Saturday, June 13, 2026
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खतौनी सुधार अभियान: किसानों के अधिकार और योजनाओं तक सीधी पहुंच

महराजगंज: खतौनी अंश निर्धारण विशेष अभियान से भूमि विवाद मुक्त ग्राम फुलवरिया की पहल


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा ) जनपद में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खतौनी में खातेदारों एवं सह-खातेदारों के गाटों के अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों और लोप के संशोधन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सदर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलवरिया का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सहमति के आधार पर अंश निर्धारण कराने के लिए प्रेरित किया और इसके दीर्घकालिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य ग्राम फुलवरिया को पूर्णतः भूमि विवाद मुक्त बनाना है। इसके लिए प्रशासन द्वारा सुनियोजित और पारदर्शी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक खातेदार आगे आकर सहमति से अंश निर्धारण कराएं, ताकि वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक और साझेदारी से जुड़े भूमि विवादों का स्थायी समाधान संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि अंश निर्धारण होने से प्रत्येक सह-खातेदार का हिस्सा स्पष्ट रूप से अभिलेखों में दर्ज हो जाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसके पास कितनी भूमि है और भविष्य में विवाद की संभावना न्यूनतम रह जाती है। अंश निर्धारण के बाद खातेदार अपनी भूमि पर खेती, निर्माण, बिक्री अथवा पट्टा जैसे कार्य स्वतंत्र रूप से कर सकता है। खसरा-खतौनी जैसे राजस्व अभिलेखों में सही नाम और हिस्सा दर्ज होने से कानूनी सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अंश निर्धारण से किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा मुआवजा, सरकारी अनुदान और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक खातेदार को मिलता है। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने प्रकाशित आलेख्य निर्वाचन नामावली को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया और सभी मतदाताओं से नाम जांचने की अपील की।
मौके पर तहसीलदार सदर और नायब तहसीलदार सदर द्वारा अंश निर्धारण के लिए आवेदन पत्र प्राप्त किए गए। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे गांव में लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद समाप्त होंगे।

खिताब हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के नाम, रिमझिम मिश्रा बनीं टूर्नामेंट की स्टार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में संपन्न हुए पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय (महिला) बास्केटबॉल टूर्नामेंट 2025-26 का खिताब हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) ने अपने नाम किया। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा (अंबिकापुर) की रिमझिम मिश्रा 135 अंकों के शानदार स्कोर के साथ टूर्नामेंट की सर्वोत्कृष्ट खिलाड़ी रहीं।
टूर्नामेंट के अंतिम दिन चार लीग मैच खेले गए। पहले मैच में कोलकाता विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय को 45–28 के अंतर से पराजित किया। कोलकाता विश्वविद्यालय की कप्तान सीमाया रहीं, जबकि कोच सुकुमनी उरांव और मैनेजर गौतम गोयल रहे। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की कप्तान प्रज्ञा मिश्रा, कोच राधा खलखो और मैनेजर एस. एस. अली रहे।

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दूसरा मैच पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के बीच खेला गया, जिसमें हेमचंद विश्वविद्यालय ने 53–21 के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। हेमचंद विश्वविद्यालय की कप्तान अंशिका साहू, कोच निशा नेताम और मैनेजर चंद्रशेखर देवांगन रहे। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की कप्तान अमीषा गायकवाड, कोच रीना ध्रुव और मैनेजर उमेश सिंह ठाकुर रहे।
तीसरे मैच में कोलकाता विश्वविद्यालय ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को 55–21 से हराया। चौथे और अंतिम मैच में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा को 36–26 से मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया। ये चारों टीमें ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर गई हैं, जो अगले वर्ष जैन विश्वविद्यालय, कर्नाटक में आयोजित होगा।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने खिलाड़ियों की प्रतिभा, ऊर्जा, खेल भावना और आपसी तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विविध भाषा और संस्कृति से आए प्रतिभागियों ने एक छत के नीचे रहकर उत्कृष्ट खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे आयोजन सफल रहा।
मुख्य अतिथि एम्स गोरखपुर की निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने कहा कि प्रयास ही जीत की असली पहचान है। खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि मानसिक ताजगी और तनाव मुक्ति का सशक्त साधन भी हैं।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर त्रिपुरा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रशांत कुमार दास ने टूर्नामेंट को उद्देश्यों में पूर्णतः सफल बताया और गोरखपुर विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं, सहयोग और शुचिता की प्रशंसा की।
स्वागत वक्तव्य देते हुए प्रोफेसर विजय चहल ने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन खेल भावना ही इस पूरे टूर्नामेंट की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
आयोजन सचिव डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि टूर्नामेंट में कुल 27 नॉकआउट और चार लीग मैच खेले गए, जिनमें हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने तीन, कोलकाता विश्वविद्यालय ने दो और संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय ने एक लीग मैच में जीत दर्ज की।
निष्पक्षता का प्रतिमान
विजेता टीम के मैनेजर चंद्रशेखर देवांगन ने आयोजन को निष्पक्षता का प्रतिमान बताया। ज्यूरी ऑफ अपील के सदस्य ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में किसी भी निर्णय पर किसी टीम या खिलाड़ी ने कोई प्रश्न नहीं उठाया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
चीफ रेफरी वीरेंद्र वीर विक्रम सिंह सहित रोहित शर्मा, सौरभ गुप्ता, एल. के. बिस्वाल, मनोज दुबे, अफरोज जमाल, राहुल सक्सेना, सोनेंद्र श्रोतिया, आरसी सिंह, अजीत कुमार और वी. पी. दुबे ने निर्णायक की भूमिका निभाई। समापन की घोषणा कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने ध्वज-अवरोहण के साथ की। समारोह का संचालन डॉ. मनीष कुमार पांडेय ने किया और आभार ज्ञापन क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्रा ने दिया।

प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव से तलाक लेने का किया ऐलान, सोशल मीडिया पोस्ट में छलका दर्द

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री स्व.मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान किया है। प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर साझा पोस्ट में अपने निजी दर्द को सार्वजनिक करते हुए कहा कि उनका घर टूट गया है, इसी वजह से वह तलाक की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।

प्रतीक की पोस्ट में पारिवारिक जीवन में आई गंभीर समस्याओं और रिश्तों में बढ़ी दूरी का संकेत मिला। उन्होंने भावुक शब्दों में अपने व्यक्तिगत दुखों को साझा किया, जिससे यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया।

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ज्योतिष और आयुर्वेद में चन्द्र देव का दिव्य प्रभाव

चन्द्र देव: आयुर्वेद, ज्योतिष और अमृतमयी चेतना का दिव्य संगम
मन, प्राण और प्रकृति के स्वामी चन्द्र देव की शास्त्रोक्त कथा व महिमा


प्रस्तावना:
जब रात्रि अपने आंचल में संसार को समेट लेती है,
जब शोर थम जाता है और मन मौन में उतरने लगता है—
तभी आकाश में प्रकट होते हैं चन्द्र देव।
वह केवल एक ग्रह नहीं,
वह मन के स्वामी,
वह औषधियों के अधिपति,
वह रस, प्राण और शीतलता के साक्षात स्वरूप हैं।
आयुर्वेद उन्हें सोम कहता है,
ज्योतिष उन्हें मनःकारक ग्रह,
और पुराण उन्हें अमृत के धारक देव के रूप में पूजते हैं।

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एपिसोड–10 में हम जानेंगे—
👉 चन्द्र देव की शास्त्रोक्त उत्पत्ति कथा
👉 आयुर्वेद में चन्द्र का महत्व
👉 ज्योतिष में चन्द्र की दशा और प्रभाव
👉 चन्द्र देव की महिमा और जीवन से जुड़ा गूढ़ रहस्य
🌙 चन्द्र देव की शास्त्रोक्त उत्पत्ति कथा
(भागवत, विष्णु पुराण एवं ब्रह्माण्ड पुराण के अनुसार)
सृष्टि के प्रारंभ में जब ब्रह्मा जी ने प्रजापति दक्ष को सृष्टि विस्तार का दायित्व सौंपा, तब उनकी 27 कन्याएँ उत्पन्न हुईं।
इन 27 कन्याओं का विवाह चन्द्र देव से हुआ।
ये 27 कन्याएँ ही आगे चलकर बनीं—
27 नक्षत्र
परंतु चन्द्र देव का प्रेम विशेष रूप से रोहिणी से अधिक था।
वे रोहिणी के साथ अधिक समय बिताने लगे।
इससे अन्य नक्षत्र कन्याएँ दुखी हो गईं और अपने पिता दक्ष से शिकायत की।
दक्ष प्रजापति ने चन्द्र देव को समझाया—
“राजा सोम! तुम सभी के पति हो, समान भाव रखो।”
परंतु चन्द्र देव प्रेम में विवश रहे।
क्रोधित होकर दक्ष ने उन्हें क्षय रोग (क्षय = क्षीणता) का श्राप दे दिया।
धीरे-धीरे चन्द्र देव क्षीण होने लगे—
यही कारण है कृष्ण पक्ष।

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🌊 शिव की शरण और अमृतमयी वरदान
क्षीण होते चन्द्र देव ने महादेव शिव की शरण ली।
शिव जी करुणा के सागर हैं।
उन्होंने चन्द्र देव को अपने मस्तक पर स्थान दिया।
और देवताओं के आग्रह पर दक्ष का श्राप आंशिक रूप से समाप्त हुआ।
👉 चन्द्र अब पूर्णतः नष्ट नहीं होंगे
👉 वे कृष्ण पक्ष में क्षीण और
👉 शुक्ल पक्ष में पुनः वृद्धि करेंगे
यही है चन्द्र का कलात्मक चक्र।
🔱 इसलिए शिव को कहा गया—
चन्द्रशेखर महादेव
🌿 आयुर्वेद में चन्द्र देव: सोम, रस और प्राण
आयुर्वेद कहता है—
“सोमः प्राणानामाधारः”
चन्द्र देव शरीर में—
मन
रस धातु
शीतलता
ओज
नींद और भावनात्मक संतुलन
का संचालन करते हैं।

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🌿 चन्द्र से जुड़ी आयुर्वेदिक अवधारणाएँ:
शुक्ल पक्ष में औषधियाँ अधिक प्रभावी होती हैं
चन्द्र दोष से—
अनिद्रा
अवसाद
मानसिक चंचलता
हार्मोनल असंतुलन
होता है।
यही कारण है कि प्राचीन वैद्य औषध संग्रह और रस चिकित्सा चन्द्र स्थिति देखकर करते थे।
🔮 ज्योतिष में चन्द्र देव का प्रभाव
चन्द्र केवल ग्रह नहीं,
वह कुंडली की आत्मा है।
चन्द्र दर्शाता है—
मन की प्रवृत्ति
माता से संबंध
स्मरण शक्ति
भावनात्मक परिपक्वता
जनता से जुड़ाव

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👉 मजबूत चन्द्र—
नेता, चिकित्सक, लेखक, कलाकार
👉 कमजोर चन्द्र—
भ्रम, भय, मानसिक अस्थिरता
चन्द्र की दशा जब शुभ होती है—
मानसिक शांति
लोकप्रियता
आर्थिक स्थिरता
🌙 चन्द्र देव की महिमा: जीवन का शीतल आधार
सूर्य तपाता है,
पर चन्द्र संजीवनी देता है।
यदि सूर्य आत्मा है,
तो चन्द्र मन है।
यदि सूर्य तेज है,
तो चन्द्र करुणा।
चन्द्र बिना जीवन शुष्क हो जाएगा।
वह हमें सिखाते हैं—
“पूर्णता स्थिर नहीं, चक्र में है।”

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🙏 चन्द्र उपासना का शास्त्रोक्त महत्व
सोमवार व्रत
चन्द्र मंत्र जाप
दूध, चावल, श्वेत वस्त्र दान
शिव पूजन
👉 मानसिक रोगों में चन्द्र उपासना अत्यंत फलदायी मानी गई है
🌺 निष्कर्ष:
चन्द्र देव हमें सिखाते हैं—
शांत रहकर भी पूर्ण हुआ जा सकता है।
जिसने चन्द्र को समझ लिया,
उसने स्वयं को समझ लिया।

क्यों 20 जनवरी भारतीय और वैश्विक इतिहास में विशेष है

20 जनवरी को जन्मे महान व्यक्तित्व: इतिहास, साहित्य, राजनीति और कला का स्वर्णिम अध्याय


ग़ुलाम इशाक़ ख़ान (जन्म: 20 जनवरी 1915)
ग़ुलाम इशाक़ ख़ान पाकिस्तान के 7वें राष्ट्रपति थे। वे प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और संवैधानिक मामलों की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। भारतीय सिविल सेवा (ICS) से जुड़े इशाक़ ख़ान ने पाकिस्तान के वित्त मंत्री, रक्षा सचिव और सीनेट अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने राजनीतिक अस्थिरता के दौर में संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग किया। दक्षिण एशियाई राजनीति में उनका योगदान आज भी शोध और अध्ययन का विषय है।
फ़ेडरिको फ़ेलिनी (जन्म: 20 जनवरी 1920)
फ़ेडरिको फ़ेलिनी विश्व सिनेमा के महानतम इतालवी फिल्म निर्देशकों में गिने जाते हैं। ‘ला डोल्चे वीटा’, ‘8½’ और ‘अमारकोर्ड’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अमर बना दिया। उनकी फिल्मों में यथार्थ, स्मृति और कल्पना का अनूठा संगम दिखाई देता है। फ़ेलिनी को कई ऑस्कर पुरस्कार मिले और उन्होंने यूरोपीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई। फिल्म अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए फ़ेलिनी आज भी प्रेरणास्रोत हैं।
कुर्रतुलएन हैदर (जन्म: 20 जनवरी 1926)
कुर्रतुलएन हैदर उर्दू साहित्य की महानतम लेखिकाओं में से एक थीं। उनका प्रसिद्ध उपन्यास ‘आग का दरिया’ भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास, संस्कृति और विभाजन की पीड़ा को गहराई से प्रस्तुत करता है। उन्होंने उपन्यास, कहानी, निबंध और आलोचना के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। ज्ञानपीठ और साहित्य अकादमी जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित हैदर का साहित्य आज भी अकादमिक शोध का आधार है।

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कृष्णम राजू (जन्म: 20 जनवरी 1940)
कृष्णम राजू तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार और सफल राजनेता थे। ‘रेबल स्टार’ के नाम से प्रसिद्ध राजू ने 180 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। वे केंद्रीय मंत्री भी रहे और भाजपा से जुड़े रहे। अभिनय के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही। तेलुगु फिल्म उद्योग में उनके योगदान को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
सोमपाल शास्त्री (जन्म: 20 जनवरी 1942)
सोमपाल शास्त्री भारतीय राजनीति के अनुभवी नेता और राष्ट्रीय लोक दल से जुड़े रहे। वे कृषि, ग्रामीण विकास और किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर मुखर आवाज़ थे। कई बार सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे शास्त्री ने किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाया। उनका राजनीतिक जीवन भारतीय ग्रामीण राजनीति के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अजीत डोभाल (जन्म: 20 जनवरी 1945)
अजीत डोभाल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और पूर्व आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं। वे भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा रणनीति के प्रमुख सूत्रधार माने जाते हैं। खुफिया अभियानों, आतंकवाद विरोधी रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। ‘डोभाल डॉक्ट्रिन’ शब्द आज रणनीतिक अध्ययन में व्यापक रूप से प्रयोग होता है।
स्वयं प्रकाश (जन्म: 20 जनवरी 1947)
स्वयं प्रकाश हिंदी साहित्य के प्रमुख कथाकार थे। उनकी कहानियों में आम आदमी का संघर्ष, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ‘नीलकंठ’, ‘ईंधन’ और ‘पार्टनर’ जैसी रचनाएँ चर्चित रहीं। वे नई कहानी आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं और साहित्य के छात्रों के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।
रतन थियम (जन्म: 20 जनवरी 1948)
रतन थियम भारत के प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक और नाटककार थे। उन्होंने भारतीय परंपरा, मिथक और आधुनिक रंगभाषा का अद्भुत संयोजन प्रस्तुत किया। ‘कोरस रिपर्टरी थिएटर’ के माध्यम से उन्होंने विश्व मंच पर भारतीय रंगमंच को प्रतिष्ठा दिलाई। पद्म श्री सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित थियम रंगमंच अध्ययन का अनिवार्य नाम हैं।
के. सी. अब्राहम (जन्म: 20 जनवरी 1899)
के. सी. अब्राहम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। वे केरल की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले नेताओं में शामिल थे। सामाजिक न्याय, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। स्वतंत्र भारत के राजनीतिक इतिहास में उनका स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है।
रतनजी टाटा (जन्म: 20 जनवरी 1871)
रतनजी टाटा टाटा समूह के प्रारंभिक स्तंभों में से एक थे। उन्होंने भारतीय उद्योग, परोपकार और आधुनिक व्यापारिक सोच को दिशा दी। टाटा परिवार की सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण की परंपरा को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही। भारतीय औद्योगिक इतिहास में उनका योगदान आधारशिला जैसा माना जाता है।

भारतीय व विश्व इतिहास में महत्वपूर्ण निधन

अरुण वर्मा (निधन: 20 जनवरी 2022)
अरुण वर्मा हिन्दी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और कॉमेडियन थे। उन्होंने सहायक और हास्य भूमिकाओं में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी सहज अभिनय शैली, सटीक टाइमिंग और आम आदमी से जुड़ा हास्य दर्शकों को खासा पसंद आता था। कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम कर उन्होंने मनोरंजन जगत में योगदान दिया। उनका निधन हिन्दी फिल्म उद्योग के लिए एक सादे लेकिन प्रभावशाली कलाकार की क्षति माना जाता है।
एरिक सेगल (निधन: 20 जनवरी 2010)
एरिक सेगल विश्वप्रसिद्ध अमेरिकी लेखक, उपन्यासकार और पटकथा लेखक थे। उनका उपन्यास “लव स्टोरी” वैश्विक स्तर पर अपार लोकप्रिय हुआ, जिस पर बनी फिल्म भी ऐतिहासिक हिट रही। सेगल ने साहित्य और सिनेमा दोनों में भावनात्मक अभिव्यक्ति को नई ऊंचाई दी। उनका निधन आधुनिक रोमांटिक साहित्य के एक युग का अंत माना जाता है।
परवीन बॉबी (निधन: 20 जनवरी 2005)
परवीन बॉबी 1970–80 के दशक की ग्लैमरस और सशक्त भारतीय अभिनेत्री थीं। उन्होंने महिला किरदारों को आधुनिकता, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की नई पहचान दी। अमिताभ बच्चन व धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ उनकी फिल्में बेहद सफल रहीं। उनका निधन हिन्दी सिनेमा की एक बोल्ड और प्रभावशाली कलाकार की स्मृति छोड़ गया।
रामेश्वर नाथ काव (निधन: 20 जनवरी 2002)
रामेश्वर नाथ काव भारत की गुप्तचर संस्था रॉ (RAW) के संस्थापक थे। उन्होंने भारत की बाह्य खुफिया नीति को संगठित और सुदृढ़ किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है। पर्दे के पीछे रहकर देश सेवा करने वाले काव का निधन भारतीय खुफिया तंत्र के लिए बड़ी क्षति था।

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करम सिंह (निधन: 20 जनवरी 1993)
लांस नायक करम सिंह परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिक थे। उन्होंने भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय साहस, नेतृत्व और बलिदान का परिचय दिया। उनका नाम भारतीय सैन्य इतिहास में सर्वोच्च वीरता के प्रतीक के रूप में दर्ज है। उनका निधन देश के लिए गर्व के एक अमर अध्याय की स्मृति है।
बिन्देश्वरी दुबे (निधन: 20 जनवरी 1993)
बिन्देश्वरी दुबे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में सक्रिय राजनीति की। प्रशासनिक अनुभव और सादगी उनकी पहचान थी। उनका निधन बिहार की राजनीति में एक अनुभवी नेता की कमी के रूप में देखा गया।
ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान (निधन: 20 जनवरी 1988)
भारत रत्न से सम्मानित ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान महान स्वतंत्रता सेनानी और अहिंसा के प्रबल समर्थक थे। उन्हें “सीमांत गांधी” कहा जाता है। उन्होंने पठान समाज में अहिंसक आंदोलन को मजबूत किया। उनका निधन स्वतंत्रता आंदोलन की नैतिक विरासत का अपूरणीय क्षण था।
मलिक खिज़ार हयात तिवाना (निधन: 20 जनवरी 1975)
मलिक खिज़ार हयात तिवाना पंजाब के प्रभावशाली राजनेता, सैन्य अधिकारी और ज़मींदार थे। उन्होंने औपनिवेशिक काल में प्रशासनिक व राजनीतिक भूमिकाएं निभाईं। उनका जीवन तत्कालीन भारतीय राजनीति और सैन्य इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण संदर्भ है।
अंजलाई अम्मल (निधन: 20 जनवरी 1961)
अंजलाई अम्मल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और सामाजिक चेतना को बल दिया। महिला स्वतंत्रता सेनानियों में उनका योगदान प्रेरणादायक माना जाता है।
तेज बहादुर सप्रू (निधन: 20 जनवरी 1959)
तेज बहादुर सप्रू प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, विधिवेत्ता और संवैधानिक मामलों के जानकार थे। उन्होंने राजनीतिक सुधारों और संवैधानिक विमर्श में अहम भूमिका निभाई।
हरविलास शारदा (निधन: 20 जनवरी 1955)
हरविलास शारदा शिक्षाविद, समाज सुधारक, न्यायविद और लेखक थे। उन्होंने शिक्षा और सामाजिक सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
ठक्कर बाप्पा (निधन: 20 जनवरी 1951)
ठक्कर बाप्पा समाजसेवा और जनकल्याण के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने आदिवासी और पिछड़े वर्गों के उत्थान हेतु आजीवन कार्य किया।
डेविड गैरिक (निधन: 20 जनवरी 1779)
डेविड गैरिक अंग्रेज़ अभिनेता और मंच संचालक थे। उन्होंने आधुनिक रंगमंच की अभिनय शैली को नई दिशा दी और थिएटर को लोकप्रिय बनाया।

इतिहास प्रेमियों के लिए 20 जनवरी की अनसुनी लेकिन निर्णायक घटनाएँ

📜 20 जनवरी का इतिहास: भारत और विश्व की 38 सबसे महत्वपूर्ण घटनाएँ

20 जनवरी का दिन राजनीति, विज्ञान, खेल, सिनेमा और वैश्विक कूटनीति के लिहाज़ से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रहा है। नीचे भारत सहित विश्व की 38 ऐतिहासिक घटनाएँ कम शब्दों में, लेकिन स्पष्ट व उपयोगी विवरण के साथ प्रस्तुत हैं—छात्रों, शोधकर्ताओं और सामान्य पाठकों के लिए उपयुक्त।

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🔹 20 जनवरी की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ

  • 2020 – जे.पी. नड्डा भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
  • 2020 – आंध्र प्रदेश विधानसभा ने तीन राजधानी बिल पारित किया (विशाखापट्टनम–कार्यकारी, अमरावती–विधायी, कुर्नूल–न्यायिक)।
  • 2020 – दीपिका पादुकोण को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु WEF का क्रिस्टल अवॉर्ड मिला।
  • 2020 – EIU लोकतंत्र सूचकांक 2019 में भारत 51वें स्थान पर पहुँचा।
  • 2018 – भारत ने लगातार दूसरी बार नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप जीता।
  • 2010 – सिनेमेटोग्राफर वी.के. मूर्ति को दादासाहब फाल्के पुरस्कार हेतु चुना गया (पहली बार किसी छायाकार को)।
  • 2010 – जापान एयरलाइंस ने दिवालियापन घोषित किया।
  • 2010 – भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुरू हुई।
  • 2009 – बराक ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति बने।
  • 2008 – देव आनंद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला।
  • 2008 – पाकिस्तान के IB निदेशक निसार खान की हत्या।
  • 2007 – अफगानिस्तान में सीमांत गांधी पर संग्रहालय स्थापित।
  • 2006 – नासा ने न्यू होराइज़न्स यान का प्रक्षेपण किया (प्लूटो अध्ययन हेतु)।
  • 2005 – कांचीपुरम में मठ प्रबंधन से जुड़ा विवाद, मैनेजर की लाश मिली।
  • 2001 – जॉर्ज बुश जूनियर अमेरिका के राष्ट्रपति बने; ग्लोरिया आरोयो फिलीपींस की राष्ट्रपति बनीं।
  • 1993 – बिल क्लिंटन ने अमेरिका के 42वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला।
  • 1990 – सोवियत सेना का बाकू पर हमला, अनेक नागरिक मारे गए।
  • 1989 – जॉर्ज बुश (सीनियर) ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
  • 1982 – होंडुरस में नया संविधान लागू हुआ।
  • 1980 – अमेरिका ने मॉस्को ओलंपिक के बहिष्कार की घोषणा की।
  • 1977 – जिमी कार्टर अमेरिका के राष्ट्रपति बने।
  • 1972 – मेघालय पूर्ण राज्य बना, अरुणाचल प्रदेश केंद्रशासित प्रदेश घोषित।
  • 1971 – अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम केंद्रशासित प्रदेश बने।
  • 1968 – इराक में राष्ट्रपति आरिफ़ सत्ता से हटाए गए।
  • 1964 – अमेरिका में Meet the Beatles एल्बम जारी।
  • 1961 – जॉन एफ. कैनेडी ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
  • 1958 – सोवियत संघ ने ग्रीस पर आर्थिक प्रतिबंध की चेतावनी दी।
  • 1957 – भारत की पहली परमाणु रिएक्टर अप्सरा का उद्घाटन।
  • 1957 – भारत के आर्थिक प्रतिबंधों के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय जहाज़ों पर रोक लगाई।
  • 1957 – पोलैंड में वामपंथी नेता गोलुल्का ने चुनाव जीता।
  • 1952 – ब्रिटिश सेना ने मिस्र के इस्मायलिया व स्वेज पर कब्ज़ा किया।
  • 1950 – सूरीनाम नीदरलैंड से स्वतंत्र हुआ।
  • 1949 – हैरी ट्रूमैन ने चार सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा की।
  • 1942 – जापान ने बर्मा (म्यांमार) पर आक्रमण किया।
  • 1925 – सोवियत संघ–जापान सहयोग समझौता।
  • 1920 – अमेरिका में सिविल लिबर्टीज यूनियन की स्थापना।
  • 1892 – पहली बार बास्केटबॉल खेला गया।
  • 1265 – इंग्लैंड में संसद की पहली बैठक आयोजित हुई।

आज आपका मूलांक क्या कहता है? जानिए 20 जनवरी 2026 का पूरा अंक भविष्यफल

🔢 अंक राशिफल 20 जनवरी 2026: मंगलवार को मूलांक 1 से 9 तक जानें करियर, धन, सेहत और प्रेम का हाल


जिस प्रकार नाम और राशि के आधार पर राशिफल देखा जाता है, उसी प्रकार अंक ज्योतिष में जन्मतिथि (Date of Birth) से मूलांक निकाला जाता है और उसी के अनुसार दैनिक भविष्यफल का आंकलन किया जाता है।
20 जनवरी 2026, मंगलवार का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार कई मूलांकों के लिए लाभदायक तो कुछ के लिए सावधानी भरा रह सकता है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत अंक राशिफल।

🔢 मूलांक 1 (जिनका जन्म 1, 10, 19, 28 को हुआ हो)
आज का दिन शानदार रहने वाला है। कई स्रोतों से धन लाभ के संकेत हैं। करियर में कुछ जातक ऑफिस पॉलिटिक्स का सामना कर सकते हैं, इसलिए जल्दबाजी में निर्णय न लें। लक्ष्य पर फोकस बनाए रखें, सफलता मिलेगी।
🔢 मूलांक 2 (जिनका जन्म 2, 11, 20, 29 को हुआ हो)
दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरा रहेगा। जंक फूड से दूरी बनाएं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। ज्यादा तनाव लेने से बचें। मेडिटेशन और योग लाभकारी रहेगा।
🔢 मूलांक 3 (जिनका जन्म 3, 12, 21, 30 को हुआ हो)
दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। किसी इवेंट या जिम्मेदारी के कारण कार्यभार बढ़ सकता है। बिजनेस में पार्टनरशिप को लेकर सतर्क रहें।
🔢 मूलांक 4 (जिनका जन्म 4, 13, 22, 31 को हुआ हो)
आज का दिन सामान्य रहेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। तनाव से बचने के लिए पसंदीदा गतिविधियों में समय दें। काम के दौरान ब्रेक लेना जरूरी रहेगा।
🔢 मूलांक 5 (जिनका जन्म 5, 14, 23 को हुआ हो)
दिन हलचल भरा रहेगा। ऑफिस का माहौल धीरे-धीरे आपके पक्ष में होता जाएगा। जीवनसाथी या पार्टनर से चल रही समस्याओं पर काम करें। सेहत से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज न करें।

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🔢 मूलांक 6 (जिनका जन्म 6, 15, 24 को हुआ हो)
आज का दिन रोमांटिक और सफलता देने वाला है। मेहनत का फल मिलेगा, कुछ जातकों को प्रमोशन भी मिल सकता है। गुस्से पर नियंत्रण रखें, बेवजह के विवाद से बचें।
🔢 मूलांक 7 (जिनका जन्म 7, 16, 25 को हुआ हो)
दिन प्रोडक्टिव रहेगा। कोई खुशखबरी मिल सकती है। पुराने दोस्त से मुलाकात संभव है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें और हेल्दी डाइट अपनाएं।
🔢 मूलांक 8 (जिनका जन्म 8, 17, 26 को हुआ हो)
दिन उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। पॉजिटिव सोच बनाए रखें और काम पर फोकस करें। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए पैसों को लेकर सतर्क रहें। खुद को हाइड्रेटेड रखें।
🔢 मूलांक 9 (जिनका जन्म 9, 18, 27 को हुआ हो)
आज का दिन स्पेशल रहेगा। सेहत सुधारने के लिए डाइट में हरी सब्जियां शामिल करें। काम का प्रेशर सीमित रखें। बिजनेस से जुड़े जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। खुश रहें।
⚠️ नोट / डिस्क्लेमर
इस आलेख में दी गई जानकारियां सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित हैं। हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हों। किसी भी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
अंक मूलांक में किसी भी त्रुटि के लिए ‘राष्ट्र की परम्परा’ जिम्मेदार नहीं होगी।

ग्रहों की चाल बताएगी आपका भाग्य, पढ़ें आज का विस्तृत राशिफल

🔮 आज का राशिफल 20 जनवरी 2026: जानें ग्रह-नक्षत्रों की चाल से किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सावधान


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है। 20 जनवरी 2026, मंगलवार का दिन कुछ राशियों के लिए उन्नति, सफलता और लाभ के संकेत लेकर आया है, वहीं कुछ राशियों को संयम और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यहां प्रस्तुत है मेष से मीन तक 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल, जो नौकरी, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन से जुड़ी जरूरी जानकारियां देता है।
♈ मेष राशि (Aries)
आज पढ़ाई-लिखाई, प्रतियोगी परीक्षा, इंटरव्यू और नई स्किल सीखने के लिए दिन अनुकूल है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन मन में उतार-चढ़ाव रह सकता है। गुस्से में बोले गए शब्द नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए संयम रखें। नौकरी में बदलाव, ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आय में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य में सिरदर्द या थकान संभव।

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♉ वृषभ राशि (Taurus)
लंबे समय से की गई मेहनत अब रंग लाने लगेगी। कामकाज में स्थिरता आएगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर से जुड़ी शुभ सूचना मिल सकती है। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत सामान्य रहेगी, खान-पान संतुलित रखें। नौकरी में स्थिति मजबूत होगी।
♊ मिथुन राशि (Gemini)
आज संवाद और संपर्क आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। नए लोगों से मुलाकात से करियर या व्यापार में अवसर मिल सकते हैं। मन चंचल रहेगा, जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। नींद की कमी और तनाव परेशान कर सकता है। मेडिटेशन लाभकारी रहेगा।
♋ कर्क राशि (Cancer)
भावनात्मक रूप से संवेदनशील दिन है। छोटी बातों को दिल पर न लें। परिवार का सहयोग मिलेगा और आपकी राय को महत्व दिया जाएगा। काम में मेहनत अधिक रहेगी, लेकिन परिणाम सकारात्मक मिलेंगे। पेट और नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है।

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♌ सिंह राशि (Leo)
आज आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। नौकरी में सीनियर और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आपकी पहचान और सम्मान बढ़ेगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए संतुलन बनाए रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, तनाव से बचें।
♍ कन्या राशि (Virgo)
काम में एकाग्रता रहेगी और अधूरे कार्य पूरे होंगे। बारीकी से काम करेंगे, लेकिन ओवरथिंकिंग से बचें। नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। पेट, गैस या थकान की शिकायत हो सकती है। समय पर आराम करें।

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♎ तुला राशि (Libra)
रिश्तों के लिए दिन शुभ है। पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलेंगे तो लाभ मिलेगा। नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
♏ वृश्चिक राशि (Scorpio)
पुरानी बातें मन को विचलित कर सकती हैं। धैर्य रखें, समय धीरे-धीरे आपके पक्ष में आएगा। रुके हुए काम पूरे होंगे। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। खर्च पर नियंत्रण रखें। कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है।

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♐ धनु राशि (Sagittarius)
भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। अटके कामों में गति आएगी। पढ़ाई, यात्रा या नए कोर्स की शुरुआत हो सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
♑ मकर राशि (Capricorn)
काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप अपनी मेहनत से स्थिति संभाल लेंगे। नौकरी में स्थिरता बनी रहेगी। सीनियर आपकी मेहनत को पहचानेंगे। थकान या कमर-दर्द हो सकता है, आराम जरूरी है।

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♒ कुंभ राशि (Aquarius)
नए विचार और योजनाएं बनेंगी। दोस्त और पुराने संपर्क लाभ दिला सकते हैं। नौकरी या व्यापार में नया अवसर मिलेगा। आय के योग मजबूत हैं। सेहत सामान्य रहेगी, दिनचर्या संतुलित रखें।
♓ मीन राशि (Pisces)
मन शांत रहेगा और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा। कामकाज में धीरे-धीरे सुधार होगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभ देगी। नींद और तनाव पर ध्यान दें। धैर्य रखने से परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
📌 नोट: राशिफल में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा जिम्मेदार नहीं है। यह जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों की पूर्ण सटीकता का हम दावा नहीं करते। यह केवल सामान्य सूचना हेतु है।

माघ माह का धार्मिक महत्व और प्रमुख व्रत-त्योहार

पंचांग 20 जनवरी 2026: माघ शुक्ल द्वितीया, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल व ग्रह स्थिति का संपूर्ण विवरण

दिनांक: 20 जनवरी 2026, मंगलवार
स्थान: भारत (द्रिक पंचांग आधारित)
📜 आज का पंचांग | Panchang 20 January 2026
तिथि:माघ शुक्ल पक्ष द्वितीया – 02:14 AM से 02:42 AM (21 जनवरी) तक
तृतीया आरंभ – 02:42 AM के बाद
नक्षत्र:श्रवण – 01:06 PM तक
धनिष्ठा – 01:06 PM के बाद
योग:सिद्धि – 08:00 PM तक
व्यातीपात – 08:00 PM के बाद
करण:बालव – 02:31 PM तक
कौलव – 02:43 AM (21 जनवरी) तक
तैतिल – उसके बाद
वार:मंगलवार

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🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: 07:14 AM
सूर्यास्त: 06:01 PM
चन्द्रोदय: 08:14 AM
चन्द्रास्त: 07:34 PM
अयन: उत्तरायण
द्रिक ऋतु: शिशिर
वैदिक ऋतु: शिशिर
🪐 ग्रह राशि स्थिति
सूर्य राशि: मकर
चन्द्र राशि:मकर – 01:35 AM (21 जनवरी) तक
कुंभ – उसके बाद
🕉️ संवत विवरण
विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
चन्द्र मास: माघ (अमांत व पूर्णिमांत)
राष्ट्रीय पंचांग तिथि: पौष 30, 1947

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⚠️ अशुभ काल
राहुकाल: 03:19 PM – 04:40 PM
यमगण्ड: 09:55 AM – 11:16 AM
कुलिक काल: 12:37 PM – 01:58 PM
दुर्मुहूर्त:09:23 AM – 10:06 AM
11:18 PM – 12:11 AM
वर्ज्यम्: 05:15 PM – 06:54 PM
✅ शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल: 03:11 AM – 04:51 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:16 PM – 12:59 PM
🔱 विशेष योग
सर्वार्थसिद्धि योग:19 जनवरी 11:52 AM – 20 जनवरी 07:14 AM
द्विपुष्कर योग:20 जनवरी 01:06 PM – 21 जनवरी 02:42 AM
आनन्दादि योग:लुम्ब – 01:06 PM तक

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🌙 आज का पर्व/व्रत
चंद्र दर्शन
🚫 चन्द्राष्टम
मृगशिरा (अंतिम 2 चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (प्रथम 3 चरण)
नोट: पंचांग में किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए राष्ट्र की परम्परा उत्तरदायी नहीं है। किसी भी शुभ कार्य से पूर्व योग्य विद्वान या आचार्य से परामर्श अवश्य लें।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और वैश्विक भरोसे की पुनर्स्थापना

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस 2026: संवाद की भावना और वैश्विक अनिश्चितताओं के युग में सहयोग की नई रूपरेखा

गोंदिया – वैश्विक मंच पर स्विट्ज़रलैंड के दावोस में 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था गहरे संक्रमण काल से गुजर रही है। यह आयोजन केवल एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि वह वैश्विक मंच है जहाँ दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और तकनीकी दिशा को प्रभावित करने वाले विमर्श और निर्णय आकार लेते हैं। इस वर्ष की थीम “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग (संवाद की भावना)” इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दुनिया टकराव, ध्रुवीकरण और अविश्वास से निकलकर संवाद, सहयोग और सहमति की नई राह तलाश रही है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में स्थित है और इसकी स्थापना का मूल उद्देश्य यही रहा है कि वैश्विक समस्याओं का समाधान केवल सरकारों या बाज़ार के बल पर नहीं, बल्कि बहु-हितधारक सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। यही कारण है कि डब्ल्यूईएफ दुनिया के शीर्ष राजनीतिक नेताओं, वैश्विक कॉरपोरेट जगत, शिक्षाविदों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज और उभरते युवा नेतृत्व को एक मंच पर लाकर वैश्विक, क्षेत्रीय और औद्योगिक नीतियों को आकार देने का प्रयास करता है।

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दावोस 2026: भागीदारी का अभूतपूर्व विस्तार
दावोस 2026 अपने पैमाने और प्रतिनिधित्व के लिहाज़ से ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस वर्ष 130 से अधिक देशों से लगभग 3,000 नेता इसमें भाग ले रहे हैं। इनमें करीब 400 राजनीतिक नेता, लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा जी-7 के छह नेता शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि दावोस अब केवल आर्थिक विमर्श का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति, कूटनीति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी प्रभावी संवाद का केंद्र बन चुका है।
राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ लगभग 850 शीर्ष वैश्विक सीईओ और कॉरपोरेट अध्यक्ष भी इस मंच पर मौजूद हैं। इसके अलावा, लगभग 100 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स और अत्याधुनिक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि भी दावोस 2026 में भाग ले रहे हैं। यह उपस्थिति स्पष्ट करती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का भविष्य अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं, बल्कि नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उभरती प्रौद्योगिकियों से गहराई से जुड़ा हुआ है।

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संवाद का मंच: भरोसे की बहाली की कोशिश
डब्ल्यूईएफ स्वयं को संवाद, सहयोग और कार्रवाई के लिए एक निष्पक्ष वैश्विक मंच के रूप में प्रस्तुत करता है। आज जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, युद्धों, व्यापारिक टकरावों और सामाजिक विभाजन से जूझ रही है, ऐसे समय में यह मंच और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। फोरम का दावा है कि विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देकर वह वैश्विक स्तर पर भरोसे की बहाली का कार्य करता है।
दावोस केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि यह देशों के लिए अपनी आर्थिक और निवेश क्षमता को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी देता है। उदाहरण के तौर पर, भारत दावोस 2026 में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। भारत न केवल अपने राष्ट्रीय विकास एजेंडे को प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि गिफ्ट सिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों की निवेश संभावनाओं को भी वैश्विक निवेशकों के समक्ष रख रहा है।

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संवाद की भावना: 2026 की थीम का गहन अर्थ
दावोस 2026 की थीम “संवाद की भावना” वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का सटीक प्रतिबिंब है। यह इस बात पर केंद्रित है कि भू-राजनीतिक जोखिम, आर्थिक अनिश्चितता और वैश्विक एकीकरण को लेकर बदलती धारणाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को किस प्रकार नए सिरे से परिभाषित किया जाए। आज एक ओर वैश्वीकरण के लाभों पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर राष्ट्रवाद और संरक्षणवाद का उभार दिख रहा है। ऐसे में संवाद केवल कूटनीतिक शब्द नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और शांति की अनिवार्य शर्त बन जाता है।
इस वर्ष की बैठक में जलवायु परिवर्तन, आर्थिक असमानता, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला संकट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी परिवर्तनकारी तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चर्चाओं का उद्देश्य केवल समस्याओं की पहचान नहीं, बल्कि व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य समाधानों की तलाश है।
भारत की भूमिका: उभरती वैश्विक शक्ति का प्रदर्शन
दावोस 2026 में भारत की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय है। भारत आज न केवल दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, बल्कि वह ग्लोबल साउथ की सशक्त आवाज़ के रूप में भी उभर रहा है। रेलवे, आईटी, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विकास और नागरिक उड्डयन जैसे क्षेत्रों में भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वह दावोस को केवल निवेश मंच नहीं, बल्कि वैश्विक नीति संवाद और साझेदारी के अवसर के रूप में देखता है।

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समग्र विश्लेषण से स्पष्ट है कि दावोस 2026 ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया बहु-आयामी संकटों से घिरी है। आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु संकट, तकनीकी असंतुलन और भू-राजनीतिक तनाव किसी एक देश के प्रयासों से हल नहीं हो सकते। ऐसे में “संवाद की भावना” केवल एक थीम नहीं, बल्कि वैश्विक आवश्यकता बन जाती है। यदि दावोस 2026 की चर्चाएँ ठोस नीतिगत बदलावों और वास्तविक अंतरराष्ट्रीय सहयोग में बदलती हैं, तो यह बैठक वैश्विक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में याद की जाएगी।

संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया

Bahraich News: बहराइच में मेडिकल कॉलेज परिसर से 10 अवैध मजारों पर चला बुलडोजर

बहराइच/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी 10 अवैध छोटी मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई करीब 24 साल पुराने आदेश के अनुपालन में की गई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से सटे रसूल शाह बासवाड़ी अस्ताना में पहले केवल दो मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में विधिवत दर्ज हैं। बाद में देखरेख करने वाले लोगों द्वारा करीब 10 अन्य छोटी मजारें स्थापित कर दी गईं, जिन्हें वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।

अपीलें खारिज, आदेश बरकरार

अवैध मजारों को लेकर संबंधित कमेटी ने पहले जिलाधिकारी, फिर मंडलायुक्त के यहां अपील की, लेकिन

• 2004 में जिलाधिकारी
• और 2019 में मंडलायुक्त
दोनों ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया। इसके बाद भी अवैध मजारें नहीं हटाई गईं।

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नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर 17 जनवरी तक मजारें हटाने का समय दिया गया था। तय समय सीमा के बाद भी मजारें नहीं हटाने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर इन्हें ध्वस्त कर दिया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि

• वक्फ बोर्ड में दर्ज दो वैध मजारों को नहीं छुआ गया,

• जबकि अन्य 10 अवैध मजारों को हटाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी आदेशों और सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई।

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दिव्यांग युवाओं के लिए आगरा में विशेष रोजगार मेला आयोजित

आगरा। (राष्ट्र की परम्परा)दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 30 जनवरी 2026 को दिव्यांगजन रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। यह रोजगार मेला क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, साँई का तकिया चौराहा, एम०जी० रोड, आगरा के परिसर में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक आयोजित होगा। आयोजन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, आगरा एवं अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
सहायक निदेशक (सेवायोजन) श्री चन्द्रचूड़ दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रोजगार मेले में ऐसे दिव्यांग अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं जिन्होंने कम से कम हाईस्कूल (दसवीं) उत्तीर्ण किया हो तथा जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच हो। रोजगार मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि मेले में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से लाने होंगे। इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं शैक्षिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्रों की छायाप्रति शामिल है। मौके पर ही अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जाएगा।
रोजगार मेले में भाग लेने वाले विभिन्न नियोजक कंपनियों का विवरण आयोजन तिथि को मेला स्थल पर उपलब्ध कराया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क होगी और इसके लिए किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा।
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय ने अधिक से अधिक पात्र दिव्यांग युवाओं से इस रोजगार मेले का लाभ उठाने की अपील की है। यह मेला दिव्यांगजनों के लिए न केवल रोजगार पाने का अवसर है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में फाइलेरिया जागरूकता शिविर आयोजित

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत भलुअनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर बढ़या फुलवारिया में सोमवार को फाइलेरिया पीड़ितों के लिए रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (एमएमडीपी) प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन सीएचओ के नेतृत्व में गठित पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म (पीएसपी) के सहयोग से किया गया, जिसमें 13 हाथीपांव से प्रभावित मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसीएमओ वेक्टर बॉर्न कंट्रोल प्रोग्राम डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि नियमित व्यायाम, साफ-सफाई और एमएमडीपी को अपनाकर फाइलेरिया मरीज दिव्यांगता से बच सकते हैं और सामान्य जीवन जी सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित अंग की सही देखभाल से सूजन और संक्रमण में काफी कमी आती है।
जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने फाइलेरिया के कारणों और रोकथाम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह रोग क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलता है और इसके लक्षण कई वर्षों बाद सामने आते हैं। समय पर पहचान और साल में एक बार लगातार पांच वर्षों तक दवा सेवन से इस बीमारी से बचाव संभव है।
सीएचओ ब्यूटी विश्वास ने एमएमडीपी किट का प्रयोग कर अंगों की सफाई, घावों की देखभाल और व्यायाम का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फाइलेरिया मरीज एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने किया राजकीय बालगृह बालिका निधरिया का औचक निरीक्षण

अव्यवस्थाओं पर जताई नाराज़गी, खेल सुविधाओं के विकास के दिए सख्त निर्देश

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को राजकीय बालगृह बालिका निधरिया पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बालिकाओं की मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और शैक्षिक माहौल का विस्तार से मूल्यांकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से खेलकूद और मनोरंजन की बेहतर व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि खेल मैदान में आने-जाने हेतु 12 फीट चौड़ा रास्ता तत्काल बनाया जाए। बाउंड्री वॉल पर आकर्षक बाल-चित्रकारी कराए जाने तथा बाउंड्री से चार फीट के भीतर अशोक के पेड़ और फूल लगाए जाने के निर्देश भी दिए। परिसर में झूला, वॉलीबॉल व बैडमिंटन कोर्ट, बैठने की समुचित व्यवस्था, ओपन जिम, इंटरलॉकिंग और पक्का प्ले-ग्राउंड बनाने का आदेश देते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को सभी कार्यों के लिए एक समग्र मास्टर प्लान तैयार कर अगले दिन तक प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी ने बालिकाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। बालिकाओं ने बताया कि इस वर्ष कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में छह बालिकाएं शामिल होंगी। इस पर डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि परीक्षा देने वाली सभी बालिकाओं की सूची तैयार कर उनकी सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए। उन्होंने भोजन, पेयजल, चिकित्सा और सामान्य सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। लाइब्रेरी में प्रकाश व्यवस्था अपर्याप्त मिलने पर उन्होंने तुरंत इन्वर्टर लगाने, आरओ और फिल्टर को अलग स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान दो कमरे, सीढ़ियों और बाथरूम में कबाड़ जमा मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला अधिकारी को फटकार लगाई और आदेश दिया कि एक समिति गठित कर कबाड़ की तत्काल नीलामी कराई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बालिकाओं की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त उन्होंने अंदरूनी हॉल में सीसीटीवी कैमरे लगाने, खाद्य सामग्री को अलग कक्ष में सुव्यवस्थित रखने तथा टूटी खिड़कियों के शीशों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।