संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी कर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाई। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद पीयूष राजेश्वर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली खलीलाबाद और थाना मेहदावल पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मुकदमा संख्या 577/2025 के तहत दिल्ली निवासी सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी तथा अजीत कुमार को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अस्तित्वहीन फर्मों का पंजीकरण कराते थे। इसके बाद फर्जी बिल, ई-वे बिल और इनवॉइस तैयार कर विभिन्न कंपनियों को उपलब्ध कराए जाते थे, जिससे जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ लिया जाता था। पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा करीब 18 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी आईटीसी दिखाकर टैक्स चोरी की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से डेटा साझा करते थे और बीजी सॉफ्टवेयर का उपयोग कर फर्जी फर्मों के जरिए इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करते थे। फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर वास्तविक कंपनियों को भी टैक्स चोरी में मदद पहुंचाई जाती थी।
पुलिस के अनुसार मामले में पहले भी दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस पूरे प्रकरण में बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, निरीक्षक होलेन्द्र कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
फर्जी फर्मों के जरिए 18 करोड़ की जीएसटी चोरी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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