लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण का आश्वासन, मांगें पूरी नहीं होने पर धरने की चेतावनी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से शिक्षक समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए दस सूत्रीय मांग पत्र के बाद बुधवार को संगठन के पदाधिकारियों और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) के बीच वार्ता हुई। महासंघ ने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आठ अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन और अनशन करने की घोषणा की थी।जिलाध्यक्ष आनन्द मोहन मिश्र के नेतृत्व में हुई वार्ता के दौरान चयन वेतनमान, बाधित वेतन एवं एरियर, याची इंचार्ज प्रधानाध्यापकों के वेतन और एरियर, अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों के मानदेय, बोनस तथा सेवा पुस्तिकाओं में लंबित प्रविष्टियों से संबंधित समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं।इसके अलावा एनपीएस कटौती, प्राण किट वितरण, उपस्थिति लॉक नहीं होने के कारण रुके वेतन और बैंक खाता परिवर्तन से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं होने के कारण शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की।इस पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने कार्यालय स्तर से संबंधित मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। वहीं, जिलाध्यक्ष आनन्द मोहन मिश्र ने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा। लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके।वार्ता के दौरान जिला महामंत्री उमेश चंद्र त्रिपाठी, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज कुमार वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष सगीर अंसारी, जिला मंत्री धनंजय कुमार पांडेय, जिला मंत्री मनीष कुमार यादव तथा विशेश्वरगंज के कोषाध्यक्ष विपिन बिहारी तिवारी उपस्थित रहे।