लखनऊ/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल द्वारा दिल्ली में बम विस्फोट की घटना को अंजाम दिए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और उन्होंने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसियों का मुख्य फोकस राज्य में आतंकियों के लोकल हाइडआउट्स (शरणगाहों) की पहचान करना है।
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर इस समय 250 से अधिक कश्मीरी मूल के डॉक्टर और छात्र हैं, जिनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी पर कानूनी शिकंजा कसने के बाद, यूपी में मेडिकल की शिक्षा देने वाले आधा दर्जन से अधिक अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
यूपी में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों को पनाह देने और उनके स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
चित्तौरा झील तट पर श्रद्धालुओं ने लिया जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प बहराइच (राष्ट्र की…
सांसद बहराइच रहे मुख्य अतिथि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। चक्रवर्ती…
बकरीद को परंपरागत और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। ईद-उल-अजहा…
कानूनी मापन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव: अब CNG, LPG और हाइड्रोजन पंपों पर नहीं होगी…
बरहज(राष्ट्र की परम्परा)प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने22 मई को देवरिया आगमन के दौरान जनपद…
सीडीओ ,वीसी जीडीए व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार रहे सक्रिय गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)संघ लोक सेवा…