जब हनुमान ने अपनी शक्ति पहचानी
जब हनुमान ने स्वयं को पहचाना: लंका-गमन से पूर्व आत्मबोध की दिव्य लीला रामकथा का प्रत्येक प्रसंग केवल इतिहास नहीं, बल्कि आत्मबोध, भक्ति और कर्तव्य का जीवंत दर्शन है। एपिसोड–11…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
जब हनुमान ने स्वयं को पहचाना: लंका-गमन से पूर्व आत्मबोध की दिव्य लीला रामकथा का प्रत्येक प्रसंग केवल इतिहास नहीं, बल्कि आत्मबोध, भक्ति और कर्तव्य का जीवंत दर्शन है। एपिसोड–11…
पुनीत मिश्र “जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करी सकत कुसंग। चन्दन विष व्यापे नहीं, लिपटे रहत भुजंग॥”यह दोहा केवल काव्य-सौंदर्य नहीं, बल्कि मनुष्य के चरित्र का दार्शनिक उद्घोष है। चन्दन…