लोकतंत्र

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन : लोकतंत्र, विकास और जनविश्वास की नई परीक्षा

पश्चिम बंगाल 2026 : जनादेश से सत्ता परिवर्तन तक, क्या शुरू होगा विकास का नया सवेरा? भारतीय लोकतंत्र की सबसे…

3 days ago

असम में बीजेपी की हैट्रिक, बंगाल से तमिलनाडु तक नया राजनीतिक संदेश

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने बदली देश की सियासी तस्वीर 2026 विधानसभा चुनाव: बंगाल में खिला कमल, असम में…

4 days ago

ममता की वापसी या बीजेपी का कमल? बंगाल के नतीजों पर टिकी दुनिया की नजर

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 : लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेशपश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान केवल एक…

1 week ago

सोशल मीडिया, हेट स्पीच और कानून : 2026 के ऐतिहासिक फैसले का बड़ा संदेश

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम हेट स्पीच : डिजिटल युग में कानून, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन का बड़ा सवाल डिजिटल प्लेटफॉर्म…

1 week ago

महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र पर वार?

लेखक: राजेन्द्र शर्मा लेखक: राजेन्द्र शर्मा महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलाई गई संसद की तीन…

2 weeks ago

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: सशक्तिकरण या प्रॉक्सी राजनीति का नया खतरा?

नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के संदर्भ में नारी शक्ति…

3 weeks ago

महिला आरक्षण कानून: सशक्तिकरण या पर्दे के पीछे की राजनीति?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर सख़्त कानून की ज़रूरत गोंदिया।…

4 weeks ago

तीन राज्यों में मतदान का जोश, असम-पुडुचेरी में 80% से ज्यादा वोटिंग

केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, लोकतंत्र के पर्व में दिखा जबरदस्त उत्साह नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश के…

4 weeks ago

मतदाता जागरूकता के लिए एनएसएस रैली, सेवा और लोकतंत्र पर हुआ विचार-विमर्श

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल इंटर कॉलेज महराजगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा नेहरू नगर पिपरदेउरा में आयोजित…

3 months ago

मतदान से ही सशक्त होगा लोकतंत्र: प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सेवा योजना, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जागरूकता…

3 months ago

किसान से संविधान तक: भारत के राष्ट्र-निर्माण पर सांप्रदायिक हिंसा की छाया

भारत का राष्ट्र-निर्माण विमर्श बनाम सामाजिक यथार्थ:- किसान,सांप्रदायिक हिंसा और लोकतांत्रिक परीक्षा भूमिका:- एक समग्र विश्लेषण गोंदिया - 14 जनवरी…

4 months ago

पश्चिम बंगाल से उठता सवाल: क्या सत्ता कानून से ऊपर हो सकती है?

नवनीत मिश्र पश्चिम बंगाल की घटना केवल एक क्षणिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और संस्थागत संतुलन पर गहराते…

4 months ago

अदालत के आदेश पर बुलडोजर, जवाब में पत्थर-यह विरोध नहीं, खुली बगावत है

तुर्कमान गेट की घटना कोई अचानक उभरा गुस्सा नहीं, बल्कि कानून और संविधान को ठेंगा दिखाने की सोची-समझी मानसिकता का…

4 months ago

लोकतंत्र के साहसी प्रहरी राज नारायण: सत्ता के सामने सत्य और साहस के प्रतीक

पुनीत मिश्र राज नारायण भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में थे, जिनके लिए सत्ता साध्य नहीं, बल्कि जनता की…

4 months ago

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार हमले: लोकतंत्र और मानवाधिकारों की अग्निपरीक्षा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह…

4 months ago