संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से संतकबीरनगर जिले में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का विभाजन किया गया है। इस प्रक्रिया के बाद जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1597 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पर सहमति जताई।उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश ने बताया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से पहले भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदेय स्थलों का संभाजन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को मतदान के दौरान बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। संभाजन के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया है कि एक ही पोलिंग स्टेशन पर मतदेय स्थलों में मतदाताओं की संख्या यथासंभव संतुलित रहे। साथ ही किसी परिवार के सदस्यों को अलग-अलग अनुभागों में विभाजित न किया जाए।उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसी भी मतदेय स्थल पर मतदाताओं की संख्या 300 से कम और 1200 से अधिक नहीं होगी। इसके अतिरिक्त सभी मतदेय स्थलों पर रैंप, पेयजल, शौचालय, बिजली, कुर्सी और मेज सहित आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मतदाताओं को मतदान के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो।संभाजन के बाद विधानसभा क्षेत्र 312 मेहदावल में 569, विधानसभा क्षेत्र 313 खलीलाबाद में 542 तथा विधानसभा क्षेत्र 314 धनघटा (अनुसूचित जाति) में 486 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल मतदेय स्थलों की प्रस्तावित संख्या बढ़कर 1597 हो गई है।बैठक में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष आदित्य यादव, मीडिया प्रभारी ब्रह्मानंद पांडेय, समाजवादी पार्टी के कार्यालय प्रभारी मनोहर सिंह एवं रामभवन शर्मा, बहुजन समाज पार्टी के अजय कुमार गौतम और अपना दल (एस) के जगमोहन चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।