Wednesday, April 29, 2026
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जिला कारागार में बच्चों के संरक्षण पर फोकस, ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत निरीक्षण

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिला कारागार में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के अंतर्गत गठित संयुक्त निगरानी समिति ने निरीक्षण कर महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और समग्र विकास व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने की।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखना तथा उनके समुचित संरक्षण को सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान कारागार में पांच बच्चे आवासित पाए गए, जिनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई।
निरीक्षण उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में किया गया। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शासनादेश के अनुसार नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला कल्याण विभाग ने महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना और मुख्यमंत्री जब बाल सेवा योजना (सामान्य) से लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी। जेल प्रशासन ने बताया कि बच्चों को शासनादेश के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पौष्टिक आहार और विटामिन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। शिक्षा विभाग ने बच्चों को शैक्षिक योजनाओं से जोड़ने तथा बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी सेवाओं से आच्छादित करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, महिला कल्याण और बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारियों ने समन्वित प्रयासों के जरिए बच्चों के बेहतर भविष्य पर बल दिया।
यह निरीक्षण कारागार में रह रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।

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