नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) आम जनता को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 33 जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह से जीएसटी (GST) से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) को भी जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इस निर्णय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इन जीवन रक्षक दवाओं में कैंसर, हृदय रोग, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर रोगों के इलाज में काम आने वाली दवाएं शामिल हैं। इन पर पहले 5 प्रतिशत तक जीएसटी वसूला जाता था।
वहीं दूसरी ओर शिक्षा और समाचार जगत से जुड़े एक अहम फैसले में प्रिंटिंग पेपर को 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में रखा गया है। अब समाचार पत्र, किताबों और अन्य मुद्रित सामग्री की छपाई पर असर पड़ सकता है। प्रकाशकों और प्रिंटिंग उद्योग से जुड़े लोगों ने इस पर चिंता जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक ओर जहां दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस पर राहत दी गई है, वहीं प्रिंटिंग पेपर पर टैक्स बढ़ने से शिक्षा और मीडिया क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के आचार्य प्रो. अजय…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के तहत दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला…
घर के बाहर निकलते समय बिगड़ा संतुलन- सड़क पर गिरने के बाद ट्रैक्टर से हुए…
लीलकर गांव में घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस महिला को सुरक्षित उतारने में जुटी सिकंदरपुर…
सगी बड़ी भाभी ने ही रची थी साजिशपुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा,जेवर और नकदी बरामद…
योजना के छह वर्ष पूरे होने पर लोक कल्याण मेला आयोजित,उत्कृष्ट पथ विक्रेताओं को मिला…