नारायणी का कहर! कुशीनगर में टूटा AP तटबंध, हजारों लोग प्रभावित; CM योगी ने मौके पर संभाली कमान

कुशीनगर में बाढ़ का बड़ा संकट: नारायणी के तेज बहाव से टूटा तटबंध

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय के भीतर हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव और दबाव के बीच कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र में नारायणी नदी का एपी (AP) तटबंध टूटने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। सोमवार देर रात तटबंध में कटान के बाद आसपास के गांवों में तेजी से पानी फैल गया। प्रशासन के मुताबिक बड़ी संख्या में आबादी प्रभावित हुई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों में पहुंचाने का अभियान जारी है।
नारायणी नदी के किनारे स्थित एपी तटबंध को अहिरौली दान-पिपरासी खास तटबंध के नाम से भी जाना जाता है। यह कुशीनगर जिले की तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में आता है। अधिकारियों के अनुसार छह से अधिक गांवों में करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की टीमें नुकसान का विस्तृत आकलन करने में जुटी हैं।
तटबंध टूटने के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल राहत एवं बचाव अभियान में सक्रिय हो गईं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कुशीनगर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल भोजन, पेयजल, दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 राहत किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इन किटों में चावल, आटा, दाल, आलू सहित आवश्यक खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरत का सामान शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों को राहत शिविरों में किसी तरह की परेशानी न हो और वहां आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान जनहानि होने की स्थिति में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को हुए नुकसान को लेकर भी सरकार ने राहत का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की क्षति का सर्वे कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र किसानों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 15 से 16 गांवों में फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
बाढ़ के पानी के कारण स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सांप काटने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। पानी कम होने के बाद प्रभावित गांवों में व्यापक सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।
भविष्य में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से उत्पन्न संकट को कम करने के लिए नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की दिशा में भी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य नदी की जलधारण क्षमता और प्रवाह व्यवस्था को बेहतर करना तथा बाढ़ के दौरान आसपास के क्षेत्रों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।
बाढ़ की इस स्थिति के बीच जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है। राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि राहत सामग्री और घोषित सरकारी सहायता प्रत्येक प्रभावित परिवार तक कितनी तेजी से पहुंच रही है, इसका विस्तृत आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में राहत वितरण, फसल एवं मकान क्षति का आकलन, मुआवजा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की वास्तविक स्थिति पर नजर रहेगी।
नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर और तटबंध टूटने से तमकुहीराज क्षेत्र में पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर नदी किनारे बसे गांवों की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है।

Editor CP pandey

Recent Posts

SIR के बाद बदल गया Form-6 का नियम, माता-पिता-दादा-दादी की जानकारी पर आया बड़ा अपडेट

ज्ञानेश कुमार SIR के बाद Form-6 में बड़ा बदलाव: कई राज्यों में हटाई गई अतिरिक्त…

5 minutes ago

SIR पर विपक्ष का बड़ा प्लान! 2 अक्टूबर से देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च, 6 को EC तक कूच

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर…

17 minutes ago

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- मामला ‘मनहूस’ है, बार-बार टल रही सुनवाई

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े…

50 minutes ago

पहलगाम हमले के आरोपी हाशिम मूसा का अंत! बडगाम में सुरक्षा बलों को मिला शव, पास से युद्ध सामग्री बरामद

बडगाम/श्रीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई के…

1 hour ago

737 मैक्स ने बीच उड़ान में लिया यू-टर्न, फाइटर जेट हुए एक्टिव; पायलटों के विवाद से जुड़ा मामला

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में अचानक इमरजेंसी, पायलटों के बीच विवाद से…

3 hours ago