नवरात्रि के नवें दिन माता के नवें स्वरुप माता महागौरी व सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना

उतरौला /बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)04 अक्टूबर..

उतरौला बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा महोत्सव बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चारों तरफ भक्ति से सराबोर पुरुष,स्त्री और बच्चे माता दुर्गा के भक्ति में लीन हैं। नवरात्रि के नवें और अंतिम दिन मंगलवार को माता के नवें स्वरुप माता महागौरी व सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की गई व सभी सिद्धियों की प्राप्ति के लिए मा सिद्धिदात्री की आराधना के साथ ही कन्या पूजन कर माता के सभी नौ स्वरूपों का स्मरण किया। मां का यह रूप सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाला है। विदित हो कि भक्तजन जगत जननी माता जगदम्मा की पूजा पूरे पर्व के दौरान पूरी आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। नौ स्वरूपों में देवी सिद्धिदात्री को मां दुर्गा का नवां अवतार माना जाता हैं।मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा,महिमा,गरिमा,लघिमा,प्राप्ति,प्राकाम्य,ईशित्व और वशित्व ये आठ सिद्धियां हैं। मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को सभी सिद्धियां प्रदान करने में समर्थ हैं। देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ था,इसी कारण वह लोक में अर्धनारीश्वर नाम से प्रसिद्ध हुए।

👉मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को सभी सिद्धियां प्रदान करने में समर्थ

इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता,सर्वत्र विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है। सिंह पर सवार,कमल पुष्प पर आसीन,अत्यंत दिव्य स्वरुप वाली माँ सिद्धिदात्री चारभुजाओं वाली हैं। इनके दाहिने तरफ के नीचे वाले हाथ में चक्र,ऊपर वाले हाथ में गदा तथा बायीं तरफ के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है। सिद्धिदात्री देवी सरस्वती का भी स्वरूप माना गया है जो श्वेत वस्त्रालंकार से युक्त महाज्ञान और मधुर स्वर से अपने भक्तों को सम्मोहित करती हैं। इनकी उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।भक्त इनकी पूजा से यश,बल,कीर्ति और धन की प्राप्ति करते हैं। मां भगवती का स्मरण,ध्यान,पूजन हमें इस संसार की असारता का बोध कृते हुए वास्तविक परमशांतिदायक अमृत पद की ओर ले जाता है।

संवाददाता बलरामपुर..

parveen journalist

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