बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर परिवहन विभाग सख्त, नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों व वाहन संचालकों पर होगी कार्रवाई
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। बच्चों की सुरक्षित एवं मानक अनुरूप विद्यालयीय परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत गुरुवार को जनपद में व्यापक वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों और आवश्यक अभिलेखों में कमी पाए जाने पर तीन स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि पंजीयन समाप्त होने के बावजूद बच्चों को स्कूल ले जा रहे एक निजी वाहन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया।
परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान वाहन में सवार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। बंद किए गए वाहन से बच्चों को परिवहन विभाग के कर्मचारियों की निगरानी में सुरक्षित विद्यालय तक पहुंचाया गया, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
01 जुलाई से शुरू हुआ अभियान
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मिशन सेफ फ्यूचर अभियान का शुभारंभ 01 जुलाई 2026 से किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 01 जुलाई से 07 जुलाई तक जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान विद्यालय प्रबंधन, वाहन संचालकों और चालकों को बच्चों के सुरक्षित परिवहन से जुड़े नियमों,वाहन फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों और आवश्यक मानकों के बारे में जानकारी दी गई।
एआरटीओ ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के आवागमन के लिए केवल फिटनेस प्रमाण पत्र वाले, वैध अभिलेखों से युक्त और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही संचालन किया जाए। विद्यालयों को अपने वाहनों की नियमित जांच कराने और नियमों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 08 जुलाई से अभियान के दूसरे चरण में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय संचालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित विद्यालय परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित हो सके।
