उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)04 अक्टूबर..
पैगम्बर-ए-इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम की यौमे पैदाइश बारह रबीउल अव्व्ल स्थानीय ब्लॉक समेत महदेईया बाजार, सहियापुर, कपउव्वा, रमवापुर आदि क्षेत्रों में 9 अक्टूबर को पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जाएगा। बाजार से लेकर गांवों में सरकार की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा… की सदाएं गूंज रही हैं। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के पाक मौके पर घरों, प्रतिष्ठानों पर इस्लामिक परचम लहरा रहा है। उधर, सुरक्षा को लेकर पुलिस भी पूरी तरह से तैयार है।
साल के 12 महीनों में वैसे तो हर माह कोई न कोई मुस्लिम त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इस माह यानी ईदमिलादुन्नबी बाकी त्योहारों से खास माना जाता है। इसका कारण यह है कि इस माह की चांद की 12वीं तारीख को इस्लाम मजहब के बानी हजरत मोहम्मद स. की पैदाईश हुई थी और इसी रबी उल अव्वल को आप इस दुनिया से रुखसत भी हुए थे। मोहम्मद साहब ने उन तमाम बुरी रस्मों और बुरी बातों से रोका और अच्छे काम करने का हुक्म दिया। अल्लाह की तरफ से उन पर कुरआन शरीफ नाजिल हुआ, जो इंसानों की हिदायत के लिए है। उसमें हर अच्छी बात का हुक्म दिया गया है और बुरी बातों से रोका गया है।
बारह रबीउल अव्व्ल के मद्देनजर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। लोग मस्जिदों, घरों, प्रतिष्ठानों को विद्युत झालरों से सजाने के साथ ही इस्लामिक परचम लहराने का काम कर रहे हैं।
संवाददाता बलरामपुर..
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