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लोहे की रॉड से फोड़ा सिर, 10 टांके लगे; गंधक-पोटाश से धमाके का भी आरोप

मेरठ (राष्ट्र की परम्परा)। तेज आवाज में गाने बजाने से मना करना एक युवक को इतना भारी पड़ गया कि मामला कथित तौर पर मारपीट और गंभीर हमले तक पहुंच गया। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले युवक और उसके पिता ने गाना धीमा करने की बात पर अभिषेक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान लोहे की रॉड और धारदार हथियार से उनके सिर पर वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सिर में 10 टांके आने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष ने गंधक-पोटाश से धमाका करने का आरोप भी लगाया है। मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पीड़िता ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की है।

🔴 मामूली विवाद से हिंसक झड़प तक, पड़ोसियों पर गंभीर आरोप

पीड़िता तरुणा सैनी के मुताबिक, घटना 30 अक्टूबर की है। उन्होंने शिकायत में बताया कि सरस्वती लोक स्थित उनके आवास के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला शुभ तेज आवाज में गाने बजा रहा था। इससे परेशान होकर उनके पति अभिषेक ने गाने की आवाज कम करने के लिए कहा। आरोप है कि इतनी-सी बात पर विवाद बढ़ गया और शुभ तथा उसके पिता ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
तरुणा का आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड और धारदार हथियार से अभिषेक के सिर पर वार किया। हमले में उनका सिर फट गया और गंभीर चोट आई। घायल अभिषेक के सिर में 10 टांके लगाए जाने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान गंधक-पोटाश से धमाका किया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

🔴 पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता

पीड़िता तरुणा सैनी ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रह्मपुरी पुलिस ने मामले में हल्की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिकायत के बाद एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर है।

🔴 जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

घटना ने एक बार फिर पड़ोसियों के बीच मामूली विवाद के हिंसक रूप लेने और शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पीड़ित पक्ष ने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।