
पटना से मुंबई तक संपत्ति का खुलासा
पत्नी गहने बेचती थी, बेटा रखता था पैसों का हिसाब; केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास में चोरी के मामले में भी सामने आ चुका है नाम
पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजधानी पटना में चोरी की वारदातों को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार दिनेश कुमार उर्फ लंगड़ा की कहानी ने पुलिस को भी चौंका दिया है। पुलिस के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों से चोरी की घटनाओं में सक्रिय दिनेश 100 से अधिक घरों को निशाना बना चुका है। आरोप है कि उसने चोरी की कमाई से पटना और मुंबई में संपत्तियां भी खरीदीं। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में उसकी पत्नी और बेटा भी कथित तौर पर शामिल थे। शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने रविवार को चोरी के एक मामले में दिनेश उर्फ लंगड़ा समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में उसके कथित तौर-तरीकों, संपत्तियों और परिवार की भूमिका से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं।
दो घंटे का खेल, पहले करता था पूरी रेकी
पुलिस के अनुसार, दिनेश चोरी के लिए शाम चार से छह बजे के बीच का समय चुनता था। वह पहले कई दिनों तक घरों और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था। जिन घरों में कीमती आभूषण और अन्य सामान मिलने की संभावना होती, उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करता था। पुलिस का कहना है कि वह सोशल मीडिया पर लोगों की जीवनशैली और आर्थिक हैसियत का अंदाजा लगाने के लिए भी नजर रखता था।
पत्नी बेचती थी गहने, बेटा संभालता था हिसाब
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, दिनेश खुद घरों में घुसकर चोरी करता था, जबकि उसकी पत्नी पूनम देवी (43) कथित तौर पर चोरी के आभूषण बेचने का काम करती थी। बेटा आर्यन इशु (20) चोरी से मिले पैसों का हिसाब रखता था। पुलिस के अनुसार, तीनों कंकड़बाग थाना क्षेत्र के 90 फीट इलाके में एक मकान में रह रहे थे।
पटना में दो, मुंबई में एक फ्लैट की जानकारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिनेश के पटना में दो और मुंबई में एक फ्लैट होने की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों की खरीद और धन के स्रोत की जांच की जा रही है। मामले में आर्थिक अपराध इकाई को भी जांच से जोड़ा गया है, ताकि कथित तौर पर चोरी की कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पड़ताल की जा सके।
गिरिराज सिंह के आवास में चोरी का पुराना मामला
दिनेश का नाम वर्ष 2014 में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास पर हुई चोरी के मामले में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार, उस मामले में आवास के दो कर्मचारियों ने उसकी मदद की थी। उस समय दिनेश समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था और एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सामान व नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी।
छापेमारी में नकदी, आभूषण और हथियार बरामद
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान सोने का एक बिस्कुट, चांदी के तीन बिस्कुट, चांदी के सिक्के, कटोरी, चार चूड़ियां, 28 बिछिया, नौ जोड़ी पायल और एक ब्रेसलेट बरामद हुए। इसके अलावा 1.29 लाख रुपये नकद, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 41 ग्राम स्मैक और पांच मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई है। पुलिस को दिनेश के खिलाफ पटना के दस थानों में दर्ज चोरी के मामलों की जानकारी मिली है। उसे इसी साल पहले भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर जमानत मिल गई थी। अब पुलिस बरामद सामान के स्रोत, अन्य घटनाओं में उसकी कथित संलिप्तता और संपत्तियों की खरीद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
