बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा निकाली गई पावन ज्योति दिव्य कलश यात्रा का शुक्रवार को आदर्श नगर पंचायत चितबड़ागांव में भव्य स्वागत किया गया। प्रातः लगभग 9 बजे यात्रा के नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और मंत्रोच्चारण के साथ दिव्य कलश का अभिनंदन किया। पूरा वातावरण गायत्री मंत्र और जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
यात्रा के दौरान दिव्य कलश का विधिवत पूजन क्षेत्रीय गायत्री परिजनों एवं नगर पंचायत अध्यक्ष अमरजीत सिंह के करकमलों द्वारा संपन्न कराया गया। वैदिक रीति से दीप प्रज्वलन और आरती के उपरांत शांतिकुंज से पधारे गायत्री परिवार के मनीषियों ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और युग परिवर्तन के संदेश को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह कलश केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है, जो मानवता में सद्भाव, संयम और संस्कारों के पुनर्जागरण का संदेश देता है।
वक्ताओं ने बताया कि पावन ज्योति दिव्य कलश देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर गुरुदेव के विचारों का प्रसार कर रहा है। इसका दर्शन और स्वागत प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा नैतिक शिक्षा के प्रसार का आह्वान किया।
यात्रा के साथ गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट के प्रभारी वीरेंद्र नाथ चौबे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष अमरजीत सिंह, गायत्री परिवार की वरिष्ठ परिजन उषा दीदी, विनोद शंकर गुप्ता, डॉ. श्रीकृष्ण यादव, फागु प्रसाद, भारत गुप्ता, अरविंद तिवारी, सत्येंद्र सिंह, प्रकाश तिवारी, लक्ष्मण गुप्ता, शशांक सिंह, श्रीकृष्ण केसरी, शंभू सिंह, धीरेंद्र प्रसाद सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक संकल्प दिलाया गया कि सभी लोग अपने जीवन में सदाचार, सेवा और संस्कारों को अपनाते हुए समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। दिव्य कलश यात्रा के आगमन से नगर में आध्यात्मिक उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
