हिसार(राष्ट्र की परम्परा)
लगे ठिठुरने गात सब,
निकले कम्बल शाल।
सिकुड़ रहे हैं ठंड से,
हाल हुआ बेहाल।।
बाहर मत निकलो कहे,
बहुत ठंड है आज।
कान पकते सुनते हुए,
दादी की आवाज।।
जाड़ा आकर यूं खड़ा,
ठोके सौरभ ताल।
आग पकड़ने से डरे,
गीले पड़े पुआल।।
सौरभ सर्दी में हुआ,
जैसे बर्फ जमाव।
गली मुहल्ले तापते,
बैठे लोग अलाव।।
धूप लगे जब गुनगुनी,
मिले तनिक आराम।
सर्दी में करते नहीं,
हाथ पैर भी काम।।
निकलो घर से तुम यदि,
रखना बच्चों का ध्यान।
सुबह सांझ घर पर रहो,
ढककर रखना कान।।
लापरवाही मत करो,
ठंड हुई पुरजोर।
ओढ़ रजाई लेट लो,
उठिए जब हो भोर।।
तहसील सभागार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और व्यापारियों के साथ हुई चर्चा, नगर विकास से जुड़े…
गरीब कल्याण, आयुष्मान योजना और बुनियादी ढांचे के विकास को बताया सरकार की बड़ी उपलब्धि…
सीसीटीवी, एलईडी स्क्रीन और वातानुकूलित व्यवस्था से सुसज्जित सभागार प्रशासनिक कार्यों को देगा नई गति…
श्यामदेउरवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। वाहन…
लुम्बिनी (नेपाल) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उत्कृष्ट शोध एवं शैक्षणिक योगदान के लिए मिला…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बेल्थरा बाजार क्षेत्र में रविवार रात हुई एक दुखद घटना ने…