महर्षि कश्यप की तपोभूमि का एक-एक इंच हमारा है! 22 फरवरी 1994 का दिन भारतीय संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण…
भारतीय राजनीति और चिंतन के इतिहास में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्थान केवल एक विचारक या संगठनकर्ता का नहीं, बल्कि…
लेखक - नवनीत मिश्र आज के दौर में मोबाइल फोन ने जीवन को जितना सुविधाजनक बनाया है, उतना ही वह…
त्वरित टिप्पणी: नवनीत मिश्र भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट…
बंगलादेश में एक और अल्पसंख्यक हिन्दू की निर्मम हत्या ने इस बात को जोरदार तरीके से उजागर कर दिया है…
हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की धुरी है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर…
तुर्कमान गेट की घटना कोई अचानक उभरा गुस्सा नहीं, बल्कि कानून और संविधान को ठेंगा दिखाने की सोची-समझी मानसिकता का…
दिल्ली में हुई योगी-मोदी मुलाक़ात को केवल औपचारिक शिष्टाचार के रूप में देखना इसके राजनीतिक निहितार्थों को सीमित कर देना…
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय और उसके 355 संबद्ध महाविद्यालयों के सत्र 2025–26 के प्रवेश आँकड़े यह साबित करते हैं कि पूर्वांचल,…
भारत और विश्व इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ पुराने ढाँचे तेजी से बदल रही वास्तविकताओं…
आधुनिक युग के महान ऋषि और संत रमण महर्षि का सम्पूर्ण आध्यात्मिक चिंतन एक अत्यंत सूक्ष्म किंतु क्रांतिकारी सत्य पर…
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह…
भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल पद से नहीं, बल्कि प्रभाव से होती है। अरुण…