
यतीन्द्र मिश्र व अजीत पाण्डेय की रिपोर्ट
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। त्योहारों की रौनक हो या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, गोरखपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आगामी आयोजनों के मद्देनजर जिला मजिस्ट्रेट दीपक मीणा ने जनपद की परिसीमा में 31 दिसंबर 2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। ऐसे में आम नागरिकों को प्रशासन के आदेशों का पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहार, जयंती और परीक्षाएं—प्रशासन की पैनी नजर
जिले में आने वाले दिनों में विभिन्न त्योहारों, महापुरुषों की जयंती और आयोगों की ओर से आयोजित प्रतियोगी एवं अन्य परीक्षाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है। इन आयोजनों के दौरान किसी तरह का विवाद, अव्यवस्था या साम्प्रदायिक तनाव पैदा न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन को सतर्कता बरतने की जरूरत पर जोर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य साफ है—सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनी रहे, सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों। त्योहारों के दौरान छोटी-सी अफवाह भी माहौल बिगाड़ सकती है, इसलिए लोगों से जिम्मेदारी और संयम के साथ व्यवहार करने की अपील की गई है।
धारा 163 लागू होने का क्या है मतलब?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत सक्षम मजिस्ट्रेट संभावित खतरे, उपद्रव या शांति भंग होने की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकता है। गोरखपुर में लागू निषेधाज्ञा के तहत संबंधित आदेशों का पालन करना सभी प्रभावित व्यक्तियों और समूहों के लिए जरूरी होगा। कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे सार्वजनिक शांति, कानून-व्यवस्था या साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे। हालांकि, किन गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लागू हैं, इसकी जानकारी के लिए जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी मूल आदेश को देखना जरूरी है।
आदेश तोड़ा तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आदेश के उल्लंघन से संबंधित मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है, बशर्ते मामले में इस धारा की कानूनी शर्तें पूरी होती हों।
31 दिसंबर तक सतर्क रहें, सौहार्द बनाए रखें
यह आदेश 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारों, जयंती समारोहों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान शांति बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तनाव की स्थिति में कानून के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। गोरखपुर में प्रशासन की इस पहल का मकसद किसी आयोजन पर अनावश्यक रोक लगाना नहीं, बल्कि त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा तथा शांति सुनिश्चित करना है। अब नागरिकों के सहयोग से ही जिले में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की कोशिश सफल हो सकेगी।
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