Friday, June 12, 2026
HomeNewsbeatप्रेस क्लब के मंच पर विकास और कानून व्यवस्था पर मंथन

प्रेस क्लब के मंच पर विकास और कानून व्यवस्था पर मंथन

डीएम दीपक मीणा बोले—गोरखपुर तेज़ी से बदल रहा, चुनौतियों के बीच विकास की नई रूपरेखा तैयार

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने गिनाईं उपलब्धियां

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा आयोजित “प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम संवाद, जवाबदेही और साझेदारी का प्रभावी मंच बनकर उभरा, जहां जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शहर के विकास, शिक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव की उपस्थिति ने यातायात व्यवस्था से जुड़े सवालों को विशेष धार दी।
कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय स्वागत के साथ हुई। प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी के नेतृत्व में डीएम और एसएसपी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इसके बाद मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति अध्यक्ष अरविंद राय, शेष नारायण पाण्डेय, सतीश पांडेय, टीपी शाही, पूर्व उपाध्यक्ष अजीत यादव, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह और नवनीत प्रकाश त्रिपाठी ने अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य पत्रकारों ने भी एकल पुष्प देकर अधिकारियों का अभिनंदन किया, जिससे माहौल आत्मीय और संवादात्मक बना रहा।

विकास की रफ्तार और नई चुनौतियां: डीएम दीपक मीणा

जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने संबोधन में गोरखपुर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि शहर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर अब केवल एक पारंपरिक शहर नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि तेज विकास के साथ नई चुनौतियां भी सामने आती हैं, जिनसे निपटने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं।
डीएम ने बताया कि जीटी रोड के विस्तार और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे गोरखपुर का संपर्क अन्य राज्यों तक बेहतर होगा। उन्होंने रोड चौड़ीकरण, नाला निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार पर चल रहे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस-2 की योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं। गोडधोइया नाला, विरासत गलियारा, सहजनवा पुल जैसे प्रोजेक्ट्स सिक्स लेन पुल शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं।
पर्यटन और सौंदर्यीकरण की दिशा में चिलुआताल के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बिंदुवासिनी पार्क में बनाए गए दो किलोमीटर लंबे ट्रैक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह शहरवासियों के लिए एक नई सौगात है। उन्होंने नगर निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को आपसी समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताते हुए डीएम ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक विकसित शहर के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं अनिवार्य हैं।

कानून व्यवस्था में सुधार, साइबर अपराध पर सख्ती: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने अपने संबोधन में गोरखपुर पुलिस की उपलब्धियों और आगामी रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार बदलते समय के अनुसार खुद को अपडेट कर रही है और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में पांचवें स्थान पर है और पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने में भी पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि कोविड काल के बाद शहर में काफी बदलाव आया है और पुलिस भी उसी के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को ढाल रही है। उन्होंने बीट सिस्टम को मजबूत करने, नई पुलिस फोर्स की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की बात कही।
यातायात व्यवस्था पर फोकस: एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव
एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण अस्थायी दिक्कतें जरूर आती हैं, लेकिन टीम लगातार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यातायात नियमों का पालन करें और ओवरस्पीडिंग से बचें।
उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, वहां विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस योजना के तहत डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि चौराहों पर वाहनों के अनुशासनहीन खड़े होने से जाम की समस्या बढ़ती है, जिसे सुधारने के लिए जनसहयोग जरूरी है।

पत्रकारों ने किया तीखे सवाल डीएम एसएसपी ने दिया बेबाकी से जवाब

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। हरेन्द्र दुबे ने कानून व्यवस्था पर सवाल किए, जबकि प्रिंस पांडेय ने चोरी की घटनाओं का जिक्र किया। मुकेश पांडेय (ईटीवी भारत) ने शहर की खराब सड़कों और स्ट्रीट लाइट की समस्या उठाई और नालों के निर्माण में अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया।
एसएसपी से यह सुझाव भी दिया गया कि जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं है, उनके चालान की राशि से हेलमेट उपलब्ध कराया जाए। इस पर एसएसपी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि गोरखपुर में अब अधिकांश लोग हेलमेट पहनने लगे हैं, फिर भी सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
रशाद लारी ने सड़कों के बंद होने और साइन बोर्ड की कमी का मुद्दा उठाया। फैयाज ने नदियों में डूबने की घटनाओं पर चिंता जताई और अवैध खनन को इसका एक कारण बताया। इस पर एसएसपी ने कहा कि गर्मी के मौसम में लोग नहाने और रील बनाने के लिए नदियों में जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं। इसे रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
राजीव पांडेय ने निर्माण कार्यों के दौरान धूल और प्रदूषण की समस्या उठाई, जिस पर डीएम ने कहा कि छिड़काव और मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। मुर्तुजा रहमानी ने पुलिस पिकेट की कमी की ओर ध्यान दिलाया, जिस पर एसएसपी ने बताया कि नई फोर्स की तैनाती की जा रही है और बीट बुक प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है।
आशीष भट्ट ने रुस्तमपुर क्षेत्र में अवैध स्टैंड का मुद्दा उठाया। इस पर एसएसपी ने बताया कि शहर में चल रहे लगभग 2500 ई-रिक्शा का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं डीएम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी निजी जमीन बस स्टैंड के लिए उपलब्ध कराता है, तो प्रशासन अनुमति देने के लिए तैयार है।
इसके अलावा अरुण त्रिपाठी और रमेश मणि ने भी अपने सवाल रखे, जिनका डीएम और एसएसपी ने विस्तार से जवाब दिया। कार्यक्रम के दौरान संवाद का माहौल बना रहा और प्रशासन ने हर मुद्दे पर गंभीरता दिखाई।
कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शंकर सिन्हा ने किया।
“प्रेस से मिलिए” कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि यह शहर के विकास, सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का सशक्त मंच साबित हुआ। इसमें उठे सवाल और दिए गए जवाब यह दर्शाते हैं कि गोरखपुर में विकास और सुशासन की दिशा में प्रशासन और मीडिया मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments