सड़क निर्माण में लापरवाही या फिर भ्रष्टाचार का उदाहरण?
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) बेलडाङ रोड, जिसे हाल ही में भारी सिफारिशों और जनदबाव के चलते बनवाया गया था, अब अपनी दुर्दशा की कहानी खुद बयां कर रही है। टेकुवा चौराहे से बेलडाङ तक की सड़क पर जगह-जगह धंसाव दिखाई देने लगा है, जिससे न केवल आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी मेहनत और जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता के बाद यह सड़क बनी थी, लेकिन कुछ ही महीनों में इसका इस तरह से टूटना यह दर्शाता है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई है। नागरिकों ने मांग की है कि देवरिया से टेकुवा तक की सड़कों की गुणवत्ता की सार्वजनिक रूप से तुलना की जाए ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
विवेक और जवाबदेही को लेकर भी आम जनता में चिंता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब विकास कार्य सिर्फ रसूखदारों के महिमामंडन तक सीमित रह गए हैं? क्या समाज अब इतना निष्क्रिय हो चुका है कि निजी स्वार्थों के सामने देश और समाज की जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर दिया जाए?
स्थानीय प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला जल्द ही बड़े जनविरोध का कारण बन सकता है।
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