“24 नवंबर का दुखभराः इतिहास में दर्ज वे व्यक्तित्व, जिनकी विदाई ने भारत को बदल दिया”
24 नवंबर इतिहास के उन महान आत्माओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने विचारों, संघर्षों और सामाजिक योगदान से राष्ट्र की दिशा तय की। इस दिन हमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों की स्मृति को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिलता है।
- गुरु तेग़ बहादुर (निधन: 1675)
गुरु तेग़ बहादुर का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ। वे सिख धर्म के नौवें गुरु थे। शिक्षा और अध्यात्म के साथ साहस और बलिदान उनकी पहचान रहा। धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर मानवता की मिसाल पेश की। उनका शहादत दिवस भारतीय इतिहास का स्वर्ण अध्याय है।- कल्बे सादिक़ (निधन: 2020)
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जन्मे डॉ. कल्बे सादिक़ आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु थे। उन्होंने समाज सुधार, शिक्षा विस्तार और धार्मिक सौहार्द के लिए जीवन समर्पित किया। ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने शांति और मानवता की आवाज उठाई। - ये भी पढ़ें –मूलांक के अनुसार जानें आपका दिन, किसे मिलेगा अचानक लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?✨
- कल्बे सादिक़ (निधन: 2020)
- कैलाश चंद्र जोशी (निधन: 2019)
मध्य प्रदेश के देवास जनपद में जन्मे कैलाश चंद्र जोशी भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। प्रदेश के विकास, पारदर्शिता और संगठनात्मक मजबूती में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। - उमा देवी खत्री (निधन: 2003)
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में जन्मीं उमा देवी खत्री, जिन्हें फ़िल्म जगत में ‘टुनटुन’ नाम से पहचाना गया, हिंदी सिनेमा की पहली महिला कॉमेडियन मानी जाती हैं। अद्भुत हास्य अभिनय और अनोखे संवाद अदायगी के कारण वे हर घर की पसंद बनीं। भारतीय फिल्म हास्य जगत में उनका योगदान अतुलनीय है।
