नतीजों पर टिकी सबकी नजर

पटना (राष्ट्र की परम्परा) | ✍️बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे से शुरू हो गई। 23 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद आज प्रत्याशियों की चुनावी किस्मत का फैसला होना है। मतगणना के बीच पटना में उस समय माहौल गरमा गया, जब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने भी मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। ऐसे में चुनाव परिणामों के साथ-साथ मतगणना केंद्र की व्यवस्था भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।
मतगणना के लिए पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सारण में केंद्र बनाए गए हैं। पटना में बांकीपुर गवर्नमेंट गर्ल्स हाईस्कूल को मतगणना केंद्र बनाया गया है। यहां स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के कुल 36 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से 18 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 18 उम्मीदवार शामिल हैं। मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रवेश के लिए पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है।
CCTV को लेकर धरने पर बैठे कांग्रेस प्रत्याशी
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार ने मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का आरोप लगाते हुए धरना दिया। उन्होंने इसे गंभीर चूक बताते हुए मतगणना की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। धरने के दौरान वह ‘रघुपति राघव सीता राम’ भजन गाते भी नजर आए। उन्होंने मतगणना केंद्र पर कैमरे लगाने की मांग के साथ ही मतगणना में इस्तेमाल होने वाले पेन का रंग एक समान रखने की बात भी कही।

जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह ने भी उठाए सवाल
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र में गंदगी और सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे और ई-मेल के माध्यम से अपनी बात रखेंगे। अनुज सिंह ने यह आरोप भी लगाया कि उन्हें मतगणना केंद्र के अंदर जाने से रोकने की कोशिश की गई। गौरतलब है कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने चुनाव में अनुज सिंह का समर्थन किया था, जिससे इस सीट का मुकाबला पहले से ही चर्चा में है।
DM ने CCTV पर क्या कहा?
सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के आरोपों पर पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि इस चुनाव में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाते हैं। वहीं, मतगणना केंद्र में गंदगी की शिकायत पर उन्होंने इसे ठीक कराने की बात कही। प्रत्याशियों की आपत्तियों के बीच अब मतगणना की प्रक्रिया और चुनाव परिणामों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
नीरज कुमार, अनुज सिंह और दिलीप कुमार पटेल पर नजर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के नीरज कुमार, जनसुराज के अनुज सिंह और राजद के दिलीप कुमार पटेल प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल हैं। मतगणना के दौरान इन उम्मीदवारों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। दूसरी ओर, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। परिणाम आने के साथ ही साफ होगा कि मतदाताओं ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।
मतगणना के दौरान स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं और 14 राउंड में गिनती पूरी करने की व्यवस्था है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सात टेबल पर 12 राउंड में मतगणना होनी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। बिना परिचय पत्र के किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। प्रत्याशियों के एजेंटों के लिए अलग पास और पहचान पत्र की व्यवस्था की गई है, जबकि मतगणना परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध है।
स्नातक सीटों पर मतदान का आंकड़ा भी अहम
स्नातक कोटे की चार सीटों पर कुल 4,92,594 मतदाता थे। इनमें कोसी सीट पर 52.51 प्रतिशत, तिरहुत में 42.15 प्रतिशत, दरभंगा में 42 प्रतिशत और पटना में 36.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चारों सीटों पर औसतन 43.87 प्रतिशत मतदान हुआ। इन सीटों पर कुल 90 प्रत्याशी मैदान में हैं। कोसी में 15, तिरहुत में 17, दरभंगा में 40 और पटना में 18 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 134 बूथों और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 80 बूथों पर मतदान कराया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पटना स्नातक सीट पर 57.56 प्रतिशत और शिक्षक सीट पर 74.75 प्रतिशत मतदान हुआ। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतगणना के नतीजे सामने आने के साथ ही उम्मीदवारों की राजनीतिक ताकत और मतदाताओं के रुझान की तस्वीर स्पष्ट होगी।
यातायात और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना को देखते हुए गोलघर के आसपास और निर्धारित मार्गों पर सुबह पांच बजे से मतगणना समाप्त होने तक सामान्य एवं व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई है। हालांकि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, मरीजों को ले जाने वाले वाहनों और न्यायिक कार्य से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है। प्रशासन ने लोगों को यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
मतगणना के बीच उठे सवालों और प्रमुख प्रत्याशियों के बीच मुकाबले ने चुनावी माहौल को दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजर आधिकारिक परिणामों पर है, जिनसे तय होगा कि विधान परिषद की इन सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत का ताज मिलेगा।
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