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पहले लिफ्ट, फिर लूट और सुनसान जगह पर छोड़कर फरार! नोएडा में चार आरोपी गिरफ्तार

नोएडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। रात में सफर के दौरान किसी अनजान वाहन से लिफ्ट लेना कितना भारी पड़ सकता है, इसकी बानगी नोएडा में सामने आई है। कार में लिफ्ट देने के बहाने लोगों को अपना शिकार बनाने वाले कथित लुटेरों के गिरोह पर सेक्टर-63 थाना पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। रविवार देर रात हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गए। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, चाकू और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
बैरिकेडिंग पर रोका तो पुलिस पर बरसाईं गोलियां
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) प्रवीण रंजन सिंह ने सोमवार को बताया कि रविवार देर रात पुलिस इलाके में वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध बदमाश लूटपाट की नीयत से क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जांच तेज कर दी। इसी बीच बहलोलपुर अंडरपास के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दिल्ली निवासी विकास उर्फ कालू उर्फ कल्लू (27) और नोएडा के वसई गांव निवासी राजेश उर्फ टेढ़ा (38) के पैर में गोली लग गई।
लिफ्ट के नाम पर भरोसा, फिर सुनसान जगह पर लूट
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे रात के समय लोगों को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाते थे और फिर उनके साथ लूटपाट करते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद पीड़ितों को सुनसान जगह पर छोड़ दिया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी रविवार रात भी इसी इरादे से इलाके में सक्रिय थे। मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने पीछा कर शंकर शर्मा (20) और कपिल कश्यप (20) को भी गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
चारों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देसी तमंचे, कारतूस, दो चाकू और दो मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। आपराधिक रिकॉर्ड की बात करें तो विकास के खिलाफ लूटपाट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) समेत विभिन्न धाराओं में 22 मामले दर्ज बताए गए हैं। राजेश के खिलाफ 18, शंकर के खिलाफ 10 और कपिल के खिलाफ दो मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके कथित गिरोह के अन्य सदस्यों, वारदातों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है। सावधान रहें: रात में किसी अनजान व्यक्ति या वाहन से लिफ्ट लेने से बचें। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दें।