
लखनऊ।राष्ट्र की परम्परा डेस्क उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना के दौरान कई जगहों पर विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मेरठ में मोबाइल ले जाने को लेकर पुलिस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच नोकझोंक हुई, तो वाराणसी में सीसीटीवी कैमरों के फुटेज बंद होने पर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए। आगरा और बरेली में भी सपा प्रत्याशियों ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने सभी 11 सीटों पर जीत का दावा कर सियासी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
मेरठ में मोबाइल को लेकर पुलिस से भिड़े निर्दलीय प्रत्याशी
मेरठ के मतगणना केंद्र पर मोबाइल फोन ले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ मतगणना केंद्र के अंदर मोबाइल लेकर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी बात पर उनकी सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र से तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद के दौरान विक्रांत वशिष्ठ ने पुलिस अधिकारी से कथित तौर पर ‘औकात में रहने’ की बात भी कही। घटना के बाद मतगणना केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और प्रत्याशियों के लिए निर्धारित नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई।
वाराणसी में CCTV बंद होने पर सपा का हंगामा
वाराणसी के मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों के फुटेज बंद होने की जानकारी सामने आने के बाद सोमवार शाम समाजवादी पार्टी ने हंगामा किया। विपक्ष ने इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए। मामले में जिलाधिकारी ने सफाई देते हुए बताया कि तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिए सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए थे। उनके अनुसार, स्विच अपलिंक से जुड़ी समस्या के चलते वायरिंग जल गई थी। मरम्मत के बाद कैमरों को दोबारा चालू कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि घटना के समय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। प्रतिनिधियों के साथ स्ट्रांग रूम के बाहरी हिस्से का निरीक्षण भी कराया गया। प्रशासन के मुताबिक, निरीक्षण के बाद संबंधित पक्षों ने संतोष व्यक्त किया।
बरेली में फर्जी वोटिंग का आरोप, सपा प्रत्याशी ने जताया जीत का भरोसा
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप दोहराया है। संजय कम्युनिटी हॉल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने के चरण से ही अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। उनका दावा है कि उन्होंने लगातार निर्वाचन अधिकारी को इन मामलों से अवगत कराया।
आरोपों के बावजूद दानिश अख्तर ने अपनी जीत का भरोसा जताया। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है और चुनाव परिणाम के लिए आधिकारिक मतगणना का इंतजार है।
आगरा में सपा प्रत्याशी ने निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आगरा में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों से शिकायतों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि औरैया जिले के तीन बूथों पर बूथ कैप्चरिंग हुई थी और इस संबंध में आयोग को ईमेल भेजा गया था। उन्होंने बिना पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर वाले मतपत्रों को लेकर भी सवाल उठाए।
आकाश अग्रवाल ने कहा कि ऐसे मतपत्रों के संबंध में स्पष्ट नियम और निर्णय प्रक्रिया बताई जानी चाहिए। उनके अनुसार, पर्यवेक्षक ने इस मामले में निर्णय रिटर्निंग अधिकारी के स्तर पर लिए जाने की बात कही। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
भाजपा का दावा—सभी 11 सीटों पर खिलेगा कमल
उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने दावा किया कि पार्टी सभी 11 सीटों पर जीत हासिल करेगी। गोरखपुर में भाजपा नेता के सपा प्रत्याशी बनने और विधान परिषद सदस्य देवेंद्र से जुड़ी बगावत के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा एक बड़ी पार्टी है और प्रदेश की जनता विपक्ष को जवाब देगी।
भाजपा के इस दावे के बीच शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हैं। मतगणना के अंतिम नतीजे ही स्पष्ट करेंगे कि किस दल को कितनी सफलता मिलती है।
लखनऊ में 50-50 मतपत्रों के बंडल, कड़ी निगरानी में मतगणना
लखनऊ के रमाबाई रैली स्थल पर मतगणना के लिए टेबलों की व्यवस्था की गई है। शुरुआती प्रक्रिया में मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उन्हें सीधा करने, छांटने और 50-50 मतपत्रों के बंडल बनाने का काम किया जा रहा है। यह प्रक्रिया प्रत्याशियों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में पूरी की जा रही है।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी के माध्यम से प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा रही है। कुछ केंद्रों पर ड्रोन से भी नजर रखे जाने की व्यवस्था की गई है।
गोरखपुर में 43,553 मतपत्रों की गिनती, परिणाम में लग सकता है समय
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में शुरू हुई। प्रेक्षक प्रकाश बिंदु, रिटर्निंग अधिकारी एवं मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह और प्रत्याशियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकाली गईं। इसके बाद मतपत्रों को सीधा करने और छंटाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 54,910 मतदाताओं में से 43,553 ने मतदान किया था। मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर एक हजार मतपत्रों की व्यवस्था के अनुसार शुरुआती चरण में एक बार में 14 हजार मतपत्रों की गणना की जा सकती है। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती तीन राउंड में पूरी करने की योजना है।
यदि किसी प्रत्याशी को जीत के लिए आवश्यक मत प्रथम वरीयता में नहीं मिलते हैं, तो दूसरी वरीयता के मतों की गणना भी करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में अंतिम परिणाम आने में अधिक समय लग सकता है।
पारदर्शिता को लेकर प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ी
गोरखपुर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना की पारदर्शिता को लेकर पहले ही चिंता जताई थी। दोनों ने वीडियो जारी कर समर्थकों और शिक्षकों से मतगणना के दिन गोरखपुर पहुंचने की अपील की थी। प्रत्याशियों को मतगणना एजेंट रखने की अनुमति दी गई है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतों की गिनती पर नजर रखी जा सके।
11 सीटों पर किसका होगा कब्जा?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक सीटों के लिए मतगणना हो रही है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ की शिक्षक एवं स्नातक सीटें, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक तथा गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन 11 सीटों की मतगणना प्रदेश के सात जिलों में कराई जा रही है।
कई स्थानों पर आरोपों और विवादों के बीच प्रशासन का दावा है कि मतगणना निर्धारित प्रक्रिया के तहत कराई जा रही है। अब सबकी नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं। देखना होगा कि भाजपा अपने सभी 11 सीटें जीतने के दावे को हकीकत में बदल पाती है या विपक्षी दल उसे कड़ी चुनौती देते हैं।
