देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर सन्त विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नाटक, कविता, स्लोगन और पोस्टर के माध्यम से मानसिक तनाव, अवसाद और भावनात्मक परेशानियों के प्रति समाज को संवेदनशील रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अर्जुन मिश्र ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में युवा अनेक प्रकार के मानसिक और सामाजिक दबावों से गुजर रहे हैं। मानसिक तनाव, अकेलापन, निराशा और भावनात्मक परेशानियों से जूझ रहे लोगों को समय पर सहयोग और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कठिन परिस्थितियों का सामना करने और समस्याओं से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. भूपेश मणि ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार उदासी या अत्यधिक तनाव दिखाई दे तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय परिवार, मित्र, शिक्षक अथवा योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

मुख्य नियंता डॉ. विवेक मिश्र ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति के पीछे कई जटिल व्यक्तिगत, सामाजिक और मानसिक कारण हो सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक युवा को अपने आत्मबल और सामर्थ्य को पहचानते हुए जीवन की चुनौतियों का सामना करना सीखना चाहिए।

कार्यक्रम की संयोजक एवं मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका पांडेय ने कहा कि नकारात्मक विचार और अवसाद व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्याप्त झिझक और कलंक को दूर करने की आवश्यकता है, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति बिना संकोच सहायता प्राप्त कर सके।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए मनोविज्ञान विभाग की डॉ. शगुफ्ता अफरोज ने कहा कि “बात करें, सुनें और साथ दें” की भावना एक संवेदनशील समाज के निर्माण के साथ किसी का जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की छात्राओं रहनुमा खातून, माही यादव, आर्यमा, शीतल, अभिलाषा और आर्या ने नाटक, कविता, स्लोगन एवं पोस्टर के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रेश बारी, डॉ. मंतोष मौर्य, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. विद्यावती, डॉ. पुनीत सिंह, डॉ. निखिल गौतम, डॉ. कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ. अवनीश राव, डॉ. राजकुमार गुप्ता, सभ्या तेजप्रताप, विनय सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।