रुपईडीहा बॉर्डर पर मादक पदार्थों की समस्या पर अधिकारियों से की चर्चा, जागरूकता अभियान चलाने पर जोर

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी और मादक पदार्थों की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति ने चिंता जताई है। गुरुवार को समिति के पदाधिकारियों ने तहसील नानपारा पहुंचकर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान सीमा क्षेत्र में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा हुई।उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति, लखनऊ के चेयरमैन यशस्वी कमलेश श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में जिला उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी शेर सिंह कसौधन तथा जिला सचिव एवं जेल विजिटर केशव कुमार मौर्य के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी नानपारा प्रकाश सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा और तहसीलदार विकास कुमार से मुलाकात की।इस दौरान समिति की ओर से अधिकारियों को अंगवस्त्र, वार्षिक सेवा पथ पुस्तक एवं प्रस्तुति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। पदाधिकारियों ने विशेष रूप से रुपईडीहा बॉर्डर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में नशाखोरी के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस को प्रभावी कदम उठाने के साथ ही सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में प्रशासनिक प्रयासों के साथ आमजन की सहभागिता को भी आवश्यक बताया।इस अवसर पर उप जिला सचिव विनोद कुमार कुशवाहा, जिला संगठन मंत्री नानपारा मोहसिन मलिक, संरक्षक विकासखंड नवाबगंज-बाबागंज रमेश कुमार मिश्रा, संगठन मंत्री तहसील नानपारा नवरत्न पांडेय तथा संगठन मंत्री आदर्श नगर पंचायत रुपईडीहा तेज प्रसाद वर्मा सहित समिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।