Tag: ग्रामीण भारत

सवेरा सबका कब होगा? विकास की रोशनी पर बड़ा सवाल

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शाम तो सबकी होती है। सूरज ढलता है तो अंधेरा किसी एक दरवाज़े पर नहीं रुकता। लेकिन सवेरा—वह सबका नहीं होता। यही हमारे समय का सबसे…

भक्ति और उल्लास से सराबोर जड़ार: भव्य कलश यात्रा के साथ प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। पनियरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत जड़ार में रविवार को आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ…

आस्था, संस्कृति और एकता का संगम : 22 किमी की ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा

बल्लो में उमड़ा आस्था का महासागर, 22 किमी लंबी भव्य यात्रा के साथ माता लक्ष्मी मूर्ति स्थापना का ऐतिहासिक आयोजन महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सिसवां विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बल्लो में…

एक ही दिन दो आत्मघाती प्रयास, गांव में शोक और सवाल

एक ही प्रेम कहानी में उलझे दो युवक, ज़हर खाने से एक की मौत—दूसरा जीवन की जंग लड़ रहा,गांव में पसरा मातम, युवाओं के लिए चेतावनी और समाज के लिए…

भाषा की दीवार और सपनों की उड़ान?

अंग्रेज़ी शिक्षा के दबाव में ग्रामीण छात्रों की असली परीक्षा शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाषा की समस्या का विवेचन करती सोमनाथ मिश्रा की विशेष रिपोर्ट (राष्ट्र की परम्परा शिक्षा…

🌍 लाखों की लागत लापरवाही की सौगात, शोपीस बन गया कूड़ा निस्तारण केंद्र

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ और रोगमुक्त बनाने के उद्देश्य से करोड़ों की योजनाएं चलाई जा रही हैं, परंतु जिम्मेदारों की लापरवाही इन…

“पुरानी साइकिल और नई सड़क”

लेखिका – सुनीता कुमारी (बिहार ) ​​गाँव के छोर पर रहने वाले अस्सी वर्षीय बुजुर्ग रामू काका की ज़िंदगी एक पुरानी, नीले रंग की साइकिल के पहियों पर घूमती थी।…