
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कभी ब्रिटिश शासनकाल में व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान रखने वाला बरहज रेलवे स्टेशन आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार है। स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव और रेल सेवाओं का सीमित दायरा स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इन समस्याओं को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने गुरुवार से रेलवे स्टेशन परिसर में धरना शुरू कर दिया।धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने कहा कि बरहज रेलवे स्टेशन की रेल सेवा अब बरहज से सलेमपुर और भटनी के बीच सीमित होकर रह गई है। स्टेशन पर न तो पेयजल की समुचित व्यवस्था है और न ही महिला यात्रियों के लिए शौचालय उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने शीघ्र मांगों को पूरा नहीं किया तो दीपावली के दिन कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय जनता जेल भरो आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।इस दौरान कांग्रेस जिला महासचिव राकेश तिवारी उर्फ भोला ने कहा कि ऐतिहासिक बरहज रेलवे स्टेशन की पहचान और गरिमा को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। स्टेशन परिसर झाड़ियों से भरा हुआ है और यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के साथ मिलकर स्टेशन की ऐतिहासिक पहचान और गरिमा को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।धरने में अनिल गोस्वामी, जनार्दन पाण्डेय, सुनील सिंह, जयप्रकाश भारती, जैनुल हक अंसारी, उषा देवी, शिव कुमारी देवी, उदय पाल, रामसरीखा यादव, तड़पु यादव, विपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
