
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 11 सीटों पर मतगणना के बीच सियासी मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को देर शाम तक सामने आए रुझानों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। आठ सीटों के रुझानों में दोनों दल चार-चार सीटों पर आगे बताए गए। मेरठ की शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई, जबकि वाराणसी और आगरा में सपा प्रत्याशियों ने मुकाबले को रोचक बना दिया। झांसी में भी सपा प्रत्याशी भाजपा उम्मीदवार से आगे चल रहे थे। हालांकि, ये शुरुआती रुझान हैं, अंतिम परिणाम नहीं।
एमएलसी चुनाव को प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है। ऐसे में मतगणना के दौरान सामने आ रहे आंकड़ों पर सभी दलों की नजर बनी हुई है। प्रदेश के सात जिलों में मतगणना के बीच कुछ केंद्रों पर मतपत्रों की वैधता, गिनती में देरी और पारदर्शिता को लेकर विवाद भी सामने आए।
मेरठ में दोनों सीटों पर भाजपा की बढ़त
मेरठ में भाजपा ने शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा को 11,496 वोट मिले, जबकि सपा के नितिन कुमार तोमर को 3,659 वोट प्राप्त हुए। इस आधार पर भाजपा प्रत्याशी की बढ़त 7,837 वोट रही।
वहीं मेरठ स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल को 10,421 वोट मिले, जबकि सपा के प्रमेंद्र सिंह भाटी को 6,895 वोट प्राप्त हुए। यहां भाजपा प्रत्याशी 3,526 वोटों से आगे बताए गए। इन आंकड़ों ने मेरठ की दोनों सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत दिखाई, हालांकि अंतिम नतीजे की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
आगरा में सपा आगे, मतपत्रों पर विवाद से रुकी गिनती
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरिकिशोर तिवारी पर बढ़त बनाई। पहले चरण की मतगणना के दौरान सामने आए आंकड़ों में आकाश अग्रवाल को 5,550 और भाजपा प्रत्याशी को 4,859 वोट मिले। इस तरह सपा प्रत्याशी 691 मतों से आगे बताए गए।
हालांकि, निरस्त मतपत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुछ मतपत्रों पर दो निशान होने, पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने और अलग पेन से निशान लगाए जाने जैसी आपत्तियां सामने आईं। विवाद के चलते मतगणना प्रभावित हुई और करीब तीन घंटे तक प्रक्रिया रुकी रहने की खबर आई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। आगरा स्नातक सीट पर उस समय मतपत्रों के बंडल तैयार करने का काम जारी था।
वाराणसी में लाल बिहारी यादव आगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव शुरुआती रुझानों में भाजपा के प्रमोद मिश्रा से आगे बताए गए। इस सीट के रुझान पर राजनीतिक हलकों की खास नजर रही। वाराणसी स्नातक सीट पर उपलब्ध अपडेट के समय तक स्पष्ट रुझान सामने नहीं आया था।
लखनऊ में वैध-अवैध मतपत्रों पर नोकझोंक
लखनऊ में मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और एजेंटों ने कुछ मतपत्रों को वैध या अवैध घोषित करने को लेकर आपत्तियां उठाईं। मतपत्रों पर लिखे नंबर को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद विवादित मतपत्रों को अलग रखने और रिटर्निंग ऑफिसर के स्तर पर निर्णय लेने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम के चलते मतगणना केंद्र पर कुछ समय तक असमंजस बना रहा।
लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी सपा के प्रतीक कुमार से आगे बताए गए, जबकि स्नातक सीट का स्पष्ट रुझान उपलब्ध नहीं था।
झांसी में सपा प्रत्याशी को बढ़त
इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी मान सिंह भाजपा के अशोक कुमार राठौर से लगभग 1,200 वोटों से आगे बताए गए। झांसी के बीकेडी कॉलेज स्थित कोठारी हॉल में मतगणना कराई जा रही थी। यहां मतपत्रों के बंडल तैयार करने के बाद गिनती शुरू हुई। सामने आए आंकड़े सपा के लिए उत्साहजनक रहे, लेकिन अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा बनी रही।
बरेली में भाजपा के हरि सिंह ढिल्लो आगे
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने शुरुआती मतगणना में बढ़त बनाई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 5,251 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को 816 वोट प्राप्त हुए। पहले चरण में लगभग 8,800 मतों की गिनती के दौरान 686 मत अवैध पाए जाने की जानकारी सामने आई।
गोरखपुर में त्रिकोणीय मुकाबला
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सपा के संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच मुकाबला दिलचस्प बताया गया। शुरुआती रुझानों में सपा प्रत्याशी आगे बताए गए, जबकि भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार की स्थिति पर भी नजर बनी रही।
अखिलेश यादव ने मतगणना की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतगणना में देरी और हर राउंड का परिणाम आधिकारिक रूप से साझा नहीं किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मामले का संज्ञान लेने और मतगणना को पारदर्शी बनाने की मांग की। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता परिणाम और जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक मतगणना पर नजर बनाए रखेंगे। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
ये आरोप सपा अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। मतगणना में अनियमितता की पुष्टि के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
11 सीटों पर टिकी निगाहें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। चुनाव परिणामों का असर शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों की स्थिति को समझने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। देर शाम तक सामने आए रुझानों में कहीं भाजपा आगे रही तो कहीं सपा ने बढ़त बनाकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि शुरुआती बढ़त को जीत में कौन बदल पाता है। मतगणना पूरी होने और निर्वाचन अधिकारियों की ओर से आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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