केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को मिला सख्त निर्देश, नकल रोकने के लिए प्रशासन ने कसी कमर

✍️ संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और अन्य कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण देकर परीक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर है कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाए।
जिलाधिकारी अनुज मलिक के निर्देश पर सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने आयोग की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा संचालन, केंद्रों की व्यवस्था और कार्मिकों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सीसीटीवी से होगी निगरानी, मोबाइल पर प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने और केंद्र परिसर में मोबाइल फोन व प्रतिबंधित आईटी गैजेट्स के इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही, परीक्षा संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए गए।
परीक्षार्थियों की सुविधाओं पर भी रहेगा जोर
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर केवल सुरक्षा और निगरानी ही नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों की बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने को कहा है। इसके तहत बिजली, पेयजल, जनरेटर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
लापरवाही पर नहीं चलेगी ढिलाई
प्रशिक्षण में केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी कार्मिकों को पूरी जिम्मेदारी, सतर्कता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। अब परीक्षा के दौरान निर्धारित नियमों का पालन, निगरानी व्यवस्था और केंद्रों की तैयारियां अहम रहेंगी।