वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों की सीखेंगे बारीकियां

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कृषि संकाय के स्नातक कृषि ऑनर्स के 22 विद्यार्थियों का चयन वाराणसी स्थित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में एक माह के प्रशिक्षण के लिए हुआ है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थी चावल अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों और नवीन वैज्ञानिक पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करेंगे।कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विमल कुमार दुबे ने इसे संकाय की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और कृषि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में वृद्धि होगी।अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान चावल अनुसंधान के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्थाओं में शामिल है। यहां जलवायु-अनुकूल एवं पोषण-समृद्ध चावल की किस्मों के विकास, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, जल उत्पादकता और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि तकनीकों पर शोध किया जाता है। संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।विद्यार्थियों के चयन पर विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल (सेवानिवृत्त), एवीएसएम, वीएसएम, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव तथा कृषि संकाय के प्राध्यापकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।