स्वामीनाथन पर महाभियोग की कोशिश: लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरनाक संकेत
किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के विरुद्ध महाभियोग की प्रक्रिया कोई सामान्य राजनीतिक कदम नहीं होती। यह तभी उचित मानी जाती है जब इसके पीछे ठोस तथ्य, गंभीर आरोप…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के विरुद्ध महाभियोग की प्रक्रिया कोई सामान्य राजनीतिक कदम नहीं होती। यह तभी उचित मानी जाती है जब इसके पीछे ठोस तथ्य, गंभीर आरोप…
कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता अक्सर वादों से होकर गुजरता है। सरकारें विकास के सपने दिखाकर जनता से विश्वास मांगती हैं, लेकिन…