दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज में सजी विज्ञान प्रदर्शनी, पर्यावरण, जल संरक्षण व ऊर्जा बचत के मॉडल रहे आकर्षण का केंद्र

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भिटौली थाना क्षेत्र के श्याम नगर भैंसा स्थित दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज में प्राथमिक संवर्ग के छात्र- छात्राओं की ओर से विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का परिचय देते हुए विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक एवं उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। बच्चों के मॉडल शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा के सदुपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा दैनिक जीवन में विज्ञान की उपयोगिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपने मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया। विद्यार्थियों ने न केवल मॉडल तैयार किए, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी। बच्चों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि विज्ञान महज किताबों में पढ़ने वाला विषय नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान तलाशने का प्रभावी माध्यम भी है।प्रदर्शनी में आयुष गौड़,गौरव श्रीवास्तव, समर मिश्रा, तौसीफ, रोहन सिंह, संस्कार श्रीवास्तव, सत्यम साहनी, अजीत गौड़, सौम्या जायसवाल, आस्था मौर्या, शिवांगी वर्मा,अंशिका भारती, जिया खां और अन्नू सिंह के मॉडल विशेष रूप से सराहे गए। कम उम्र में विद्यार्थियों द्वारा विषयों की समझ के साथ मॉडल की कार्यप्रणाली समझाने और सवालों का जवाब देने का उत्साह देखकर शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उनकी प्रतिभा की सराहना की।
विद्यालय के निदेशक उपेंद्र मिश्र, सह निदेशक महफूज, प्रधानाचार्य राजेश तिवारी और उपप्रधानाचार्य कामलिया सरकार ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके मॉडल के संबंध में जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, नवाचार और रचनात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रयोग के माध्यम से सीखने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें नई चीजों को समझने तथा समस्याओं के समाधान खोजने की प्रवृत्ति विकसित होती है। विज्ञान प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही उनके भीतर छिपे नन्हे वैज्ञानिकों को मंच प्रदान किया।