Tuesday, April 28, 2026
HomeUncategorizedसंविधान दिवस पर हिन्दू महासभा ने संविधान से इंडिया शब्द हटाने की...

संविधान दिवस पर हिन्दू महासभा ने संविधान से इंडिया शब्द हटाने की आवाज बुलंद की – बी एन तिवारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के संविधान की विशिष्टता संविधान में वर्णित बिना किसी भेदभाव के समान अधिकारों और समान कर्तव्यों के साथ आगे बढ़ने और अपने जीवन को श्रेष्ठ बनाने का समान अवसर प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान में समस्त देशवासियों की गहरी आस्था है। उन्होंने ऐसे लोगों को परामर्श देते हुए कहा कि जिन्हें भारत के संविधान में आस्था नहीं है और जो सरिया के कानून से रहना चाहते हैं, उन्हें भारत छोड़ कर अपनी पसंद के देश में जाकर रहना चाहिए। हिन्दू महासभा ने संविधान दिवस पर केंद्र सरकार से संसद के आगामी सत्र में एक विधेयक पारित कर संविधान से इंडिया शब्द हटाने और इंडिया के स्थान पर भारत अंकित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विदेशी दासता के प्रभाव में संविधान निर्माताओं से संविधान में दासता के प्रतीक अंग्रेजों का दिया नाम इंडिया शब्द को अंकित करने की बड़ी चूक हुई है, जिसमें सुधार करने का सही समय आ गया है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में कहा कि हिन्दू महासभा संविधान से इंडिया शब्द हटाने के लिए समय समय पर आवाज उठाती रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सरकार देर सबेर उनकी इस मांग को स्वीकार करेगी और भारत का संविधान इंडिया से हमेशा के लिए मुक्त हो जाएगा। सम्पूर्ण विश्व में हमारा देश अपने सनातनी नाम भारत से जाना और पहचाना जाएगा।
बी एन तिवारी ने चुनाव के समय संविधान बदलने का हौआ खड़ा करने वाली कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में सत्ता के मद में चूर होकर मूल संविधान से छेड़छाड़ कर संविधान के मूल चरित्र को बदल दिया। पंथ निरपेक्ष को धर्म निरपेक्ष बनाकर देश में धार्मिक उन्माद का वातावरण तैयार किया, जिसकी आग में देश आज भी जल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से संविधान में पुनः धर्म निरपेक्ष को पंथ निरपेक्ष करने की मांग की।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments