बडगाम/श्रीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े वांछित आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने की खबर सामने आई है। श्रीनगर स्थित चिनार कोर के अनुसार, बुधवार सुबह पालमैदान के सामान्य इलाके में तलाशी अभियान के दौरान हाशिम मूसा का शव बरामद किया गया। उसके पास से युद्ध संबंधी सामग्री भी मिलने की जानकारी दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाशिम मूसा लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर वांछित था। उस पर पीर पंजाल के दोनों ओर हुई आतंकी घटनाओं से जुड़े होने के आरोप थे। पहलगाम हमले के बाद उसका नाम सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में प्रमुखता से सामने आया था।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। इस हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने की। NIA ने दिसंबर 2025 में दाखिल अपनी 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उससे संबद्ध द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को हमले की साजिश, तैयारी और क्रियान्वयन से जोड़ा था। चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट समेत सात आरोपियों को नामजद किया गया था।
हाशिम मूसा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों का दावा था कि वह पाकिस्तान की विशेष सेवा समूह (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका था। पहलगाम हमले के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी और उसकी गिरफ्तारी पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा किए जाने की बात भी सामने आई थी।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पहलगाम हमले की जांच में पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका सामने आई। NIA ने बाद की कार्रवाई में भी इस मामले से जुड़े आतंकी ढांचे और आरोपियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाई।
हाशिम मूसा का शव बरामद होना ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बलों की तलाशी और खुफिया अभियानों के जरिए आतंकियों के ठिकानों तथा उनके नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है।
पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों के लिए इस घटनाक्रम का विशेष महत्व है। हालांकि किसी भी आतंकी मामले में आगे की कानूनी और जांच संबंधी स्थिति आधिकारिक एजेंसियों की पुष्टि के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
NIA ने पहले भी कहा था कि पहलगाम मामले की जांच में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों समेत विभिन्न स्रोतों का विश्लेषण किया गया। जांच एजेंसी ने समय-समय पर मीडिया में चल रही अपुष्ट अटकलों को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की थी।
जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवाद विरोधी अभियानों के बीच हाशिम मूसा से जुड़ी यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है। अब जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती हैं।
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