Monday, June 22, 2026
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गहन विश्वास और सभ्यतागत गौरव के एक हजार वर्ष: सोमनाथ की अक्षुण्ण चेतना

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर नवनीत मिश्र का विशेष आलेख

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालम्ॐकारममलेश्वरम्॥

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का यह उद्घोष केवल बारह तीर्थों की सूची नहीं है, बल्कि भारतीय सभ्यता की आत्मिक दिशा का संकेत है। इस श्लोक में सोमनाथ का प्रथम स्थान यह स्पष्ट करता है कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रारंभ जिस बिंदु से होता है, वह प्रभास पाटन की यह पुण्यभूमि है। अरब सागर की लहरों के साथ निरंतर संवाद करता हुआ सोमनाथ मंदिर, सदियों से भारतीय आत्मा का प्रहरी। बनकर खड़ा है।
सोमनाथ केवल पत्थरों से निर्मित एक संरचना नहीं है। यह उस विश्वास का नाम है, जिसने समय की सबसे कठोर चोटों को सहा, पर कभी टूटा नहीं। यह वह स्थल है जहाँ इतिहास और आध्यात्म एक-दूसरे में विलीन होकर सभ्यता का रूप लेते हैं।
जनवरी 1026 में सोमनाथ पर हुआ पहला अभिलिखित आक्रमण भारतीय इतिहास की उन घटनाओं में से है, जिनका उद्देश्य केवल विध्वंस था, आस्था का नहीं। मंदिर को तोड़ा गया, पर विश्वास को नहीं। यही कारण है कि वर्ष 2026 में उस घटना के एक हजार वर्ष पूरे होने पर आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व किसी शोक का अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और पुनरुत्थान का उत्सव है।
यह पर्व इस सत्य की स्मृति है कि सोमनाथ जितनी बार गिराया गया, उतनी ही बार पहले से अधिक गरिमा के साथ खड़ा हुआ। इस निरंतर पुनर्निर्माण की परंपरा ने सोमनाथ को केवल धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि सभ्यतागत जीवटता का प्रतीक बना दिया।
प्रभास तीर्थ की पौराणिक परंपरा बताती है कि चंद्रदेव ने यहाँ भगवान शिव की आराधना कर अपने श्राप से मुक्ति पाई थी। यहीं से इस क्षेत्र का नाम ‘सोमनाथ’ पड़ा। यह कथा केवल आस्था नहीं, बल्कि भारतीय दृष्टि में करुणा, तप और मोक्ष की अवधारणा को पुष्ट करती है।

आदिनाथेन शर्वेण सर्वप्राणिहिताय वै।
आद्यतत्त्वान्यथानीयं क्षेत्रमेतन्महाप्रभम्।
प्रभासितं महादेवि यत्र सिद्ध्यन्ति मानवाः॥

इस श्लोक में प्रभास क्षेत्र को वह भूमि कहा गया है जहाँ आदिनाथ शिव ने समस्त प्राणियों के कल्याण हेतु अपने शाश्वत सिद्धांतों को मूर्त रूप दिया। यह वही भूमि है जहाँ मानव केवल दर्शन नहीं करता, बल्कि आत्मिक पूर्णता की ओर अग्रसर होता है। इस अर्थ में सोमनाथ केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि साधना और सिद्धि का केंद्र है।
इतिहास के हर दौर में सोमनाथ की परीक्षा हुई। ग्यारहवीं शताब्दी से लेकर अठारहवीं शताब्दी तक, मंदिर को बार-बार नष्ट किया गया, किंतु हर बार समाज ने उसे पुनः खड़ा किया। यह पुनर्निर्माण किसी एक राजा या शासक का नहीं, बल्कि सामूहिक विश्वास का परिणाम था। यही कारण है कि सोमनाथ विश्व इतिहास में अद्वितीय बन जाता है। जहाँ स्मारक नहीं, बल्कि स्मृति पुनर्जीवित होती है।

स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के खंडहरों में खड़े होकर जो संकल्प लिया, वह आधुनिक भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास की नींव बना। 11 मई 1951 को जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खोला गया, तो वह क्षण केवल धार्मिक नहीं था। वह भारत की टूटी हुई सभ्यतागत चेतना के पुनर्जागरण का उद्घोष था।
वर्ष 2026 उस ऐतिहासिक उद्घाटन के 75 वर्ष भी पूरे कर रहा है। यही कारण है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व दो कालखंडों को जोड़ता है। एक हजार वर्ष का संघर्ष और पचहत्तर वर्ष का पुनर्निर्माण।
आज सोमनाथ अपनी भव्यता के साथ निरंतर जीवंत है। 150 फीट ऊँचा शिखर, स्वर्ण-मंडित कलश, ध्वजाएँ और समुद्र की पृष्ठभूमि, यह सब मिलकर एक ऐसा दृश्य रचते हैं, जो श्रद्धा को सौंदर्य में बदल देता है। यहाँ आने वाले लाखों श्रद्धालु केवल दर्शन नहीं करते, वे इतिहास से संवाद करते हैं।
आधुनिक समय में भी सोमनाथ परंपरा और नवाचार का संगम बन गया है। प्रकाश एवं ध्वनि शो, सांस्कृतिक महोत्सव और आध्यात्मिक विमर्श नई पीढ़ी को इस विरासत से जोड़ रहे हैं। महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और संवहनीय विकास के प्रयास यह दर्शाते हैं कि सोमनाथ केवल अतीत का स्मारक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा भी है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान आयोजित अखंड ओंकार जाप, संतों की पदयात्रा और शौर्य यात्रा इस बात का प्रतीक हैं कि भारत अपनी सभ्यता को केवल स्मरण नहीं करता, उसे जीता है।
प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने इस पर्व को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ दिया है। यह संकेत है कि सोमनाथ केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उद्घोष है।
अंततः, सोमनाथ हमें यह सिखाता है कि विनाश इतिहास का एक क्षण हो सकता है, पर विश्वास सभ्यता की निरंतर धारा है। जहाँ आक्रमणकारी समय की धूल में विलीन हो जाते हैं, वहीं सोमनाथ आज भी अडिग खड़ा होकर कहता है- सभ्यता टूटती नहीं, वह पुनः खड़ी होती है।
सौराष्ट्र के तट पर खड़ा यह ज्योतिर्लिंग, भारत के गहन विश्वास और सभ्यतागत गौरव की शाश्वत लौ है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलेश शुक्ला का निधन, संगठन में शोक

नहीं रहे रामपुर कारखाना के पूर्व विधायक कमलेश शुक्ला, क्षेत्र में शोक की लहर


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कमलेश शुक्ला का शनिवार दोपहर उनके पैतृक गांव में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आमजन तक, हर कोई इस दुखद समाचार से मर्माहत नजर आया।

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पूर्व विधायक कमलेश शुक्ला पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका उपचार लखनऊ स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में चल रहा था। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न होने के कारण वे हाल ही में अपने गांव लौटे थे, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने पार्टी के सभी निर्धारित कार्यक्रमों को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। जिला कार्यालय पर शोक सभा आयोजित कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कमलेश शुक्ला का जाना पार्टी और क्षेत्र दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सरल स्वभाव, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण के लिए हमेशा स्मरणीय रहेंगे।
शोक सभा के दौरान जिला प्रभारी, जिला उपाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कमलेश शुक्ला अपने राजनीतिक जीवन में जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते थे। क्षेत्र के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और संगठनात्मक मजबूती के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से रामपुर कारखाना विधानसभा ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती।

आजीविका मिशन से बदलेगी गांवों की तस्वीर: प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की प्रभारी मंत्री और प्रदेश की ग्राम्य विकास विभाग एवं समग्र ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों, आजीविका मिशन और कानून व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग सुधारना, जनकल्याणकारी योजनाओं की गुणवत्ता बढ़ाना और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा।
प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) गांवों की तस्वीर बदलने वाला अभियान है। इसका लक्ष्य हर गरीब परिवार को रोजगार, सम्मानजनक आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आजीविका मिशन को कागजों तक सीमित न रखते हुए गांव-गांव प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
बैठक में विधायक खलीलाबाद अंकुर राज तिवारी, विधायक मेंहदावल अनिल त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, जल निगम, कृषि, पशुपालन, लोक निर्माण, पर्यटन, समाज कल्याण, दिव्यांगजन एवं सशक्तिकरण, एनआरएलएम सहित सभी विभागों की विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।
आजीविका मिशन और एनआरएलएम की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में लगभग 9000 स्वयं सहायता समूह गठित हैं। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए, उन्हें आयवर्धक गतिविधियों, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सफल समूहों के अनुभव नए समूहों तक पहुंचाए जाएं, जिससे महिला स्वावलंबन को मजबूती मिले।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, इमरजेंसी सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता और मिड-डे-मील की निरंतरता सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को सभी विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग को एफपीओ, कृषि यंत्रों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि मेला व चौपाल लगाने के निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग को तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण में तेजी लाने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, 112, 1076, गिरोहबंद कार्रवाई सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि अपराधियों, माफियाओं और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने प्रभारी मंत्री को आश्वस्त किया कि आजीविका मिशन सहित सभी योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उनके निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

महाराजगंज में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन: 50 हजार की रिश्वत लेते 2019 बैच के दरोगा गिरफ्तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महाराजगंज में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए 2019 बैच के दरोगा मोहम्मद अशरफ खान को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई फरेंदा थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में की गई। गिरफ्तार दरोगा मोहम्मद अशरफ खान, मूल रूप से गाजीपुर जनपद का निवासी है और वर्तमान में महराजगंज में तैनात था। एंटी करप्शन विभाग को उसके खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह एक प्रकरण में राहत देने और कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर पीड़ित से लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पहले गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही दरोगा ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।

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एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शिव मनोहर यादव ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, इस गिरफ्तारी के बाद दरोगा की भूमिका से जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पड़ताल की जा रही है कि कहीं इस घूसखोरी के नेटवर्क में अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी तो शामिल नहीं हैं।
एंटी करप्शन टीम ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जनपद के पुलिस विभाग में दहशत का माहौल है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामवृक्ष प्रसाद के निधन पर शोक सभा, कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मझौली राज नगर पंचायत के वार्ड संख्या–2 निवासी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सलेमपुर के पूर्व विधायक राजा अवधेश प्रताप मल्ल के करीबी सहयोगी रहे नगर पंचायत मझौली राज के पूर्व सभासद रामवृक्ष प्रसाद का 90 वर्ष की आयु में शुक्रवार की रात लगभग 10 बजे आकस्मिक निधन हो गया।

उनके निधन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को ब्लॉक कार्यालय पर आयोजित शोक सभा में कांग्रेसियों ने दिवंगत नेता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके निधन को दल और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

शोक व्यक्त करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि रामवृक्ष प्रसाद का सम्पूर्ण जीवन कांग्रेस और समाज की सेवा में समर्पित रहा। उनकी कमी लंबे समय तक खलेगी।

शोक सभा में जिला उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय, अखिलेश मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक, परमानन्द प्रसाद, सोनू कुमार, राजू खान, यूसुफ खान, सादिक अली, एम.ए. खान, पारस निषाद, सत्यवान पांडेय, अशोक कुमार, सुच्चन खान, डॉ. याहिया अंजुम, मोहन प्रसाद, सुरेंद्र यादव, कौशलेंद्र वर्मा, विपिन पांडेय, भोला मिश्र, अवधेश यादव, अवधेश पांडेय, बब्लू पासवान, प्रभुनाथ शर्मा, डॉ. नरेन्द्र यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

डिजिटल खेती की दिशा में बड़ा कदम, फार्मर रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद कुशीनगर में किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फार्मर रजिस्ट्री अभियान की औपचारिक शुरुआत 10 जनवरी 2026 को की गई। एग्रीस्टेक (डिजिटल एग्रीकल्चर) योजना के अंतर्गत शुरू हुए इस अभियान का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर से उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह द्वारा प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया गया।यह प्रचार वाहन 10 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक जनपद के सभी 14 विकास खण्डों के राजस्व ग्रामों में भ्रमण करेगा। अभियान के दौरान किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, फार्मर आईडी बनवाने की प्रक्रिया, आवश्यकता और इसके दीर्घकालिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्तें बिना किसी अड़चन के प्राप्त होंगी। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शी बिक्री, कृषि अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड, मिट्टी परीक्षण तथा वैज्ञानिक कृषि परामर्श जैसी सुविधाओं का लाभ भी सरलता से मिल सकेगा।प्रशासन का उद्देश्य फार्मर रजिस्ट्री अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना है, ताकि भविष्य में संचालित होने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके। यह अभियान जनपद में डिजिटल खेती को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।फोकस वर्ड: फार्मर रजिस्ट्रीटैग: कुशीनगर, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल खेती, एग्रीस्टेक योजना, किसान, कृषि योजनाएं

हज 2026 की तैयारियों में तेजी, भारत सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब रवाना


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। हज 2026 की व्यवस्थाओं को समय रहते सुचारु, सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के निर्देश पर गठित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब जाकर हज से जुड़ी प्रमुख व्यवस्थाओं की प्रत्यक्ष समीक्षा करेगा।
इस प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज) दानिश आजाद अंसारी कर रहे हैं। वे 10 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सऊदी अरब के लिए रवाना होंगे। उनके साथ दिल्ली राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी, बिहार राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी तथा हज कमिटी ऑफ इंडिया के उप कार्यपालक अधिकारी भी शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब में लगभग एक सप्ताह तक प्रवास करेगा। इस दौरान मक्का, मदीना सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर भारतीय हज यात्रियों के लिए ठहराव, परिवहन, खानपान, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हज 2026 के दौरान भारतीय हाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सरकार की मंशा है कि हज 2026 की सभी तैयारियां उच्च गुणवत्ता, बेहतर समन्वय और आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरी हों। प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों से संवाद कर आवश्यक समझौते, सुझाव और सुधारात्मक निर्णय भी करेगा, जिससे भारतीय हज यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण यात्रा का अनुभव मिल सके।

नगर खेल कुंभ से राष्ट्रीय फलक की ओर: देवरिया में खेल प्रतिभाओं का सम्मान

खेल के मैदान से राष्ट्र निर्माण तक: नगर खेल कुंभ के माध्यम से युवाओं को अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ रहा अभाविप

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा खेल डेस्क)।खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण का सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) एवं खेलो भारत देवरिया नगर इकाई द्वारा आयोजित नगर खेल कुंभ का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस खेल महाकुंभ के अंतर्गत जनपद के विभिन्न नगर क्षेत्रों में अलग–अलग खेल प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं और खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
नगर खेल कुंभ में प्रतिभाग करने वाले सभी खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को रविंद्र किशोर शाही स्टेडियम, देवरिया में आयोजित पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और नगर क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना रहा।
इस अवसर पर अखिल भारतीय खेलो भारत की संयोजिका अर्पिता मलिक प्रवासी अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नगर खेल कुंभ जैसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थी परिषद युवाओं को खेल, अनुशासन और राष्ट्रीयता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने विद्यार्थियों को शारीरिक गतिविधियों से दूर कर दिया है, जिसका नकारात्मक असर उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर पड़ रहा है। ऐसे में अभाविप खेलों के माध्यम से युवाओं को पुनः मैदान की ओर लौटाने का प्रयास कर रही है।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभाविप के विभाग सह प्रमुख डॉ. राघवेंद्र पांडेय ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देश का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत कार्य कर रहा है। परिषद से जुड़कर युवा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं जिला प्रमुख डॉ. अभिनव सिंह ने कहा कि खेल कुंभ के माध्यम से छोटे नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है। खेलो भारत का यह प्रयास खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांत छात्र शक्ति संयोजक प्रभात राय ने किया। इस अवसर पर प्रांत सह मंत्री शुभम गोविंद राव, कार्यक्रम संयोजक अमन त्रिपाठी, विभाग संगठन मंत्री प्रशांत मणि, जिला संगठन मंत्री सात्विक श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कला मंच संयोजिका रानी दुर्गावती सहित अनेक कार्यकर्ता और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
नगर खेल कुंभ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि यदि युवाओं को सही दिशा और मंच मिले, तो वे खेल के माध्यम से न केवल स्वयं को बल्कि राष्ट्र को भी गौरवान्वित कर सकते हैं।

साधु बाबा क्रिकेट प्रतियोगिता में अमाव की शानदार जीत, गोसलपुर को छह विकेट से हराया

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। साधु बाबा क्रिकेट क्लब वासुदेवा में अरविंद कुमार उपाध्याय की स्मृति में आयोजित साधु बाबा क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ शनिवार को हुआ। प्रतियोगिता के पहले दिन गोसलपुर और अमाव की टीमों के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में अमाव ने छह विकेट से जीत दर्ज की।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गोसलपुर की टीम की शुरुआत कमजोर रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति प्रभावित हुई और पूरी टीम निर्धारित 10 ओवर में 77 रन बनाकर आउट हो गई। अमाव के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए गोसलपुर को बड़े स्कोर से रोके रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी अमाव की टीम ने आक्रामक शुरुआत की। ओपनरों ने तेज रन बटोरे, हालांकि बीच में कुछ विकेट गिरे, लेकिन बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा। अमाव ने 78 रनों का लक्ष्य महज 6 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत में वीरू की अहम भूमिका रही, जिन्होंने तूफानी बल्लेबाजी कर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।

प्रतियोगिता का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक एवं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं की प्रतिभा को निखारते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन और खेलभावना बनाए रखने का आह्वान किया।

उद्घाटन कार्यक्रम में राजनारायण उपाध्याय, अभिषेक उपाध्याय, तरुण कुमार सिंह, हरेंद्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे। पूरे मैदान में उत्साह का माहौल रहा और दर्शकों ने दोनों टीमों के प्रदर्शन का भरपूर आनंद लिया।

ऑपरेशन प्रहार में बड़ी कार्रवाई, 126 लीटर अवैध शराब के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में अपराध और अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत थाना बनकटा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 126 लीटर अवैध देशी शराब के साथ 6 तस्करों को गिरफ्तार करते हुए एक चार पहिया वाहन और तीन चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह तथा क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी अंशुमन श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में की गई। थाना बनकटा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जंजीरहा प्राथमिक विद्यालय के पीछे से एक टाटा हेक्सा वाहन (UP 53 DB 4664) तथा तीन मोटरसाइकिल—ड्रीम युगा (BR 29 AJ 8964), ग्लैमर (UP 52 BE 9057) और एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल—के साथ कुल 14 पेटी बन्टी बबली देशी शराब बरामद की। बरामद शराब की कुल मात्रा 126 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राणा प्रताप उर्फ मुटुरू, राहुल राम, अंकेश यादव, राहुल यादव, धीरज कुमार यादव और रोहित यादव के रूप में हुई है। सभी अभियुक्त थाना गुठनी, जिला सिवान (बिहार) के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में से कई का आपराधिक इतिहास भी दर्ज है।

पुलिस ने थाना बनकटा पर मु0अ0सं0-07/2026 धारा 317(2), 341(2), 61(2)A बीएनएस एवं 60 आबकारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, उप निरीक्षक रविन्द्र नाथ यादव, उप निरीक्षक आलोक रंजन सिंह सहित थाना बनकटा की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध शराब तस्करी और अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

यक्ष ऐप से पुलिसिंग होगी और अधिक स्मार्ट व प्रभावी: थानाध्यक्ष

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कोपागंज थाना परिसर में थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय की अध्यक्षता में समस्त उपनिरीक्षकों और पुलिस कर्मियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यक्ष ऐप, डोजियर और मानव संपदा पोर्टल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी अविलंब डोजियर भरकर कार्यालय में जमा करें, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई तय मानी जाएगी।

थानाध्यक्ष ने बताया कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा लॉन्च किया गया एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह ऐप अपराधियों की संपूर्ण जानकारी, उनकी गतिविधियों, गैंग और लोकेशन को ट्रैक करने में मदद करता है। साथ ही यह गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि यक्ष ऐप में फेशियल रिकग्निशन, वॉयस सैंपल मैचिंग और गैंग एनालिसिस जैसी अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं, जिससे अपराधियों का डेटा, क्राइम हिस्ट्री और नेटवर्क एक क्लिक में प्राप्त किया जा सकता है। गुमशुदा बच्चों, बुजुर्गों और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का विवरण भी आसानी से मिल जाता है, जिससे खोज प्रक्रिया तेज होती है।

थानाध्यक्ष ने कहा कि यह ऐप संवेदनशील क्षेत्रों और अपराधियों की गतिविधियों पर तत्काल अलर्ट प्रदान करता है। साथ ही पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और थाने की समस्त गतिविधियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने में सहायक है। अपराध के पैटर्न और अपराधियों की प्रवृत्ति को समझने के लिए इसमें ‘क्राइम जीपीटी’ जैसी सुविधा भी मौजूद है।

अंत में उन्होंने कहा कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस को अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक शक्तिशाली डिजिटल टूल प्रदान करता है, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बन रही है।

स्कूलों से समाज तक संदेश: बाल विवाह के खिलाफ कुशीनगर में जागरूकता की अलख

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान: कुशीनगर में 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम से जनजागरूकता को मिली नई धार


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के समूल उन्मूलन के उद्देश्य से संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद कुशीनगर में 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम निरंतर प्रभावी ढंग से आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को सेवरही स्थित अम्बिका प्रसाद नवोदय विद्यालय तथा तमकुहींराज के आवासीय बालिका विद्यालय में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसने छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी गहरे स्तर पर प्रभावित किया।

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जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कम उम्र में विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके। कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने बाल विवाह के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।
चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी कम उम्र में विवाह की सूचना मिले—लड़के की आयु 21 वर्ष से कम या लड़की की आयु 18 वर्ष से कम—तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देना कानूनी व सामाजिक जिम्मेदारी है। वहीं वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर रीता यादव ने निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) जैसी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।

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कार्यक्रम में 1098, 181, 1090, 112, 108 और 102 जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता भी समझाई गई। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक, रंगोली और पोस्टर पेंटिंग के माध्यम से बाल विवाह के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया। समापन पर डॉ. वीना गुप्ता ने सभी को बाल विवाह न करने की सामूहिक शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का नारा रहा—“कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।”

बलिया सांसद खेल प्रतियोगिता में वर्तमान सांसद की अनदेखी, पूर्व सांसद को बुलाने पर विवाद तेज

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)

जिले में आयोजित सांसद खेल प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई जब लोकसभा के वर्तमान सांसद रमाशंकर राजभर “विद्यार्थी” को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। इसके विपरीत आयोजकों द्वारा पूर्व भाजपा सांसद को मंच पर बुलाकर कार्यक्रम का संचालन किया गया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्वयं सांसद रमाशंकर राजभर ने इस घटनाक्रम पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे जिले के अधिकारियों की लापरवाही और प्रोटोकॉल के खुले उल्लंघन की संज्ञा दी है।सूत्रों के अनुसार, जनपद स्तर पर आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता सांसद के संरक्षण और उपस्थिति में आयोजित की जाती है। ऐसे में वर्तमान सांसद को आमंत्रित न किया जाना गंभीर प्रशासनिक चूक माना जा रहा है। सांसद ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं की प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है, लेकिन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर उन्हें कार्यक्रम से दूर रखा गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और नियम विरुद्ध है।सांसद रमाशंकर राजभर “विद्यार्थी” ने स्पष्ट कहा कि वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएंगे तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का सम्मान लोकतंत्र में सर्वोपरि होता है और इस तरह की चूक न केवल सांसद के पद की अवहेलना है बल्कि जनता के प्रतिनिधित्व का भी अपमान है। सांसद ने इसे राजनीतिक पूर्वाग्रह और प्रशासनिक उदासीनता बताया तथा कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग वर्तमान सांसद को न बुलाए जाने को प्रशासनिक गलती मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने दावा किया कि उन्हें भी यह जानकर आश्चर्य हुआ कि वर्तमान सांसद उपस्थित नहीं हैं, जबकि कार्यक्रम का नाम ही “सांसद खेल प्रतियोगिता” है।
उधर, आयोजन से जुड़े अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा गर्म हो चुका है और आने वाले दिनों में इसपर और तीखी प्रतिक्रियाओं की संभावना जताई जा रही है।

जिले में किसी पुलिसकर्मी को नहीं मिलता मूंछ भत्ता


ढाई हजार पुलिसकर्मी, पर मानक अनुसार मूंछ वाला एक भी नहीं
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।
कभी पुलिस विभाग की पहचान रही घनी और तावदार मूंछें आज बलिया जनपद में लगभग गायब हो चुकी हैं। ब्रिटिश शासनकाल से चली आ रही यह परंपरा न सिर्फ शौर्य और अधिकार का प्रतीक मानी जाती थी, बल्कि इसे बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष भत्ता भी मिलता था। लेकिन बदलते समय और नए चलन ने पुलिस विभाग का यह पारंपरिक रूप समाप्त कर दिया है। जिले में ढाई हजार से अधिक सिपाही व हेड कांस्टेबल तथा करीब 500 उपनिरीक्षक और निरीक्षक तैनात हैं, मगर इनमें से कोई भी पुलिसकर्मी मानक के अनुसार मूंछें नहीं रखता। इसी कारण आज जिले में किसी को भी ‘मूंछ भत्ता’ नहीं दिया जा रहा है।
पुराने समय में जवानों की घनी मूंछें उन्हें आमजन से अलग पहचान देती थीं। मूंछों को पुलिस के रौब और अनुशासन का अनिवार्य हिस्सा माना जाता था। यही वजह थी कि मूंछों की साफ-सफाई और रखरखाव के लिए विभाग की ओर से भत्ता देने की व्यवस्था की गई थी। पूर्व में यह भत्ता 50 रुपये प्रतिमाह था, जिसे सरकार ने वर्ष 2019 में बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया। इसके बावजूद विभाग के पास आज एक भी ऐसा आवेदन नहीं है, जिसमें किसी पुलिसकर्मी ने मानक के अनुरूप मूंछ रखने के आधार पर इस भत्ते की मांग की हो।सूत्र बताते हैं कि पहले जिले में एक जवान को यह भत्ता मिल रहा था, लेकिन पिछले वर्ष से यह भी बंद हो गया है। निरीक्षण के दौरान भी अधिकारी अब शायद ही किसी जवान को घनी और मानक के अनुरूप मूंछों के साथ देखते हों। कुछ पुलिसकर्मी मूंछें रखते भी हैं, लेकिन वे विभागीय मापदंडों पर खरी नहीं उतरतीं।
एएसपी उत्तरी बलिया कृपाशंकर के अनुसार, “मानक के अनुसार मूंछ रखने पर पुलिसकर्मी को भत्ता मिलता है, विभाग इसे देने में सक्षम है। लेकिन फिलहाल जिले में ऐसा कोई आवेदन नहीं आया है। यदि कोई जवान मानक अनुसार मूंछ रखकर आवेदन करता है तो उसे भत्ता अवश्य दिया जाएगा।”वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि समय के साथ पुलिसकर्मियों का पहनावा, तौर-तरीके और फैशन बदल गया है। नई भर्ती में शामिल अधिकांश युवा मूंछें रखना पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि साफ-सुथरा चेहरा आधुनिक और प्रोफेशनल छवि का प्रतीक माना जाता है।अंग्रेजी शासन की पहचान रही यह परंपरा अब लगभग समाप्त हो चुकी है। कभी मूंछों पर ताव देने वाले पुलिस जवान आज क्लीन-शेव लुक में दिखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई जवान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मानक के अनुसार मूंछ रखता है, तो उसे नियमानुसार मूंछ भत्ता अवश्य मिलेगा। इस प्रकार बलिया पुलिस विभाग में तावदार मूंछ की पहचान अब इतिहास बनकर रह गई है, जबकि नियम अब भी अस्तित्व में है—बस दावेदार नहीं है।