हिमालय की गोद में साहित्य और संस्कृति का वैश्विक संगम
हिमालय केवल पर्वतों की शृंखला नहीं है, बल्कि वह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा, प्राकृतिक संपदा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत प्रतीक है। इसकी ऊँची चोटियाँ मनुष्य को बड़े…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
हिमालय केवल पर्वतों की शृंखला नहीं है, बल्कि वह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा, प्राकृतिक संपदा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत प्रतीक है। इसकी ऊँची चोटियाँ मनुष्य को बड़े…
भगवान वाल्मीकि जयंती विशेष: रामलीला से पहले क्यों लाई जाती है रामतीर्थ की अखंड ज्योति? जानिए आदिकवि के जीवन का दिव्य संदेश प्रस्तुति: पंडित सतीश मिश्र रामकथा की जड़ें, सीता…
✍️ लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश में 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। नवरात्रि के पावन अवसर पर खेजुरी स्थित ग्रीन लॉन्स पब्लिक स्कूल के प्रांगण में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। विशेष…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मिहींपुरवा खंड के सेमरहना स्थित एसपीवीपी इंटर कॉलेज में युवा सम्मेलन एवं युवा संवाद प्रतियोगिता का आयोजन…
दोबारा लौट रहे लोग लकड़ी की खाट पर: सादगी, स्वास्थ्य और संस्कृति की नई पहचान आधुनिक जीवनशैली के बीच परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण का पुनर्जागरण लेखक : डॉ. सत्यवान सौरभकवि,…
12 वर्षों बाद जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के पावन मुख से सत्संग श्रवण कर भावविभोर हुए हजारों श्रद्धालु हरे माधव सत्संग रूपी मानसरोवर में डुबकी लगाने उमड़ा आस्था…
गोंदिया। आधुनिक डिजिटल युग में जहां विज्ञान और तकनीक ने दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं आज भी कुछ अंधविश्वास और गलत धारणाएं समाज में गहराई से जमी हुई…
ज्ञान भारतम् मिशन से सहेजी जाएगी विरासत: महराजगंज में 75 साल पुरानी पांडुलिपियों का होगा बड़ा सर्वे 📌 महराजगंज से बड़ी पहल: ज्ञान भारतम् मिशन को मिली गति महराजगंज (राष्ट्र…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का शुभारम्भ गुरुवार को यशोधरा सभागार में…
मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर देता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इस सत्य के साक्षी…
ज्ञान से भारतीयता परिभाषित होती है, भारतीयता से ज्ञान नहीं: प्रो. अनामिका राय गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में राजकीय…
होलाष्टक की मान्यताएं हमें संयम,अनुशासन और आत्मचिंतन का संदेश देती हैं, जबकि होली का रंगोत्सव हमें प्रेम, क्षमा और नई शुरुआत का अवसर देता है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया…
भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, वन-उपवन और जन-मन—सब उल्लास से भर उठते हैं। इसी…
गायत्री यज्ञ: राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जब समाज दिशाहीनता, नैतिक पतन और केवल भौतिक उपलब्धियों की दौड़ में उलझ जाता है, तब आत्मचिंतन और…