गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महबूब हसन ने अज्ञात नंबर से आए आपत्तिजनक व्हाट्सऐप संदेश और जान से मारने की धमकी को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार 16 मार्च 2026 को रात 8:11 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से उर्दू में आपत्तिजनक संदेश भेजा गया, जिससे उनके आत्मसम्मान और व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंची। इस घटना से वे मानसिक रूप से व्यथित हैं। उन्होंने 17 मार्च को थाना गुलरिहा में जन-सुनवाई के तहत शिकायत (क्र. सं. 1122) दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।
डॉ. हसन ने यह भी बताया कि इससे पहले भी उन्हें गुमनाम चिट्ठी के माध्यम से अपशब्दों के साथ जान से मारने की धमकी मिल चुकी है, जिससे वे असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
