लखनऊ, (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह आउटर रिंग रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। काकोरी क्षेत्र में चकौली अंडरपास के पास तेज रफ्तार XUV300 अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कई बार पलटने के बाद सड़क पर सीधी जा गिरी। हादसे में कार की पिछली सीट पर बैठे दरोगा की मां और ताऊ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दरोगा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा रविवार सुबह करीब 9 बजे काकोरी के चकौली अंडरपास के पास हुआ। हादसे में घायल 28 वर्षीय सोनू निगम उत्तर प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक हैं और वर्तमान में बिजनौर के नाहटौर थाने में तैनात हैं। पुलिस के अनुसार सोनू अपनी मां सावित्री देवी (65) और ताऊ शेर सिंह (70) के साथ बुलंदशहर से लखनऊ के मोहनलालगंज में आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। बताया गया कि शेर सिंह का पीजीआई में इलाज चल रहा था, जिसके चलते वह भी उनके साथ लखनऊ आ रहे थे। वाहन संदीप भाटी चला रहा था।
हादसे के समय सोनू निगम चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे, जबकि उनकी मां और ताऊ पीछे बैठे थे। कार के खंभे से टकराते ही आगे के दोनों एयरबैग खुल गए। इससे अगली सीट पर बैठे दरोगा और चालक की जान बच गई, लेकिन पीछे बैठे दोनों बुजुर्गों को अत्यंत गंभीर चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना जोरदार था कि कार कई बार पलटी। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार से सभी चारों लोगों को बाहर निकाला। पिछली सीट पर मौजूद सावित्री देवी और शेर सिंह को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं सोनू निगम और चालक संदीप भाटी का उपचार चल रहा है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के दौरान कार में एक सूटकेस, कपड़े, मोबाइल फोन और करीब 3.50 लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। पुलिस ने नकदी समेत अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
हादसे में सावित्री देवी के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जबकि शेर सिंह के सिर में भी गहरी चोट आई और उनका एक हाथ टूट गया। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है कि आखिर किस वजह से तेज रफ्तार कार अचानक नियंत्रण से बाहर हुई।