्याय के प्रतीक
सूर्यदेव को नवग्रहों का राजा कहा गया है। वे कर्मफल दाता हैं। शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि सूर्य बलवान हो तो व्यक्ति में—
आत्मविश्वास
नेतृत्व क्षमता
सत्यनिष्ठा
आरोग्य
तेजस्विता
आती है।
और यदि सूर्य दुर्बल हो तो व्यक्ति निर्णयहीन, रोगग्रस्त और आत्मग्लानि से भरा रहता है।
भावनात्मक पक्ष: सूर्य और मानव संबंध
जब मनुष्य टूट जाता है, तब भी सूर्य हर सुबह यही संदेश देता है—
“उठो, फिर से आरंभ करो।”
रात्रि चाहे कितनी ही गहरी क्यों न हो, सूर्य का उदय निश्चित है। यही कारण है कि सूर्य को आशा, पुनर्जन्म और संघर्ष से विजय का प्रतीक माना गया है।
एक शास्त्रीय उक्ति कहती है—
“सूर्य केवल आकाश में नहीं, साधक के हृदय में भी उदित होता है।”
सूर्य समानता का संदेश
सूर्य कथा हमें सिखाती है कि—
शक्ति का उपयोग सेवा के लिए हो
तेज का अर्थ अहंकार नहीं, बल्कि परोपकार हो
जो सबको समान देखे, वही सच्चा देवतुल्य मानव है
सूर्य कथा – एपिसोड 9 का सार
यह कथा केवल पौराणिक आख्यान नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन के लिए एक दिव्य संदेश है। जब भी मनुष्य अपने अहंकार में स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने लगता है, सूर्य की कथा उसे विनम्रता और धर्म का मार्ग दिखाती है।
सूर्यदेव हमें सिखाते हैं—
“मैं जलाता नहीं, प्रकाशित करता हूँ।
मैं दंड नहीं देता, चेतावनी देता हूँ।
मैं विनाश नहीं, नवजीवन देता हूँ।”

ग्रह-नक्षत्रों की चाल और राशियों के स्वामी ग्रहों के प्रभाव

4 जनवरी 2026 का विस्तृत राशिफल
पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत


ग्रह-नक्षत्रों की चाल और राशियों के स्वामी ग्रहों के प्रभाव से 4 जनवरी 2026 का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है, वहीं कुछ राशियों को संयम और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है। यह राशिफल दैनिक जीवन, कार्य-व्यवसाय, शिक्षा, कला-संगीत, राजनीति, प्रशासन और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरल व प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया गया है, ताकि पाठक के मन पर गहरी छाप छोड़े।
मेष राशि (Aries ♈)
अक्षर: चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ
आज ऊर्जा भरपूर रहेगी। कार्यक्षेत्र में नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। व्यवसाय में पुराने संपर्क लाभ देंगे। छात्र वर्ग को पढ़ाई में फोकस बढ़ाने की जरूरत है। कला और खेल से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। राजनीति व प्रशासन में आपकी सक्रियता सराही जाएगी।
आर्थिक स्थिति: सामान्य से बेहतर
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: हनुमान जी

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वृषभ राशि (Taurus ♉)
अक्षर: ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो
दिन थोड़ा धीमा लेकिन भरोसेमंद रहेगा। व्यापार में स्थिर लाभ के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। छात्रों को धैर्य के साथ पढ़ाई करनी चाहिए।
आर्थिक स्थिति: संतुलित
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: लक्ष्मी माता
मिथुन राशि (Gemini ♊)
अक्षर: का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा
बातचीत और नेटवर्किंग से लाभ होगा। मीडिया, लेखन, आईटी और शिक्षा क्षेत्र में अच्छा दिन है। राजनीति में सक्रिय लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: सुधार के योग
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: गणेश जी

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कर्क राशि (Cancer ♋)
अक्षर: ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो
परिवार और भावनात्मक रिश्तों के लिए अच्छा दिन। प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों को धैर्य रखना होगा। विद्यार्थियों के लिए दिन सामान्य है।
आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण जरूरी
शुभ रंग: क्रीम
शुभ अंक: 2
पूज्य देवता: शिव जी
सिंह राशि (Leo ♌)
अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
आत्मविश्वास बढ़ेगा। राजनीति, नेतृत्व और प्रशासन में आपकी बात सुनी जाएगी। कलाकारों और मंच से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल समय।
आर्थिक स्थिति: मजबूत
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
पूज्य देवता: सूर्य देव
कन्या राशि (Virgo ♍)
अक्षर: टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो
काम का दबाव रहेगा लेकिन परिणाम संतोषजनक होंगे। शिक्षा और रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है।
आर्थिक स्थिति: स्थिर
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 5
पूज्य देवता: विष्णु जी

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तुला राशि (Libra ♎)
अक्षर: रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते
कामकाज में संतुलन जरूरी रहेगा। कानून, प्रशासन और राजनीति में निर्णय सोच-समझकर लें।
आर्थिक स्थिति: सामान्य
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूज्य देवता: दुर्गा माता
वृश्चिक राशि (Scorpio ♏)
अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू
दिन सीख देने वाला है। शोध, गुप्त कार्य और रणनीति से जुड़े लोग लाभ पाएंगे।
आर्थिक स्थिति: सावधानी जरूरी
शुभ रंग: मैरून
शुभ अंक: 9
पूज्य देवता: भैरव जी
धनु राशि (Sagittarius ♐)
अक्षर: ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे
यात्रा और विस्तार के योग हैं। शिक्षा, धर्म और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए अच्छा दिन।
आर्थिक स्थिति: लाभ के संकेत
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूज्य देवता: गुरु बृहस्पति

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मकर राशि (Capricorn ♑)
अक्षर: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी
काम में धैर्य रखें। प्रशासनिक और सरकारी सेवा से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी।
आर्थिक स्थिति: मेहनत का फल
शुभ रंग: स्लेटी
शुभ अंक: 8
पूज्य देवता: शनिदेव
कुंभ राशि (Aquarius ♒)
अक्षर: गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा
नवाचार और नए अवसर मिलेंगे। विज्ञान, तकनीक और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोग आगे बढ़ेंगे।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 4
पूज्य देवता: शिव जी
मीन राशि (Pisces ♓)
अक्षर: दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची
भावनात्मक और रचनात्मक कार्यों में सफलता। कला, संगीत और लेखन से जुड़े लोगों के लिए बेहतरीन दिन।
आर्थिक स्थिति: संतोषजनक
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 7
पूज्य देवता: विष्णु जी

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डिस्क्लेमर:यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिष को प्रमाणित नहीं करता। अपनी जन्मकुंडली का विश्लेषण किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से अवश्य कराएं।

4 जनवरी का महत्व: क्यों याद आती ये महान विभूतियाँ?

4 जनवरी के ऐतिहासिक निधन: समाज, संस्कृति, न्याय और संगीत को दिशा देने वाली महान हस्तियाँ

भारत और विश्व इतिहास में 4 जनवरी वह तारीख है, जब अनेक ऐसी महान विभूतियों का निधन हुआ, जिन्होंने समाज, संस्कृति, न्याय व्यवस्था, संगीत, साहित्य और मानव सेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया। इन विभूतियों का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा है। आइए जानते हैं 4 जनवरी को हुए प्रमुख ऐतिहासिक निधन और उनके योगदान को विस्तार से।

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सिंधुताई सपकाल (निधन: 4 जनवरी 2022)
जन्म: 14 नवंबर 1948
जन्म स्थान: पिंपरी मेघे, वर्धा जिला, महाराष्ट्र, भारत
सिंधुताई सपकाल को पूरे देश में “अनाथों की माँ” के नाम से जाना जाता है। उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा। कम उम्र में विवाह, घरेलू हिंसा और गर्भावस्था में घर से निकाले जाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथ, बेसहारा और सड़कों पर रहने वाले बच्चों के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने महाराष्ट्र में कई अनाथालयों की स्थापना की और हजारों बच्चों को शिक्षा, आश्रय और सम्मानजनक जीवन दिया। उन्हें पद्मश्री सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए। उनका योगदान भारतीय समाज में मानवीय करुणा का प्रतीक है।
अब्दुल हलीम जाफ़र ख़ाँ (निधन: 4 जनवरी 2017)
जन्म: 1927
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
अब्दुल हलीम जाफ़र ख़ाँ भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित सितार वादक थे। उन्होंने उस्ताद विलायत ख़ाँ की परंपरा को आगे बढ़ाया और सितार वादन को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाया।
उनकी संगीत साधना में गहराई, भाव और तकनीकी उत्कृष्टता दिखाई देती थी। उन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रचार-प्रसार किया। उनके योगदान से भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान मिली।

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एस. एच. कपाड़िया (निधन: 4 जनवरी 2016)
जन्म: 29 सितंबर 1947
जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
एस. एच. कपाड़िया भारत के 38वें मुख्य न्यायाधीश थे। वे अपनी ईमानदारी, संवैधानिक मूल्यों और न्यायिक निष्पक्षता के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों पर ऐतिहासिक फैसले आए।
उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को मजबूत किया। उनका योगदान भारतीय लोकतंत्र और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सुधीर रंजन मजूमदार (निधन: 4 जनवरी 2009)
जन्म स्थान: पश्चिम बंगाल, भारत
सुधीर रंजन मजूमदार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद के भारत में लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के लिए कार्य किया।
वे जनता से जुड़े नेता थे और विकास, शिक्षा तथा सामाजिक सुधारों के पक्षधर रहे। उनका राजनीतिक जीवन ईमानदारी और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है।

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राहुल देव बर्मन – आर. डी. बर्मन (निधन: 4 जनवरी 1994)
जन्म: 27 जून 1939
जन्म स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत
आर. डी. बर्मन, जिन्हें पंचम दा के नाम से जाना जाता है, हिंदी सिनेमा के सबसे क्रांतिकारी संगीतकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने फिल्म संगीत में पश्चिमी धुनों और भारतीय शास्त्रीय संगीत का अद्भुत समन्वय किया।
उनके संगीत ने 1970 और 1980 के दशक की पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया। आज भी उनके गीत युवा और संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं।
नवलपक्कम पार्थसारथी (निधन: 4 जनवरी 1993)

जन्म स्थान: तमिलनाडु, भारत
नवलपक्कम पार्थसारथी एक प्रख्यात आनुवंशिकीविद् थे। उन्होंने कृषि अनुसंधान, विशेषकर चावल उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया।
वे अंतरराष्ट्रीय चावल आयोग के कार्यकारी सचिव और थाईलैंड सरकार के चावल सलाहकार भी रहे। उनके शोध कार्य से एशिया के कई देशों में खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिली।

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जयंतीलाल छोटेलाल शाह (निधन: 4 जनवरी 1991)
जन्म: 3 मार्च 1908
जन्म स्थान: गुजरात, भारत
जयंतीलाल शाह भारत के 12वें मुख्य न्यायाधीश थे। वे संविधान की व्याख्या और न्यायिक मर्यादाओं के पालन के लिए प्रसिद्ध रहे।
उनके निर्णयों ने भारतीय न्याय प्रणाली को मजबूत आधार दिया। उनका योगदान कानून और लोकतंत्र की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
झाबरमल्ल शर्मा (निधन: 4 जनवरी 1983)
जन्म स्थान: राजस्थान, भारत
झाबरमल्ल शर्मा राजस्थान के वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और इतिहासकार थे। उन्होंने राजस्थानी संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन को साहित्य के माध्यम से संरक्षित किया।
उनकी रचनाएँ शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों के लिए आज भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

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रामचंद्र कृष्ण प्रभु (निधन: 4 जनवरी 1967)
जन्म स्थान: महाराष्ट्र, भारत
रामचंद्र कृष्ण प्रभु महात्मा गांधी के निकट सहयोगी और विचारधारा के अनुयायी थे। वे एक निर्भीक पत्रकार भी थे।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधारों में सक्रिय भूमिका निभाई। पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
मोहम्मद अली (निधन: 4 जनवरी 1931)
जन्म: 1878
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
मोहम्मद अली स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और शिक्षाविद थे। वे खिलाफत आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे।
उन्होंने अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध लेखनी और आंदोलन दोनों के माध्यम से संघर्ष किया। उनका योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक है।

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अयोध्याप्रसाद खत्री (निधन: 4 जनवरी 1905)
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
अयोध्याप्रसाद खत्री खड़ी बोली के प्रसिद्ध कवि थे। उन्होंने हिंदी भाषा और साहित्य को जनमानस तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य के विकास को नई दिशा दी।

क्या आप जानते हैं ?4जनवरी ने दुनिया को कैसे बदला

4 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण में अमिट योगदान

भारत और विश्व के इतिहास में 4 जनवरी को जन्मे व्यक्तियों ने खेल, साहित्य, सिनेमा, न्याय, राजनीति, समाज सुधार और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। आइए जानते हैं ऐसे ही महान लोगों के जीवन, जन्म-स्थान और उनके ऐतिहासिक योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी।

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अपूर्वी चंदेला (जन्म: 4 जनवरी 1993)
जन्म स्थान: देहरादून, उत्तराखंड, भारत
अपूर्वी चंदेला भारत की शीर्ष महिला निशानेबाज़ों में से एक हैं। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक और 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया। उनका योगदान भारतीय महिला खेलों के सशक्तिकरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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नाबिला जमशेद (जन्म: 4 जनवरी 1988)
जन्म स्थान: नई दिल्ली, भारत
नाबिला जमशेद एक समकालीन भारतीय लेखिका थीं, जिन्होंने सामाजिक विषयों और मानवीय संवेदनाओं पर लेखन किया। उनके लेख और रचनाएँ युवा पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक करती हैं। साहित्य के माध्यम से उन्होंने आधुनिक भारत की जटिलताओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया।

आदित्य पंचोली (जन्म: 4 जनवरी 1965)
जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
आदित्य पंचोली हिन्दी सिनेमा के चर्चित अभिनेता हैं। उन्होंने नकारात्मक और सशक्त चरित्रों में विशेष पहचान बनाई। 1980–90 के दशक में उनकी फिल्मों ने बॉलीवुड को मजबूत खलनायक दिए। उनका योगदान भारतीय सिनेमा में चरित्र अभिनय को नई धार देने में रहा।

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प्रताप चन्द्र सारंगी (जन्म: 4 जनवरी 1955)
जन्म स्थान: बालासोर ज़िला, ओडिशा, भारत
प्रताप चन्द्र सारंगी सादगी, ईमानदारी और सेवा के प्रतीक हैं। वे एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय है। भारतीय राजनीति में उन्होंने नैतिक मूल्यों को पुनर्स्थापित किया।

टी. एस. ठाकुर (जन्म: 4 जनवरी 1952)
जन्म स्थान: जम्मू, जम्मू-कश्मीर, भारत
टी. एस. ठाकुर भारत के 43वें मुख्य न्यायाधीश रहे। न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक सुधार और लंबित मामलों पर उनकी सक्रियता ऐतिहासिक रही। उन्होंने आम नागरिकों के लिए न्याय सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।

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निरुपा रॉय (जन्म: 4 जनवरी 1931)
जन्म स्थान: वलसाड ज़िला, गुजरात, भारत
निरुपा रॉय हिन्दी सिनेमा की ‘मां’ की भूमिका के लिए प्रसिद्ध थीं। उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को फिल्मों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान आज भी अमर है।

राममूर्ति त्रिपाठी (जन्म: 4 जनवरी 1929)
जन्म स्थान: उत्तर प्रदेश, भारत
वे हिन्दी और संस्कृत के विद्वान, आलोचक और शिक्षाविद् थे। भारतीय साहित्यिक आलोचना को उन्होंने वैचारिक गहराई दी। उनकी रचनाएँ शोधार्थियों के लिए आज भी मार्गदर्शक हैं।

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प्रदीप कुमार (जन्म: 4 जनवरी 1925)
जन्म स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत
प्रदीप कुमार हिन्दी सिनेमा के प्रतिष्ठित अभिनेता थे। ऐतिहासिक और सामाजिक फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें अमर बना दिया। उन्होंने भारतीय सिनेमा को गरिमा और गंभीरता दी।

गोपालदास ‘नीरज’ (जन्म: 4 जनवरी 1925)
जन्म स्थान: इटावा ज़िला, उत्तर प्रदेश, भारत
नीरज जी हिन्दी साहित्य के महान कवि और गीतकार थे। उनके गीतों ने फ़िल्मों और कवि सम्मेलनों दोनों में लोकप्रियता पाई। उन्होंने सरल शब्दों में गहरी भावनाएँ व्यक्त कीं।

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सेबास्तियन कप्पेन (जन्म: 4 जनवरी 1924)
जन्म स्थान: केरल, भारत
सेबास्तियन कप्पेन एक धार्मिक विचारक और सामाजिक चिंतक थे। उन्होंने धर्म और समाज के बीच मानवीय मूल्यों की स्थापना पर बल दिया। उनका लेखन सामाजिक न्याय की दिशा में प्रेरक रहा।

निलोफर सुल्तान (जन्म: 4 जनवरी 1916)
जन्म स्थान: इस्तांबुल, तुर्की
वे ओट्टोमन साम्राज्य की अंतिम शहजादी थीं। राजशाही से लोकतंत्र की ओर संक्रमण के दौर की वे साक्षी रहीं। उनका जीवन इतिहास के एक महत्वपूर्ण युग को दर्शाता है।

विष्णु दामोदर चितले (जन्म: 4 जनवरी 1906)
जन्म स्थान: महाराष्ट्र, भारत
वे स्वतंत्रता सेनानी, कम्युनिस्ट नेता और राष्ट्रवादी विचारक थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान वैचारिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण रहा।

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जे. सी. कुमारप्पा (जन्म: 4 जनवरी 1892)
जन्म स्थान: तंजावुर ज़िला, तमिलनाडु, भारत
जे. सी. कुमारप्पा एक प्रख्यात अर्थशास्त्री और गांधीवादी विचारक थे। उन्होंने ग्राम-आधारित अर्थव्यवस्था और स्वदेशी मॉडल को बढ़ावा दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।

एम. पी. शास्त्री (जन्म: 4 जनवरी 1889)
जन्म स्थान: भारत
वे भारत के दूसरे मुख्य न्यायाधीश रहे। भारतीय न्याय व्यवस्था की नींव मजबूत करने में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है।

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लोचन प्रसाद पाण्डेय (जन्म: 4 जनवरी 1887)
जन्म स्थान: ओडिशा, भारत
वे हिन्दी और उड़िया साहित्य के सेतु थे। दोनों भाषाओं में काव्य रचनाएँ कर उन्होंने भारतीय भाषाई एकता को सशक्त किया।

लुई ब्रेल (जन्म: 4 जनवरी 1809)
जन्म स्थान: कूपव्रे, फ्रांस
लुई ब्रेल ने दृष्टिहीनों के लिए ‘ब्रेल लिपि’ का आविष्कार किया। उनका योगदान मानव इतिहास में समावेशी शिक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है।

आज का संपूर्ण अंक राशिफल पढ़े बिना नहीं रुकेंगे आप


अंक ज्योतिष राशिफल | 4 जनवरी 2026 | पंडित सुधीर तिवारी (अंतिम बाबा) द्वारा प्रस्तुत


ज्योतिष शास्त्र की तरह ही अंक ज्योतिष भी जीवन के रहस्यों को समझने का सशक्त माध्यम है। मूलांक आपकी जन्मतिथि के अंकों का योग होता है और यही आपके स्वभाव, निर्णय क्षमता, भाग्य और आज के दिन की दिशा तय करता है।
आइए जानते हैं 4 जनवरी 2026 का अंक राशिफल, जो आपके करियर, व्यवसाय, शिक्षा, राजनीति, प्रशासन, कला, आर्थिक स्थिति और आध्यात्मिक पक्ष को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

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🔢 मूलांक 1
आज आपका आत्मविश्वास उच्च स्तर पर रहेगा।
कार्य/व्यवसाय: नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी। नई जिम्मेदारी या पदभार मिल सकता है।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छा दिन।
कला/मीडिया: मंच पर पहचान मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: अधिकारियों से सहयोग मिलेगा, पर अहंकार से बचें।
आर्थिक स्थिति: आय स्थिर रहेगी, निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
पूजा: भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
🔢 मूलांक 2
भावनाएं आज हावी रह सकती हैं।
कार्य/व्यवसाय: टीमवर्क में सफलता मिलेगी।
शिक्षा: एकाग्रता बनाए रखना जरूरी।
कला/संगीत: रचनात्मकता बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन: जनसंपर्क से लाभ।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजा: माता पार्वती की आराधना करें।

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🔢 मूलांक 3
भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा।
कार्य/व्यवसाय: उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
शिक्षा: विद्यार्थियों को सफलता के संकेत।
कला/लेखन: प्रशंसा और सम्मान संभव।
राजनीति: प्रभावशाली भाषण से लोकप्रियता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
पूजा: भगवान बृहस्पति की पूजा करें।
🔢 मूलांक 4
आज धैर्य और रणनीति से ही सफलता मिलेगी।
कार्य/व्यवसाय: रुकावटें आएंगी, पर समाधान मिलेगा।
शिक्षा: तकनीकी छात्रों के लिए लाभकारी दिन।
कला: मेहनत का फल देर से मिलेगा।
प्रशासन: नियमों का पालन जरूरी।
आर्थिक स्थिति: खर्च नियंत्रित रखें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 4
पूजा: भगवान गणेश की पूजा करें।

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🔢 मूलांक 5
परिवर्तन का दिन है।
कार्य/व्यवसाय: यात्रा और मीटिंग से लाभ।
शिक्षा: नए विषय में रुचि बढ़ेगी।
मीडिया/मार्केटिंग: सफलता के योग।
राजनीति: नई रणनीति काम आएगी।
आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत बनेंगे।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजा: भगवान विष्णु की आराधना करें।
🔢 मूलांक 6
रिश्तों और सौंदर्य से जुड़ा दिन।
कार्य/व्यवसाय: फैशन, डिजाइन, होटल सेक्टर में लाभ।
शिक्षा: कला विषय के छात्रों को सफलता।
राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजा: माता लक्ष्मी की पूजा करें।

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🔢 मूलांक 7
आत्मचिंतन का दिन।
कार्य/व्यवसाय: रिसर्च और प्लानिंग में लाभ।
शिक्षा: उच्च अध्ययन के लिए अच्छा समय।
कला/लेखन: गहराई से काम करेंगे।
राजनीति/प्रशासन: पर्दे के पीछे की रणनीति सफल।
आर्थिक स्थिति: सामान्य रहेगी।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 7
पूजा: भगवान शिव की उपासना करें।
🔢 मूलांक 8
जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, पर सफलता मिलेगी।
कार्य/व्यवसाय: मेहनत रंग लाएगी।
शिक्षा: अनुशासन जरूरी।
प्रशासन/न्याय: निर्णय क्षमता मजबूत होगी।
राजनीति: संघर्ष के बाद लाभ।
आर्थिक स्थिति: निवेश सोच-समझकर करें।
शुभ रंग: काला
शुभ अंक: 8
पूजा: भगवान शनि की पूजा करें।

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🔢 मूलांक 9
ऊर्जा और साहस से भरा दिन।
कार्य/व्यवसाय: अधूरा काम पूरा होगा।
शिक्षा: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कला/खेल: उत्कृष्ट प्रदर्शन।
राजनीति: जनसेवा से सम्मान।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
शुभ रंग: नारंगी
शुभ अंक: 9
पूजा: हनुमान जी की पूजा करें।

रवि पुष्य और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, आज किए गए कार्य होंगे सफल

🕉️ आज का संक्षिप्त पंचांग
तिथि: माघ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
⏰ समाप्ति: 12:30 PM तक, उपरांत द्वितीया
वार: रविवार
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त संवत्सर)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चन्द्र मास:
अमांत – पौष
पूर्णिमांत – माघ
🌟 नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र: पुनर्वसु – 03:11 PM तक
पुष्य – 03:11 PM के बाद
योग:वैधृति – 01:47 AM तक
विष्कुम्भ – उसके बाद
करण: कौलव – 12:30 PM तक
तैतिल – 11:09 PM तक
गर – उसके बाद

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☀️ सूर्य और 🌙 चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:13 AM
सूर्यास्त: 05:50 PM
चन्द्रोदय: 06:59 PM
चन्द्रास्त: 08:50 AM (05 जनवरी)
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि:09:43 AM तक मिथुन
उसके बाद कर्क
अशुभ काल (Auspicious Time Avoid)
राहु काल: 04:30 PM – 05:50 PM
यम गण्ड: 12:31 PM – 01:51 PM
कुलिक: 03:10 PM – 04:30 PM
दुर्मुहूर्त: 04:25 PM – 05:07 PM
वर्ज्यम्: 10:35 PM – 12:04 AM

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🌸 शुभ काल (Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: 05:37 AM – 06:25 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:10 PM – 12:52 PM
अमृत काल: 12:59 PM – 02:26 PM
विशेष शुभ योग
त्रिपुष्कर योग: 12:30 PM – 03:11 PM
रवि पुष्य योग: 03:11 PM – अगले दिन 07:13 AM
सर्वार्थसिद्धि योग: 03:11 PM – 05 जनवरी 01:24 PM
➡️ आज का दिन नए कार्य, खरीदारी, निवेश, पूजा-पाठ और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है।

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🧭 यात्रा विचार (Disha Shool)
आज किस दिशा की यात्रा वर्जित:
🔴 पश्चिम दिशा (रविवार का दिशा शूल)
यदि यात्रा आवश्यक हो तो क्या करें:
🟢 गुड़ अथवा पान खाकर यात्रा करें।
किस दिशा में यात्रा से लाभ मिलेगा:
✅ उत्तर एवं पूर्व दिशा की यात्रा लाभकारी रहेगी।
🔮 चंद्रबल एवं ताराबल
चंद्रबल (09:43 AM तक):
मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
चंद्रबल (उसके बाद):
वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ
ताराबल:
पुनर्वसु से पहले व बाद कई नक्षत्रों के लिए अनुकूल, विशेषतः पुष्य नक्षत्र अत्यंत शुभ।

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📝 नोट:इस पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा जिम्मेदार नहीं होगी। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पूर्व योग्य विद्वान या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।