Tag: भारतीय संस्कृति

युवा सम्मेलन में संविधान और भारतीय संस्कृति पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मिहींपुरवा खंड के सेमरहना स्थित एसपीवीपी इंटर कॉलेज में युवा सम्मेलन एवं युवा संवाद प्रतियोगिता का आयोजन…

महंगे बेड छोड़ फिर खाट की ओर लौट रहे लोग, जानिए वजह

दोबारा लौट रहे लोग लकड़ी की खाट पर: सादगी, स्वास्थ्य और संस्कृति की नई पहचान आधुनिक जीवनशैली के बीच परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण का पुनर्जागरण लेखक : डॉ. सत्यवान सौरभकवि,…

भक्ति में डूबा नागपुर, आधी रात तक झूमती रहीं हजारों श्रद्धालु आत्माएं

12 वर्षों बाद जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के पावन मुख से सत्संग श्रवण कर भावविभोर हुए हजारों श्रद्धालु हरे माधव सत्संग रूपी मानसरोवर में डुबकी लगाने उमड़ा आस्था…

तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा नहीं, सफलता का आधार: सकारात्मक सोच की असली ताकत

गोंदिया। आधुनिक डिजिटल युग में जहां विज्ञान और तकनीक ने दुनिया को नई दिशा दी है, वहीं आज भी कुछ अंधविश्वास और गलत धारणाएं समाज में गहराई से जमी हुई…

महराजगंज में शुरू हुआ विरासत बचाने का अभियान, आमजन भी बनेंगे भागीदार

ज्ञान भारतम् मिशन से सहेजी जाएगी विरासत: महराजगंज में 75 साल पुरानी पांडुलिपियों का होगा बड़ा सर्वे 📌 महराजगंज से बड़ी पहल: ज्ञान भारतम् मिशन को मिली गति महराजगंज (राष्ट्र…

राष्ट्रीय संगोष्ठी में संग्रहालयों की भूमिका और आधुनिक तकनीकों पर मंथन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का शुभारम्भ गुरुवार को यशोधरा सभागार में…

अहंकार: व्यक्ति और समाज के पतन का कारण

मनुष्य के जीवन में अहंकार एक ऐसा सूक्ष्म विष है जो धीरे-धीरे उसकी विवेकशीलता, संवेदनशीलता और संतुलन को नष्ट कर देता है। इतिहास और वर्तमान दोनों इस सत्य के साक्षी…

भारतीय ज्ञान परंपरा में लोक और शास्त्र का अद्भुत समन्वय: प्रो. अनामिका राय

ज्ञान से भारतीयता परिभाषित होती है, भारतीयता से ज्ञान नहीं: प्रो. अनामिका राय गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग में राजकीय…

होली महोत्सव 24 फरवरी से 3 मार्च 2026- होलाष्टक से धूलिवंदन तक-चंद्रग्रहण,आस्था, ज्योतिष और व्यवहारिकता के बीच संतुलन

होलाष्टक की मान्यताएं हमें संयम,अनुशासन और आत्मचिंतन का संदेश देती हैं, जबकि होली का रंगोत्सव हमें प्रेम, क्षमा और नई शुरुआत का अवसर देता है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया…

फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव

भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, वन-उपवन और जन-मन—सब उल्लास से भर उठते हैं। इसी…

आध्यात्मिक चेतना से राष्ट्र निर्माण की ओर अग्रसर गायत्री यज्ञ

गायत्री यज्ञ: राष्ट्र चेतना के पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जब समाज दिशाहीनता, नैतिक पतन और केवल भौतिक उपलब्धियों की दौड़ में उलझ जाता है, तब आत्मचिंतन और…

ग्रीक मुद्राओं में दिखता है भारतीय संस्कृति से संवाद: प्रो. राजवन्त राव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग तथा राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय प्राचीन भारतीय अभिलेख…

अखंड ज्योति का संदेश: आत्मिक प्रकाश से सामाजिक परिवर्तन तक

अखंड ज्योति: अंधकार के युग में मानव चेतना को प्रकाशित करने वाली शाश्वत लौ कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।आज का समय बाहरी चकाचौंध और तकनीकी प्रगति से भरा हुआ…

इतिहास में 25 जनवरी: जब जन्मे महान नेता, गायक और कवि

25 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति: राजनीति, साहित्य और संगीत के महान नामों का ऐतिहासिक परिचय 🔷 प्रस्तावनाभारत और विश्व इतिहास में 25 जनवरी को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति राजनीति, साहित्य,…

रामकथा से समाज में कैसे जागृत होती है भक्ति और संस्कार चेतना

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।श्रीराम को पाने के लिए मनु और शतरूपा को तेईस हजार वर्षों तक कठोर तपस्या करनी पड़ी, तब जाकर भगवान श्रीनारायण ने राम रूप में धरती पर…