✍️ बाराबंकी (राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। लखपेड़ाबाग चौराहे पर गुरुवार रात बूथ लगाने को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामूली विवाद ने तीखी नोकझोंक का रूप ले लिया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। दोनों दलों के समर्थकों के बीच बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। चुनाव से पहले हुई इस तनातनी ने इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
विवाद की शुरुआत लखपेड़ाबाग चौराहे पर आदित्य सिंह टाइगर की मार्केट के सामने बूथ लगाने को लेकर हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के समर्थकों पर बिना अनुमति बूथ लगाने का आरोप लगाया। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ बढ़ने के साथ माहौल भी तनावपूर्ण हो गया।
भाजपा नेताओं का आरोप था कि जिस स्थान पर सपा की ओर से बूथ लगाया जा रहा था, उस जगह पर उनका अधिकार था। उनका कहना था कि बिना अनुमति कैंप लगाने से विवाद की स्थिति पैदा हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। सपा नेताओं का आरोप था कि सत्ताधारी दल चुनाव से पहले दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और उनके एजेंटों का बूथ जबरन हटवाया गया। दोनों दलों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया।
घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा की ओर से जंग बहादुर पटेल, राकेश पटेल और रोहित सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं, समाजवादी पार्टी की तरफ से हाफिज अयाज, प्रीतम सिंह और आशीष सिंह आर्य भी घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों पक्षों के नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी के बाद मौके पर गहमागहमी और बढ़ गई।
तनाव बढ़ने की सूचना पर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को नियंत्रित किया गया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में किसी की गिरफ्तारी या घायल होने की पुष्टि नहीं है।
विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। बूथ लगाने की जगह और अनुमति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। हालांकि, भाजपा और सपा की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में संबंधित पक्षों के दावों और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।