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STF रिपोर्ट में 19 युवतियों से दुष्कर्म के दावे का जिक्र, कई डॉक्टर जांच के घेरे में

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में कथित धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के यौन शोषण से जुड़े मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विशेष कार्यबल (STF) की जांच रिपोर्ट में कई डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक समूह और विश्वविद्यालय के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में सबसे गंभीर दावा डॉ. सैम अनीस को लेकर किया गया है, जिनके बारे में कहा गया है कि उन्होंने पीड़िताओं के सामने 19 हिंदू युवतियों से दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मामलों में न्यायिक निष्कर्ष को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी जरूरी है।

19 युवतियों से दुष्कर्म का कथित कबूलनामा

एसटीएफ रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर निवासी बताए गए डॉ. सैम अनीस का नाम इस्लामिक मेडिकोज समूह से जोड़कर देखा जा रहा है। दावा है कि उन्होंने कथित तौर पर 19 हिंदू युवतियों के साथ दुष्कर्म की बात कही थी। जांच एजेंसी अन्य संभावित पीड़िताओं और इस मामले से जुड़े लोगों के संबंध में तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

आगरा के मेडिकल कॉलेज तक पहुंची जांच की कड़ी

रिपोर्ट में आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (SNMC) से जुड़े इस्लामिक मेडिकोज समूह का भी उल्लेख है। दावा किया गया है कि समूह से संबंधित एक पुस्तक में वर्ष 2012 से 2016 तक के मुस्लिम मेडिकल छात्रों का विवरण दर्ज था। इसमें रमीज, रिजवान मलिक, अदनान अंसारी और सैम अनीस के नाम शामिल होने की बात कही गई है। जांच में समूह की गतिविधियों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

पूर्व विभागाध्यक्ष और कुलपति के निजी सचिव का जिक्र

एसटीएफ रिपोर्ट में केजीएमयू के कुलपति के निजी सचिव एसए अब्बास और मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अब्बास अली मेहंदी का नाम भी सामने आने का दावा है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज और जांच समितियों के गठन से जुड़े मामलों में दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, केवल रिपोर्ट में नाम आने से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं होता।

पुराने धर्मांतरण मामलों की भी पड़ताल

रिपोर्ट में वर्ष 2006 से 2012 के बीच हुए कथित धर्मांतरण के मामलों का भी उल्लेख है। दावा है कि इस अवधि में डॉ. अब्बास अली मेहंदी विभागाध्यक्ष थे। इसके अतिरिक्त, पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर समीउद्दीन नायक पर एक हिंदू जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और निकाह करने के आरोप का जिक्र है। रिपोर्ट में युवती के खुदकुशी का प्रयास करने की बात भी कही गई है।

कई अन्य डॉक्टरों के नाम भी चर्चा में

एसटीएफ रिपोर्ट में नेफ्रोलॉजिस्ट प्रोफेसर उस्मान कौसर समेत मो. कैफ, मो. एहसान, अमान मलिक, शदन शमीन, मो. अयान, मो. जहीर और शाबिर खान सहित अन्य लोगों के नामों का उल्लेख होने की बात कही गई है।
फिलहाल, मामले में आरोपों, संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक भूमिका और संभावित पीड़िताओं से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच अहम है। जांच रिपोर्ट में किसी का नाम आना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। आगे की जांच और सक्षम अदालत के निष्कर्ष से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।