
इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर भावुक हुआ गांधी परिवार, सोनिया-प्रियंका ने दी श्रद्धांजलि; खड़गे बोले—राष्ट्र की एकता के लिए उनका बलिदान अमर
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और भारत की राजनीति की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में शुमार रहीं इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर कांग्रेस नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को नमन किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी के साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और देश के प्रति समर्पण को याद किया गया। वहीं, प्रियंका गांधी के भावुक शब्दों ने दादी के साथ उनके आत्मीय रिश्ते की एक अलग तस्वीर सामने रखी।
खड़गे ने याद किया इंदिरा गांधी का संकल्प, कहा—उनका बलिदान देश की चेतना में जीवित रहेगा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके अदम्य साहस, अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए इंदिरा गांधी का समर्पण देश के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। आधुनिक भारत के निर्माण में उनका योगदान सदैव याद किया जाता रहेगा।
कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ऐसी नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बड़े फैसले लेने का साहस दिखाया। उनके समर्थकों के लिए इंदिरा गांधी केवल एक पूर्व प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक भी हैं।
सोनिया , राहुल और प्रियंका ने किया नमन, दादी की याद में भावुक हुईं प्रियंका
इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर प्रियंका गांधी के भावपूर्ण शब्दों ने परिवार के निजी रिश्ते और संस्कारों की झलक पेश की।
प्रियंका गांधी ने अपनी दादी के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनकी गोद में बैठने, दोनों हाथ थामकर उनकी आवाज में मंत्र सुनने और उनके पीछे-पीछे उन्हें दोहराने की स्मृति साझा की। उन्होंने संस्कृत की प्रार्थना का उल्लेख किया—
“असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मा अमृतं गमय।
ॐ शान्तिः, शान्तिः, शान्तिः।”
इस प्रार्थना का भाव है—असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले चलो।
प्रियंका के भावनात्मक संदेश में अपनी दादी से मिले इस संस्कार को अनमोल उपहार के रूप में याद किया गया। यह प्रसंग बताता है कि सार्वजनिक जीवन में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाली इंदिरा गांधी की एक पहचान परिवार के भीतर स्नेह, स्मृतियों और परंपराओं से भी जुड़ी रही।
किसी ने कहा ‘आयरन लेडी’, किसी ने याद किया ममत्व और दूरदर्शी नेतृत्व
इंदिरा गांधी की पुण्यस्मृति में उन्हें अलग-अलग विशेषताओं के साथ याद किया गया। किसी ने उन्हें ‘आयरन लेडी’ कहकर उनके दृढ़ नेतृत्व को नमन किया, तो किसी ने देश के विकास और वैश्विक मंच पर भारत की पहचान मजबूत करने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। वहीं, भावनात्मक संदेशों में उनके ममत्व और पारिवारिक संस्कारों को भी याद किया गया।
इंदिरा गांधी भारतीय राजनीति की ऐसी शख्सियत रहीं, जिनके फैसलों, नेतृत्व शैली और राजनीतिक विरासत पर आज भी चर्चा होती है। उनके कार्यकाल में देश ने कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम देखे। उनके समर्थक उन्हें मजबूत इच्छाशक्ति वाली नेता मानते हैं, जबकि उनके राजनीतिक जीवन के कुछ फैसलों को लेकर अलग-अलग मत भी रहे हैं। यही वजह है कि उनका व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
बलिदान दिवस पर फिर याद आया उनका ऐतिहासिक संदेश
इंदिरा गांधी ने अपने सार्वजनिक जीवन में देश की एकता और अखंडता पर जोर दिया था। उनके बलिदान दिवस पर उन्हें याद करना केवल अतीत के एक अध्याय को दोहराना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचार करने का अवसर भी है।
उनकी स्मृति से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और देश की एकता को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेताओं की श्रद्धांजलि और प्रियंका गांधी की निजी स्मृतियों ने इस अवसर को राजनीतिक सम्मान के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी रूप दिया।
इंदिरा गांधी की विरासत आज भी भारतीय राजनीति, राष्ट्रीय विमर्श और जनमानस में चर्चा का विषय है। उनके समर्थकों के लिए उनका साहस प्रेरणा है, उनका योगदान इतिहास का हिस्सा है और उनका बलिदान एक ऐसी स्मृति है, जिसे हर वर्ष देश याद करता है।
